16–20 minutes
1. राष्ट्रपति मुर्मु की रोमानिया यात्रा में तीन समझौते, 2028 होगा ‘भारत-रोमानिया इनोवेशन वर्ष’

भारत और रोमानिया ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में सहयोग के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों पर बुखारेस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और रोमानिया के नेशनल अथॉरिटी फॉर साइंटिफिक रिसर्च के बीच 2026-2029 की अवधि के लिए विज्ञान एवं तकनीक सहयोग को लेकर हुआ। इसके तहत प्राकृतिक विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं तकनीक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। दूसरा समझौता बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी में भारतीय अध्ययन के लिए ‘इंडिया चेयर/आईसीसीआर चेयर’ की स्थापना से संबंधित है। इसका उद्देश्य शिक्षा, भारतीय भाषाओं, संस्कृति और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना है। तीसरा समझौता भारत के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा रोमानिया की नेशनल स्पोर्ट्स एजेंसी के बीच खेल सहयोग को लेकर हुआ। जिम्नास्टिक और तैराकी जैसे खेलों में रोमानिया की विशेषज्ञता को देखते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, अनुभवों के आदान-प्रदान और खेल सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की रोमानिया की राजकीय यात्रा के दौरान भारत और रोमानिया ने अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2028 को ‘भारत-रोमानिया इनोवेशन वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
2. बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रपति मुर्मु को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से किया सम्मानित

रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में आयोजित एक समारोह में बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा, शोध और वैश्विक सहयोग को मानवता के बेहतर भविष्य की आधारशिला बताते हुए भारत और रोमानिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत और रोमानिया भौगोलिक रूप से भले ही दूर हों, लेकिन दोनों देशों की सभ्यताओं के बीच लंबे समय से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि नवंबर 1926 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने बुखारेस्ट के नेशनल थिएटर में मानवता की एकता पर व्याख्यान दिया था।
3. पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी

24 जुलाई को पेपर लीक संशोधन बिल को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी। पेपर लीक संशोधन बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की भी बात कही थी। पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात छात्रों के लिए वीडियो मैसेज भी जारी किया था। इस बिल को मंजूरी 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के चलते दी गई है। नए बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान होगा। देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इस कानून 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माने की सजा है। एजेंसी दोषी होने पर 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन रहेगा। इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे।
4. केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सचिव स्तर पर बड़ा फेरबदल किया, नरेश पाल गंगवार नए शिक्षा सचिव होंगे

केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सचिवों की नियुक्ति की है। वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार नए उच्च शिक्षा सचिव होंगे। टी के अनिल कुमार स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव होंगे। आवास और शहरी मामलों के सचिव कटिकिथाला श्रीनिवास को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। केशव चंद्र खान मंत्रालय के सचिव और चंद्र भूषण कुमार श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव होंगे। सुशील कुमार लोहानी पशुपालन और दुधारू पालन विभाग के सचिव होंगे। सतेंद्र सिंह को शहरी विकास विभाग का सचिव और डी थारा को राजधानी विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। पीयूष गोयल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के महासचिव होंगे। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है।
5. मंत्रिमंडल ने रसायन पार्क योजना “भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य रसायन) को मंजूरी दी”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इस योजना के लिए कुल 3,030 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये पार्क की भीतरी अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं की स्थापना की लागत को पूरा करने और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के रूप में आवंटित किए जाएंगे। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगी। केंद्र सरकार उक्त योजना के तहत प्रत्येक पार्क के लिए संबंधित राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम 500 करोड़ रुपये का योगदान करने के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान करेगी । भव्य रसायन योजना से अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है:
*. इससे कच्चे माल की सोर्सिंग (अपस्ट्रीम), अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति (डाउनस्ट्रीम) और सहायक उद्योगों सहित संपूर्ण मूल्य श्रृंखलाओं में रासायनिक उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और माल ढुलाई और प्रबंधन लागत कम होगी।
*. साझा बुनियादी ढांचा सुविधाओं और मूलभूत उपयोगिताओं के माध्यम से, रसायन उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यह लागत योजना प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी और भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
*. इससे भारतीय रसायन उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बेहतर ढंग से एकीकृत होने में मदद मिलेगी, जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और आयात प्रतिस्थापन में सुधार होगा।
*. यह योजना पर्यावरण के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर भारतीय रसायन उद्योग के सतत विकास को बढ़ावा देगी। इस पारिस्थितिकी तंत्र में केंद्रीकृत सुविधाएं होंगी, जैसे साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र, उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा, और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना। इससे पर्यावरण नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा, जिससे उद्योग का विकास पर्यावरण के अनुकूल तरीके से होगा।
*. रसायन क्षेत्र के विकास से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे रोजगार सृजन में वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था का अधिक विकास होगा। यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
6. ‘मौसम सूचना नेटवर्क एवं डाटा प्रणाली’ का शुभारंभ

मौसम सूचना नेटवर्क एवं डेटा प्रणाली (WINDS), फसल बीमा, कृषि परामर्श तथा विभिन्न क्षेत्रों की आपदा जोखिम अनुकूलन आवश्यकताओं हेतु दीर्घकालिक हाइपरलोकल मौसम आंकड़े सृजित करने के लिए स्वचालित मौसम केंद्रों (AWS) एवं स्वचालित वर्षामापी यंत्रों (ARG) के राष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क के विकास हेतु सरकार की एक पहल है। WINDS को 7 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों (असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड) द्वारा अपनाया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 16,843 स्थलों पर इंस्टालेशन की अनुमति दे दी गई है; 1,188 स्थलों पर सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 892 AWS/ARG इंस्टाल किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2023 से प्रौद्योगिकी आधारित उपज आकलन प्रणाली (यस-टेक) लागू की गई है। इसका उद्देश्य रिमोट सेंसिंग तकनीक के जरिए निष्पक्ष और सटीक फसल उपज का आकलन करना है। शुरुआत में इसे धान और गेहूं के लिए लागू किया गया था, जबकि खरीफ 2024 से सोयाबीन को भी इसमें शामिल किया गया। इन फसलों के उपज आकलन में यस-टेक से प्राप्त आंकड़ों को अनिवार्य रूप से 30% वेटेज दिया जा रहा है।
7. अशिष कुमार इंफोसिस के अगले CEO होंगे

24 जुलाई को इंफोसिस ने आशीष कुमार दाश को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर CEO घोषित किया। आशीष 1 अप्रैल 2027 से कंपनी के CEO और MD का पद संभालेंगे। आशीष वर्तमान CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 31 मार्च 2027 को खत्म होगा। आशीष वर्तमान में इंफोसिस के ग्लोबल हेड, सर्विस यूटिलिटी हेड हैं और उनके पास इंफोसिस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। इंफोसिस की स्थापना 2 जुलाई 1981 में एनआर नारायण मूर्ती ने अपने छह संस्थापकों के साथ मिलकर की।
8. भारत का पहला ‘क्वांटम फाइनेंस हब’ आंध्र प्रदेश में बनेगा

23 जुलाई को आंध्र प्रदेश सरकार और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने पहला क्वांटम फाइनेंस हब बनाने के लिए समझौता (MoU) किया। ये फाइनेंस हब अमरावती क्वांटम वैली (AQV) में स्थापित किया जाएगा। इस हब का उद्देश्य बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती तकनीकों का उपयोग बढ़ाना है। इस हब के जरिए फाइनेंशियल धोखाधड़ी के लिए बेहतर सोल्यूशन विकसित करना है। इस हब से इंडस्ट्री, स्टार्टअप, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाना है। भारत का पहला बैंक-नेतृत्व वाला क्वांटम फाइनेंस हब है। इससे बैंकिंग क्षेत्र में AI, क्वांटम कम्प्यूटिंग और फिन-टेक इनोवेशन्न को बढ़ावा मिलेगा। ये हब बैंकिंग में साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा और वित्तीय धोखाधड़ी का पहले से पता लगाने के लिए एडवांस्ड सिस्टम विकसित करेगा।
9. चीन ने ग्रेविटी-1 वाई4 रॉकेट का प्रक्षेपण किया

चीन ने 22 जुलाई 2026 को समुद्र से रॉकेट प्रक्षेपण सफलतापूर्वक किया, जिसमें पूर्वी चीन सागर में शंघाई तट से लगभग 170 किलोमीटर दूर समुद्र से वाणिज्यिक ग्रेविटी-1 रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा गया। प्रक्षेपण बीजिंग समयानुसार सुबह 10:54 बजे एक मोबाइल प्रक्षेपण पोत से हुआ, जिसमें सवार सभी नौ उपग्रह अपने निर्धारित ग्रहपथओं में पहुंच गए। यह मिशन चीनी वाणिज्यिक अंतरिक्ष कंपनी ओरिएनस्पेस द्वारा संचालित किया गया था, जिसका प्रक्षेपण संचालन ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र के माध्यम से समन्वित किया गया था। यह ग्रेविटी-1 की कुल मिलाकर तीसरी उड़ान और इसका पहला लंबी दूरी का खुले समुद्र से प्रक्षेपण था, जो इसके पहले के दो मिशनों में उपयोग किए गए तटीय जल से काफी आगे निकल गया। चीनी अधिकारियों ने इस मिशन को देश के समन्वित समुद्र-प्रक्षेपण नेटवर्क के निर्माण और भविष्य के वाणिज्यिक मिशनों के लिए परिचालन नम्यता को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम बताया। Gravity-1 को चीन के शेडोंग प्रांत की एक प्राइवेट एयरोस्पेस कंपनी, ओरियनस्पेस (Orienspace) ने बनाया है। इस रॉकेट ने अब तक तीन उड़ानें पूरी कर ली हैं और ये सभी समुद्र में बने प्लेटफ़ॉर्म से प्रमोचन की गई थीं; इसका पहला मिशन जनवरी 2024 में और दूसरा अक्टूबर 2025 में हुआ था। इसे दुनिया के पहले ऐसे मीडियम-लिफ्ट प्रमोचन व्हीकल के तौर पर बनाया गया है जिसमें सभी सॉलिड-प्रोपेलेंट स्ट्रैप-ऑन बूस्टर का इस्तेमाल होता है; इसी वजह से ज़्यादातर आधुनिक रॉकेटों की तुलना में इसकी बनावट काफी कॉम्पैक्ट और चौड़ी है।
10. विद्युत रूप से रिचार्ज होने वाली जिंक-एयर बैटरी के लिए नई तकनीक विकसित

वैज्ञानिकों ने एक नया नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट विकसित किया है, जो विद्युत रूप से रिचार्ज होने वाली जिंक-एयर बैटरी के कैथोड की कार्यक्षमता बढ़ाने में सक्षम है। यह तकनीक भविष्य की अधिक सुरक्षित, कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल उन्नत बैटरियों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह इलेक्ट्रोलाइट तीन महीने से अधिक समय तक स्थिर रहता है और इसे सीधे जिंक-एयर बैटरी के निर्माण में उपयोग किया जा सकता है। बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण (ग्रिड-स्केल स्टोरेज) के लिए भी यह उपयुक्त है और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। अब तक जस्ते को क्षरण से बचाने के लिए महंगे संक्षारण-रोधी रसायनों का उपयोग होता था, पर इससे बैटरी में ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रियाओं की गति प्रभावित होती थी और उसकी कार्यक्षमता कम हो जाती थी। तंजावुर के सास्त्रा डीम्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस चुनौती का प्रभावी समाधान विकसित किया है। उन्होंने सामान्य इलेक्ट्रोलाइट में बहुत कम मात्रा में सामान्य सिलिका और जिंक ऑक्साइड के नैनोकण मिलाकर एक नया नैनोफ्लुइड इलेक्ट्रोलाइट तैयार किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नैनो एवं उन्नत सामग्री प्रभाग के सहयोग से किए गए इस अनुसंधान में अनावश्यक हाइड्रोजन गैस बनने की प्रक्रिया नियंत्रित की गई, जिंक के क्षरण को रोका गया और कैथोड पर ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया अधिक प्रभावी बनाई गई। इससे कम लागत में बैटरी के दोनों इलेक्ट्रोड से जुड़ी प्रमुख समस्याओं का समाधान संभव हो गया। इस तकनीक को भारतीय पेटेंट -IN570691) प्राप्त हो गया है और यह व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए तैयार है।
11. बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए दिया इस्तीफा

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। संसद अध्यक्ष हफीज उद्दीन अहमद ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया। नए राष्ट्रपति के चुनाव तक हफीज उद्दीन कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालेंगे। मोहम्मद शहाबुद्दीन अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति बने थे और अपने पांच वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति से दो वर्ष पहले ही त्यागपत्र सौंप दिया।
12. केंद्रीय मंत्रिपरिषद से रवनीत सिंह का इस्तीफ़ा स्वीकार

राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर, संविधान के अनुच्छेद-75 के खंड(2) के तहत, श्री रवनीत सिंह का केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। श्री रवनीत रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री थे।
13. भारतीय चिकित्सा पद्धति में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए NRDC और NCISM के बीच समझौता

राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (NRDC) और भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने भारतीय चिकित्सा प्रणाली में नवाचार, बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रबंधन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अनुसंधान के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता NRDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर (सेवानिवृत्त) अमित रस्तोगी और NCISM की अध्यक्ष डॉ. मनीषा कोठेकर के बीच हुआ। समझौते के तहत NCISM से संबद्ध संस्थानों और भारतीय चिकित्सा पद्धति के पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा विकसित नवाचारों और बौद्धिक संपदा की पहचान, संरक्षण, विकास और व्यावसायीकरण के लिए एक व्यापक सहयोग तंत्र तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में अनुसंधान को उद्योग और बाजार से जोड़कर नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देना है।
14. पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को मिली फिडे की अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी

भारत के महान शतरंज खिलाड़ी और पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। रूसी प्रमुख अर्काडी द्वोरकोविच को यूरोपीय संघ (ईयू) की नवीनतम प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने के कारण यह फैसला लिया गया है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोपीय संघ और उसके सहयोगी देशों ने रूस के खिलाफ कई आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाए हैं। अब ईयू ने प्रतिबंधों का 21वां पैकेज जारी किया है। इसमें 48 लोगों और 170 संस्थाओं सहित कुल 218 नए नाम जोड़े गए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी प्रतिबंध सूची मानी जा रही है।
15. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ 23वें राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत

23वें राष्ट्रमंडल खेलों -सीडब्ल्यूजी का शुभारंभ स्कॉटलैंड के ग्लासगो में एक भव्य और रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। ओवीओ हाइड्रो में महारानी कैमिला, ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और राष्ट्रमंडल खेल अध्यक्ष डोनाल्ड रुकारे की उपस्थिति में राजा चार्ल्स तृतीय ने खेलों का उद्घाटन किया। 10 दिवसीय इस आयोजन में 74 देशों की टीमें भाग लेंगी। ध्वजवाहक मीराबाई चानू और औपचारिक मशाल वाहक लवलीना बोरगोहेन के नेतृत्व में भारतीय दल ने ओवीओ हाइड्रो एरिना में प्रवेश किया, जहां खिलाड़ियों ने तिरंगे झंडे लहराए। ग्लासगो की भीड़ ने भारतीय दल का गर्मजोशी से स्वागत किया और भारतीय खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत का जश्न मनाया। उद्घाटन समारोह से पहले ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपने पदकों की शुरुआत कर दी, जब ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना को बाई मिलने के बाद सीधे महिला 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में केवल 10 खेल शामिल होंगे, जो बर्मिंघम 2022 की तुलना में नौ कम हैं। प्रतियोगिताएं आठ मील के गलियारे में स्थित चार स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। एथलेटिक्स, तैराकी, थ्री बॉय थ्री बास्केटबॉल, ट्रैक साइकिलिंग, भारोत्तोलन, बॉलिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल, बॉक्सिंग और जूडो खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा हैं। भारतीय दल में पैरा एथलेटिक्स सहित 125 सदस्य शामिल हैं।
16. आईएसएसएफ विश्व कप में संयम चमकीं, भारत को दिलाया पहला पदक

भारतीय निशानेबाज संयम ने चीन के हांगझोऊ में शुक्रवार को आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का रजत पदक जीतकर भारत का पदकों का खाता खोला। संयम ने फाइनल में 243.4 अंक हासिल किए। यह उनके करियर का दूसरा आईएसएसएफ विश्व कप पदक है। आईएसएसएफ विश्व कप में भारत का 36 सदस्यीय दल राइफल, पिस्टल और शॉटगन की व्यक्तिगत तथा मिश्रित टीम स्पर्धाओं में चुनौती पेश कर रहा है। भारतीय टीम में मनु भाकर, स्वप्निल कुसाले, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, ईशा सिंह, सुरुचि, एलावेनिल वलारिवन, सिफ्ट कौर समरा, सोनम उत्तम मस्कर, अनीश भानवाला, रायजा ढिल्लों, गनेमत सेखों और अनंत जीत सिंह नरुका जैसे प्रमुख निशानेबाज शामिल हैं।
17. आयकर दिवस

24 जुलाई 1860 को सर जेम्स विल्सन ने भारत में पहली बार इनकम टैक्स लागू किया था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (CBDT) ने पहली बार 2010 में 24 जुलाई को आधिकारिक तौर पर ‘इनकम टैक्स डे’ के रूप में मनाना शुरू किया। इनकम टैक्स डे का मकसद नागरिकों को समय पर टैक्स भरने और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के महत्व के बारे में जागरूक करना है। टैक्स से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।
VISIT TO YOUR WHATSAAAP CHANNEL :https://whatsapp.com/channel/0029VbC4ngW3GJOy6IXPnk1F
VISIT TO YOUR YOUTUBE CHANNEL :https://youtube.com/@guruggkwala?si=TZD9ZVm9QJLjB9ed
VISIT TO YOUR TELEGRAM :https://t.me/guruggkwala
THANKS TO SUPPORT GURUGGKWALA
