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1. दिल्ली में लक्ष्मी योजना की शुरुआत, पात्र महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2,500 रुपए

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत करीब 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। योजना के तहत पात्र महिलाओं को एक सितंबर से हर महीने 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार के मुताबिक, लक्ष्मी योजना के तहत करीब 9,13,495 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 6,52,223 महिलाओं ने पूर्ण आवेदन जमा किए हैं। एक सितंबर से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने सीधे 2,500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। लाभार्थी चाहें तो 1,000 रुपए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के माध्यम से प्राप्त कर सकती हैं और 1,500 रुपए सावधि जमा या आवर्ती जमा में निवेश कर सकती हैं। इसके अलावा वे पूरी 2,500 रुपए की राशि भी जमा कर सकती हैं। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, ऐसे परिवार जिनमें तीन से अधिक बच्चे हैं और जिनकी सालाना घरेलू बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, उनकी महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया गया है।
2. मेघालय सरकार ने बच्चों के पठन कौशल को बेहतर बनाने के लिए सीएम-इम्पैक्ट रीड एंड राइज़ कार्यक्रम शुरू किया

मेघालय सरकार ने स्कूली बच्चों में बुनियादी पठन कौशल को बेहतर बनाने और सीखने की कमियों को दूर करने के लिए सीएम-इम्पैक्ट रीड एंड राइज़ मेघालय कार्यक्रम शुरू किया है। इसका लक्ष्य है कि हर बच्चा सात वर्ष की उम्र तक पढ़ना और लिखना सीख सके। यह कार्यक्रम मेघालय यूनिवर्सल रीडिंग रेडीनेस मिशन का हिस्सा है। इसके अंतर्गत खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने और पूरे राज्य में पढ़ने की तैयारी को मजबूत करने पर बल दिया जाएगा। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री लाखमेन रिम्बुई मौजूद थे। इस दौरान यूनिवर्सल रीडिंग रेडीनेस के लिए शिक्षक प्रशिक्षण गाइड भी जारी किया गया। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी और राज्य में शैक्षणिक परिणाम बेहतर होंगे।
3. लद्दाख में दूसरे सुरू महोत्सव का कारगिल के खूबसूरत दमसना पिकनिक स्थल पर हुआ शुभारंभ

लद्दाख में दूसरे सुरू महोत्सव का कारगिल के खूबसूरत दमसना पिकनिक स्थल पर शुभारंभ हुआ। नून-कुन पर्वत चोटियों की शानदार पृष्ठभूमि में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में लद्दाख के विभिन्न हिस्सों, देश के अन्य राज्यों और कुछ विदेशी पर्यटकों सहित बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। महोत्सव में सुरू घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और स्थानीय परंपराओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, साइकिलिंग, मछली पकड़ना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंचीय प्रस्तुतियां और कई अन्य साहसिक तथा मनोरंजक गतिविधियां शामिल हैं। दमसना के प्राकृतिक वातावरण में ये गतिविधियां पर्यटकों को विविध और जीवंत अनुभव प्रदान कर रही हैं। सुरू महोत्सव, सुरू घाटी में पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उद्यमिता और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है।
4. दिल्ली के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ने नवनिर्मित प्रागैतिहासिक जीवन गैलरी का शुभारंभ किया

दिल्ली के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ने राजधानी में नवनिर्मित प्रागैतिहासिक जीवन गैलरी का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागरीय अनुसंधान केंद्र की अनुसंधान सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डॉ. रसिक रवींद्र और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली की कार्यकारी समिति की प्रोफेसर रमा जयसुंदर ने इसका उद्घाटन किया। इस दीर्घा में डायनासोर और लाखों वर्ष पहले विलुप्त हो चुके अन्य जीवों के जीवन-आकार और छोटे आकार के एनिमेटेड रोबोटिक मॉडल उनके प्राकृतिक वातावरण में प्रदर्शित किए गए हैं। यह दीर्घा आगंतुकों को लाखों वर्ष पहले पृथ्वी पर मौजूद जीवन और प्रागैतिहासिक दुनिया का अनुभव कराती है।
5. ई-श्रम पोर्टल के 5 वर्ष: असंगठित कार्यबल के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

ई-श्रम पोर्टल के शुभारंभ के 26 अगस्त 2026 को पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। यह भारत के असंगठित कार्यबल के लिए सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 2021 में इस पोर्टल को शुरू किया था। इसके माध्यम से देश का पहला आधार-आधारित राष्ट्रीय असंगठित श्रमिक डेटाबेस तैयार किया गया है। यह प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को विशिष्ट सार्वभौमिक खाता संख्या प्रदान करता है और कल्याण, रोजगार, कौशल विकास, प्रशिक्षुता तथा पेंशन सेवाओं को एकीकृत करके एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड 89 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। इसके साथ ही ई-श्रम ने लाभ वितरण, पोर्टेबिलिटी और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सुधार किया है। यह समावेशी, प्रौद्योगिकी-संचालित सामाजिक सुरक्षा के अनुकूल परिवेश के सरकार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है। इसमें एक ही मंच पर 15 सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ लाया गया है। इनमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और अन्य योजनाएं शामिल हैं।
6. गृह मंत्रालय ने केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम किया

गृह मंत्रालय ने दक्षिणी राज्य केरल का आधिकारिक नाम बदलकर केरलम कर दिया है। यह बदलाव 25 अगस्त से लागू हो गया है। केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक 11 अगस्त को लोकसभा और अगले दिन राज्यसभा में पारित हुआ था। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके बाद इसे कानून का रूप मिल गया। अब आधिकारिक रूप से राज्य का नाम केरलम हो गया है।
7. स्वदेशी मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम का लद्दाख में किया गया सफल परीक्षण

भारत ने अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में सैनिकों के लिए स्वदेशी पैराशूट तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की आगरा स्थित एडीआरडीई द्वारा डिजाइन और विकसित मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम का लद्दाख के न्योमा के मुध ड्रॉप जोन में सफल परीक्षण किया। यह दुनिया के सबसे ऊंचे ड्रॉप जोन में शामिल है। इस दौरान प्रशिक्षित जम्परों ने शून्य से नीचे करीब 15 डिग्री सेल्सियस पर लगभग 22 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। इतनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और अत्यधिक ऊंचाई के बावजूद पैराशूट प्रणाली और उससे जुड़े सभी स्वदेशी उप-तंत्रों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया। इसके बाद परीक्षण जम्परों ने नियंत्रित तरीके से नीचे उतरते हुए 13,700 फीट की ऊंचाई पर सुरक्षित लैंडिंग की। इस परीक्षण में केवल पैराशूट ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया। इनमें स्वदेशी पैरा कंप्यूटर, ऑक्सीजन प्रणाली और विशेष जंपसूट भी शामिल थे। यह पूरा सिस्टम अत्यधिक ऊंचाई पर भी भरोसेमंद साबित हुआ है।
8. आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स ने 100 भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स ने कहानी कहने वालों की अगली पीढ़ी को समर्थन देने के लिए 100 भारतीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है। इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत, विद्यार्थियों को छह व्यावसायिक कार्यक्रमों में 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिनमें एक वर्षीय दो डिप्लोमा कार्यक्रम और छह माह के चार प्रमाणपत्र कार्यक्रम शामिल हैं। इंटरएक्टिव कॉमिक्स और सीक्वेंशियल आर्ट्स और विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी में डिप्लोमा, वर्चुअल आर्ट डिपार्टमेंट कंटेंट क्रिएशन, मीडिया टेक वर्कफ़्लो, आर्ट ऑफ कैरेक्टर एनिमेशन और ई-स्पोर्ट्स और गेमिंग मैनेजमेंट में प्रमाणपत्र जैसे छात्रवृत्ति के अंतर्गत आने वाले छह कार्यक्रम हैं। ये छात्रवृत्तियां भारत के विद्यार्थियों और कार्यरत पेशेवरों के लिए उपलब्ध होंगी।
9. 1,800 वर्ष पुरानी सरस्वती प्रतिमा और संगीत विरासत

मध्य प्रदेश में खोजी गई 1,800 वर्ष पुरानी काले बलुआ पत्थर की सरस्वती प्रतिमा के हालिया प्रतिमा-विज्ञान संबंधी सर्वेक्षण ने भारत की प्राचीन संगीत परंपराओं और मालव समुदाय के सांस्कृतिक इतिहास के संबंध में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। यह प्रतिमा मूल रूप से 1980 के दशक में मनासा नगर (नीमच ज़िला, मध्य प्रदेश) से उत्खनित की गई थी और वर्तमान में उज्जैन संग्रहालय में संरक्षित है। यह प्रतिमा द्वितीय शताब्दी ईस्वी की है, जो इसे मालव युग से संबंधित बनाती है। इसे आधिकारिक रूप से मध्य प्रदेश में प्राप्त संगीत वाद्ययंत्र धारण करने वाली सबसे प्राचीन सरस्वती प्रतिमा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस प्रतिमा में देवी को एक विस्तृत, घुमावदार, वीणा के समान वीणा वाद्य बजाते हुए दर्शाया गया है, जो भारत की प्राचीन तंत्री वाद्य परंपरा की एक शाखा का प्रतिनिधित्व करता है।
10. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने आईसीजीएस अजीत को भारतीय तटरक्षक बल को सौंपा

रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने भारतीय तटरक्षक बल को अत्याधुनिक तेज गश्ती पोत (एफपीवी) आईसीजीएस अजीत (यार्ड 1277)—औपचारिक रूप से सौंपकर स्वदेशी जहाज निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित आईसीजीएस अजीत भारत के घरेलू रक्षा पोत-निर्माण उद्योग की बढ़ती क्षमताओं और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को दर्शाता है। 51.43 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े इस पोत का भार विस्थापन 330 टन है और इसका ड्राफ्ट 2.5 मीटर है। यह दो समुद्री डीजल इंजनों से संचालित होता है, जो नियंत्रित पिच प्रोपेलर (सीपीपी) को घुमाते हैं। तेज गश्ती पोतों की इस श्रेणी में यह अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिससे पोत की प्रणोदन क्षमता और परिचालन प्रदर्शन बेहतर होता है। 27 नॉट से अधिक की अधिकतम गति और 1,500 समुद्री मील की परिचालन सीमा वाले इस पोत में उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जो इसकी परिचालन तैयारी, क्षमता और टिकाऊपन को बेहतर बनाती है।
11. अमेजन, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस सस्पेन्ड

25 अगस्त को कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा विभाग ने ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी अमेजन, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस सस्पेन्ड किये। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर बहुत ज्यादा जहरीले और नशीले पौधे धतूरा को खाद्य सामग्री के तौर पर बेचा जा रहा है। धतूरा एक पौधा होता है, इसके बीज और पत्तियां मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जहरीली होती हैं, जिससे गंभीर मानसिक बीमारी या मृत्यु भी हो सकती है। डिपार्टमेंट ने जांच में पाया कि सुरक्षा जांच के बिना इन उत्पादों को खाद्य श्रेणी में लिस्ट किया गया था।
12. पोर्श की IT और कंसल्टिंग यूनिट ‘MHP’ को TCS खरीदेगी13.

24 अगस्त को भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS जर्मन कंपनी पोर्श की IT और कंसल्टिंग यूनिट ‘MHP’ को 320 मिलियन यूरो यानी 3.5 हजार करोड़ रुपए में खरीदेगी। इस अधिग्रहण के साथ ही दोनों कंपनियों के बीच 1.25 अरब यूरो यानी करीब 14 हजार करोड़ की 5 साल की बड़ी पार्टनरशिप हुई है। इसके तहत TCS अगले 5 सालों में पोर्श को AI, सॉफ्टवेयर-संचालित कारों और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देगी। TCS ने पोर्श की कंपनी MHP को इसलिए खरीदा ताकि पोर्श को बड़ा (13,950 करोड़ रुपए) का बड़ा प्रोजेक्ट मिला। MHP सलाह देने वाली कंपनी है। इसके पास ऐसी गाड़ियों का सॉफ्टवेयर बनाने का अनुभव है जो मैकेनिकल पुर्जों के बजाय AI और कंप्यूटर प्रोग्राम से चलती हैं। ये कंपनी जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन, रोमानिया, भारत और मेक्सिको जैसे देशों में काम करती है। टाटा की TCS पिछले 10 महीनों में दुनिया की 3 बड़ी कंपनियों को खरीद चुकी है। इससे पहले TSC ने अमेरिकी IT कंपनी कोस्टल क्लाउडको ₹5,800 करोड़ और अमेरिकी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी लिस्टएंगेज को ₹600 करोड़ में खरीदा।
13. एन. श्रीराम बालाजी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर ने टेनिस ओपन डबल्स जीता

25 अगस्त को भारत के एन. श्रीराम बालाजी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर ने मैक्सिको में खेले गए कानकुन कंट्री टेनिस ओपन का डबल्स खिताब जीत लिया है। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में मैक्सिको के मिगुएल एंजेल रेयेस-वरेला और बेलारूस के इवान ल्युटारेविच को 6-3, 7-6(4) से हराया। इस जीत के साथ बालाजी और अनिरुद्ध को 125-125 एसोसिएशन ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स रैंकिंग पॉइंट्स और 9,900 डॉलर (करीब 9.5 लाख रुपए) की इनामी राशि मिली। कानकुन की जीत अनिरुद्ध चंद्रशेखर के लिए चैलेंजर सर्किट का 11वां खिताब है। यह 2026 में उनका दूसरा खिताब भी है। इस साल इससे पहले अनिरुद्ध ने जापान के ताकेरू युजुकी के साथ बुसान ATP चैलेंजर 125 का खिताब जीता था।
14. फिलिस्तीनी विजुअल आर्ट स्लिमन मंसूर का निधन

24अगस्त को फिलिस्तीनी विजुअल आर्ट के जाने-माने कलाकार स्लिमन मंसूर का 79 साल की उम्र में निधन हो गया। मंसूर पांच दशकों से ज्यादा समय तक, फिलिस्तीनी पहचान, इतिहास, विस्थापन और जमीन से जुड़ाव को दिखाने के लिए विजुअल आर्ट का इस्तेमाल किया। मंसूर की पेंटिंग्स में अक्सर जैतून के पेड़, ग्रामीण नजारे, पारंपरिक फिलिस्तीनी कपड़े और कढ़ाई दिखाई देती थी। मंसूर की सबसे मशहूर पेंटिंग में ‘जमाल अल-महामेल‘ (बोझ ढोने वाला ऊंट)हैं, जिसे उन्होंने 1973 में बनाया था। इस पेंटिंग में एक बुज़ुर्ग फिलिस्तीनी मजदूर को अपनी पीठ पर यरूशलेम उठाए हुए दिखाया गया है और ये फिलिस्तीनी कला की सबसे पहचानी जाने वाली तस्वीरों में से एक है। मंसूर की इस पेंटिंग को इतिहास के बोझ और फिलिस्तीनियों व उनकी मातृभूमि के बीच अटूट रिश्ते के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। मंसूर ने पहले इंतिफादा (फिलिस्तीनी विद्रोह) के दौरान फिलिस्तीनी कला को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। मंसूर ने 1987 में,’न्यू विजन्स कलेक्टिव’ की सह-स्थापना की। यह फिलिस्तीनी कलाकारों का एक ग्रुप था, जिसने इजराइली आर्ट् सामग्री का बहिष्कार किया और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चीजों , जैसे मिट्टी, मेहंदी और क्ले (चिकनी मिट्टी) के साथ प्रयोग किए।
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