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1. पीएम नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे बड़े सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर दिया है। इससे पहले सेशेल्स की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, 25 से अधिक देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा है। 2016 से अब तक प्रधानमंत्री मोदी को एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के विभिन्न देशों से 35 अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी को मिले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में भूटान का ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ भी शामिल है, जो भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। वह यह सम्मान पाने वाले पहले विदेशी शासनाध्यक्ष बने।इसके अलावा, नाइजीरिया ने उन्हें ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद वह यह सम्मान पाने वाले दूसरे विदेशी नेता बने। इजरायल ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ प्रदान किया, जिससे वह इस सम्मान को पाने वाले पहले व्यक्ति बने।मिस्र ने उन्हें देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ से नवाजा, जिसे राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने प्रदान किया। वहीं, अमेरिका ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘लीजन ऑफ मेरिट’ सम्मान दिया। यह सम्मान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रदान किया गया था।
2. पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते, ब्रह्मोस मिसाइल आपूर्ति पर लगी मुहर

भारत और इंडोनेशिया ने मंगलवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण करार किया। इस समझौते से दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी, वहीं भारत की घरेलू रक्षा विनिर्माण (डिफेंस) इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ, जो उनकी तीन देशों की यात्रा का पहला चरण है। इंडोनेशिया ने भारत में विकसित ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने पर भी सहमति जताई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘अस्त्र’ एक ‘बियॉन्ड-विजुअल-रेंज’ मिसाइल है, जिसे तेजी से दिशा बदलने वाले दुश्मन के विमानों को ट्रैक कर नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है। भारत द्वारा इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियां भी उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। भारत इंडोनेशिया के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) विकसित करने में भी सहयोग करेगा और चुनावी तकनीक के क्षेत्र में अपना अनुभव साझा करेगा। भारत और इंडोनेशिया के बीच ये 14 एमओयू एक्सचेंज हुए-
1. शांतिपूर्ण मकसदों के लिए आउटर स्पेस की खोज और इस्तेमाल में सहयोग पर फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार
2. मेडिकल प्रोडक्ट्स रेगुलेशन के क्षेत्र में सहयोग पर सीडीएससीओ और बीपीओएम के बीच एमओयू
3. मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन की तकनीक के क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू, समुद्री रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर एमओयू का एक्सटेंशन और इम्प्लीमेंटेशन एग्रीमेंटनेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) और नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट, इंडोनेशिया के बीच एमओयू
4. टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और सर्विसेज के क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू, रिसर्च, तकनीक और इनोवेशन सहयोग पर एमओयू, हेल्थ वर्कफोर्स सहयोग पर इम्प्लीमेंटेशन एग्रीमेंट
5. भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) और इंडोनेशिया के जनरल इलेक्शन कमीशन (केपीयू) के बीच एमओयू, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग, एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौता
6. इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआईएल) और पं. क्राकाटाऊ स्टील के बीच स्ट्रेटेजिक जॉइंट वेंचर
7. रेयर अर्थ मैग्नेट के डेवलपमेंट पर नॉन-फेरस मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर (एनएफटीडीसी), मिडवेस्ट लिमिटेड और पीटी पीईआरएमआईएनएएस के बीच एमओयू
घोषणाएं-
योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता, आईएफसी-आईओआर में इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती, इंडोनेशिया को 100 टन हाई-क्वालिटी डीडब्ल्यूआर 162 गेहूं के बीज की सप्लाई, सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति के टैगोर-देवान्तारा वर्ष का स्मरणोत्सव, सिंघासरी एसईजेड, इंडोनेशिया में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बैंगलोर का ब्रांच कैंपस बनाना, इंडिया में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) आर्किटेक्चर पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (आईओएन) का लॉन्च।
3. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया

7 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी मौजूद रहे। डूरंड कप एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल चैंपियनशिप में से एक है और ये इसका 135वां संस्करण है। डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त तक पांच शहरों कोलकाता, रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी में खेला जाएगा। इसकी शुरुआत कोलकाता से होगी। इसमें छह ग्रुप विजेता और दो सर्वश्रेष्ठ उपविजेता क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगे, जो 16 अगस्त से शुरू होंगे। सेमीफाइनल 19 और 20 अगस्त को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 23 अगस्त को कोलकाता में निर्धारित है।
4. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया प्रगति परियोजना का शुभारंभ

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रगति परियोजना का शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य 20 हजार से अधिक कृषि उद्यमियों और 20 लाख किसानों को सशक्त बनाना है। यह पहल देश के प्रमुख कृषि राज्यों– मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू की जाएगी। कार्यक्रम के तहत तैयार किए जाने वाले कृषि-उद्यमी गांव स्तर पर सलाह, मिट्टी परीक्षण, मशीन सेवाएं, वित्तीय लिंक, बाजार कनेक्ट और वैकल्पिक आय के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इस पहल में भाग लेने वाले कम से कम 20% किसानों में पुनर्योजी कृषि पद्धतियों (Regenerative Agricultural Practices) को अपनाने को बढ़ावा देगी। साथ ही किसानों की आय में न्यूनतम 30% वृद्धि तथा धान, मक्का और आलू जैसी प्रमुख फसलों की उपज में 15-20% वृद्धि का लक्ष्य रखेगी।
5. संजीव जैन नॉर्थ कोरिया के नए राजदूत अपॉइंट हुए

7 जुलाई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने संजीव जैन को नॉर्थ कोरिया में भारत का अगला राजदूत अपॉइंट किया। संजीव 2008 बैच के IFS ऑफिसर हैं और वे आलियावती लोंगकुमेर की जगह लेंगे। संजीव वर्तमान में अफ्रीकन देश काबो वर्डे में भारत के राजदूत थे। इसके साथ ही उन्होंने पेरिस में भारतीय दूतावास में काम किया और श्रीलंका के कैंडी भारतीय वाणिज्य दूतावास में अपनी सेवाएं दी।
6. केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने जनजातीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक ज्ञान से संबंधित एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘ट्राइबएक्स’ का शुभारंभ किया

जनजातीय शिक्षा को डिजिटल रूप देने और भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने की एक अहम पहल के तहत, जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ‘ट्राइबएक्स’ का शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और कौशल विकास के प्रति समर्पित यह अपनी तरह का पहला डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म का शुंभारंभ जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने ओडिशा के भुवनेश्वर में ‘जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) को सशक्त बनाने’ के बारे में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान किया। सभा को संबोधित करते हुए, श्री जुएल ओराम ने कहा कि ‘ट्राइबएक्स’ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित तथा उसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के वास्तविक ज्ञान को हर जगह सीखने वालों तक पहुंचाना है।
7. अडानी डिफेंस, मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम बनाएगा

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 5 जुलाई, 2026 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा का काम शुरू किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेशनल हाईवे 27 पर पाली गांव में इसकी आधारशिला रखी। शिवपुरी की यह सुविधा भारत के प्राइवेट सेक्टर में अपनी तरह की पहली सुविधा होगी, जहाँ एक ही जगह पर कम्पोजिट प्रोपेलेंट का प्रोडक्शन, ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (TNT) का निर्माण और मिसाइल सिस्टम का समाकलन – ये सभी काम एक साथ होंगे। यह प्लांट गोला-बारूद, हाई-टेक हथियार और मिशन के लिए तैयार मिसाइलें बनाएगा, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों को सीधे मदद मिलेगी। इससे DRDO द्वारा विकसित मिसाइल सिस्टम के सफल परीक्षणों से लेकर बड़े पैमाने पर उत्पादन (सीरियल प्रोडक्शन) तक के बदलाव में भी तेज़ी आएगी। NGARM, RUDRAM-II, NASM-SR, लंबी दूरी का ग्लाइड बम ‘गौरव’ और TARA प्रणाली विकास के अधीन हैं। इस निवेश से तुरंत 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कुशल नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, साथ ही पूरे क्षेत्र में MSMEs के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।
8. मिजोरम का प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय भारत का 21वां नामित जैव विविधता भंडारगृह घोषित

भारत में जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम यूनिवर्सिटी, आइजोल के Natural History Museum (NHM) को देश का 21वां Designated Repository घोषित किया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) की सिफारिश और प्रस्ताव की समीक्षा के बाद 19 जून 2026 को इसे Biological Diversity Act, 2002 की धारा 39 के तहत Designated Repository के रूप में अधिसूचित किया। Designated Repository भारत की जैव विविधता व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां प्रमाणित जैविक नमूनों को सुरक्षित रखा जाता है। इससे वैज्ञानिक अध्ययन, प्रजातियों की पहचान और लंबे समय तक संरक्षण में मदद मिलती है। मिजोरम का NHM पौधों और जीव-जंतुओं के कई महत्वपूर्ण नमूनों को संरक्षित करेगा। इनमें टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियां, पतंगे, बीटल और तितलियां जैसी प्रजातियां शामिल होंगी। इसके अलावा यह संग्रहालय क्षेत्र में खोजी जाने वाली नई प्रजातियों के टाइप स्पेसिमेन को सुरक्षित रखने का केंद्र भी बनेगा। इससे भविष्य में वैज्ञानिक शोध और जैविक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साल 2022 में स्थापित NHM, मिजोरम यूनिवर्सिटी के तहत काम करता है। इसका स्थान Indo-Burma Biodiversity Hotspot क्षेत्र में होने के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है।
9. राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने जूट और विस्कोस के मिश्रण बनाया विशेष परिधान, राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान पहनेंगे खिलाड़ी

वस्त्र मंत्रालय ने बताया है कि राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने जूट और विस्कोस के मिश्रण से विशेष परिधान तैयार किए हैं। इन्हें राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ी और दल के सदस्य पहनेंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य टिकाऊ वस्त्रों को बढ़ावा देना और प्राकृतिक रेशों के क्षेत्र में भारत की नवाचार क्षमता को प्रदर्शित करना है। मंत्रालय ने कहा कि जूट और विस्कोस के मिश्रण से तैयार यह कपड़ा पूरी तरह जैविक रूप से नष्ट होने योग्य है और पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ टिकाऊ वस्त्र के रूप में नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है। राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भारतीय दल की आधिकारिक पोशाक के अनावरण और विदाई समारोह का नई दिल्ली में आयोजन किया गया। स्कॉटलैंड के ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होगा।
10. रोनाल्डो ने विश्व कप को कहा अलविदा

पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने स्पष्ट कर दिया है कि स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में मिली हार के साथ उनका फीफा विश्व कप का सफर समाप्त हो गया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने कहा कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप था और उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रोनाल्डो ने अपने विश्व कप करियर में 27 मैच खेलकर 11 गोल किए। वह विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। इस विश्व कप में उन्होंने तीन गोल किए, जिनमें उज्बेकिस्तान के खिलाफ 5-0 की जीत में दो गोल शामिल रहे। उन्होंने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में भी गोल किया। क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी पर किया गया उनका गोल पुर्तगाल को अंतिम-16 तक पहुंचाने में अहम साबित हुआ। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2006 में जर्मनी में अपना पहला विश्व कप खेला था। उसी टूर्नामेंट में उन्होंने ईरान के खिलाफ अपना पहला विश्व कप गोल किया और पुर्तगाल को 40 साल बाद सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 विश्व कप में भी हिस्सा लिया तथा हर संस्करण में कम से कम एक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। रोनाल्डो ने 2016 में पुर्तगाल को यूरोपीय चैम्पियनशिप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उनकी टीम ने दो बार यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी जीता। हालांकि, विश्व कप ट्रॉफी जीतने का उनका सपना अधूरा रह गया। साल 2008 में रोनाल्डो ने पहला बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता और अब तक 5 बैलन डी’ओर जीते हैं। 2011 से 2018 तक रोनाल्डो रियल मैड्रिड के इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। रोनाल्डो ने 4 UEFA चैंपियनशिप खिताब जीते।
11. पद्मश्री गिरीश भारद्वाज का निधन

7 जुलाई को ब्रिज मैन ऑफ इंडिया कहे जाने वाले डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन हो गया। वे 76 साल के थे। गिरीश एक प्रोफेशनल मैकेनिकल इंजीनियर और सोशल इनोवेशन की शुरुआत करने वाले थे। गिरीश ने 1989 में पयस्विनी नदी, कर्नाटक पर पहला सस्पेंशन फुटब्रिज बनाया था। गिरीश ने लगभग तीन दशकों में भारत के कई राज्यों में 140 से ज्यादा कम लागत वाले सस्पेंशन फुटब्रिज बनाए। गिरीश ने पुलों के जरिए दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों को स्कूल, अस्पताल और बाजारों से जोड़कर हजारों लोगों के जीवन को आसान बनाया। गिरीश को 2017 में ग्रामीण संपर्क और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
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