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1. पीएम मोदी और साने ताकाइची ने किया मारुति सुजुकी के अत्याधुनिक संयंत्र का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया के अत्याधुनिक वाहन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान राष्ट्र को समर्पित किया गया यह प्लांट करीब 800 एकड़ में विकसित किया गया है। आधुनिक सप्लायर पार्क से लैस यह संयंत्र पूरी क्षमता से संचालित होने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माण इकाइयों में शामिल होगा। मारुति सुजुकी इंडिया इस परियोजना में कुल 35,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। फिलहाल संयंत्र में प्रतिवर्ष 5 लाख वाहनों के उत्पादन की क्षमता के साथ उत्पादन शुरू हो गया है। अगले चरण में इसकी क्षमता बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष की जाएगी। परियोजना पूरी होने पर यहां 21,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। खरखौदा प्लांट को सुजुकी के ‘स्मार्ट फैक्ट्री’ कॉन्सेप्ट के तहत इंडस्ट्री 5.0 तकनीकों के साथ विकसित किया गया है। तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि सुजुकी समूह की पहली बैटरी इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ का निर्माण विशेष रूप से मारुति सुजुकी के गुजरात स्थित संयंत्र में किया जा रहा है। यहां से इस इलेक्ट्रिक वाहन का निर्यात दुनिया के 100 देशों में किया जाएगा।
2. फ्लाइंग व्हेल्स भारत में बनाएगी मैन्युफैक्चरिंग हब

फ्रांस की एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स भारत में अपना विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करेगी। इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेरिस में कंपनी के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर निवेश और संभावित सहयोग पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के बीएलपी ग्रुप ने 2 अप्रैल 2026 को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य भारत में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करना है। दोनों कंपनियों ने एलसीए60टी एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों के लिए भारत में असेंबल करने की योजना भी पेश की थी। करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित एलसीए60टी एयरशिप एक बार में 60 टन तक माल ढोने में सक्षम है। इसका उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर, एयरोस्पेस उपकरण और अन्य भारी सामान को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह उपयोगी साबित हो सकती है।
3. हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए देश की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के साथ ही भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की

नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भारत के विमानन क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होने की घोषणा करते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि देश की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए मंजूरी प्रदान कर दी गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा विकसित तथा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित यह प्वाइंट-इन-स्पेस प्रक्रिया डीजीसीए के विनियमों तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानकों एवं अनुशंसित प्रथाओं के अनुरूप तैयार की गई है। प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) प्रक्रिया उन्नत उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है, जिससे हेलीकॉप्टर उन हेलीपोर्टों पर भी सुरक्षित और सटीक इंस्ट्रूमेंट अप्रोच कर सकते हैं, जहाँ पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग अवसंरचना उपलब्ध नहीं होती। यह प्रणाली विशेष रूप से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों तथा उन क्षेत्रों में अत्यंत लाभकारी है, जहाँ भूमि-आधारित नेविगेशन सहायता उपलब्ध नहीं होती। नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू भारत की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को लागू करने की पहल का सक्रिय रूप से नेतृत्व और बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
4. केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ आंध्र प्रदेश से किया “विकसित भारत जी‑राम जी योजना” का राष्ट्रीय शुभारंभ

आंध्र प्रदेश के तिरुपति ज़िले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से “विकसित भारत– जी राम जी योजना” का राष्ट्रीय शुभारंभ हुआ, जहाँ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री श्री पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और श्री कमलेश पासवान तथा सांसद‑विधायक और हजारों की संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, जबकि विकसित भारत-जी राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के पहले वर्ष में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95,000 करोड़ रुपए से अधिक होगी। राज्यों के योगदान के साथ कुल वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपए रहेगा। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 7.5 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की 2.86 लाख पंचायतों को हर वर्ष औसतन 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए मिलेगी।
5. श्री अनुपम मिश्रा ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण किया

श्री अनुपम मिश्रा ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का पदभार ग्रहण किया। एचसीएल में पदभार ग्रहण करने से पहले, श्री मिश्रा ने जुलाई 2020 से जून 2026 तक फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावणकोर लिमिटेड (एफएसीटी) में निदेशक (विपणन) के रूप में कार्य किया और साथ ही उन्होंने एफएसीटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
6. दिल्ली-यूपी के लिए ₹14,115 करोड़ के हाईवे और द्वारका टनल प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार ने 1 जुलाई, 2026 को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए ₹14,115 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। केंद्र सरकार ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग ₹14,115 करोड़ की लागत वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में द्वारका एक्सप्रेसवे टनल, नए फ्लाईओवर, इंटरचेंज तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण एवं उन्नयन के कार्य शामिल हैं। द्वारका टनल परियोजना का उद्देश्य दिल्ली के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करना तथा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) तक सीधी पहुंच बढ़ाना है। परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आवाजाही ज्यादा आसान होगी। ये परियोजनाएं सरकार की मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य ट्रैफिक कम करना, कनेक्टिविटी बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स कैपिसिटी बढ़ाना और रीजनल डेवलपमेंट को बेहतर करना है। इसमें द्वारका टनल का निर्माण शामिल है जो 6-लेन की होगी। ये टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज (नेल्सन मंडेला मार्ग) से जोड़ेगी। इस टनल प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹6,969 करोड़ है, ये टनल 8.1 किलोमीटर लंबी होगी। इसके अलावा कानपुर-कबरई कॉरिडोर को भी मंजूरी मिली है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की। दिल्ली की टनल परियोजना को 52 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
7. भारतीय सेना में ‘इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स’ (IBG) बना

2 जुलाई को भारतीय सेना ने भविष्य के युद्धों के लिए 5 इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (IBG) का गठन किया है। इसके साथ ही दुश्मन पर लंबी दूरी से सटीक और तीव्र मारक क्षमता सुनिश्चित करने के लिए एक फायर सपोर्ट ग्रुप ( FSG) भी बनाया गया है। इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) सेना की एक स्वतंत्र, संयुक्त एवं मिशन-ऑरिएनेटेड स्ट्रक्चर है। IBG में पैदल सेना, बख्तरबंद टैंक, तोपखाना, वायु रक्षा, इंजीनियर, सिग्नल, ड्रोन और लॉजिस्टिक्स जैसी सभी यूनिट्स को जॉइंट किया गया है। IBG का उद्देश्य कम समय में तुरंत सैनिकों की तैनाती और सीमित समय में प्रभावी सैन्य कार्रवाई करना है। साथ ही नवगठित फायर सपोर्ट ग्रुप (FSG) में लंबी दूरी के रॉकेट, मिसाइल और आधुनिक तोपखाना सिस्टम को शामिल किया गया है। ये नया स्ट्रक्चर बॉर्डर लाइन में मल्टी-डोमेन वॉरफेयर की जरूरतों के मुताबिक विकसित किया गया है। इसे सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ सुधार लीड कर रहे हैं।
8. असम में जंगली धान संरक्षण को बड़ी सफलता, बोरजुली बना जैव विविधता धरोहर स्थल

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत काम करने वाली राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण को भारत के जंगली धान (ओरिज़ा रूफ़ीपोगोन) की आनुवंशिक संपदा संरक्षण में बड़ी सफलता मिली है। यह उपलब्धि “असम के सोनितपुर जिले में जंगली धान (ओरिज़ा रूफ़ीपोगोन) का प्राकृतिक संरक्षण और प्रबंधन” परियोजना के तहत हासिल हुई है। यह परियोजना वर्ष 2022 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीपीजीआर), नई दिल्ली द्वारा असम राज्य जैव विविधता बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस परियोजना के तहत चिन्हित असम के सोनितपुर जिले का बोरजुली क्षेत्र अब राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा आधिकारिक रूप से जैव विविधता धरोहर स्थल घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि भारत में जंगली धान की विविधता के संरक्षण और जलवायु के अनुकूल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जंगली धान की प्रजातियां भविष्य में ऐसी धान किस्में विकसित करने में बेहद महत्वपूर्ण हैं जो जलवायु परिवर्तन सहन कर सकें, अधिक उत्पादन दें और पोषण के लिहाज से बेहतर हों।
9. पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा स्क्वाड की शुरुआत

पश्चिम बंगाल में नगर निगम और आयुक्त कार्यालय क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा स्क्वाड, पांच सौ पुलिस थानों में साइबर सहायता डेस्क और सभी पुलिस थानों में चौबीसों घंटे सातों दिन महिला सहायता डेस्क की शुरुआत की गई है। उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार पश्चिम बंगाल में पुलिस बल का आधुनिकीकरण कर रही है।
10. 25 जुलाई से शुरू होगा दुरंड कप, पांच मेजबान शहरों में भाग लेने वाली टीमों की घोषणा

डूरंड कप फुटबॉल का 135वां संस्करण 25 जुलाई से कोलकाता में शुरु होकर 23 अगस्त चलेगा। प्रतियोगिता के मैच रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी में खेले जाएंगे। दो क्वार्टर फाइनल, एक सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले कोलकाता में होंगे। यह पहला मौक़ा है जब डूरंड कप के मैच झारखंड की राजधानी रांची में भी रखे गए हैं। प्रतियोगिता में इंडियन सुपर लीग क्लब, आई-लीग टीम, सेना की टीम, उभरती घरेलू टीमें और विदेशी टीमें शामिल हैं। पहली बार, इस प्रतिस्पर्धा में श्रीलंका के सशस्त्र बलों की डिफेंडर्स एफसी और मेघालय प्रीमियर लीग चैंपियन नोंगकसेह स्पोर्ट्स, सोशल एंड कल्चरल क्लब भी भाग ले रहे हैं।
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