13 April 2026 Current Affairs -GurugGkwala

10–12 minutes


1. प्रख्‍यात गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन

प्रख्‍यात गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले का आज मुंबई में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आशा भोसले का करियर आठ दशक से अधिक लंबा रहा और वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए ख्यात थीं। आशा ने 14 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीत गाए। वे पॉप, गजल, शास्त्रीय संगीत जैसी शैली में गाने के लिए मशहूर थीं। आशा का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। 1943 में 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के लिए पहला गाना गाया था। आशा ने 1948 में पहला हिंदी गाना फिल्म ‘चुनरिया’ का ‘सावन आया’ गाया था। आशा ने 1960-70 के दशक में हिंदी सिनेमा में ‘कैबरे’ और ‘डिस्को’ गानों को एक नई ऊंचाई दी। आशा 1997 में ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय सिंगर बनीं। आशा को साल 2000 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड मिला। आशा को 2008 में भारत सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 2011 में आशा का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। आशा के गाए मशहूर गानों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जिसमें पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, उड़े जब-जब जुल्फें जैसे गाने शामिल हैं। आशा महशूर थियेटर एक्टर और सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। अपने अंतिम रिकॉर्डिंग में से एक में, उन्होंने ब्रिटिश वर्चुअल बैंड गोरिल्लाज़ के साथ उनके 2026 के एल्बम “द माउंटेन” में सहयोग किया, जो शोक, मृत्यु और आध्यात्मिक परिवर्तन के विषयों से प्रेरित था। यह सहयोग उनके करियर का एक सशक्त समापन था, जो शैली, भूगोल और समय की सीमाओं को पार करने की उनकी अटूट क्षमता को दर्शाता है।

2. भारतीय-उज़्बेकिस्तान सेना का 60 सदस्यीय दल दुस्तलिक के 7वें संस्करण के लिए रवाना

भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘दुस्तलिक’ के 7वें संस्करण के लिए भारतीय सेना का 60 जवानों वाला एक दल रवाना हुआ। यह अभ्यास गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया, नामंगन (उज़्बेकिस्तान) में शुरू हुआ और इस महीने की 25 तारीख तक चलेगा। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास हर साल बारी-बारी से भारत और उज़्बेकिस्तान में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों को अंजाम देने की संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाना है।

3. गारे पाल्मा सेक्टर-2 खदान से पहली कोयला रेक कोराडी थर्मल पावर स्टेशन पहुंची

महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा चलाई गई छत्तीसगढ़ के गारे पाल्मा सेक्टर-2 खदान से पहली कोयला रेलवे रेक कोराडी थर्मल पावर स्टेशन पहुंच गईमुख्‍यमंत्री और राज्‍य ऊर्जा मंत्री देवेन्‍द्र फडणवीस ने इस रेक का औपचारिक रूप से स्‍वागत किया। इस अवसर पर श्री फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना कोराड़ी संयंत्र की कोयला आपूर्ति की दक्षता बढ़ाएगी तथा राज्‍य की बिजली उत्‍पादन क्षमता को भी बल प्रदान करेगी। इस कोयला खदान के क्रियाशील होने में लगभग आठ वर्ष लगे। इस कोयला खदान की जीवन सीमा लगभग 77 वर्ष होने की आशा की जा रही है। इससे लगातार और विश्‍वसनीय कोयला आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

4. नई दिल्‍ली में ‘प्रेरणा का दायरा’ कार्यक्रम, मानव अंतरिक्ष उड़ान के 65 वर्ष पूरे होने का उत्सव

नई दिल्‍ली के नेहरू तारामंडल और प्रधानमंत्री संग्रहालय तथा पुस्‍कालय में प्रेरणा का दायरा: डेनिस मत्‍वेव के साथ मानव अंतरिक्ष उड़ान के 65 वर्ष पूरे होने का उत्‍सव, शीर्षक से एक संवादात्‍मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का उद्देश्‍य पूर्ववर्ती सोवियत संघ के यूरी गगारिन द्वारा अंतरिक्ष में, पहले मानव मिशन के 65 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाना था। रूस के अंतरिक्ष यात्री डेनिस मत्‍वेव ने इस कार्यक्रम के दौरान अपने यात्रा अनुभवों को साझा किया तथा भारतीय स्‍कूल के विद्यार्थियों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम के हिस्‍से के रूप में अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन और प्रशिक्षण को लेकर एक लघु चलचित्र का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्‍म ने अंतरिक्ष यात्रा के लंबे अभियान के दौरान शून्‍य गुरूत्‍वाकर्षण स्थितियों, जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं पर नियंत्रण स्‍थापित करने तथा शारीरिक स्‍वस्‍थता बनाए रखने के तरीकों को अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा सीखने की प्रक्रिया को दर्शाया।

5. युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘मेरा युवा भारत’ मंच के तहत राष्ट्रव्यापी नारी शक्ति युवा संसद आयोजित की

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत मंच के माध्यम से राष्ट्रव्यापी नारी शक्ति युवा संसद का आयोजन किया। यह पहल 17 क्षेत्रों में एक साथ आयोजित की गई। इसमें 7 हजार से अधिक युवतियों ने संगठित लोकतांत्रिक भागीदारी और युवा नेतृत्व वाले नीतिगत संवाद के लिए भाग लिया। इसने विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि की युवतियों को एक साथ लाकर देश की लोकतांत्रिक और विकास यात्रा के लिए विश्वसनीय और संरचित मंच का निर्माण किया। सत्र का समापन सभी 17 क्षेत्रों में एक औपचारिक प्रस्ताव पारित होने के साथ हुआ। इसमें सामूहिक रूप से संविधान (संशोधन) विधेयक 2026 का समर्थन किया गया। यह विधेयक लोकसभा की सीटों की संख्या को पांच सौ 43 से बढ़ाकर आठ सो 16 करने का प्रस्ताव करता है। इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।

6. अमरीका का सिएटल शहर स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने वाला पहला नगर निगम बना

अमरीका का सिएटल शहर स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने वाला पहला नगर निकाय बन गया है। यह प्रतिमा वेस्टलेक स्क्वायर पार्क में स्थापित की गई है। सिएटल की मेयर केटी विल्सन और सिएटल स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इसका अनावरण किया। यह प्रतिमा सिएटल के डाउनटाउन में स्थित प्रतिष्ठित “वेस्टलेक स्क्वायर” में है। यह शहर में अनूठा मिलन स्थल है, जहां प्रतिदिन 4 लाख से अधिक लोग आते हैं।

7. आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में सिल्वर जीता

13 अप्रैल को भारत के आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 मेंस सिंगल में सिल्वर जीता। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के निंगबो में खेले गए फाइनल में आयुष वर्ल्ड चैंपियन चीनी प्लेयर शी युकी से हारे। आयुष मेंस सिंगल में सिल्वर जीतने वाले भारत के पहले और 61 साल में मेडल जीतने वाले दूसरे प्लेयर हैं। बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में आयुष से पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में गोल्ड जीता था। दिनेश खन्ना बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं। आयुष ने 8 साल की उम्र में बेडमिंटन की ट्रेनिंग लेना शुरू की थी। आयुष ने 2023 में BWF वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज जीता था। आयुष ने 2025 में BWF वर्ल्ड टूर टाइटल में US ओपन सुपर 300 जीता। 2025 में आयुष वर्ल्ड रैंकिंग टॉप 30 में शामिल हुए।

8. ISSF वर्ल्ड कप में भारत का अभियान खत्म, सोनम उत्तम मस्कर रहीं पांचवें नंबर पर

सोनम उत्तम मस्कर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल में संघर्ष करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने स्पेन के ग्रेनाडा में अपना इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल अभियान एक गोल्ड मेडल के साथ समाप्त किया। सोनम ने 24-शॉट के फाइनल में 18वें शॉट के बाद 188.5 का स्कोर बनाकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। उस समय वह अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वियों से 0.8 अंक पीछे थीं। इन प्रतिद्वंद्वियों में दुनिया की नंबर एक और अंततः गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की वांग जिफेई भी शामिल थीं, जिन्होंने 252.9 अंकों के साथ फाइनल समाप्त किया। भारत ने इस साल के पहले वर्ल्ड कप चरण में मुख्य रूप से घरेलू रैंकिंग में 4 से 6 के बीच रैंक वाले निशानेबाजों को मैदान में उतारा था। भारत के सात निशानेबाज फाइनल तक पहुंचे, लेकिन प्रतियोगिता के पहले दिन केवल 10 मीटर एयर पिस्टल जोड़ी मुकेश नेलावल्ली और पलक ही गोल्ड मेडल जीत पाएभारत पदक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा, जबकि चीन आठ गोल्ड और कुल 13 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा।

9. मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस

12 अप्रैल को हर साल मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है ताकि अंतरिक्ष अन्वेषण की उपलब्धियों को सम्मानित किया जा सके। यह दिन 1961 में यूरी गगारिन की पहली मानव अंतरिक्ष यात्रा की वर्षगांठ का प्रतीक है, जिन्होंने सोवियत अंतरिक्ष यान वोस्तोक 1 में पृथ्वी की परिक्रमा की थी। इसे 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अंतरिक्ष यात्रा के महत्व को उजागर करने के लिए घोषित किया गया था। यह दिन न केवल पिछले उपलब्धियों को मान्यता देता है बल्कि मानवता के लाभ के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज के निरंतर प्रयासों को भी पहचानता है। 1969: नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन का चंद्रमा पर उतरना मानव इतिहास की एक महानतम उपलब्धि, जिसने “मानव का एक छोटा कदम, मानवता की एक विशाल छलांग” को साकार किया। भारतीय परिप्रेक्ष्य में राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा तथा ISRO द्वारा संचालित ‘मंगलयान’ और ‘चंद्रयान’ अभियानों की सफलता ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान की अग्रिम पंक्ति में स्थापित कर दिया। शुभांशु शुक्ला 2025 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुके हैं, जिससे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली।

10. महाराणा सांगा: शौर्य, स्वाभिमान और अदम्य साहस के प्रतीक

भारतीय इतिहास में जब भी शौर्य, स्वाभिमान और अदम्य साहस की चर्चा होती है, तो महाराणा सांगा का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज मिलता है। मेवाड़ के इस महान शासक ने न केवल राजपूताने की एकता को मजबूत किया, बल्कि विदेशी आक्रमणकारियों के सामने भारतीय अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 12 अप्रैल को उनकी जयंती के अवसर पर उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और स्वाभिमान का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। महाराणा सांगा का जन्म 12 अप्रैल 1482 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उनके पिता राणा रायमल थे। उनका वास्तविक नाम संग्राम सिंह था। बचपन से ही उन्हें संघर्षों का सामना करना पड़ा। राजगद्दी के लिए अपने ही भाइयों के साथ हुए संघर्ष में उन्हें गंभीर चोटें आईं। कहा जाता है कि उनके शरीर पर युद्धों के 80 से अधिक घाव थे, लेकिन उनका साहस कभी कम नहीं हुआ।

11. एक्टर जॉन नोलन का निधन

11 अप्रैल को मशहूर ब्रिटिश एक्टर जॉन नोलन का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। जॉन 2005 में आई बैटमैन बिगिन्स और पर्सन ऑफ इंटरेस्ट जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए जाने जाते थे। नोलन प्रशंसित फिल्म निर्माता क्रिस्टोफर नोलन के अंकल थे और उनकी कई फिल्मों में दिखाई भी दिए। नोलन की सबसे मशहूर फिल्मों में 2012 में द डार्क नाइट राइजेस हैं। नोलन लंदन के प्रतिष्ठित ड्रामा सेंटर से ग्रेजुएट थे और इसमें हिस्सा लेने वाले पहले स्टूडेंट थे। नोलन ने शुरुआती करियर में रिचमंड थिएटर में रोमियो का किरदार निभाया था। नोलन ने रॉयल शेक्सपियर कंपनी थियेटर के साथ भी काम किया। नोलन के स्टेज पेरफॉर्मेस में बीक्वेस्ट टू द नेशन, टेरर और द वर्ल्ड इज फुल ऑफ मैरिड मेन शामिल हैं। इसके साथ-साथ टीवी सीरीज जनरल हॉस्पिटल और एनिमी एट द डोर थियेटर में भी नोलन नजर आए।

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