10–12 minutes
1. प्रधानमंत्री मोदी भारत की पहली हाइड्रोजन रेलगाड़ी को दिखाएंगे हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन पर जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन रेलगाड़ी को रवाना करेंगे। यह परियोजना भारतीय रेलवे की ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ पहल का हिस्सा है। इस योजना के तहत रेलवे भविष्य में 35 और हाइड्रोजन ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि विरासत (हेरिटेज) और ग्रामीण मार्गों पर चल रहे पुराने डीजल इंजनों की जगह पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराया जा सके। नई ट्रेन को 10 कोच वाले हाइड्रोजन-चालित डीईएमयू सेट के रूप में तैयार किया गया है। इसमें 682 सीटें हैं, जबकि कुल 2,600 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने इससे अधिक गति हासिल की थी लेकिन नियमित संचालन के लिए इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। चूंकि यह अभी एक पायलट परियोजना है, इसलिए इसे नियंत्रित और सावधानीपूर्वक तरीके से शुरू किया जा रहा है। श्री मोदी जींद के एकलव्य स्टेडियम में लगभग 14 हजार 700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना सहित 6 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
2. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.27 लाख करोड़ रुपए के ‘सेमीकॉन 2.0’ को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए ‘सेमीकॉन 2.0’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 1,27,500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। सेमीकॉन 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को छह प्रमुख स्तंभों पर विकसित किया जाएगा। इनमें चिप डिजाइन, मशीनों एवं सामग्रियों का विकास, अधिक फैब इकाइयों की स्थापना, एटीएमपी/ओएसएटी उद्योग को मजबूत करना, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य देश में बौद्धिक संपदा (आईपी), चिप डिजाइन और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देना है। योजना के तहत चिप डिजाइन में जुटे स्टार्टअप और उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जरूरी मशीनों, रसायनों, गैसों और अन्य सामग्रियों के अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार भारत में सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्क्रीट कंपोनेंट फैब और डिस्प्ले फैब जैसी नई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को भी प्रोत्साहित करेगी। सरकार ने बताया कि सेमीकॉन 1.0 के तहत अब तक 1.64 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली 12 विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है।
3. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी है। उत्पादन और घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए, सरकार ने मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) शुरू की है। एमपीएमएस योजना का उद्देश्य प्रौद्योगिकीय संप्रभुता हासिल करने, बड़े आर्थिक मूल्य प्राप्त करने और डिजाइन तथा अनुसंधान एवं विकास में भारतीय पेटेंट बनाने के लिए स्वदेशी ब्रांडों का निर्माण करना है। इस योजना की अवधि 5 वर्ष अर्थात् वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक है। इस योजना के तहत देश में मोबाइल फोन के विनिर्माण के लिए पात्र बिक्री पर 2.25 से 5 प्रतिशत तक की अलग-अलग दरों पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना में प्रमुख कंपोनेंट/सब-असेंबली की घरेलू सोर्सिंग से जुड़ा 1.5 प्रतिशत तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी शामिल है। भारतीय ब्रांड बनाने के लिए, उत्पाद के डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास के लिए पात्र बिक्री पर 3 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
4. गुजरात के पोरबंदर में ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा

पत्तन, पोत और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) ने जहाज निर्माण विकास योजना (एसबीडीएस) के तहत दो रणनीतिक समुद्री अवसंरचना परियोजनाओं, गुजरात के पोरबंदर जिले में एक ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर और कच्छ की खाड़ी में वाडीनार में एक अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जो वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र के रूप में उभरने की भारत की महत्वाकांक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन दोनों परियोजनाओं को जहाज निर्माण विकास योजना (एसबीडीएस) के तहत सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है, जो समुद्री अमृत काल विजन 2047 के तहत स्वदेशी जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत क्षमताओं को मजबूत करने की भारत सरकार की रणनीति का एक प्रमुख घटक है। इन स्वीकृतियों में पश्चिमी तट पर ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर की स्थापना और देश की सबसे बड़ी जहाज मरम्मत सुविधाओं में से एक के विकास के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर का विकास राष्ट्रीय जहाज निर्माण और भारी उद्योग पार्क-गुजरात (एनएसएचआईपी-गुजरात) के जरिए किया जाएगा, जो पत्तन, पोत और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) और गुजरात समुद्री बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) है।
5. कर्नाटक भारत का पहला सरकारी AI विश्वविद्यालय स्थापित करेगा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की कि राज्य भारत का पहला सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विश्वविद्यालय बनाएगा, साथ ही स्टार्टअप, रिसर्चर्स और उद्योग के लिए एक AI हब भी स्थापित करेगा। उन्होंने बेंगलुरु के बैंगलोर इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (BIEC) में ‘गूगल I/O कनेक्ट इंडिया 2026‘ का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि AI को शिक्षा में AI-आधारित टीचिंग के ज़रिए, हेल्थकेयर में शुरुआती जांच और बेहतर चिकित्सीय सहायता के ज़रिए, खेती में AI-आधारित सलाहकारी सेवाओं के ज़रिए, सरकारी सेवाओं को तेज़ी से लोगों तक पहुँचाने के लिए और छोटे व्यवसायों में AI-पावर्ड टूल्स के ज़रिए शामिल किया जाएगा। उन्होंने AI को इस पीढ़ी का सबसे अहम तकनीकी बदलाव बताया।
6. देश की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल हुई राजौरी की ऐतिहासिक भैरव यात्रा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए जानकारी दी कि राजौरी की ऐतिहासिक भैरव यात्रा को आधिकारिक रूप से भारत की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कर लिया गया है। राजौरी भैरव यात्रा जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र का सदियों पुराना और बेहद लोकप्रिय आध्यात्मिक उत्सव है, जो मुख्य रूप से होली पर्व के अवसर पर मनाया जाता है। यह यात्रा अपनी अनोखी परंपराओं और धार्मिक आस्था के लिए जानी जाती है। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि एक श्रद्धालु बाबा भैरव देव का स्वरूप धारण करता है। उसके पूरे शरीर पर काला रंग लगाया जाता है और वह भव्य शोभायात्रा का नेतृत्व करता है। यात्रा के दौरान वह श्रद्धालुओं को प्रतीकात्मक रूप से चिमटे से हल्का स्पर्श करता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इससे सौभाग्य, सुरक्षा और बाबा भैरव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
7. डीआईबीडी और पीएनबी के बीच एमओयू, बहुभाषी एआई से समावेशी डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा

इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) के डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने ‘भाषिणी फॉर सेवा/संचालन’ पहल के तहत बहुभाषी एआई आधारित बैंकिंग सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य नागरिक-केंद्रित, सुलभ और समावेशी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सहयोग के तहत पीएनबी के डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम में भाषिणी की स्वदेशी एआई आधारित भाषा प्रौद्योगिकियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे ग्राहक अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा में बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
8. भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन पहली बार अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने रूस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए उड़ान भरी। यह वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीकों के प्रदर्शन पर केंद्रित आठ महीने के मिशन के अंतर्गत उनकी पहली अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत है। सोयुज़ अंतरिक्ष यान ने कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी, जिसमें मेनन के साथ रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी थे। प्रक्षेपण के कुछ ही समय बाद अंतरिक्ष यान ऑर्बिट में पहुँच गया और लगभग तीन घंटे की दो-परिक्रमा यात्रा के बाद अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन-आई.एस.एस के प्रिचल मॉड्यूल से अपने-आप जुड़ गया। नासा के अनुसार हाल ही में पहुंचा क्रू अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने से पहले ऑर्बिटल लैबोरेटरी में लगभग आठ महीने बिताएगा।
9. 12वें ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक हैदराबाद में शुरू

भारत की 2026 की अध्यक्षता में हैदराबाद में 12वें ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की अध्यक्षता में हो रही इस उच्च स्तरीय चर्चा में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, वैश्विक कौशल का आकलन करना और गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
10. स्किल इंडिया मिशन के 11 वर्ष पूरे

स्किल इंडिया मिशन की 11वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस मिशन की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और बाज़ार की माँग के अनुरूप तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें रोज़गार, उद्यमिता और सतत आजीविका के लिए सक्षम बनाना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की 2014 की घोषणा के बाद से प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) मनाया जाता है। । जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार, बेहतर आजीविका और उद्यमिता के लिए ज़रूरी हुनर से सशक्त बनाना है।
VISIT TO YOUR WHATSAAP CHANNEL :https://whatsapp.com/channel/0029VbC4ngW3GJOy6IXPnk1F
VISIT TO YOUR YOUTUBE CHANNEL :https://youtube.com/@guruggkwala?si=TZD9ZVm9QJLjB9ed
VISIT TO YOUR TELEGRAM :https://t.me/guruggkwala
THANKS TO SUPPORT GURUGGKWALA
