14 April 2026 Current Affairs -GurugGkwala

17–22 minutes


1. मध्य प्रदेश के रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का समापन हुआ

मध्य प्रदेश के रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास को लेकर बड़े विजन पेश किए। कृषि महोत्सव का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरक की जानकारी देना, सिंचाई और बागवानी की बारीकियां बताना है। कृषि महोत्सव में किसानों को बिजनेस मार्केट और क्रेडिट सिस्टम की जानकारी भी दी गई। कृषि महोत्सव में चार सेमिनार हॉल में 20 विषयों पर किसानों से सीधे बातचीत की गई, जिसमें कृषि में AI के उपयोग से लेकर एकीकृत खेती तक के विषय शामिल थे। 11 अप्रैल को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन किया था। कृषि महोत्सव में एप और प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया :
सॉइल (मृदा) मोबाइल एप : कृषि महोत्सव में सॉइल (मृदा) मोबाइल एप लॉन्च किया, जिससे सॉइल टेस्टिंग की जा सके।
ई- फॉर्म्स प्लेटफॉर्म: कृषि महोत्सव में ई- फॉर्म्स प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया, ताकी इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों तक योजना और बाजार की जानकारी पहुंच सके।

2. टीडीबी ने के.सी. एविएशन के साथ बूस्ट इलेक्ट्रिक जंप टेक-ऑफ परियोजना पर समझौता किया

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गतप्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने गुरुग्राम स्थित के.सी. एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ बूस्ट इलेक्ट्रिक जंप टेक-ऑफ नामक परियोजना के लिए समझौता किया है। यह पहल भारत–यूके सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के तहत यूके की एआरसी एयरोसिस्टम्स लिमिटेड के साथ साझेदारी में आगे बढ़ाई जाएगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा इसका उद्देश्य मानवरहित और हल्के विमान प्लेटफार्मों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है। मंत्रालय ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में रोटरक्राफ्ट प्रोपल्शन सिस्टम को प्रमाणित करने के लिए एक समर्पित टेस्ट बेंच सुविधा स्थापित करने की योजना है, जो अगली पीढ़ी की हवाई गतिशीलता तकनीकों के परीक्षण और अनुकूलन के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के रूप में काम करेगी। मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित समाधान हाइब्रिड प्रोपल्शन तकनीकों को एकीकृत करता है, ताकि जायरोकॉप्टर और मानवरहित हवाई प्रणालियों जैसे प्लेटफॉर्म के लिए कम दूरी या लगभग ऊर्ध्वाधर टेक-ऑफ (उड़ान भरने) की क्षमताएं सक्षम हो सकें। मंत्रालय ने कहा ये तकनीक छोटी हवाई पट्टियों और बेहतर परिचालन को सक्षम बनाकर, क्षेत्रीय पहुंच, आपदा राहत, चिकित्सा निकासी, मानवरहित लॉजिस्टिक्स और निगरानी अभियानों सहित कई अभियानों में सहायक होगी।

3. हंगरी के PM विक्टर ओर्बन के 16 साल बाद सत्ता से बेदखल, विपक्ष को मिला निर्णायक बहुमत

हंगरी में चुनावी नतीजों में दिग्गज राष्ट्रवादी नेता विक्टर ओर्बन को करारी हार का सामना करना पड़ा। पिछले 16 सालों से सत्ता पर काबिज ओर्बन को हंगरी के ‘तिस्जा’ पार्टी के युवा नेता पीटर मैग्यार ने करारी शिकस्त दी है। बता दें कि, विक्टर ओर्बन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में से एक हैं। 16 साल बाद उनका सत्ता से बाहर होना ट्रंप को लगे एक झटके की तरह देखा जा रहा है।

4. सुप्रीम कोर्ट ने मतदान और चुनाव में भागीदारी के अधिकारों की कानूनी स्थिति स्पष्ट की

सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है कि वोट देने और चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि ये वैधानिक अधिकार हैं और कानून द्वारा नियंत्रित होते हैं। यह फैसला 11 अप्रैल, 2026 को राजस्थान राज्य में सहकारी समिति चुनावों से जुड़े एक मामले के दौरान आया था। न्यायालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ये अधिकार केवल ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ (Representation of the People Acts) जैसे कानूनों के दायरे में ही मौजूद हैं, और ये विभिन्न शर्तों, योग्यताओं और अयोग्यताओं के अधीन हो सकते हैं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने उस पहले से तय कानूनी स्थिति को दोहराया है कि:
वोट देने का अधिकार चुनावों में हिस्सा लेने का मौका देता है, लेकिन यह संविधान के तहत दिया गया मौलिक अधिकार नहीं है।
चुनाव लड़ने का अधिकार एक अलग अधिकार है, और इसे अलग-अलग पात्रता शर्तों के ज़रिए सीमित किया जा सकता है।
कोर्ट ने यह भी साफ़ किया है कि ये दोनों अधिकार पूरी तरह से वैधानिक अधिकार हैं; इसका मतलब है कि इन्हें संसद या राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित कानूनों के ज़रिए बनाया और नियंत्रित किया जाता है, और भारत के संविधान के भाग III (मौलिक अधिकार) के तहत इनकी कोई गारंटी नहीं दी गई है।
यह फ़ैसला राजस्थान में ज़िला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के चुनावों से जुड़े विवाद के संदर्भ में आया है। ये संघ ‘राजस्थान सहकारी समितियाँ अधिनियम, 2001’ के तहत संचालित होते हैं, जिसके अंतर्गत त्रि-स्तरीय व्यवस्था स्थापित की गई थी। इस अधिनियम के तहत उम्मीदवारों की पात्रता के मानदंड निर्धारित करने के लिए कुछ उप-नियम बनाए गए थे, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
दूध की आपूर्ति के न्यूनतम दिनों की संख्या
आपूर्ति किए गए दूध की मात्रा
सोसाइटियों की परिचालन स्थिति
और ऑडिट अनुपालन के मानक
इसके चलते, कुछ सहकारी समितियों ने राजस्थान हाई कोर्ट में इन नियमों को चुनौती दी और यह तर्क दिया कि ये नियम अनुचित थे और कानूनी प्रावधानों की सीमा से बाहर थे। सुप्रीम कोर्ट ने यह पाया है कि ये उप-नियम अयोग्यता नहीं हैं, बल्कि ये केवल पात्रता को परिभाषित करते हैं और ये समानता जैसे संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं करते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि सहकारी समितियों के आंतरिक मामलों में अदालतों को तब तक दखल नहीं देना चाहिए, जब तक कि कोई स्पष्ट गैर-कानूनी काम न हुआ हो।
कोर्ट ने यह भी गौर किया कि संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत सहकारी समितियों को आम तौर पर ‘राज्य’ नहीं माना जाता है। इसलिए, उनके आंतरिक चुनाव संबंधी मामले आमतौर पर अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र के माध्यम से न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आते हैं।

5. कर्नाटक पोस्टल सर्कल ने ISRO के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के सम्मान में विशेष डाक टिकट जारी किये

डाक विभाग, कर्नाटक पोस्टल सर्कल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए स्मारक डाक टिकट और स्मारिका पत्र जारी किए हैं। यह कार्यक्रम बेंगलुरु में आयोजित किया गया था, और यह मानव अंतरिक्ष उड़ान तथा उन्नत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को एक श्रद्धांजलि है। ये टिकट उपग्रहों से लेकर मानव मिशनों तक की प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक होंगे। यह डाक टिकट अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की यात्रा को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है। इसमें 1975 में आर्यभट्ट उपग्रह के प्रक्षेपण से लेकर आगामी महत्वाकांक्षी ‘गगनयान’ कार्यक्रम तक की यात्रा को शामिल किया गया है। यह डिज़ाइन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की निरंतर प्रगति और नवाचार की कहानी बयां करता है।इन डाक टिकटों में भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत के तत्व भी शामिल हैं, जिसमें प्रतिष्ठित ‘जंतर-मंतर’ भी है; यह देश की खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान की सुदीर्घ परंपरा का प्रतीक है।

6. एएनआरएफ विकसित कर रहा है एआई आधारित ‘सरल एआई’ प्लेटफॉर्म: विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया है कि अनुसंधान राष्ट्रीय अन्‍वेषण संस्थान -ए.एन.आर.एफ एआई आधारित प्‍लेटफॉम सरल एआई का विकास कर रहा है। यह प्‍लेटफॉर्म जटिल शोध प्रकाशनों का 18 भारतीय भाषाओं में सरलीकरण कर सोशल मीडिया के लिए सामग्री प्रदान करेगा। यह बताया गया कि ANRF ने कई ‘MAHA‘ (उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए मिशन) कार्यक्रम लॉन्च किए हैं, जो बड़े पैमाने पर मिशन-चालित पहलें हैं जो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उच्च प्रभाव वाले परिणाम प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ये कार्यक्रम अकादमिया, उद्योग और सरकार को संरचित तरीके से एक साथ लाते हैं ताकि प्रारंभिक प्रौद्योगिकी तत्परता चरण से अनुसंधान को राष्ट्रीय प्रासंगिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

7. आंध्र प्रदेश में लॉन्च होंगे क्वांटम कंप्यूटर टेस्ट बेड

आंध्र प्रदेश अब क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्व क्वांटम दिवस (14 अप्रैल) के मौके पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडूमरावती में अत्याधुनिक क्वांटम कंप्यूटर टेस्ट बेड लॉन्च करेंगे। यह पहल ‘अमरावती क्वांटम वैली’ परियोजना के तहत की जा रही है। इसके तहत एक टेस्ट बेड SRM यूनिवर्सिटी, अमरावती में और दूसरा गन्नवरम स्थित मेधा टावर्स में स्थापित किया गया है। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहांक्वांटम कंप्यूटिंग के परीक्षण और प्रमाणन (टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन) के लिए विशेष व्यवस्था होगी। ये क्वांटम सिस्टम बेहद कम तापमान (लगभग -273 डिग्री सेल्सियस) पर काम करते हैं और क्वांटम हार्डवेयर की जांच के लिए उपयोग किए जाएंगे। SRM यूनिवर्सिटी में बना ओपन-एक्सेस प्लेटफॉर्म छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा, जहां वे नई तकनीकों पर प्रयोग कर सकेंगे। इस पहल को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और डीआरडीओ जैसे प्रमुख संस्थानों का तकनीकी सहयोग मिला है।

8. कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026 नई दिल्ली में शुरू हुई

14 अप्रैल को इंडियन नेवी नई दिल्ली के नौसेना भवन में कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026 के पहले एडिशन की मेजबानी करेगी। ये 17 अप्रैल तक चलेगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी समेत ऑपरेशनल कमांडर और सीनियर नेवी ऑफिसर भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस कॉन्फ्रेंस को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन संबोधित करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य नेशनल सिक्योरिटी पर बातचीत, मैरीटाइम इंटरेस्ट, उसके डेवलपमेंट और स्ट्रैटजी को लेकर बातचीत करना और एक मंच देना है। इस कॉन्फ्रेंस में नौसेना के ऑपरेशन्स की समीक्षा की जाएगी, डेवलपमेंट के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य तीनों सेनाओं और अन्य नागरिक एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना है। कॉन्फ्रेंस में ब्लू-वॉटर क्षमताओं के विस्तार, हाईटेक ट्रेनिंग, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और युद्ध की तैयारियों और टेम्परेरी मेंटेनेंस की विस्तार से चर्चा होगी।

9. ऑस्ट्रेलिया में पहली बार महिला प्रमुख सेना संभालेंगी

13 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास में पहली बार एक महिला को सेना प्रमुख बनाने का फैसला किया है। लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कॉयल जुलाई से ये जिम्मेदारी संभालेंगी। कॉयल लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट की जगह लेंगी। 125 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को सेना प्रमुख बनाया जाएगा। 55 साल की कॉयल 1987 में सेना में शामिल हुई थीं। कॉयल ने इसके बाद ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स अकादमी से साइंस की डिग्री ली। 1992 में कॉयल रॉयल मिलिट्री कॉलेज से पास होकर रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स में शामिल हुईं। कॉयल जुलाई 2024 से ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स के स्पेस और साइबर डोमेन का हिस्सा हैं और नेशनल सपोर्ट फॉर डिफेंस को लीड कर रही हैं।

10. राजदूत प्रीति सरन तीन वर्ष के कार्यकाल हेतु संयुक्त राष्ट्र की एक अहम संस्था में पुनर्निर्वाचित

भारत ने अप्रैल 2026 मेंसंयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के तहत आने वाले निकायों के लिए चार अहम चुनावों में निर्विरोध जीत हासिल की है। ये चुनाव ‘एक्लेमेशन(acclamation) के ज़रिए हुए, जिसका मतलब है कि बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से मंज़ूरी मिलना। इसकी सबसे बड़ी बात यह रही कि अनुभवी राजनयिक प्रीति सरन को संयुक्त राष्ट्र की एक अहम समिति में फिर से चुन लिया गया। CESCR (आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर समिति) में प्रीति सरन का पुनर्चयन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पद एक व्यक्तिगत विशेषज्ञ के तौर पर संभाला जाता है, न कि किसी सरकारी प्रतिनिधि के रूप में। वे चार महत्वपूर्ण निकाय जिनमें भारत ने प्रतिनिधित्व हासिल किया है, उनमें शामिल हैं:

  • आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर समिति (CESCR)
  • विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग (CSTD)
  • गैर-सरकारी संगठनों पर समिति
  • कार्यक्रम और समन्वय समिति (CPC)

11. गुजरात पुलिस ने तैयार किया AI टूल, ड्रग्स तस्करों को जल्द मिलेगी सजा

गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और इसके साथ ही यह भारत की पहली ऐसी कानून प्रवर्तन एजेंसी बन गई है जिसने नारकोटिक्स से जुड़े मामलों के लिए इतनी उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसकी घोषणा 10 अप्रैल, 2026 को की गई थी, और इस अभिनव टूल को अधिकारियों की मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि वे NDPS (नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थ) के दायरे में आने वाले जटिल मामलों को बेहतर ढंग से संभाल सकें। हाल ही में लॉन्च किया गया यह NARIT AI, ‘रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन’ (RAG) पर आधारित एक सिस्टम है। यह AI का एक आधुनिक दृष्टिकोण है, जो पारंपरिक ‘ओपन इंटरनेट’ स्रोतों के बजाय पहले से प्रशिक्षित (pre-trained) कानूनी डेटाबेस पर निर्भर करता है। इससे उच्च सटीकता सुनिश्चित होगी और AI-जनित त्रुटियों की संभावना भी कम हो जाएगी।

12. RBI का ‘उत्कर्ष 2029’ विजन

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को उत्कर्ष 2029 ढांचे के तहत अप्रैल, 2026 से मार्च, 2029 तक की अपनी मध्यम अवधि की रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसका उद्देश्य केंद्रीय बैंक को विश्व स्तरीय बनाना और पूर्ण सेवा के रूप में स्थिति को मजबूत करना है। इस ढांचे के अंतर्गत केंद्रीय बैंक मुद्रा प्रबंधन के आधुनिकीकरण के लिए प्रोजेक्ट सा-मुद्रा जैसी दीर्घकालिक पहलों, अधिक कुशल सीमा पार भुगतानों के लिए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के विस्तार, समावेशी ऋण वितरण को सक्षम बनाने के लिए एकीकृत ऋण इंटरफेस (यूएलआई) के विस्तार और वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता व क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नियामक ढांचे विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

13. AAKA Space Studio का 3D-प्रिंटेड ‘मार्स रेडिएशन शील्ड’

अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने मंगल ग्रह पर रहने की जगहों के लिए एशिया की पहली 3D प्रिंटेड रेडिएशन शील्ड को सफलतापूर्वक विकसित और टेस्ट किया है। इस प्रोजेक्ट में MiCoB के MiCO-V 3D कंक्रीट प्रिंटिंग सिस्टम और एकेडमिक पार्टनर्स के सहयोग से एडवांस्ड रोबोटिक कंस्ट्रक्शन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इस इनोवेशन को एक बड़े पैमाने के एनालॉग स्पेस मिशन के दौरान प्रदर्शित किया गया था, और यह दिखाता है कि मंगल ग्रह पर टिकाऊ निर्माण कैसे एक हकीकत बन सकता है। इस रेडिएशन शील्ड को अंतरिक्ष यात्रियों को लाल ग्रह पर लंबे समय तक रहने के दौरान हानिकारक कॉस्मिक रेडिएशन से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मंगल ग्रह पर न तो कोई मज़बूत चुंबकीय क्षेत्र है और न ही कोई घना वायुमंडल; इसी वजह से यह खतरनाक कॉस्मिक और सौर रेडिएशन की चपेट में आसानी से आ जाता है। सही शील्डिंग के बिना, अंतरिक्ष यात्रियों को सेहत से जुड़े गंभीर खतरों का सामना करना पड़ सकता है—जिनमें रेडिएशन सिकनेस और कोशिकाओं को होने वाला लंबे समय का नुकसान शामिल है।

14. विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए रिकॉर्ड प्राइज पूल की घोषणा, विजेता को मिलेंगे 2.34 मिलियन डॉलर

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्राइज मनी में 10 प्रतिशत इजाफा किया है। आगामी विमेंस वर्ल्ड कप में 87,64,615 यूएस डॉलर की प्राइज मनी दी जाएगी। यह रकम दो साल पहले संयुक्त अरब अमीरात में हिस्सा लेने वाले 10 देशों के बीच बांटे गए 79,58,077 यूएस डॉलर से ज्यादा है, क्योंकि यह टूर्नामेंट पहली बार 12 टीमों तक बढ़ाया जा रहा है। साल 2026 के एडिशन में मेजबान इंग्लैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, स्कॉटलैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्टइंडीज शामिल होंगे। विजेता को एक बार फिर 23,40,000 यूएस डॉलर मिलेंगे, जबकि उपविजेता को 11,70,000 यूएस डॉलर मिलेंगे। सेमीफाइनल हारने वाली टीमों को 6,75,000 यूएस डॉलर मिलेंगे। प्रत्येक ग्रुप मैच जीतने पर 31,154 यूएस डॉलर का इनाम मिलेगा। आईसीसी ने एक रिलीज में बताया कि हिस्सा लेने वाली सभी 12 टीमों को कम से कम 2,47,500 यूएस डॉलर का प्राइज मिलना तय है। आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से होगी, जब इंग्लैंड बर्मिंघम के एजबेस्टन में श्रीलंका का सामना करेगा। 33 मुकाबलों का यह टूर्नामेंट 24 दिनों तक 7 वेन्यू पर खेला जाएगा, जिसमें टीमें सबसे बड़े इनाम के लिए मुकाबला करेंगी।

15. राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस 2026

हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में ‘राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन माँ के स्वास्थ्य, सुरक्षित गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मिलने वाली अच्छी देखभाल के महत्व पर ज़ोर देता है। यह दिन इस बात की भी याद दिलाता है कि माँ का स्वस्थ रहना सिर्फ़ एक निजी मामला नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। जागरूकता बढ़ाकर और नीतियों पर ध्यान केंद्रित करके, भारत अलग-अलग तरह की सहायता उपलब्ध कराकर पूरे देश में अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को लगातार मज़बूत बना रहा है। वर्ष 2026 का विषय है ‘मातृ स्वास्थ्य देखभाल में समानता: किसी भी माँ को पीछे न छोड़ना’, जो सभी महिलाओं को, उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, स्वास्थ्य देखभाल तक समान पहुँच प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर देता है।

16. जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है राष्ट्र

राष्ट्र वर्ष 1919 में पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में ब्रिटिश अधिकारी रेजिनाल्ड डायर द्वारा बेरहमी से मारे गए सैकड़ों निर्दोषों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस नरसंहार ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को और भी प्रज्वलित किया था। जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट उनकी स्मृति में 107वां शहादत दिवस मना रहा है। 1857 आंदोलन की चिंगारी ने अग्नि का रूप ले लिया। अंग्रेजों से वह आंदोलन संभाला नहीं जा रहा था, इसीलिए रोलेट एक्ट पास किया गया। इसमें अपील व दलील की कोई गुंजाइश नहीं थी। भारतीयों ने उस एक्ट का डटकर विरोध किया, उसी के तहत 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण सभा हुई थी। जनरल एडवायर ने आकर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया। उस नरसंहार में हजारों निर्दोष व निहत्थे लोगों की हत्या कर दी गई, बहुत सारे लोग घायल भी हुए। जलियांवाला बाग की घटना के बाद भारतीय, अंग्रेजों के सामने झुकने और दबने के बजाय उग्र, एकजुट और दृढ़ हो चुके थे। पूरे भारत में जंगल की आग की तरह इस निर्मम हत्याकांड की चर्चा होने लगी। युवाओं का खून खौल उठा। अगले साल यानी 1920 में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन छेड़ दिया, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई जागृति दी।

17. सियाचिन दिवस

सियाचिन दिवस (13 अप्रैल) ऑपरेशन मेघदूत की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 1984 में इसी दिन भारत ने सियाचिन ग्लेशियर पर सफलतापूर्वक सैन्य नियंत्रण स्थापित किया। काराकोरम रेंज में लगभग 20,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित, सियाचिन इस रेंज का दीर्घतम ग्लेशियर है और समग्र विश्व में सर्वाधिक ऊँचा सैन्यीकृत क्षेत्र है। काराकोरम का भाग साल्टोरो रिज, सियाचिन ग्लेशियर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। गिलगिट-बाल्टिस्तान से लेह और काराकोरम दर्रे तक के मार्गों को नियंत्रित करने की दृष्टि से सियाचिन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 1949 के कराची समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा को NJ9842 नामक बिंदु तक निर्धारित किया गया, जिसके आगे दुर्गम भूभाग के कारण रेखा को अस्पष्ट छोड़ दिया गया, जिसमें विवरण दिया गया यह “तदनंतर से उत्तर में ग्लेशियरों तक” निर्धारित है (सियाचिन, रिमो और बाल्टोरो ग्लेशियरों का उद्धरण करते हुए)। वर्ष 1972 के शिमला समझौते के बाद, नियंत्रण रेखा (LoC) को औपचारिक रूप दिया गया, लेकिन NJ9842 से आगे के क्षेत्र को इसमें शामिल नहीं किया गया। 1980 के दशक में पाकिस्तान ने साल्टोरो रिज और सियाचिन से आगे अपने दावे को वैध बनाने का प्रयास किया, जिसका उद्देश्य चीन से सीधा संपर्क और लद्दाख क्षेत्र पर रणनीतिक नियंत्रण हासिल करना था, जो भारत के लिये एक गंभीर खतरा था। 13 अप्रैल 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन मेघदूत शुरू किया, जिसके तहत बिलाफोंड ला और सिया ला जैसे प्रमुख दर्रे सहित सियाचिन ग्लेशियर और साल्टोरो रिज पर नियंत्रण स्थापित किया गया।

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