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1. भारत ने चंडीगढ़ में पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी की

भारत ने चंडीगढ़ में ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के तहत पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर ब्रिक्स सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की। यह सम्मेलन चंडीगढ़ में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्यक्रम के चार दिवसीय व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा था। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि एकत्रित हुए, जिनका उद्देश्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना था। भारत ने लचीली, समावेशी और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का खाका भी प्रस्तुत किया। ब्रिक्स अध्यक्षता के व्यापक विषय, “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के तहत आयोजित इस सम्मेलन ने साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने, संस्थागत साझेदारियों को मजबूत करने और टिकाऊ और लचीली स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में योगदान देने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाया। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों – ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात – ने भाग लिया, जिससे पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा में सर्वोत्तम प्रथाओं, नीतिगत अनुभवों और वैज्ञानिक प्रगति के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्राप्त हुआ।
2. भारतीय नौसेना में शामिल हुआ आईएनएस ‘मालवन’

भारतीय नौसेना ने कर्नाटक के कारवार आईएनएस कादंबा नौसेना बेस पर माहे श्रेणी के दूसरे पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘आईएनएस मालवन’ को बेड़े में शामिल किया। इस समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह मुख्य अतिथि थे। आईएनएस मालवन आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों में से दूसरा युद्धपोत है। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया है। भारतीय नौसेना ने इस वर्ष सात युद्धपोतों को कमीशन कर लिया है। वर्ष के अंत तक लगभग 12 युद्धपोतों को कमीशन किए जाने की योजना है। माहे श्रेणी का युद्धपोत आईएनएस मालवन युद्धपोत निर्माण में देश की बढती क्षमता का प्रमाण है। यह समुद्री सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं में हमारी बढती शक्ति का परिचायक भी है। यह उन्नत पनडुब्बी रोधी हथियारों से सुसज्जित है। इसमें आगे की ओर लगा आरबीयू 6000 रॉकेट लॉन्चर, युद्धपोत के बाएं और दाएं दोनों तरफ तीन 324 मिमी हल्के टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं, जो उन्नत हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी बारूदी सुरंग बिछाने वाली तकनीक से लैस हैं। एकीकृत पनडुब्बी रोधी युद्ध रक्षा प्रणाली के हिस्से के रूप में इसमें टॉरपीडो डेकोय लॉन्चिंग सिस्टम भी लगे हैं। इसकी सतह युद्ध क्षमता में एक 30 मिमी नौसैनिक तोप और दो 12 दशमलव 7 मिमी की स्थिर रिमोट नियंत्रित तोपें शामिल हैं। माहे श्रेणी के पोत तीन 6 मेगावाट समुद्री डीजल इंजनों द्वारा संचालित हैं। यह वाटर जेट से जुड़े हैं, जिससे ये पंप जेट प्रणोदन का उपयोग करने वाले भारतीय नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत बन गए हैं। इनकी अधिकतम गति 25 समुद्री मील है और 14 समुद्री मील की गति पर इनकी परिचालन सीमा 1800 समुद्री मील है। यह युद्धपोत बिना रुके या बिना रीफ्यूलिंग के लगातार 14 दिनों तक पानी में सक्रिय रह सकता है। युद्धपोत के प्रतीक चिह्न में ‘बाघ नख’ को दर्शाया गया है, जो साहस, युद्ध कौशल, फुर्ती और दुश्मन पर सटीक प्रहार की क्षमता का प्रतीक है। इसके चारों ओर बनी समुद्री लहरें भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के प्रति नौसेना की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। पोत का ध्येय वाक्य ‘साइलेंट क्लॉज’ इसकी गुप्त, घातक और त्वरित आक्रमण क्षमता को प्रतिबिंबित करता है। आईएनएस ‘मालवन’ का नाम भारतीय नौसेना के पूर्व इनशोर माइंसवीपर पोत ‘मालवन’ के नाम पर रखा गया है, जिसे वर्ष 2003 में 19 वर्षों की सेवा के बाद सेवामुक्त किया गया था।
3. रक्षा मंत्री ने किया सर्व-महिला विश्व परिक्रमा दल का स्वागत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली बार आयोजित त्रि-सेवा सर्व-महिला विश्व परिक्रमा नौकायन अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ की सफल वापसी पर दल का औपचारिक स्वागत किया। भारतीय सेना के नौकायन पोत (आईएएसवी) ‘त्रिवेणी’ पर सवार तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में चार महासागरों में लगभग 25,500 समुद्री मील की यात्रा पूरी कर मुंबई लौटकर इतिहास रच दिया। 11 सितंबर 2025 को मुंबई से शुरू हुए इस अभियान ने विश्व परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। दल ने सभी देशांतर रेखाओं को पार किया, भूमध्य रेखा को दो बार पार किया, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार किया और केप लीउविन, केप हॉर्न तथा केप ऑफ गुड होप जैसे तीन प्रमुख अंतरीपों का चक्कर लगाया। दल ने विश्व के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल ड्रेक जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया और केप हॉर्न का चक्कर लगाया। इस उपलब्धि के साथ दल को प्रतिष्ठित ‘केप हॉर्नर्स’ समुदाय की सदस्यता भी प्राप्त हुई, जो केवल उन नाविकों को दी जाती है जो इस कठिन समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार करते हैं।
4. खावड़ा सोलर पार्क में भारत के पहले 100 MWh वैनेडियम फ्लो बैटरी परियोजना की घोषणा की

डेलेक्ट्रिक प्रणाली ने भारत की पहली ग्रिड-स्केल वैनेडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी (VRFB) परियोजना की घोषणा की है, जिसकी स्टोरेज क्षमता 100 MWh है। यह परियोजना NTPC लिमिटेड की सब्सिडियरी, NTPC नवीकरणीय ऊर्जा लिमिटेड (NTPC REL) ने बोंडाडा इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ मिलकर दी है। यह गुजरात के खावड़ा सोलर पार्क में लगाया जाएगा, जो दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों में से एक है और जिसका लक्ष्य 2029 तक 30 GW क्षमता हासिल करना है। इसे 2027 में लगाने का प्लान है। यह भारत की पहली और सबसे बड़ी ग्रिड-स्केल वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली होगी।इस परियोजना की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन जिम्मेदारी Bondada Engineering Limited को दी गई है, जबकि बैटरी तकनीक के लिए Delectrik Systems Pvt Ltd को तकनीकी साझेदार बनाया गया है। खास बात यह है कि यह देश की पहली गैर-लिथियम, उपयोगिता-स्तरीय बैटरी स्टोरेज प्रणाली होगी, जिसे 100% भारत में डिजाइन, इंजीनियर और निर्मित किया गया है। प्रणाली की स्थापना 2027 में प्रस्तावित है और इसके साथ 10 वर्षों की संचालन एवं रखरखाव सेवा भी शामिल होगी। वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी एक रिचार्जेबल बैटरी तकनीक है, जिसमें ऊर्जा को वैनाडियम आयनों वाले तरल इलेक्ट्रोलाइट घोल में संग्रहीत किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ऊर्जा भंडारण क्षमता और पावर आउटपुट को अलग-अलग डिजाइन किया जा सकता है। यानी टैंक का आकार बढ़ाकर बड़ी क्षमता वाली प्रणाली बनाई जा सकती है।इस तकनीक में वैनाडियम के कई ऑक्सीकरण अवस्थाओं का उपयोग होता है, जिससे पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोलाइट के बीच क्रॉस-कंटैमिनेशन कम होता है। यही कारण है कि इसे स्थिर ग्रिड स्टोरेज के लिए उपयुक्त माना जाता है।
5. अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक

अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अपने नाम किए। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित छात्रों की इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में सभी पांच स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय टीम ने सभी चार स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन का दर्जा प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। वहीं, अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड में भारत के खाते में दो स्वर्ण और चार रजत पदक आए। चारों ओलंपियाड को मिलाकर भारत ने कुल 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक हासिल किए।
6. फ्रांस: संसद से पारित हुआ बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का विधेयक

फ्रांस की संसद ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक विधेयक पारित कर दिया है। संसद के दोनो सदनों में सांसदो ने इस विधेयक के समर्थन में वोट दिया। इसके तहत स्कूल में विद्यार्थियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगायी गयी है। इस फैसले से फ्रांस सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन जायेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संसद की मंजूरी को महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह फैसला उनके दूसरे कार्यकाल की बड़ी पहल है। वे सितंबर में विद्यालयों का नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले इसे लागू करना चाहते हैं। हालांकि इसके फ्रांस के संविधान के अनुपालन में होने की समीक्षा के कारण इसे लागू करने में विलंब हो सकता है।
7. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई

22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की। क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है। इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है। क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है।
8. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा

21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया। इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना। इस परियोजना में मैंग्रोव नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग सेंटर और वॉच टावर, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटक सुविधाएं और AI आधारित निगरानी प्रणाली से लैस इको-नेचर पार्क बनाए जाएंगे। इस अभयारण्य में लगभग 20.09 हेक्टेयर में फैला भारत का पहला एआई-आधारित पक्षी पहचान और निगरानी केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से पक्षियों की रियल टाइम ट्रैकिंग और प्रजातियों की पहचान की जा सकेगी। इससे ऑटोमेटिक बर्ड आईडेंटिफिकेशन सिस्टम, रियल टाइम बर्ड मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक बर्ड ट्रेकिंग, रिकॉर्डिंग इंटरैक्टिव डिजिटल सिस्टम होगा।
9. भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बना, 99.6% ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत: अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। इस मामले में भारत केवल स्विट्जरलैंड (100 प्रतिशत) से थोड़ा पीछे है, हालांकि स्विट्जरलैंड का रेलवे नेटवर्क भारत की तुलना में काफी छोटा है। रेल मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत- चीन (82 प्रतिशत), स्पेन (67 प्रतिशत), जापान (64 प्रतिशत), फ्रांस (60 प्रतिशत) और यूनाइटेड किंगडम (39 प्रतिशत) जैसे देशों से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने दुनिया के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक लागू किया है। जहां अधिकांश देश केवल व्यस्त यात्री और मालवाहक रेल मार्गों का ही विद्युतीकरण करते हैं, वहीं भारत ने अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य अपनाया है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच मिशन मोड में 48,072 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। इसके विपरीत, इससे पहले के लगभग 60 वर्षों में केवल 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग का ही विद्युतीकरण हो सका था।
10. PM-YASASVI योजना से छात्रों को स्कूल से कॉलेज तक मिलेगी आर्थिक सहायता

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री यशस्वी (PM-YASASVI – प्रधानमंत्री यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप अवॉर्ड स्कीम फॉर वाइब्रेंट इंडिया) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अम्ब्रेला छात्रवृत्ति योजना है। योजना के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के छात्रों के लिए शैक्षिक अवसरों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम कर पात्र छात्रों को समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। PM-YASASVI योजना के चार प्रमुख घटक :
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
- टॉप क्लास एजुकेशन इन स्कूल्स योजना
- टॉप क्लास एजुकेशन इन कॉलेज्स योजना
इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र OBC, EBC और DNT वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जाता है। यह योजना शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करती है।
11. भारत में विंड एनर्जी की इंस्टॉल्ड क्षमता 57,443 मेगावाट पहुंची

देश में विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि देश में विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स की कुल इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 57,443 मेगावाट हो गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन परियोजनाओं से 106 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान विंड एनर्जी से बिजली उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) रिपोर्ट 2026 के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक विंड एनर्जी इंस्टॉलेशन के मामले में भारत दुनिया भर में चौथे स्थान पर रहा।
12. उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर कम करने के लिए मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ लागू करने के दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी गई।
13. राष्ट्रमंडल खेल 2026: ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी

23 जुलाई को 23वें राष्ट्रमंडल खेलों का शुभारंभ स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहा है। इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी। 10 दिवसीय इस आयोजन में 74 देशों की टीमें भाग लेंगी। ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस वर्ष केवल 10 खेल शामिल होंगे, जो बर्मिंघम 2022 की तुलना में नौ कम हैं। प्रतियोगिताएं आठ मील के गलियारे में चार स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। एथलेटिक्स, तैराकी, 3×3 बास्केटबॉल, ट्रैक साइकिलिंग, भारोत्तोलन, बॉलिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल, बॉक्सिंग और जूडो राष्ट्रमंडल खेलों के अंतर्गत आते हैं। भारतीय दल में पैरा एथलेटिक्स सहित 125 सदस्य शामिल हैं। भारत ने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में 61 पदक जीते थे। कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था। भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था। भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है।
14. राष्ट्रीय प्रसारण दिवस

23 जुलाई को राष्ट्रीय प्रसारण दिवस है। इसी दिन वर्ष 1927 में मुंबई से देश का पहला रेडियो प्रसारण शुरू हुआ था। बाद में वर्ष 1936 में ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना हुई और 1956 में इसका नाम आकाशवाणी रखा गया। इसके बाद 1957 में लोकप्रिय फिल्म संगीत के साथ विविध भारती सेवा की शुरुआत हुई। रेडियो ने आज़ादी की लड़ाई से लेकर देश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जन-जागरूकता के क्षेत्र में आकाशवाणी ने लोगों तक सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाई है। आज भी ध्येय वाक्य “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के साथ सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में आकाशवाणी की सेवाएं जारी है।
15. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन

22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं। केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं।
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