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1. भारत की राष्ट्रपति ने उत्तर मैसीडोनिया के स्कोेप्येव शहर के संग्रहालय में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 22 जुलाई, 2026 को उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ मिलकर स्कोप्ये शहर के संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी की यह प्रतिमा भारत और उत्तर मैसीडोनिया के बीच मैत्री और शांति, सहनशीलता और मानवता के प्रति हमारी साझी प्रतिबद्धता के स्थायी प्रतीक के रूप में विद्यमान रहेगी। इससे पहले, राष्ट्रपति ने उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ स्कोप्ये में मदर टेरेसा मेमोरियल का दौरा किया। मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्ये में हुआ था जहां वह 1928 तक रही थीं। बाद में, भारत आने से पहले वे आयरलैंड में ‘सिस्टर्स ऑफ़ लोरेटो’ से जुड़ीं। असाधारण मानवीय कार्यों और निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें वर्ष 1980 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। 23 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति बुखारेस्ट, रोमानिया के लिए प्रस्थान करेंगी जो उनके तीन देशों के दौरे का आखिरी चरण है।
2. भारत ने 350 किलो के थ्रस्ट श्रेणी का पहला स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बो जेट इंजन विकसित किया

DRDO की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE) द्वारा डिज़ाइन किया गया, 350 kg थ्रस्ट क्लास का पहला स्वदेशी ‘एक्सपेंडेबल टर्बो जेट इंजन‘ सफलतापूर्वक विकसित कर लिया गया है। GTRE ने इस इंजन के निर्माण और असेंबली के लिए हैदराबाद की आज़ाद इंजीनियरिंग को इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर चुना था। 22 जुलाई, 2026 को आज़ाद इंजीनियरिंग ने इस इंजन को सफलतापूर्वक तैयार करके GTRE को सौंपा; यह भारत के एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह डिलीवरी भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक समुदायों के बीच सालों की सटीक इंजीनियरिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और करीबी साझेदारी का नतीजा है। जेट इंजन टेक्नोलॉजी, जिसमें बहुत कम देशों को महारत हासिल है, को दुनिया के सबसे एडवांस्ड इंजीनियरिंग क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसके लिए असाधारण सटीकता, एडवांस्ड मेटलर्जी और मैन्युफैक्चरिंग के कड़े मानकों की ज़रूरत होती है। DRDO के डिज़ाइन पर आधारित इतने जटिल सिस्टम की डिलीवरी भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को दिखाती है। आज़ाद इंजीनियरिंग के CEO श्री राकेश चोपदार ने यह इंजन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और डायरेक्टर जनरल (एरोनॉटिकल सिस्टम्स) डॉ. के. राजलक्ष्मी मेनन और उत्कृष्ट वैज्ञानिक व GTRE के डायरेक्टर डॉ. एस.वी. रमणमूर्ति को सौंपा।
3. डीआरडीओ ने लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘कुशा’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से 23 जुलाई, 2026 को लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘कुशा’ (Kusha) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान उच्च गति और अधिक ऊंचाई वाले हवाई खतरे का अनुकरण करने वाले एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य को मिसाइल प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। डीआरडीओ के अनुसार, ‘कुशा’ मिसाइल प्रणाली लड़ाकू विमान, मिसाइल, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और बड़े दुश्मन विमानों सहित विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों को लंबी दूरी और अलग-अलग ऊंचाई पर निष्क्रिय करने में सक्षम है। इस प्रणाली के सभी प्रमुख घटकों, जैसे मिसाइल, रडार, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और उद्योग साझेदारों ने संयुक्त रूप से किया है।
4. अनुराग जैन नीति आयोग के नए CEO होंगे

23 जुलाई को अनुराग जैन नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त हुए। अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने अनुराग के नाम को मंजूरी दी। अनुराग पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले दो सालों तक इस पद पर बने रहेंगे। अनुराग अंतरिम CEO IAS निधि छिब्बर की जगह लेंगे। निधि 24 फरवरी को इस पद पर अपॉइंट की गई थीं। अनुराग 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर हैं। अनुराग अक्टूबर 2024 से अब तक मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर थे, उनका कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। अनुराग के पास स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, प्रशासन से जुड़े कई विभागों समेत कई विभागों का लंबा अनुभव है। इसके साथ ही इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने सीनियर IAS अधिकारी अशोक बर्णवाल को अनुराग की जगह अस्थायी सचिव अपॉइंट किया है। अशोक अगस्त 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया तो 2018 में जब कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी तब भी वे प्रमुख सचिव थे। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) भारत सरकार का एक प्रमुख नीति थिंक टैंक है जिसने 2015 में योजना आयोग की जगह ली है। नीति आयोग का चेयरपर्सन पीएम होता है। इसके वाइस चेयरमेन पीएम अपॉइंट करते हैं और CEO केंद्र सरकार नियुक्त करती है।
5. भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर सहमति जताई

22 जुलाई को भारत और पनामा ने समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पनामा में पनामा नहर ग्लोबल समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र है और लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस सहमति के बाद भारत के महानिदेशालय नौवहन और पनामा मैरीटाइम अथॉरिटी मिलकर काम करेंगे। इस सहमति के बाद दोनों देश मिलकर पोर्ट डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और समुद्री परिवहन में साझेदारी मजबूत करने पर काम करेंगे। यह साझेदारी मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। इसके तहत मैरीटाइम एजुकेशन एंड स्किल और नाविकों के ट्रेनिंग में सहयोग बढ़ाया जाएगा। पनामा नहर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, और इस साझेदारी से भारतीय निर्यातकों को लाभ होगा। डिजिटल मैरीटाइम ट्रांसफॉर्मेशन के तहत AI, स्मार्ट पोर्ट लॉजिस्टिक्स और मेरीटाइम सिंगल विंडो जैसी टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम किया जाएगा। इस सहमति के साथ ही ग्रीन शिप रीसाइक्लिंग, आधुनिक वेयरहाउसिंग और समुद्री स्ट्रक्चर के विकास पर भी सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
6. DRDO एयरबस A321 विमानों के लिए अनुबंध किया

23 जुलाई को DRDO और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर नेक्स्ट-जेनरेशन के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C-MKII) प्रोग्राम के लिए बड़ा MoU किया। इस MoU का उद्देश्य भारतीय वायुसेना के एयर सर्विलांस, अर्ली वॉरनिंग और कमांड कंट्रोल क्षमताओं मजबूत बनाना है। इस कार्यक्रम में DRDO टेक्निकल डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट को लीड करेगा। जबकि अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस AEW&C-MKII का प्रोडक्शन और इंटीग्रेशन का काम करेगा। AEW&C Mk-II प्लेटफॉर्म आधुनिक AESA रडार, लंबी दूरी की निगरानी क्षमता तथा नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध प्रणाली से लैस होगा। DRDO ने ये डील AI इंजीनियरिंब सर्विस लिमिटेड (AIESL) के साथ भी की है। जिसके तहत 6 एयरबस A321 विमानों को सैन्य उपयोग के लिए ‘ग्रीन कॉन्फिगरेशन’ में बदला जाएगा। इन विमानों को नेत्रा (Netra) Mk II एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम में बदला जाएगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO) और करीब 30 साल तक तकनीकी सहायता की भी जिम्मेदारी इसी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। इसका उद्देश्य दुश्मन के लंबी दूसरी के विमानों, मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाना है और हवाई हमलों के दौरान कमांड और कंट्रोल में मदद करना है। अब तक अमेरिका, फ्रांस, इजरायल, चीन और स्वीडन जैसे सिर्फ पांच देशों ने स्वदेशी AEW&C क्षमता विकसित की है। AEW&C-MKII कार्यक्रम के बाद भारत भी इसमें शामिल हो जाएगा।
7. भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय ने मुख कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित की

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय ने मुख कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस -एआई आधारित नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक के डिज़ाइन को भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है। महाविद्यालय के डेंटल सर्जरी विभाग ने इसके साथ ‘मुख आरोग्य’ नाम का एआई आधारित मोबाइल ऐप भी तैयार किया है। यह ऐप शुरुआती स्तर पर मुख कैंसर की स्क्रीनिंग में मदद करेगा। इसका उपयोग आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्यकर्मी कर सकेंगे। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। शुरुआती लक्षण मिलने पर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजा जा सकेगा। इससे समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी और गंभीर मामलों में कमी आने की संभावना है।
8. केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ का उद्घाटन किया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे‘ का उद्घाटन किया। यह आयुष मंत्रालय की अपनी तरह की पहली कार्यस्थल पहल है, जिसका उद्देश्य ‘आयुष आहार‘ से प्रेरित स्वस्थ आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देना है। यह कैफे ‘आयुष आहार’ पहल से प्रेरित ताजा और पौष्टिक खाने के कई विकल्प देता है। इस पहल का मकसद भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित पौष्टिक खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है। साथ ही, इसका उद्देश्य एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के लिए भोजन और पोषण के महत्व के बारे में ज़्यादा जागरूकता पैदा करना भी है।
9. खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ बैठक में हिस्सा लिया

23 जुलाई को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में सभी हिस्सा लेने वाले कॉमनवेल्थ देशों के खेल मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में डॉ. मनसुख मंडाविया ने कॉमनवेल्थ की महासचिव शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ वार्ता की। भारत में खेलों में किए गए बड़े सुधारों, जैसे ‘खेलो भारत नीति‘ और ‘अस्मिता लीग‘ के बारे में बताया। इस बैठक में 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ की मेजबानी पर भी बात हुई। इस बैठक में भारत ने कॉमनवेल्थ एडवाइजरी बॉडी ऑन स्पोर्ट (CABOS) के 2026–2030 कार्यकाल की अध्यक्षता करने की इच्छा भी व्यक्त की। सफलतापूर्वक प्रमंडाविया ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान अलग-अलग सेरेमनी में शामिल होंगे औशांत महासागर में वापस उतरे थे।
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