12–14 minutes
1. भारत की राष्ट्रपति ने कटक स्थित जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 3 अगस्त 2026 को कटक, ओडिशा में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि ओडिशा ज्ञान, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सेवा की समृद्ध परंपरा की धरती रही है। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की इस पावन भूमि ने सदियों से समावेश, करुणा और मानव-कल्याण का संदेश दिया है। कटक का यह क्षेत्र भी ‘उत्कल गौरव’ मधुसूदन दास, ‘कर्मवीर’ गौरीशंकर राय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, और बीजू पटनायक जैसे महान विभूतियों की जन्म भूमि है। यह उत्कलमणि ’पंडित गोपबंधु दास और ‘उत्कल केसरी’ डॉ. हरेकृष्ण महताब की कर्मभूमि भी है।
2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता सेनानी उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में लाजपत नगर स्थित लाजपत भवन में मशहूर स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण किया। गोपबंधु दास ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था और वे एक जाने-माने पत्रकार थे, जिन्होंने 1919 में ओडिया समाचार पत्र ‘द समाज’ की शुरुआत की थी।
3. लखनऊ में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रमुखों की बैठक शुरू, ‘गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी’ पर जोर

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक सोमवार को लखनऊ में शुरू हुई। ‘परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी’ विषय पर आयोजित बैठक में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ नीति निर्माता, शिक्षाविद, विचारक, नागरिक समाज संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों समेत 350 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
4. गिरिराज सिंह ने आईआईटी दिल्ली में हैंडलूम टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का किया उद्घाटन

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को आईआईटी दिल्ली में हैंडलूम टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE-HT) का उद्घाटन किया। यह केंद्र प्रौद्योगिकी, नवाचार और शोध के माध्यम से भारत के हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर भारत के हैंडलूम क्षेत्र में नवाचार, टिकाऊपन और डिजिटल परिवर्तन को गति देने वाली पांच प्रमुख पहलों की भी शुरुआत की गई।
1. कार्यक्रम में हैंडलूम 4.0 मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई। इसके जरिए करघे की उत्पादकता, गुणवत्ता, रखरखाव और टिकाऊपन की डिजिटल निगरानी संभव होगी। इसका उद्देश्य उत्पादन प्रक्रियाओं में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाकर बुनकरों की दक्षता में सुधार करना है।
2. हैंडलूम e-विद्या को हैंडलूम पारिस्थितिकी तंत्र में क्षमता निर्माण के लिए डिजिटल लर्निंग और नॉलेज प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू किया गया। इसके माध्यम से क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण और ज्ञान संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
3. HandloomX को एक्सेलेरेटर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म के तौर पर शुरू किया गया है। यह वस्त्र मंत्रालय की 5F वैल्यू चेन में काम करने वाले स्टार्टअप्स और नवोन्मेषकों को समर्थन देगा तथा हैंडलूम क्षेत्र में तकनीक आधारित नए समाधान विकसित करने में मदद करेगा।
4. कलागृह हैंडलूम स्टूडियो (GenZ डिजाइन स्टूडियो) डिजिटल तकनीकों के जरिए प्रामाणिक हैंडलूम उत्पादों को समकालीन उपभोक्ताओं से जोड़ने पर केंद्रित है। इसमें कस्टमाइजेशन और विजुअलाइजेशन के जरिए नई पीढ़ी के ग्राहकों के लिए हैंडलूम उत्पादों को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
5. ‘थ्रेड्स ऑफ वलर’ स्थिरता आधारित पहल है, जिसके तहत वैज्ञानिक तरीके से रिसाइकिल किए गए रक्षा वस्त्रों को कुशल शिल्प तकनीकों के माध्यम से प्रीमियम हैंडलूम फैब्रिक्स में बदलने का प्रयास किया जाएगा। इससे पुनर्चक्रण और हस्तशिल्प के बीच तालमेल स्थापित करने पर जोर है।
5. ग्लाव झील अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर स्थल बनी; भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 101 हुई

अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए इसे आर्द्रभूमि संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ग्लाव झील का रामसर स्थल के रूप में चयन अरुणाचल प्रदेश के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह राज्य का पहला रामसर स्थल है। कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत स्थित ग्लाव झील पूर्वी हिमालय में एक निर्मल मीठे पानी की झील है और जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र है। यह झील बारहमासी पहाड़ी धाराओं से पोषित होती है और चारों ओर घनी वनस्पति से घिरी हुई है, जो समृद्ध वनस्पति विविधता को संरक्षित करती है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस आर्द्रभूमि में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां पाई जाती हैं, जो ग्लाव झील और इसके आसपास के परिदृश्य के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती हैं।
6. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने त्रि-सैन्य भावी युद्धकला पाठ्यक्रम के चौथे संस्करण में प्रतिभागियों को संबोधित किया

त्रि-सैन्य भावी युद्धकला पाठ्यक्रम के चौथे संस्करण का शुभारंभ 3 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में हुआ। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य व्याख्यान दिया। एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) के मार्गदर्शन में आयोजित चार सप्ताह के इस पाठ्यक्रम में तीनों सेनाओं के अधिकारियों के साथ-साथ सरकार, रक्षा उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और सामरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी भू-राजनीतिक, उभरती प्रौद्योगिकियों, संज्ञानात्मक एवं साइबर युद्ध, बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभियान, परिदृश्य निर्माण व प्रौद्योगिकी-आधारित संघर्ष जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
7. वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा, एवीएसएम, वीएसएम ने नौसेना संचालन महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया

वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में संचालित 78वें पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र रहे हैं। वे 1 जुलाई, 1991 को भारतीय नौसेना में नियुक्त हुए थे। वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ हैं। वे वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफकॉलेज के 61वें स्टाफ कोर्स के भी पूर्व छात्र हैं और उन्होंने अमेरिका के वाशिंगटन स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से उच्च कमान पाठ्यक्रम भी पूरा किया है।
8. डाक विभाग ने प्रसिद्ध कलाकार श्रीयुत सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष पर स्मारक डाक टिकट जारी किया

डाक विभाग ने बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रसिद्ध कलाकार, वास्तुकार, मूर्तिकार और लेखक दिवंगत श्री सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह टिकट केंद्रीय संचार तथा उत्तरी पूर्वी क्षेत्र विकास राज्य मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिन्हा द्वारा जारी किया गया, जिनके साथ पोस्टमास्टर जनरल (डायरेक्टर जनरल पोस्टल सर्विसेज) श्री जितेन्द्र गुप्ता, मुख्य डाकपाल महानिदेशक दिल्ली सर्कल कर्नल अखिलेश कुमार पांडेय, प्रख्यात भारतीय चित्रकार, मूर्तिकार और मुर्तिकार पद्म भूषण श्री जतिन दास, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के पूर्व निदेशक डॉ. राजीव लोचन, श्रीमती रसील गुज़्राल अंसल, गुजराल परिवार के सदस्य और अन्य गण्यमान्य अतिथि उपस्थित थे। टिकट पर दिवंगत श्री सतीश गुजराल की एक मुद्रित आकृति है जिसमें वह बैठकर हाथ में सक्रिय रूप से पेंटब्रश थामे हुए दिखाई देते हैं, जो उनकी जीवनभर की कला और रचनात्मकता के प्रति लगन का प्रतीक है। यह रचना उन्हें विचारशील मुद्रा में दर्शाती है, जो उनकी कलात्मक दृष्टि की गहराई और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।
9. विली वॉल्श ने IndiGo के CEO का कार्यभार संभाला

3 अगस्त को विली वॉल्श ने IndiGo के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) का पदभार संभाला। विली का पूरा नाम विलियम मैथ्यू वॉल्श है। वॉल्श मार्च में इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स के रिजाइन के बाद अपॉइंट किये गए हैं। वॉल्श ने 1979 में एर लिंगस में पायलट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। वॉल्श 2005 से 2011 तक ब्रिटिश एयरवेज में रहे और बाद में ब्रिटिश एयरवेज के CEO बने। वॉल्श वर्तमान में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डायरेक्टर जनरल थे। IAG के तहत आयरलैंड की एयरो लिंगस, स्पेन की आइबिरिया और ब्रिटिश की वीलिंग जैसी बड़ी एयरलाइंस आती हैं।
10. उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत यात्रा पर आए

3 अगस्त को उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत दौरे पर आए। सैदोव ने पहले दिन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। वे इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। सैदोव राजधानी में एक विशेष बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। वे इस यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत करने के प्रोटोकॉल पर 18 मार्च 1992 में साइन किये। भारत और उज्बेकिस्तान ने 27 मई को उज्बेकिस्तान के वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन में शामिल होने के सिलसिले में बाइलेटरल मार्केट एक्सेस प्रोटोकॉल पर साइन किए थे।
11. लिव-इन पार्टनर को धारा 498A के तहत कानूनी सुरक्षा

3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं/पूर्व IPC की धारा 498A के तहत कानूनी संरक्षण का अधिकार होगा। दरअसल धारा 498A विवाहित महिला को पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा की गई क्रूरता से कानूनी सुरक्षा देता है। कोर्ट ने कहा है कि क्रूरता से बचाव का अधिकार सभी को मिलना चाहिए इसे शादी तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। आर्टिकल 498A के मुताबिक, लिव इन में रहने वाले किसी भी पार्टनर को चाहे वो पुरुष हो या महिला सुरक्षा का पूरा अधिकार होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को भी घरेलू हिंसा और क्रूरता से संरक्षण मिल सकता है, बस इसमें ये देखना होगा कि मामला कानूनी मानदंडों पर सही हो। हालांकि कोर्ट ने ये साफ किया है कि इसमें सिर्फ रिश्ते का नाम नहीं, बल्कि उसकी परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। हर लिव-इन को रिश्ते की तरह नहीं माना जा सकता। ये तय करने के लिए कि सुरक्षा मिलेगी या नहीं, अदालत संबंध की प्रकृति, समय, साथ रहने की स्थिति और अन्य तथ्यों पर विचार करेगी।
12. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर पुराने कपड़ों के दान केंद्र ‘अर्पण’ का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर पुराने कपड़ों के दान केंद्र ‘अर्पण’ का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को अपने पुराने, उपयोग योग्य कपड़े दान करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे उनका पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और अपसाइक्लिंग किया जा सके। दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर ‘अर्पण’ दान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे नागरिकों के लिए इसमें भागीदारी करना और अधिक सुविधाजनक होगा।
13. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत चौथे नंबर पर

3 अगस्त को ग्लासगो में चल रहा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हुआ। भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। भारत मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा। वहीं ऑस्ट्रेलिया 70 गोल्ड समेत 171 मेडल के साथ पहले नंबर पर आया। इंग्लैंड ने कुल 110 मेडल जीते और कनाडा 62 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर रहा। भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। इसका मतलब हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए। रविवार रात को इसकी क्लोजिंग सेरेमनी हुई। उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी। इस दौरान नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस बार ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल शामिल थे, जबकि बर्मिंघम में 19 खेल खेले गए थे। बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, हॉकी, टेबल टेनिस और क्रिकेट जैसे खेल ग्लासगो गेम्स का हिस्सा नहीं थे, जिनसे 2022 में भारत को 30 पदक मिले थे। इसके अलावा भारत ने 210 खिलाड़ियों की जगह सिर्फ 123 खिलाड़ियों का दल भेजा। इनमें से 38 खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटे, यानी सक्सेस रेट 31% रहा। बर्मिंघम में यह आंकड़ा 29% था।
VISIT TO YOUR WHATSAAP CHANNEL :https://whatsapp.com/channel/0029VbC4ngW3GJOy6IXPnk1F
VISIT TO YOUR YOUTUBE CHANNEL :https://youtube.com/@guruggkwala?si=TZD9ZVm9QJLjB9ed
VISIT TO YOUR TELEGRAM :https://t.me/guruggkwala
THANKS TO SUPPORT GURUGGKWALA
