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1. भारत मंडपम में 7वें एग्रीवोल्टाइक वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस का केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ

‘एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन‘ (एडब्ल्यूसी) 2026 का 7वां संस्करण नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ। यह आयोजन कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने के देश के प्रयासों में एक प्रमुख और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘ग्लोबल साउथ‘ (विकासशील देशों) के लिए आयोजित होने वाला यह प्रमुख वैश्विक सम्मेलन पहली बार भारत में हो रहा है। इससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और टिकाऊ विकास को एक साथ आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका और अधिक मजबूत होती है। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का आयोजन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा किया जा रहा है। इसमें जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु कार्रवाई, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा मंत्रालय (बीएमयूवी) का सहयोग प्राप्त है, और इसे ‘कोनेक्सियो-पीएसई के साथ मिलकर ‘पावरिंग द ग्लोबल साउथ‘ (ग्लोबल साउथ को ऊर्जा प्रदान करना) विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
2. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए उन्नत कम ऊंचाई वाले हल्के वज़न के रडारों की खरीद हेतु 770 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में लगभग 770 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘उन्नत कम ऊंचाई वाले हल्के वज़न के रडारों’ (एलएलएलआर-I) की खरीद के लिए मेसर्स भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। एलएलएलआर (I) प्रणाली में लड़ाकू विमानों के आकार के लक्ष्यों तथा छोटे/सूक्ष्म ड्रोन का पता लगाने और उनकी निगरानी करने की क्षमता है। इसमें हवाई लक्ष्यों को प्राथमिकता देने की अतिरिक्त क्षमता भी है। इससे भारतीय सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) से उत्पन्न खतरे का प्रभावी ढ़ंग से मुकाबला करने में सहायता मिलेगी।
3. भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास के नौवें संस्करण (आईबीएसएएमएआर-IX 2026) का सफलतापूर्वक समापन

भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री सैन्य अभ्यास के नौवें संस्करण (आईबीएसएएमएआर-IX 2026) का सफल समापन 20 अक्टूबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका के साइमन्स टाउन में हुआ। इस अभ्यास में तीनों देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि इब्सामार जैसे सैन्य अभ्यास लंबे समय से चले आ रहे राजनयिक संबंधों को सार्थक नौसैनिक सहयोग में बदलने का काम करते हैं।
4. मेरठ में ₹200 करोड़ से बनेगी लिथियम-आयन बैटरी और रेयर अर्थ रिफाइनरी

मेरठ की डीप टेक स्टार्टअप सर्कुलॉजी क्लींटेक प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश में करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। कंपनी ने इन्वेस्ट यूपी के साथ मेरठ में लिथियम-आयन बैटरी और रेयर अर्थ रिफाइनरी स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किया है। इस परियोजना से करीब 300 लोगों को प्रत्यक्ष और 1,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सर्कुलॉजी की रिफाइनरी चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद इसमें हर साल 10,000 टन सामग्री के प्रसंस्करण की योजना है। रिफाइनरी में इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को पुनः प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, हार्ड ड्राइव और इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटरों में इस्तेमाल होने वाले पुराने स्थायी चुंबकों से नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टर्बियम जैसे रेयर अर्थ तत्वों को भी निकाला जाएगा। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र में होता है।
5. SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयासों पर दिया जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद (CHG) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने SCO सदस्य देशों के बीच साझा हितों से जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। इनमें व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाना शामिल है। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से मुकाबला करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। SCO शासनाध्यक्ष परिषद संगठन का एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है और संगठन के विभिन्न तंत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।
6. यूनेस्को ने भारत के तीन नए स्थलों को विश्व धरोहरों की अस्थायी सूची में शामिल किया

यूनेस्को के विश्व धरोहर केंद्र ने भारत के तीन नए स्थलों को विश्व धरोहरों की अस्थायी सूची में शामिल किया है। यह इन्हें विश्व धरोहर का औपचारिक दर्जा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का बाराटांग का कार्स्ट-मड ज्वालामुखी क्षेत्र, अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी और छत्तीसगढ़ का सिरपुर सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक परिदृश्य शामिल हैं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बताया है कि अस्थायी सूची में शामिल होना किसी भी ऐतिहासिक या प्राकृतिक स्थल को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रारंभिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिनिधिमंडल ने इन स्थलों से जुड़े दस्तावेज तैयार करने और विरासत संबंधी शोध में योगदान के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सराहना की।
7. भारत और न्यूजीलैंड ने इलेक्ट्रॉनिक ओरिजिन डेटा के आदान-प्रदान संबंधी सहयोग ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ओरिजिन डेटा के आदान-प्रदान संबंधी सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सहयोग ज्ञापन पर इस महीने की 19 तारीख को भारत के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी और न्यूजीलैंड सीमा शुल्क सेवा की कंप्ट्रोलर और मुख्य कार्यकारी क्रिस्टीन स्टीवेन्सन ने हस्ताक्षर किए।
8. भारत में विमानन क्षेत्र के विस्तार के लिए 2016 में शुरू हुई उड़ान योजना को दस वर्ष पूरे हुऐ

21 अक्टूबर 2016 को ‘क्षेत्रीय संपर्क योजना‘ (आरसीएस) शुरू की गई, जिसे ‘उड़ान‘ (उड़े देश का आम नागरिक) के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य एक सरल लेकिन क्रांतिकारी सोच पर आधारित है: क्षेत्रीय मार्गों पर ऐसी हवाई यात्रा उपलब्ध कराना जो किफायती होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से व्यावहारिक और लाभदायक भी हो। पिछले एक दशक पर नजर डालें तो भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है, जहां चालू हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 थी, जो आज बढ़कर 166 हो गई है। इस बड़े बदलाव के केंद्र में ‘उड़ान’ योजना ही है। इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, 4 जुलाई 2026 को ‘उड़ान’ का अगला चरण शुरू किया गया। अब यह योजना केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की साझेदारी पर अधिक जोर देती है। इसके साथ ही, हवाई पट्टियों और हेलीपैड की पहचान करने के लिए ‘एयरोड्रोम विकास के लिए चैलेंज मोड पोर्टल’ (Challenge Mode Portal for Aerodrome Development) भी शुरू किया जाएगा।
9. अमरीका डाक सेवा ने दिवाली के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया

अमरीका डाक सेवा ने दिवाली के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया है। इस पर ह्यूस्टन में रहने वाली भारतीय कलाकार संगीता भुटाडा की बनाई रंगोली का डिजाइन है। डाक टिकट का अमरीका के वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित एक समारोह में अनावरण किया गया। इस अवसर पर अमरीका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अमेरिकी डाक सेवा की वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिबानी गंभीर मौजूद थीं। अमरीकी डाक सेवा ने दूसरी बार दिवाली के अवसर पर डाक टिकट जारी किया है। इससे पहले 2016 में दिवाली पर डाक टिकट जारी किया गया था।
10. सीसीओ की सुविकल्प पहल सतत खनन पुनरुपयोग को बढ़ावा देती है और इसे स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026 प्राप्त हुआ है

कोयला मंत्रालय के अधीन कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) ने वैज्ञानिक तरीके से खदानों को बंद करने और खनन के बाद की भूमि के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पहल की है। सीसीओ ने हितधारकों को एक संरचित और डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया के माध्यम से उपयुक्त खदान पुनरुपयोग परियोजनाओं के चयन में सहायता करने के लिए सुविकल्प नामक एक आंतरिक खदान पुनरुपयोग उपकरण विकसित किया है। यह उपकरण कई तकनीकी, पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मानदंडों के आधार पर पुनर्उपयोग परियोजनाओं का मूल्यांकन और रैंकिंग करता है। एक उपयुक्त परियोजना की पहचान हो जाने के बाद उपयोगकर्ता प्रिज्म (Post-Mining Repurposing Implementation Strategy Model-PRISM) के माध्यम से कार्यान्वयन के रास्ते तलाश सकते हैं। प्रिज्म परियोजना अवधारणाओं, कार्यान्वयन दृष्टिकोणों, केस स्टडीज़, नमूना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), निविदा दस्तावेज़ और समान क्षेत्रों में कार्यरत एजेंसियों की जानकारी प्रदान करता है। सुविकल्प की नवीनता और उपयोगिता को 26 सितंबर 2026 को ‘डिजिटल परिचालन दक्षता – डेटा-संचालित निर्णय लेना’ श्रेणी के तहत स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026 के माध्यम से राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई ।
11. गुवाहाटी में आज से शुरू 8 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’

असम की राजधानी गुवाहाटी में बुधवार से 8 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ शुरू होने जा रहा है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित यह मेला 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट पर यह मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग तरह-तरह के पारंपरिक उत्पादों को देख सकेंगे, उन्हें खरीद सकेंगे और कारीगरों की सहायता कर सकेंगे। आपको बता दें, शिल्प समागम मेला (एसएसएम-2026) अपने तीन राष्ट्रीय निगमों: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी), और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों को विपणन सहायता प्रदान करने के लिए मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है। एसएसएम-2026 का पहला संस्करण 19 अक्टूबर को मैसूर में संपन्न हुआ।
12. आजाद हिंद फौज स्थापना दिवस

आजाद हिंद सरकार के गठन की वर्षगांठ हर साल 21 अक्टूबर को मनाई जाती है। इस दिन भारत की पहली स्वतंत्र अंतरिम सरकार, जिसे आजाद हिंद सरकार नाम दिया गया था, की घोषणा की गई थी। 21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आज़ाद हिंद (स्वतंत्र भारत) की अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा की , जिसमें उन्होंने स्वयं को राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और युद्ध मंत्री के रूप में नियुक्त किया। अंतरिम सरकार ने न केवल बोस को जापानियों के साथ समान स्तर पर बातचीत करने में सक्षम बनाया, बल्कि पूर्वी एशिया में भारतीयों को भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) में शामिल होने और उसका समर्थन करने के लिए जुटाने में भी सुविधा प्रदान की। सुभाष चंद्र बोस ने विदेश से ही स्वतंत्रता संग्राम को आगे बढ़ाया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) के शुरू होने को भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रहार करने का एक उपयुक्त अवसर माना। आईएनए का गठन सर्वप्रथम मोहन सिंह और जापानी मेजर इवाइची फुजिवारा के नेतृत्व में किया गया था और इसमें ब्रिटिश-भारतीय सेना के भारतीय युद्धबंदी शामिल थे जिन्हें जापान ने मलायन (वर्तमान मलेशिया) अभियान और सिंगापुर में बंदी बनाया था।
13. पुलिस स्मृति दिवस

1959 में इसी दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में दस बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। तब से, हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने देश में नशीले पदार्थों की समस्या को खत्म करने के लिए 31 दिसम्बर 2029 का लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री शाह ने देश के पुलिस बलों से नशीले पदार्थों की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
14. विश्व आयोडीन अल्पता दिवस

विश्व आयोडीन अल्पता दिवस (World Iodine Deficiency Day) प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस के रूप में भी जाना जाता है। आयोडीन थायराइड हार्मोन, थायरोक्सिन (टी4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (टी3) का एक आवश्यक घटक है, जो चयापचय को नियंत्रित करता है और भ्रूण तथा शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। खाद्य पदार्थों और आयोडीन युक्त नमक में पाया जाने वाला आयोडीन सोडियम और पोटेशियम नमक, अकार्बनिक आयोडीन (I2), आयोडेट और आयोडाइड सहित कई रूपों में मौजूद होता है। आयोडाइड, सबसे सामान्य रूप है जो पेट में तेजी से अवशोषित होता है और थायराइड द्वारा हार्मोन उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। अधिकांश अतिरिक्त आयोडाइड मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित होता है।
15. ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ बनाने वाले जौहरी वुम्मिदी एथिराज का निधन

तमिलनाडु के रहने वाले थिरु वुमिदी एथिराज का बुधवार को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। 1947 में 22 वर्षीय थिरु वुमिदी एथिराज ने अपने भाई के साथ मिलकर 5 फीट लंबा सोने का राजदंड (सेंगोल) बनाया था, यह वही सेंगोल है जो ब्रिटिश साम्राज्य ने भारत छोड़ते वक्त आजादी की संध्या पर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को सौंपी थी। ये सेंगोल तिरुववदुराई अधीनम (एक ऐतिहासिक शैव मठ) के कहने पर तैयार किया गया था। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नई संसद में अध्यक्ष की सीट के पास रखवाया। संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थिरु वुमिदी एथिराज को सम्मानित किया था। थिरु वुम्मिदी एथिराज तमिलनाडु के चेन्नई (तब मद्रास) एक प्रतिष्ठित सोनार थे, जो आजादी के समय से बहुत प्रसिद्ध थे। वे देश की सबसे प्रतिष्ठित ज्वैलर्स ब्रांड ‘वुम्मिदी बंगारू ज्वैलर्स’ से वरिष्ठ सदस्य थे। मद्रास ज्वैलर्स एंड डायमंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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