राजस्थान के दुर्ग(GURUGGKWALA)

राजस्थान के राजपूतों के नगरों और प्रासदों का निर्माण पहाडि़यों में हुआ, क्योकि वहां शुत्रओं के विरूद्ध प्राकृतिक सुरक्षा के साधन थे। शुक्रनीति में दुर्गो की नौ श्रेणियों का वर्णन किया गया। एरण दूर्ग खाई, कांटों तथा कठौर पत्थरों से युक्त जहां पहुंचना कठिन हो जैसे – रणथम्भौर दुर्ग। पारिख दूर्ग जिसके चारों ओर खाई … Read more

राजस्थान में सम्प्रदाय(GURUGGKWALA)

1. जसनाथी सम्प्रदाय संस्थापक – जसनाथ जी जाट जसनाथ जी का जन्म 1482 ई. में कतरियासर (बीकानेर) में हुआ। प्रधान पीठ – कतरियासर (बीकानेर) में है। यह सम्प्रदाय 36 नियमों का पालन करता है। पवित्र ग्रन्थ सिमूदड़ा और कोडाग्रन्थ है। इस सम्प्रदाय का प्रचार-प्रसार ” परमहंस मण्डली” द्वारा किया जाता है। इस सम्प्रदाय के लोग … Read more

रीति -रिवाज(GURUGGKWALA)

राजस्थान में जन्म सम्बंधित रीति -रिवाज विवाह सम्बन्धित रीति-रिवाज (संस्कार) विवाह के तीन दिन, पांच दिन, सात दिन, नौ दिन, पूर्व लग्न पत्रिका पहुंचाने के बाद वर पक्ष एवं वधू पक्ष ही अपने- अपने घरों में गणेश पूजन कर वर और वधू घी पिलाते है। इसे बाण बैठाना कहते है। घर की चार स्त्रियां (अचारियां) … Read more

राजस्थान में ऊर्जा विकास (GURUGGKWALA)

राजस्थान में ऊर्जा विकास बिजली संसाधनों का विकास किसी भी क्षेत्र के लिए आवश्यक है। राजस्थान के बिजली संसाधन आधुनिक कृषि, औद्योगिक और आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण कारक हैं। पश्चिम राजस्थान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संसाधनों की खोज और सौर ऊर्जा क्षमता ने राजस्थान को एक शक्ति अधिशेष राज्य में परिवर्तित करने की … Read more

खनिज संसाधन(GURUGGKWALA)

राजस्थान खनिज की दृष्टि से एक सम्पन्न राज्य है। राजस्थान को “खनिजों का अजायबघर” कहा जाता है। राजस्थान में लगभग 67(44 प्रधान + 23 लघु) खनिजों का खनन होता है। देश के कुल खनिज उत्पादन में राजस्थान का योगदान 22 प्रतिशत है। खनिज भण्डारों की दृष्टि से झारखण्ड के बाद दुसरा स्थान है। खनिज उत्पादन … Read more

पशु सम्पदा(GURUGGKWALA)

देश में पशुधन गणना वर्ष 1919-20 से ही समय-समय पर की जाती रही है। पशुधन गणना में सभी पालतू जानवरों और उनकी संख्‍या को कवर किया जाता है। तथ्य प्रत्येक 5 वर्ष में पशु गणना की जाती है। स्वतंत्रता के पश्चात् पहली पशु गणना 1951 में की गई। 20वीं पशुधन गणना सभी राज्‍यों और केंद्र … Read more

राजस्थान में कृषि(AGRICULTURE IN RAJASTHAN) – GURUGGKWALA

राजस्थान में कृषि राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 3 लाख 42 हजार 239 वर्ग कि.मी. है। जो की देश का 10.41 प्रतिशत है। राजस्थान में देश का 11 प्रतिशत क्षेत्र कृषि योग्य भूमि है और राज्य में 50 प्रतिशत सकल सिंचित क्षेत्र है जबकि 30 प्रतिशत शुद्ध सिंचित क्षेत्र है। राजस्थान का 60 प्रतिशत क्षेत्र मरूस्थल … Read more

राजस्थान में पाये जाने वाले खनिज संसाधन (Guruggkwala)

खनिज संसाधन खनिज भण्डारों की दृष्टि से झारखण्ड के बाद दुसरा स्थान है। खनिज उत्पादन की दुष्टि से झारखण्ड, मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान का तिसरा स्थान है। खनिज उत्पादन मूल्य की दृष्टि से झारखण्ड, मध्यप्रदेश, गुजरात, असम के बाद राजस्थान का पांचवां स्थान है। राजस्थान में सर्वाधिक उपलब्ध खनिज राॅक फास्फेट है। राजस्थान जास्पर,बुलस्टोनाइट व … Read more

मेवाड़ का गुहिल वंश (MEWAD KA GUHIL VANSH)

मेवाड़ का गुहिल वंश(MEWAD KA GUHIL VANSH) उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ तथा इनके आस-पास का क्षेत्र मेवाड़ कहलाता था। प्राचीन काल में इसका नाम शिवि, प्राग्वाट, मेद्पाट आदि था। इस क्षेत्र पर पहले मेर अथवा मेद् जाति का अधिकार होने के कारण इसका नाम मेद्पाट पड़ा। रावल समरसिंह की चित्तौड़ प्रशस्ति से गुहिल वंश … Read more

राजपूत युग (RAJPUT YUG)

राजस्थान में राजपूत वंशों का उदय / राजपूत युग हर्षवर्धन की मृत्यु (648 ई.) से लेकर मुह्हमद गौरी भारत में दिल्ली सल्तनत की स्थापना करने (1206 ई.) तक का काल भारतीय इतिहास में राजपूत काल के नाम से प्रसिद्ध है। इस काल में राजस्थान अनेक राजपूत वंशों ने अपनी सत्तायें स्थापित की जिनमें गुर्जर-प्रतिहार, चौहान, … Read more