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1. पीएम मोदी और अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत-अमरीका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इस दौरान रूबियो ने पीएम को व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया। श्री मार्को रूबियो इस महीने की 26 तारीख को होने वाली ‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। क्वाड बैठक 26 मई को नई दिल्ली में होनी है, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी की मेजबानी करेंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना होगा। वह अमरीका से कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ का दौरा किया और मदर टेरेसा की विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
2. उद्योग और निवेश को नई उड़ान, 100 वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल पार्क के लिए गाइडलाइंस जारी

केंद्र सरकार ने देशभर में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए शुरू की गई ‘भव्य’ योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह महत्वाकांक्षी योजना भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ‘भव्य’ योजना का उद्देश्य निवेश के लिए पूरी तरह तैयार आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करना है, जिससे देश के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिले। यह योजना मेक इन इंडिया, पीएम गति शक्ति और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के सरकार के विजन के अनुरूप तैयार की गई है। सरकार ने इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों में देशभर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 33,660 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के पहले चरण में 50 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इनका चयन चुनौती आधारित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के तहत ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के औद्योगिक पार्क विकसित किए जा सकेंगे। सरकार ने भूमि के लिए न्यूनतम सीमा भी तय की है। गैर-पहाड़ी राज्यों में कम से कम 100 एकड़ जमीन जरूरी होगी, जबकि पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों में यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। वहीं, 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार किया जा सकेगा।
3. भारत और इथियोपिया ने डब्ल्यूटीओ में इथियोपिया की सदस्यता के लिए जिनेवा में द्विपक्षीय प्रवेश प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए

4. भारत और इथियोपिया ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में इथियोपिया की सदस्यता के संदर्भ में 22 मई 2026 को द्विपक्षीय प्रवेश प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर जिनेवा में आयोजित समारोह में किए गए। इस प्रोटोकॉल पर भारत की ओर से राजदूत और डब्ल्यूटीओ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. सेंथिल पांडियन सी., तथा इथियोपिया की ओर से राजदूत और संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और जिनेवा में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में इथियोपिया के स्थायी प्रतिनिधि, त्सेगाब केबेबेव डाका द्वारा हस्ताक्षर किए गए। हस्ताक्षर के बाद, प्रोटोकॉल और इसके अनुबंधों को औपचारिक रूप से डब्ल्यूटीओ सचिवालय को सौंप दिया गया और जमा करवा दिया गया। भारत ने विकासशील देशों और अल्प विकसित देशों के डब्ल्यूटीओ में प्रवेश का लगातार समर्थन किया है। डब्ल्यूटीओ की प्रवेश प्रक्रिया के तहत घरेलू आर्थिक और व्यापार नीतियों को डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप बनाना तथा मौजूदा सदस्य देशों के साथ बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताओं पर बातचीत करना आवश्यक होता है। इथियोपिया वर्तमान में अपनी प्रवेश प्रक्रिया के उन्नत चरण में है और इस संबंध में उसकी वर्किंग पार्टी की सातवीं बैठक 22–23 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी।
5. सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत भारतीय विद्यार्थी जापान का दौरा करेंगे

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने एनसीईआरटी, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के एक दल को रवाना किया। सकुरा साइंस प्रोग्राम के अंतर्गत 24 मई से 30 मई 2026 तक भारत के 56 स्कूली विद्यार्थी और 4 पर्यवेक्षक जापान की यात्रा करेंगे। इस कार्यक्रम में घाना, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। ये 56 विद्यार्थी (24 लड़के और 32 लड़कियाँ) 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों -असम, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के सरकारी विद्यालयों से हैं। ये सभी प्रतिभागी भारत सरकार की राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएस) योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता हैं। कम उम्र के विद्यार्थियों के बौद्धिक क्षितिज का विस्तार करने और उनमें वैज्ञानिक खोज की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (जेएसटी) वर्ष 2014 से ‘जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस’ का संचालन कर रही है, जिसे ‘सकुरा साइंस प्रोग्राम’ के नाम से भी जाना जाता है। भारत अप्रैल 2016 से इस कार्यक्रम में भाग ले रहा है।
6. भारत बना बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

भारत ने यूएसए को पीछे छोड़कर बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनने का गौरव हासिल किया है, जो दक्षिण एशियाई व्यापार की बदलती गतिशीलता को दर्शाता है। चीन अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि भारत द्वारा आवश्यक वस्तुओं और औद्योगिक इनपुट का निर्यात द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो (BBS) के नवीनतम व्यापार आँकड़ों के अनुसार फरवरी, 2026 तक बांग्लादेश की समग्र व्यापार रैंकिंग में भारत ने अमेरिका को बहुत मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया है। भारत का योगदान बांग्लादेश के कुल बाहरी व्यापार का 8.47% रहा, जो लगभग 123.28 अरब टका के बराबर है। अमेरिका 8.46% के साथ भारत के बहुत करीब रहा, जो लगभग 123.17 अरब टका के बराबर है। यह अंतर बेहद मामूली है, लेकिन इस आँकड़े का प्रतीकात्मक महत्त्व बहुत अधिक है। फरवरी माह में, चीन का योगदान बांग्लादेश के कुल व्यापार का लगभग 21.21% रहा, जिसका मूल्य लगभग 308.79 अरब टका है।
7. IIT Kanpur के Manindra Agrawal बने Royal Society Fellow

IIT कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल को रॉयल सोसाइटी का फेलो चुना गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन्हें वैज्ञानिकों के एक विशिष्ट समूह में शामिल करता है, जिनके काम ने आधुनिक ज्ञान को आकार दिया है; इस समूह में आइजैक न्यूटन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ शामिल हैं। अग्रवाल को सैद्धांतिक कंप्यूटर विज्ञान में उनके अग्रणी योगदान के लिए यह सम्मान मिला है, विशेष रूप से AKS प्राइमैलिटी टेस्ट के लिए, एक ऐसी बड़ी उपलब्धि जिसने गणितज्ञों के अभाज्य संख्याओं (prime numbers) के बारे में सोचने के तरीके को बदल दिया। अग्रवाल भारत के सबसे सम्मानित कंप्यूटर वैज्ञानिकों और गणितज्ञों में से एक हैं, जिन्हें मुख्य रूप से सैद्धांतिक कंप्यूटर विज्ञान, कम्प्यूटेशनल जटिलता और संख्या सिद्धांत में उनके काम के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश में जन्मे, उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर से पढ़ाई की, जहाँ बाद में वे फैकल्टी सदस्य बने और अंततः संस्थान के डायरेक्टर बने। पिछले कुछ वर्षों में, उनके शोध को प्रमुख गणितीय और कम्प्यूटेशनल समस्याओं को हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है।
8. ICAR ने बनाया AI आधारित Plant Genome Editing Platform

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (CRRI) के वैज्ञानिकों ने, ओडिशा के कटक में चावल को एक मॉडल फसल के रूप में उपयोग करते हुए, पौधों के लिए दुनिया का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-आधारित जीनोम-एडिटिंग प्लेटफ़ॉर्म, Plant-OpenCRISPR1 (POC1) विकसित और मान्य किया। यह शोध डॉ. कुतुबुद्दीन अली मोल्ला के नेतृत्व में हुआ है। इस नए प्लेटफॉर्म का नाम ‘Plant-OpenCRISPR1′ (POC1) रखा गया है। यह ‘OpenCRISPR-1’ (OC1) पर आधारित है, जो इंसानी कोशिकाओं के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किया गया एक न्यूक्लिऐज़ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तरक्की इसलिए अहम है, क्योंकि अब तक जीनोम एडिटिंग का काम बैक्टीरिया से मिलने वाले कुछ ही एंजाइम्स, जैसे Cas9 और Cas12a, पर निर्भर रहा है, लेकिन पौधों से जुड़े सिस्टम्स में अक्सर इन एंजाइम्स के इस्तेमाल में कुछ दिक्कतें आती हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म पारंपरिक Clustered Regularly Interspaced Short Palindromic Repeats (CRISPR) तकनीकों से परे, AI-डिज़ाइन किए गए एंजाइमों का उपयोग करके चावल की फसलों में उन्नत जीन नॉकआउट, बेस एडिटिंग और प्राइम एडिटिंग को सक्षम बनाता है। इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य बिना किसी बाहरी जीन को शामिल किए सटीक जीनोम एडिटिंग को सक्षम बनाकर, जलवायु-लचीली, रोग-प्रतिरोधी, उच्च-उपज वाली और पोषण से भरपूर फसल किस्में विकसित करना है।
9. ऑपरेशन नवजीवन: 33 लाख के इनामी नक्सलियों समेत 27 का सरेंडर

हाल ही में, प्रतिबंधित CPI (माओवादी) और झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के कमांडरों और स्ट्राइक स्क्वाड के सदस्यों सहित 27 माओवादियों ने ‘ऑपरेशन नवजीवन‘ के तहत रांची में झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस अभियान को झारखंड पुलिस, उसकी नक्सल विरोधी इकाई झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा (COBRA) बटालियन द्वारा अंजाम दिया गया था। यह आत्मसमर्पण झारखंड सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति‘ के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्व माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। सरकार ने वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) पर अंकुश लगाने के लिये कई उपाय भी अपनाए हैं, जिनमें समाधान (SAMADHAN) सिद्धांत, ऑपरेशन ऑक्टोपस, ऑपरेशन डबल बुल, ऑपरेशन कगार, और RCPLWEA (वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिये सड़क संपर्क परियोजना) आदि शामिल हैं।
10. ऑयल इंडिया लिमिटेड ने राजस्थान के दांडेवाला फील्ड में नया गैस भंडार खोजा

सरकारी कंपनी Oil India Limited ने राजस्थान के जैसलमेर बेसिन स्थित डांडेवाला क्षेत्र में एक नए गैस भंडार की खोज की है। कंपनी के मुताबिक, डांडेवाला फील्ड में सानू फॉर्मेशन से पहली बार प्राकृतिक गैस का प्रवाह शुरू हुआ है। परीक्षण के दौरान यहां से करीब 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (SCMD) गैस का उत्पादन दर्ज किया गया। यह कुआं लगभग 950 मीटर की गहराई तक ड्रिल किया गया था। प्रारंभिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस क्षेत्र में करीब 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (MMSCM) गैस संसाधन होने का अनुमान लगाया गया है। खास बात यह है कि डांडेवाला फील्ड में पहले से पारंपरिक गैस उत्पादन होता रहा है, लेकिन सानू फॉर्मेशन में पहली बार गैस की मौजूदगी साबित हुई है। तेल और गैस के संदर्भ में, ‘सानू फॉर्मेशन’ (Sanu Formation) राजस्थान के जैसलमेर बेसिन में पाई जाने वाली एक प्रमुख अवसादी (sedimentary) चट्टान या भूगर्भीय परत है।
11. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तोप के गोले बनाने वाले संयंत्र का किया उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के शिरडी स्थित सावली विहिर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित तोप के गोले बनाने वाले संयंत्र का उद्घाटन किया। इस परियोजना को निबे ग्रुप ने विकसित किया है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पहले रक्षा उपकरणों का आयात करता था लेकिन आने वाले कुछ समय में यह रक्षा उत्पादों का एक प्रमुख निर्यातक बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने निबे ग्रुप की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस परियोजना से अहिल्यानगर जिला रक्षा विनिर्माण का केंद्र बन गया है। इस दौरान निबे ग्रुप और इस्राएल की एक कंपनी के बीच समुद्री विमानों और ऑप्टिकल उपग्रह प्रौद्योगिकी के विकास के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। निबे के अनुसार इस संयंत्र में 155 मिमी और एल15 तोप के गोले, 120 मिमी मोर्टार, गोला, बारूद और 125 मिमी के गोले बनाए जाएंगे। इसके अलावा इसी संयंत्र में ऑप्टिकल उपग्रह, मिसाइल और रॉकेट का निर्माण भी किया जाएगा। बता दें कि इसी सप्ताह 18 एवं 19 मई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में निबे लि. ने लंबी दूरी के ‘सूर्यास्त्र’ राकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। इन परीक्षणों में 150 और 300 किमी. मारक क्षमता वाले राकेटों ने लक्ष्य पर सटीक प्रहार कर अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।
12. अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस

‘अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस’ (International Missing Children’s Day) हर साल 25 मई को दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य गुमशुदा बच्चों की तलाश, उनकी सुरक्षा और बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है। अंतर्राष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस की अमेरिका से हुई थी। 25 मई 1979 को न्यूयॉर्क शहर में छह वर्षीय इटन पैट्ज नाम का बच्चा अचानक लापता हो गया था। उसके परिवार और पुलिस ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। इस घटना ने पूरे अमेरिका को झकझोर दिया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद वर्ष 1983 में अमेरिका ने 25 मई को ‘नेशनल मिसिंग चिल्ड्रन्स डे’ के रूप में मनाना शुरू किया।
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