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1. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ट्रैवल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट इंडेक्स 2026 में भारत 31वें स्थान पर रहा

26 सितंबर, 2026 को ज़्यूरिख़ इंश्योरेंस ग्रुप के साथ मिलकर जारी किए गए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट इंडेक्स (TTDI) 2026‘ में भारत नौ पायदान ऊपर चढ़कर 110 अर्थव्यवस्थाओं में 31वें स्थान पर पहुँच गया है। जापान लगातार दूसरे साल ग्लोबल रैंकिंग में सबसे ऊपर रहा। TTDI 2026 यह देखता है कि देश लंबे समय तक चलने वाले, टिकाऊ टूरिज्म विकास को सपोर्ट करने के लिए कितने तैयार हैं। ग्लोबल टूरिज्म में ज़बरदस्त वापसी हुई है; 2025 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 1.5 अरब से ज़्यादा हो गई और इस सेक्टर का आर्थिक योगदान रिकॉर्ड $11.6 ट्रिलियन तक पहुँच गया। लेकिन रिपोर्ट कहती है कि अब असली चुनौती पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि तेज़ी से हो रहे विकास के साथ आने वाले दबाव को संभालना है। TTDI देशों को पर्यटकों की संख्या या कमाई के आधार पर रैंक नहीं करता है। इसके बजाय, यह सुरक्षा, डिजिटल तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक संसाधनों जैसे 17 पैमानों (पिलर्स) पर नीतियों और स्थितियों को मापता है, जो डेस्टिनेशन को लंबे समय तक टूरिज्म बनाए रखने में मदद करते हैं।
2. भारत और लाइबेरिया ने शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ‘ग्रुप ऑफ़ फ्रेंड्स’ की शुरुआत की

भारत और लाइबेरिया ने मिलकर “शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर मित्रों का समूह” (Group of Friends on Safety & Security of Shipping & Seafarers) नाम की एक नई बहुपक्षीय पहल शुरू की है। इस समूह की घोषणा 25 सितंबर, 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह के दौरान की गई, जिसमें दोनों देश सह-अध्यक्ष के तौर पर शामिल थे। समुद्री सुरक्षा का मतलब है जहाजों, कार्गो, चालक दल के सदस्यों और समुद्री रास्तों को समुद्री डकैती, दुर्घटनाओं, सशस्त्र हमलों और गैर-कानूनी दखल जैसे खतरों से बचाना। हाल के वर्षों में, होर्मुज जलडमरूमध्य, खाड़ी क्षेत्र, लाल सागर और काला सागर जैसे प्रमुख शिपिंग कॉरिडोर में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग मार्ग अधिक असुरक्षित और अनिश्चित हो गए हैं।
3. पूर्णरूप से पुन: उपयोग योग्य अग्निबान प्रक्षेपण यान के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के अनुसंधान

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए चेन्नई, तमिलनाडु स्थित मेसर्स अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ, स्वदेशी और पुन: उपयोग योग्य अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों की एक नई पीढ़ी के निर्माण की दिशा में भारत की यात्रा को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण यान – अग्निबान आरएलवी – का विकास करना है, ताकि इस तकनीक को टीआरएल-4 के स्तर से टीआरएल-8 तक ले जाया जा सके। वित्तीय सहायता वैकल्पिक परिवर्तनीय डिबेंचर (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रक्षेपण यान के केवल पहले चरण को पुनर्प्राप्त करने के पारंपरिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पूर्ण प्रणाली के पुन: उपयोग की दिशा में काम करना चाहती है।
4. एशियन गेम्स: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। बेहद रोमांचक और करीबी रहे इस मुकाबले में भारत ने आखिरी समय तक अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी थी। स्क्वैश में, जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने हांगकांग के टैंग मिंग होंग और ली का यी के खिलाफ मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल हारने के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता।
5. भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड

2026 एशियाई खेलों में भारत को कबड्डी में दूसरा गोल्ड मिला। पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर कमाल किया। मुकाबला कांटे का रहा। पहले हाफ में ईरान ने बढ़त हासिल कर ली थी। फिर दूसरे हाफ में टीम इंडिया की तरफ से शानदार वापसी देखने को मिली। यह एशियन गेम्स में भारत के लिए चौथा गोल्ड रहा। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में सुरूचि सिंह फोगाट और कमलजीत की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद कबड्डी की महिला टीम ने गोल्ड जीता। 1990 से 2026 तक खेले गए एशियाई खेलों के 10 इवेंट में भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने 9 बार गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। सिर्फ 2018 में भारतीय पुरुष टीम गोल्ड जीतने से चूक गई थी।
6. एशियन गेम्स: महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3पी में भारत को सिल्वर

भारत की तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। तीनों ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 1763 पॉइंट्स बनाए। चीन ने 1773 पॉइंट्स के साथ टीम गोल्ड, जबकि कजाकिस्तान ने 1754 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज जीता।
7. अभिराम सिंह ICC के एसोसिएट मेंबर अपॉइंट हुए

25 सितंबर को अभिराम सिंह यादव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की मुख्य कार्यकारी कमेटी में एसोसिएट मेंबर के प्रतिनिधि अपॉइंट हुए। वर्तमान में अभिराम वे परसातुआन क्रिकेट एसोशियन इंडोनेशिया के चेयरमैन हैं। उनका कार्यकाल जून 2027 तक रहेगा। CEC में एसोसिएट मेंबर के अन्य प्रतिनिधि में गुरदीप और अनुराग भा शामिल हैं। ICC की ये कमेटी इंटरनेशनल क्रिकेट के नियमों, कैलेंडर और व्यापारिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। अभिराम गुरुमूर्ति पलानी के ICC बोर्ड में जाने के बाद इस पद पर अपॉइंट हुए हैं। 2014 से अभिराम इंडोनेशिया क्रिकेट से जुड़े और 2023 में इंडोनेशिया क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन भी रहे।
8. टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर 4 साल का बैन

25 सितंबर को भारतीय टेनिस खिलाड़ी परिक्षित सोमानी पर डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के कारण 4 साल का बैन लगाया गया। परिक्षित पर ये बैन प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाए जाने के बाद इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के इंडिपेंडेंट ट्रिब्यूनल ने लगाया है। 26 साल के परिक्षित का 31 जुलाई 2025 को कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए ATP चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट हुआ था। परिक्षित के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ ट्रिमेटाजिडाइन पाया गया था। इसके बाद उन्हें 23 सितंबर 2025 को प्रोविजनल सस्पेंड किया गया था। परिक्षित ने फरवरी 2026 में अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य द्वारा बनाया खाना खाया था। ITIA और परिक्षित की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ट्रिब्यूनल ने फूड-कंटैमिनेशन की थ्योरी को साइनटिफिकली गलत और भरोसे के लायक नहीं माना।
9. एक्टर मुश्ताक खान का निधन

24 सितंबर को एक्टर मुश्ताक खान का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। आशिकी में दर्जी रफू मास्टर और हम हैं राही प्यार के में भगवती प्रसाद मिश्रा का उनका किरदार काफी चर्चित हुआ। मुश्ताक ने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी और साल 1980 में फिल्म अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1990 के दशक में मुश्ताक आशिकी, सड़क, साथी, हम हैं राही प्यार के, क्रांतिवीर, राजा, मेजर साब और मन जैसी फिल्मों में नजर आए। मुश्ताक ने 2007 की फिल्म वेलकम में मजनू भाई के साथी बल्लू के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद वेलकम बैक, स्त्री और स्त्री 2 जैसी फिल्मों में भी मुश्ताक नजर आए थे।
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