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1. 29 अगस्त से उज्बेकिस्तान-किर्गिज गणराज्य दौरे पर पीएम मोदी, SCO शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की यात्रा करेंगे। वे 29–30 अगस्त को द्विपक्षीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान जाएंगे, जबकि 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिज गणराज्य में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री 29–30 अगस्त को ताशकंद की राजकीय यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। इस दौरान दोनों नेता प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जन-से-जन संबंधों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी विचार करेंगे। उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। यहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है।
2. दिल्ली के भारत मंडपम में होगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को होगा। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित नेता भी शामिल होंगे। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय है: “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण”। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में, ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को तीन मुख्य स्तंभों के इर्द गिर्द बुना गया है। जो राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आदान-प्रदान है। इसे मजबूत करने के लिए भारत के 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। वर्ष 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है क्योंकि इस साल ब्रिक्स अपनी स्थापना के बीस साल पूरे कर रहा है।
3. हिंडाल्को ने कर्नाटक में भारत का पहला सुपरफाइन पीपीटी एटीएच प्लांट शुरू किया

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ ने 27 अगस्त 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली यूनिट है। यह प्लांट ‘सुपरफाइन प्रेसिपिटेटेड एल्युमीनियम ट्राईहाइड्रेट‘ (PPT ATH) बनाता है। यह एक खास मटीरियल है जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिकल केबल और इंफ्रास्ट्रक्चर के पार्ट्स को आग से सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है। बेलागावी में बनी नई फ़ैसिलिटी की सालाना प्रोडक्शन क्षमता अभी 30,000 टन है। यह क्षमता वायर और केबल इंडस्ट्री से मिलने वाली फ़ायर-सेफ़ केबल की भारत की लगभग पूरी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफ़ी है। हिंडाल्को ने इस प्लांट को इस तरह से प्लान किया है कि देश में मांग बढ़ने पर इसे चरणों में बढ़ाकर 60,000 टन तक किया जा सके। मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश पाई ने कहा कि इस कदम से स्पेशलिटी एल्युमिना के क्षेत्र में कंपनी की स्थिति मज़बूत होगी और यह वैल्यू चेन में और ऊपर जाएगी। हिंडाल्को के एल्युमिना बिज़नेस के CEO सौरभ खेडेकर ने कहा कि इस मटीरियल का भारत में पहला मैन्युफैक्चरर होने से इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है और यह वायर और केबल सेक्टर को एक घरेलू, वर्ल्ड-क्लास विकल्प देता है।
4. नाबार्ड और नैबफिड ने ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए समझौता किया

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) और राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण विकास बैंक (नैबफिड) ने ग्रामीण क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में सहयोग मजबूत करने के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया है। दोनों संस्थानों ने संयुक्त बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन संयुक्त वित्तपोषण, ज्ञान साझा करने और वित्तपोषण के नए समाधान विकसित करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। इसका ध्यान ऐसी परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक और प्रतिस्पर्धी दरों पर वित्त की उपलब्धता बढ़ाने पर है जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे और मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत कर सकती हैं। नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी. और नैबफिड के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी. ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्ष किए।
5. 5रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह टी-सीरीज़ टैंकों के ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में 450 करोड़ रुपये की लागत से टी-सीरीज़ टैंकों के ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। सरकार के अनुसार, इस परियोजना से रक्षा उपकरणों के रखरखाव और उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में जबलपुर की भूमिका और मजबूत होगी तथा महाकौशल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस परियोजना के अंतर्गत हर वर्ष 80 टी-72 और टी-90 टैंकों का ओवरहाल किया जाएगा। सेना को हर वर्ष करीब 230 ऐसे टैंकों के ओवरहाल की जरूरत होती है। चेन्नई के अवाडी स्थित हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री में फिलहाल हर वर्ष करीब 150 टैंकों का ओवरहाल किया जाता है।
6. गांवों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में कदम, सरकार ने ‘दानवीर’ पहल के जरिए मांगा जन सहयोग

पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। मंत्रालय ने लोगों से ‘दानवीर’ बनने का आह्वान किया है। यह एक जन-सहभागिता-आधारित कंप्यूटर क्राउडसोर्सिंग पहल है, जिसके तहत व्यक्ति और संस्थाएं सत्यापित ग्राम पंचायतों को सीधे डेस्कटॉप कंप्यूटर दान कर सकते हैं। पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, ‘दानवीर’ पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत बनाना और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, विशेष रूप से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत उपलब्ध कराए जा रहे बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को पूरक सहयोग प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से ग्राम पंचायत को कंप्यूटर दान करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन खरीदारी जितना आसान बनाया गया है।
7. प्रधानमंत्री जन धन योजना के 12 वर्ष पूरे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 28 अगस्त, 2014 को अपने पहले कार्यक्रमों में से एक के रूप में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) ने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना के इन 12 वर्षों में देश के वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया है। यह योजना विश्व स्तर पर वित्तीय समावेशन की दिशा में एक मिसाल बन गई है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल के रूप में प्रधानमंत्री जन धन योजना सभी भारतीयों के लिए बैंकिंग तक पहुंच को लगातार नया रूप दे रही है। प्रधानमंत्री जन धन योजना यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बैंकिंग सुविधा से वंचित व्यक्तियों को बैंक खाता मिले—जिसमें न्यूनतम शेष राशि की कोई आवश्यकता नहीं है और कोई रखरखाव शुल्क नहीं है। प्रत्येक खाते के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिसमें 2 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर शामिल है, जो डिजिटल लेनदेन और वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देता है। खाताधारकों को 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिलती है, जो आपातस्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है। 19 अगस्त, 2026 तक प्रति खाता औसत जमा राशि 5,356 रुपए है। पिछले 12 वर्षों में प्रति खाता औसत जमा राशि 3.4 गुना बढ़ी है, जो खातों के बढ़ते इस्तेमाल और खाताधारकों में बचत की आदतें विकसित होने का एक और संकेत है।
8. भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत ‘समर्थक’ सौंपा गया

लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एल&टी), कट्टुपल्ली द्वारा निर्मित पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत (एमपीवी) ‘समर्थक‘, 27 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया। इस जहाज में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और इसे एक बहु-उपयोगी परीक्षण और मूल्यांकन प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया गया है। साथ ही, इस जहाज को समुद्री निगरानी और टोह लेने, अपतटीय गश्त करने और जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता व आपदा राहत कार्यों में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस जहाज का नाम बहुत सोच-समझकर ‘समर्थक’ रखा गया है, जिसका अर्थ है ‘समर्थन करने वाला’। यह नाम कई मिशनों में भरोसेमंद मददगार के तौर पर जहाज की भूमिका को दर्शाता है।
9. उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की पुस्तक ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग’ का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में राज्यसभा सांसद श्री घनश्याम तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग‘ का विमोचन किया। श्री सीपी राधाकृष्णन ने ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग’ शीर्षक को एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि संकल्प मात्र एक इच्छा नहीं, बल्कि समर्पण, परिश्रम और अनुशासन से समर्थित एक दृढ़ निश्चय है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक पिछले बारह वर्षों में भारत की यात्रा का वर्णन करती है। इसमें प्रशासनिक उपलब्धियों के साथ-साथ वैचारिक पुनर्जागरण भी शामिल है और यह 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना के संदर्भ में प्रस्तुत करती है।
10. यूनेस्को हाउस में अभय के. की किताब ‘नालंदा: हाउ इट चेंज्ड द वर्ल्ड’ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र की ओर से भारत में लेखक और राजनयिक अभय के. की पुस्तक ‘नालंदा: हाउ इट चेंज्ड द वर्ल्ड’ पर एक विशेष कार्यक्रम ‘कॉन्वर्सेशंस ऑन नालंदा’ यूनेस्को हाउस में आयोजित किया गया। इस मौके पर दक्षिण एशिया के लिए यूनेस्को प्रमुख टिम कर्टिस ने भारत के अजरबैजान में राजदूत अभय के., नालंदा विश्वविद्यालय के भाषा और साहित्य विद्यालय के प्रोफेसर डी. वेंकट राव और रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर का हार्दिक स्वागत किया। श्री अभय के. ने बताया कि नालंदा की शैक्षणिक परंपरा बहुत व्यापक थी। यहां खगोल विज्ञान, गणित, चिकित्सा, दर्शन और कविता जैसे अनेक विषयों का अध्ययन और शोध किया जाता था।
11. खिजड़िया पक्षी अभयारण्य: ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क का प्रजनन स्थल

गुजरात के जामनगर स्थित खिजड़िया पक्षी अभयारण्य को जर्नल ऑफ थ्रेटन्ड टैक्सा में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क के लिये एक महत्त्वपूर्ण प्रजनन स्थल के रूप में पहचान मिली है। अभयारण्य में ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क की अधिकतम मौसमी जनसंख्या 21 पक्षियों की दर्ज की गई, जिसमें प्रजनन करने वाले जोड़े एवं गैर-प्रजनन करने वाले वयस्क पक्षी शामिल थे। ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क (Ephippiorhynchus asiaticus) भारत के सबसे बड़े आर्द्रभूमि पक्षियों में से एक है तथा देशभर में इसकी विखंडित प्रजनन आबादी पाई जाती है। वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 के पश्चात इस प्रजाति को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची II के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है। इसे IUCN लाल सूची में मुख्य रूप से आवास हानि एवं जनसंख्या में गिरावट के कारण संकटापन्न (Near Threatened) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। गुजरात के जामनगर स्थित खिजड़िया पक्षी अभयारण्य को वर्ष 1981 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था तथा फरवरी 2022 में इसे रामसर अभिसमय के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि के रूप में नामित किया गया। यह अपनी समृद्ध आर्द्रभूमि जैव विविधता एवं स्थानीय तथा प्रवासी पक्षियों के पर्यावास के लिये जाना जाता है।
12. नेपाल में आकस्मिक बाढ़ और हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता

नेपाल में आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ के कारण 150 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई, सैकड़ों लोग लापता हैं तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना को क्षति पहुँची है। वैज्ञानिकों को आशंका है कि एक हिम-शैल हिमस्खलन, संभवतः एक असामान्य पश्चिमी विक्षोभ के साथ अंतःक्रिया करते हुए, इस अचानक आई बाढ़ का कारण बना। नेपाल की भोते कोसी, गंडक एवं कर्णाली जैसी नदियाँ हिमालयी क्षेत्र से निकलती हैं या इसके माध्यम से प्रवाहित होकर भारत में प्रवेश करती हैं। अतः नेपाल में आने वाली बाढ़ भारत के लिये भी निचले प्रवाह वाले क्षेत्रों में जोखिम उत्पन्न कर सकती है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र की हिमनद अस्थिरता, भूस्खलन एवं आकस्मिक बाढ़ जैसे संयुक्त आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है। नेपाल में आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़, जिसमें हिम-शैल हिमस्खलन एवं असामान्य मौसमी अंतःक्रियाओं की संभावित भूमिका मानी जा रही है, हिमालयी क्षेत्र में हिमनद अस्थिरता, भूस्खलन एवं आकस्मिक बाढ़ जैसी संयुक्त आपदाओं के प्रति बढ़ते जोखिम को दर्शाती है। ये जोखिम विवर्तनिक संवेदनशीलता, जलवायु परिवर्तन, अनियोजित अवसंरचना विकास एवं विनियामक कमियों के कारण और अधिक बढ़ जाते हैं। यह अनुभव इस बात की आवश्यकता को रेखांकित करता है कि आपदा प्रतिरोधक क्षमता को बाद की प्रतिक्रिया के रूप में देखने के बजाय पारिस्थितिक वहन क्षमता आकलन, संचयी प्रभाव मूल्यांकन, जलस्रोत क्षेत्र संरक्षण, प्रकृति-आधारित ढलान स्थिरीकरण तथा बहु-आपदा पूर्व चेतावनी प्रणालियों के माध्यम से जोखिम-संवेदी हिमालयी विकास को अपनाया जाए।
13. CBN और PHARMEXCIL ने वैध फार्मास्युटिकल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए

वित्त मंत्रालय के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के तहत आने वाले सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ नारकोटिक्स (CBN) और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा स्थापित फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PHARMEXCIL) ने 24 अगस्त, 2026 को ग्वालियर में CBN हेडक्वार्टर में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU का मकसद भारत के बढ़ते फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट सेक्टर को सपोर्ट करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि सही रेगुलेटरी जांच बनी रहे, खासकर इसलिए क्योंकि भारत API, बल्क ड्रग्स, फॉर्मूलेशन और मेडिकल डिवाइस का एक प्रमुख ग्लोबल सप्लायर है।
14. Women’s Hockey World Cup: भारत ने हासिल किया 5वां स्थान

एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार को 5वें-6वें स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने जर्मनी को 3-1 से मात देकर अपने ऐतिहासिक अभियान का समापन किया। दुनिया की पांचवें स्थान की टीम जर्मनी के खिलाफ इस शानदार जीत के साथ भारत को पांचवां स्थान मिला। यह साल 1974 में खेले गए पहले विमेंस वर्ल्ड कप के बाद से एफआईएच वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। उस विश्व कप में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी। गुरुवार को नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेले गए इस मैच के शुरुआती 30 मिनट तक कोई गोल नहीं हो सका, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया। नवनीत कौर ने 2 और इशिका ने 1 गोल करके यादगार जीत सुनिश्चित की।
15. खेल मंत्रालय ने एशियाई खेल 2026 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय ई-स्पोर्ट्स दल को मंज़ूरी दी

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 15 सदस्यों वाली ई-स्पोर्ट्स टीम को मंज़ूरी दे दी है, जो आने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। यह टीम देश के उस बड़े 492-सदस्यीय मल्टी-स्पोर्ट दल का हिस्सा है, जो इस महाद्वीपीय आयोजन के लिए जापान जा रहा है। एशियाई खेलों का 20वां संस्करण जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में हाल ही में शामिल किए गए ई-स्पोर्ट्स का अपना अलग शेड्यूल 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें अलग-अलग गेमिंग जॉनर के 13 अलग-अलग वीडियो गेम टाइटल में प्रतियोगिताएं होंगी। भारत की ई-स्पोर्ट्स टीम के लिए सरकार का आधिकारिक मंज़ूरी आदेश 22 अगस्त को जारी किया गया था। कुल 13 इवेंट्स में से, भारत ने सिर्फ़ चार के लिए क्वालिफ़ाई किया है:
1. लीग ऑफ़ लेजेंड्स
2. पोकेमोन यूनाइट
3. ई-फ़ुटबॉल
4. पुयो पुयो चैंपियंस।
यह 2022 के हांगझोऊ इवेंट के मुकाबले कम भागीदारी है, जहाँ भारत ने 19 ई-स्पोर्ट्स एथलीट भेजे थे और उसकी लीग ऑफ़ लेजेंड्स टीम कुल मिलाकर शानदार 5वें स्थान पर रही थी।
16. जैकब मेंसिक-कैरोलिना मुचोवा की जोड़ी ने रचा इतिहास, यूएस ओपन 2026 का खिताब जीता

जैकब मेंसिक और कैरोलिना मुचोवा ने गुरुवार को आर्थर ऐश स्टेडियम में हुए फाइनल में फ्लेवियो कोबोली और बेलिंडा बेनसिक को हराकर यूएस ओपन 2026 का मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता। चेक जोड़ी ने एक टीम के तौर पर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता, उन्होंने इटैलियन-स्विस जोड़ी को एक घंटे, 13 मिनट के मुकाबले में 6-3, 1-6, (10-6) से हराया।
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