खनिज संसाधन
राजस्थान खनिज की दृष्टि से एक सम्पन्न राज्य है। राजस्थान को “खनिजों का अजायबघर” कहा जाता है। राजस्थान में लगभग […]
राजस्थान खनिज की दृष्टि से एक सम्पन्न राज्य है। राजस्थान को “खनिजों का अजायबघर” कहा जाता है। राजस्थान में लगभग […]
राजस्थान का एकीकरण राजस्थान के एकीकरण के समय कुल 19 रियासतें 3 ठिकाने- लावा(जयपुर), कुशलगढ़(बांसवाड़ा) व नीमराना(अलवर) तथा एक चीफशिफ
प्रजामण्डल का अर्थ है प्रजा का मण्डल(संगठन)।1920 के दशक में ठिकानेदारों और जागीरदारों के अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ रहे थे।
राज्य वृक्ष – खेजड़ी “रेगिस्तान का गौरव” अथवा “थार का कल्पवृक्ष” जिसका वैज्ञानिक नाम “प्रोसेसिप-सिनेरेरिया” है। इसको 1983 में राज्य
राजस्थान की झीलें: प्राचीन काल से ही राजस्थान में अनेक प्राकृतिक झीलें विद्यमान है। मध्य काल तथा आधुनिक काल में
जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक – अक्षांशीय स्थिति, समुद्रतल से दुरी, समुद्र तल से ऊंचाई, अरावली पर्वत श्रेणियों कि
राजस्थान की सिंचाईं परियोजना / Rajasthan ki Sinchai Pariyojnaye: आज हम राजस्थान में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओ के बारे में
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है |राजस्थान देश में जल संसाधनों की सबसे बड़ी कमी का सामना करता है।
राजस्थान के जिले राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंम्बर 1956 (राजस्थान का एकीकरण) को आया। इस समय राजस्थान में
स्थलीय सीमा राजस्थान की कुल स्थलीय सीमा की लम्बाई 5920 किमी. है। इसमें से 1070 किमी. अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है जो