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1. पीएम मोदी ने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की पुष्पांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित कर उज्बेकिस्तान के समृद्ध इतिहास, विरासत और राष्ट्रीय भावना को सम्मान दिया। इस दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर शनिवार को ताशकंद पहुंचे। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ताशकंद की उनकी चौथी यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों की बढ़ती गति और गहराई को दर्शाती है। पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है। उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। यहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है।
2. भारत ने अमरीका से जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत ने अमरीका के साथ जैवलिन टैंक-रोधी मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह मिसाइल कंधे से दागी जाती है। दोनों देश भारत में इसके संयुक्त उत्पादन की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत में अमरीकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने कहा कि भारतीय सेना ने जैवलिन की खरीद के लिए प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देशों के बीच करीब 292 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है। इसके तहत भारतीय सेना को करीब 60 जैवलिन एंटी-टैंक निर्देशित मिसाइलें मिलेंगी। यह खरीद आपातकालीन खरीद व्यवस्था के तहत की गई है। इन हथियारों की डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। जैवलिन एक सैनिक द्वारा ले जाकर दागी जा सकने वाली मध्यम दूरी की टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल प्रणाली है। इसे कंधे से दागा जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य टैंक और दूसरे बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करना है। इसका इस्तेमाल बंकर, किलेबंद ठिकाने और गुफाओं जैसे लक्ष्यों के खिलाफ भी किया जा सकता है। इस प्रणाली को अमेरिका के लिए लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के संयुक्त उद्यम ने विकसित और निर्मित किया है।
3. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ ‘अब तक के सबसे बड़े तेल समझौते’ की घोषणा की

अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के साथ अब तक के सबसे बड़े तेल समझौते की घोषणा की है। वेनेजुएला के साथ हुए इस समझौते से अमरीका को 65 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल के भंडार पर नियंत्रण प्राप्त हो जाएगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि यह समझौता अमरीका करदाताओं पर बिना किसी बोझ के हासिल किया गया है और इससे अमरीका के कुल तेल भंडार दोगुने से भी अधिक हो जाएंगे। अमरीकी प्रशासन का दावा है कि तेल आपूर्ति में इस वृद्धि से घरेलू गैसोलीन की कीमतें कम होंगी और वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को आर्थिक सुधार में मदद मिलेगी। यह घोषणा वेनेजुएला के तेल निर्यात पर महीनों से चल रहे अमरीकी राजनयिक दबाव, प्रतिबंधों के प्रवर्तन के बाद हुई है। यह समझौता ट्रम्प के आदेश पर किए गए अमरीकी सैन्य अभियान के नौ महीने बाद हुआ है, जिसमें वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था और उन पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाकर उन्हें अमरीका को सौंप दिया गया था।
4. कैप्टिव सौर ऊर्जा से पूरी की जाएगी दिल्ली, मेरठ नमो भारत कोरिडोर की 60 प्रतिशत ऊर्जा खपत

दिल्ली, मेरठ नमो भारत कोरिडोर की लगभग 60 प्रतिशत बिजली की ज़रूरत को अब कैप्टिव सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने एनएनआरएल-एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूबल्स लिमिटेड के साथ 110 मेगावॉट के कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस सौर संयंत्र का विकास एनएनआरएल द्वारा उत्तर प्रदेश के जालौन में किया जाएगा। संयंत्र में उत्पन्न बिजली उत्तर प्रदेश राज्य ग्रीड के माध्यम से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में स्थित एनसीआरटीसी के रिसिव सबस्टेशनों पर पहुंचाई जाएगी। एनसीआरटीसी ने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 450 करोड़ रुपये है। संयंत्र से मिलने वाली बिजली से नमों भारत कोरिडोर बिजली खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है। इस परियोजना से हर वर्ष लगभग 1 लाख 77 हजार टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सजर्न में कमी आने की संभावना है।
5. ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत बड़े अंतरराज्यीय औषधि तस्करी मामले का पर्दाफाश

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सी.बी.एन) की मध्य प्रदेश इकाई ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के अंतर्गत एक बड़े अंतरराज्यीय औषधि तस्करी मामले में 66 लाख से अधिक मनोरोगी गोलियां जब्त की हैं। यह खेप मादक औषधि और मनोरोगी पदार्थ अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत जब्त की गई है। इस अभियान में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी और एक ट्रक भी जब्त हुआ है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि सी.बी.एन ने पंजाब-हिमाचल प्रदेश गलियारे के साथ मनोरोगी दवाओं की बड़ी अवैध खेप की आवाजाही के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई।
6. NTA ने 2 डायरेक्टर एक जॉइंट डायरेक्टर अपॉइंट किया

27 अगस्त को केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर अपॉइंट किये। IPS रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर बनाया गया है। 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित सामदारिया जॉइंट डायरेक्टर होंगे। एलुरु के जिला कलेक्टर और विजयवाड़ा नगर निगम आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। रवि कुमार 2012 बैच के AGMUT कैडर के IPS अधिकारी हैं। रवि 2025 में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ओफेन्स विंग (EOW) में DCP के पद पर थे। प्रसन्ना वेंकटेश वी 2012 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर हैं। IRS अधिकारी अमित सामदारिया 2016 बैच के ऑफिसर हैं। तीनों ऑफिसर आदेश जारी होने की तारीख से तीन हफ्ते के भीतर पद संभालेंगे और 5 सालों तक अपने पद पर रहेंगे। NTA में अफसरों के बदलाव की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले के बाद से हुई। 25 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले में NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था।
7. नेपाल आपदा के बीच डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाया मदद का दायरा, 150,000 डॉलर की सहायता राशि जारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है। आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर, डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन आपूर्ति भेजी, जिसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भी शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक सामग्री प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, इसमें टेंट, 10,000 मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइजर भी शामिल थे।
8. भारत के वेलवन सेंथिलकुमार ने पीएसए बुडापेस्ट स्क्वॉश ओपन का खिताब जीता

हंगरी में आयोजित पी.एस.ए. बुडापेस्ट स्क्वैश ओपन के फाइनल में भारत के वेलवन सेंथिलकुमार ने घरेलू दावेदार बालाज़ फ़ार्कस को 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने विश्व में 18वीं वरीयता प्राप्त और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ऐन योव एनजी को 3-0 से हराया और फिर सेमीफाइनल में अपने ही देश के वीर चोटरानी को 3-2 हराकर जीत दर्ज की।
9. राष्ट्रीय खेल दिवस

मेजर ध्यानचंद की जन्मतिथि 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ध्यानचंद (ध्यान सिंह) का जन्म 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में हुआ था। उनके पिता समेश्वर सिंह ब्रिटिश भारतीय सेना में थे और इसी कारण परिवार का जीवन अलग-अलग स्थानों पर बीता। बचपन में ध्यानचंद की हॉकी में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन किशोरावस्था में सेना में शामिल होने के बाद उनके जीवन की दिशा बदल गई। वर्ष 1922 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए। यहीं उन्हें हॉकी को गंभीरता से सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। सेना के अनुशासन ने उनके खेल को नई धार दी और मैदान पर उनकी पहचान तेजी से बनने लगी। वर्ष 1926 में वह भारतीय सेना की उस टीम के सदस्य बने जिसने न्यूजीलैंड का दौरा किया। इस दौरे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके करियर को नई दिशा मिली। 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक ने ध्यानचंद को विश्व हॉकी के मंच पर स्थापित कर दिया। भारत ने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और ध्यानचंद टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। फाइनल में भारत ने नीदरलैंड्स को 3-0 से हराया। ध्यानचंद ने इस मुकाबले में दो गोल किए। 1932 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारतीय हॉकी का दबदबा और मजबूत हुआ। अमेरिका के खिलाफ भारत ने 24-1 से बड़ी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में ध्यानचंद ने आठ गोल किए, जबकि उनके छोटे भाई रूप सिंह ने सात गोल दागे। यह मुकाबला भारतीय हॉकी के इतिहास के सबसे चर्चित मैचों में शामिल हो गया। भारत ने इस ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीता और ध्यानचंद एक बार फिर टीम की सफलता के केंद्र में रहे। 1936 का बर्लिन ओलंपिक ध्यानचंद के करियर का सबसे यादगार अध्याय माना जाता है। इस बार वह भारतीय टीम के कप्तान थे। भारत ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और निर्णायक मुकाबले में उसका सामना मेजबान जर्मनी से हुआ। फाइनल में भारत ने जर्मनी को 8-1 से हराकर लगातार तीसरा ओलंपिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत सरकार ने हॉकी में ध्यानचंद के योगदान को सम्मान देते हुए वर्ष 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। लंबे समय तक भारतीय खेल जगत को प्रेरित करने के बाद ध्यानचंद का निधन 3 दिसंबर 1979 को हुआ। वर्ष 2021 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया।
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