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1. मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 जुलाई से मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र के साथ सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति मुर्मु 20 जुलाई को मोल्दोवा पहुंचेंगी, जहां वे राष्ट्रपति माया सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता के अलावा संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसू से मुलाकात कर व्यापार मंच को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति 21 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया जाएंगी। वहां वे राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा, प्रधानमंत्री क्रिस्टिजन मिकोस्की और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति उत्तरी मैसेडोनिया की संसद और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मु 23 जुलाई से दो दिवसीय रोमानिया यात्रा पर रहेंगी। इस दौरान वे राष्ट्रपति निकुसोर डैन सहित वहां के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी, भारत-रोमानिया व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगी।
2. पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, जींद से रवाना हुई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन रेल’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के रूट पर चलेगी। हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जींद के एकलव्य स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कुछ को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र में राष्ट्र के पहले एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का भी उद्घाटन किया और कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी। उन्होंने 24-27 किलोमीटर लंबे हांसी-बरवाल ब्राउनफील्ड राजमार्ग परियोजना की भी आधारशिला रखी। मुख्य परियोजनाएं:
– दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज 1-5): 157.92 किमी लंबा, 4-लेन एक्सप्रेसवे (9,680 करोड़ रुपये)
– दिल्ली-कटरा यात्रा समय: 14 घंटे से घटकर 6 घंटे
– दिल्ली-अमृतसर यात्रा समय: 8 घंटे से घटकर 4 घंटे
– अंबाला-काला अंब राजमार्ग: 33.81 किमी, 4-लेन (NH-7 और NH-344)
– जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग: 40.60 किमी (NH-352A)
– हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला
ट्रेन की मुख्य विशेषताएं:
– 10 कोच वाली ट्रेन (2 हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार + 8 ट्रेलर कोच)
– 1200 kW हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम
– अधिकतम गति: 110 किमी/घंटा
– यात्री क्षमता: लगभग 2600
– जीरो एमिशन – केवल पानी की भाप निकलती है
– जींद में समर्पित हाइड्रोजन उत्पादन, स्टोरेज और रीफ्यूलिंग प्लांट
पूरी प्रोपल्शन सिस्टम और टेक्नोलॉजी देसी है और इसके IP राइट्स भारत के पास हैं। हाइड्रोजन प्रोडक्शन से लेकर मोटर तक पूरा सिस्टम भारत में डेवलप किया गया है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके केमिकल रिएक्शन से बिजली बनाती है। प्राइमरी एनर्जी सोर्स एक प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल (PEMFC) है। यह एक फ्यूल सेल है जो प्रोटॉन-कंडक्टिंग परफ्लूरोसल्फोनिक एसिड (PFSA) पॉलीमर मेम्ब्रेन पर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रिएक्शन से बिजली बनाता है। इस प्रोसेस से बायप्रोडक्ट के तौर पर सिर्फ़ पानी की भाप और गर्मी निकलती है। हाइड्रोजन एक हाई-एनर्जी फ्यूल है, डीजल की तुलना में 120 MJ/Kg (मेगाजूल प्रति किलोग्राम), जो 43 MJ/Kg है।
3. प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ और जलंधर में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना, यात्रियों की सुविधा में सुधार करना और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जलंधर कैंट सहित 75 पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 4,700 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 505 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक मातृ और शिशु देखभाल केंद्र और 440 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उन्नत तंत्रिका विज्ञान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन-पीएम अभिम योजना के अंतर्गत 259 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा कक्ष की आधारशिला भी रखी। श्री मोदी ने जीरकपुर-कुराली ग्रीनफील्ड राजमार्ग को भी राष्ट्र को समर्पित किया और जीरकपुर बाईपास तथा चंडीगढ़ एयरपोर्ट एयरोसिटी ग्रीनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला रखी।
4. ईसीआई ने पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया

निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में “हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना: चुनावों में मीडिया की भूमिका” विषय पर पहली अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस-2026 का आयोजन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में चुनाव भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की समवर्ती रूप से भारत में चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी हितधारकों द्वारा ऑडिट की जाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लगभग 95 करोड़ भारतीयों वाली भारत की मतदाता सूची एक जीवंत दस्तावेज है जो समय के साथ गतिशील रूप से विकसित हो रही है। मतदाता सूची तैयार करने में निहित वैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 12 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) और 15 लाख से अधिक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) “समवर्ती लेखा परीक्षकों” के रूप में इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हैं। सम्मेलन की शुरुआत संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951 और चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों में निहित पारदर्शिता उपायों, ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म और चुनावों में प्रौद्योगिकी की भूमिका, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों और चुनावों के दौरान मीडिया से संबंधित कानूनों के व्यापक अवलोकन के साथ हुई।
5. प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग होगी

18 जुलाई को भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग करेगी। स्काईरूट एयरोस्पेस का ये मिशन आगमन के नाम से ऑपरेट किया जा रहा है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष सेंटर से की जाएगी। ये रॉकेट छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा। इस मिशन में कई पेलोड ले जाए जाने की उम्मीद है। अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट के दौरान, विक्रम-1 60 डिग्री के झुकाव पर 450 किलोमीटर की कक्षा (ऑर्बिट) तक पहुंचेगा। विक्रम-1 कॉस्मोसर्व का मकसद ऑर्बिट में दुनिया के पहले ‘सॉफ्ट रोबोटिक कैप्चर सिस्टम‘ को टेस्ट करना है। इस टेक्नोलॉजी को फ्लेक्सिबल रोबोटिक आर्म्स का इस्तेमाल करके बेकार हो चुके सैटेलाइट और ऑर्बिटल मलबे को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस टेक्नोलॉजी का मकसद स्पेस इंडस्ट्री के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक – स्पेस जंक (अंतरिक्ष का कचरा) की समस्या को हल करना है। कंपनी ने कहा कि ‘मिशन आगमन‘ का मकसद उड़ान के दौरान स्काईरूट के ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल और अहम टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस को परखना भी है। विक्रम-1 स्काईरूट का दूसरा स्पेस मिशन है। इससे पहले 2022 में स्काईरूट विक्रम-S सबऑर्बिटल की भी सफल टेस्टिंग कर चुका है। विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था। कंपनी ने कहा, “विक्रम-1 टेस्ट फ़्लाइट-1 पर ले जाए जा रहे पेलोड में एक बहुत ही खास चीज है, पीएम मोदी का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड, जिस पर ‘वंदे मातरम’ लिखा है।”
6. Pitch Black 2026: भारतीय वायुसेना के राफेल विमान अभ्यास के लिए पहुंचे ऑस्ट्रेलिया

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की एक टुकड़ी युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई है। ‘पिच ब्लैक 2026’ युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा। इस युद्धाभ्यास में 20 देशों के करीब 100 जेट एयरक्राफ्ट और 2,500 से अधिक जवान हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना ने चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धाओं को युद्धाभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजा है। इस साल के आयोजन में जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के एफ-35 लाइटनिंग-2 लड़ाकू विमान और इंडोनेशिया के टी-50आई गोल्डन ईगल विमान पहली बार शामिल होंगे, जबकि फिनलैंड और स्वीडन भी पहली बार अपने जवानों के साथ इसमें हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास में अमेरिका, जापान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, भारत, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के विमान शामिल होंगे। साथ ही, न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैन्यकर्मी भी इसमें हिस्सा लेंगे।
7. अनुराग कुमार बने दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त

केंद्र सरकार ने पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के स्पेशल डायरेक्टर अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया है। इस संबंध में शुक्रवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। 1994 बैच के AGMUT कैडर के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा का स्थान लेंगे। गोलचा ने अगस्त 2025 में दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाला था। हालांकि उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 तक था, लेकिन सरकार ने उन्हें अब दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) कार्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।
8. ‘वन नेशन, वन टाइम’ की ओर बड़ा कदम, व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी आधारित IST नेटवर्क का उद्घाटन

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को बेंगलुरु के जक्कूर स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड्स लेबोरेटरी (RRSL) में ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ आधारित भारतीय मानक समय (IST) वितरण प्रदर्शन नेटवर्क का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि ‘वन नेशन, वन टाइम’ पहल के तहत शुरू किया गया यह नेटवर्क पूरे देश में एक समान, अत्यधिक सटीक और सुरक्षित समय प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए भारत को समय निर्धारण के लिए GPS जैसे विदेशी स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे देश की डिजिटल अवसंरचना (Digital Infrastructure) अधिक सुरक्षित होगी और साइबर हमलों तथा डेटा में छेड़छाड़ जैसे जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। मंत्री के अनुसार, यह उच्च-परिशुद्धता (High Precision) समय समन्वय प्रणाली शेयर बाजार, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, दूरसंचार नेटवर्क और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के सुरक्षित और सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाएगी। इस परियोजना की नोडल एजेंसी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का लीगल मेट्रोलॉजी प्रभाग है। इसे नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL), इसरो (ISRO), बीएसएनएल (BSNL) और सेबी (SEBI) के सहयोग से विकसित किया गया है। सरकार के अनुसार, यह स्वदेशी प्रणाली वैश्विक कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (UTC) मानकों के अनुरूप काम करेगी। इससे भारत की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और देश को विश्वस्तरीय समय मानक उपलब्ध होगा।
9. दमन के NAMO एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए पहली सीधी उड़ान शुरू

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने दमन के NAMO एयरपोर्ट से दमन-दिल्ली-दमन मार्ग पर पहली सीधी उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकारी क्षेत्र की एयरलाइन एलायंस एयर ने इस सेवा की शुरुआत की है, जिससे दमन को पहली बार दिल्ली से सीधा हवाई संपर्क मिला है। सरकार के अनुसार, NAMO एयरपोर्ट का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के तहत किया गया है। यह भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के एयर स्टेशन परिसर में विकसित दोहरे उपयोग (ड्यूल-यूज) वाला हवाई अड्डा है। इसके सिविल टर्मिनल की आधारशिला 25 अप्रैल 2023 को रखी गई थी और प्रधानमंत्री ने 5 जून 2026 को इसका उद्घाटन किया था।
10. पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार ने बढ़ाया PM-NAPS कार्यक्रम

केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर (North Eastern Region) के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (PM-NAPS) के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष हस्तक्षेप (Special Intervention) को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का संचालन भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE), गुवाहाटी करेगा। सरकार ने इस चरण में 30,000 युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले पायलट चरण की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। इनमें 15,000 युवाओं को पूर्वोत्तर से बाहर सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और अन्य संस्थानों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जबकि 15,000 युवाओं को पूर्वोत्तर क्षेत्र और उनके गृह राज्यों में ही अप्रेंटिसशिप उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल के लिए केंद्र सरकार ने ₹57.58 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। यह राशि PM-NAPS के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (NER) घटक के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
11. अब मिनटों में चार्ज होगी बैटरी! भारतीय वैज्ञानिकों ने विकसित की नई तकनीक

भारत के वैज्ञानिकों ने अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों के लिए एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे बैटरियां पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से चार्ज हो सकेंगी। वैज्ञानिकों ने एक नया छिद्रयुक्त (Porous) ऑर्गेनिक एनोड मटेरियल तैयार किया है, जिसकी मदद से लिथियम-आयन बैटरी सिर्फ एक मिनट से थोड़ा अधिक समय में 80% तक चार्ज हो सकती है। साथ ही, यह तकनीक लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने में भी सक्षम है। यह शोध भारतीय विज्ञान संवर्धन संघ (Indian Association for the Cultivation of Science-IACS) और एस. एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (S. N. Bose National Centre for Basic Sciences-SNBNCBS) के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से किया है। दोनों संस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत आते हैं। शोध का नेतृत्व डॉ. उर्मिमाला मैत्रा (IACS) और डॉ. प्रदीप पचफुले (SNBNCBS) ने किया। वैज्ञानिकों ने कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (Covalent Organic Framework-COF) नामक नया पदार्थ विकसित किया है, जो बैटरी के भीतर लिथियम आयनों की गति को तेज बनाता है। लिथियम आयन ही बैटरी में ऊर्जा संग्रहित और स्थानांतरित करने का काम करते हैं। आयनों की तेज आवाजाही से बैटरी कम समय में अधिक तेजी से चार्ज हो पाती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि यह नया मटेरियल केवल लिथियम आयनों ही नहीं, बल्कि सोडियम आयनों को भी प्रभावी ढंग से संग्रहित कर सकता है। इससे भविष्य में कम लागत वाली सोडियम-आयन बैटरियों के विकास का रास्ता भी खुल सकता है। सोडियम, लिथियम की तुलना में अधिक उपलब्ध और सस्ता है, इसलिए यह ऊर्जा भंडारण को और किफायती बना सकता है।
12. EPFO की ‘VISHWAS 2026’ योजना लॉन्च

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं और संगठन के बीच पेनल्टी (Damages) से जुड़े विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए ‘VISHWAS 2026’ नाम से एकमुश्त विवाद निपटान योजना शुरू की है। यह योजना 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है और छह महीने तक प्रभावी रहेगी। इस योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना, लंबित मुकदमों को कम करना और पेनल्टी से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा करना है। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन EPFO के Employer Portal पर डिजिटल सिग्नेचर (DSC) या e-Sign के माध्यम से किए जा सकेंगे। योजना के तहत चार श्रेणियों के मामलों को शामिल किया गया है
1. अदालतों में लंबित पेनल्टी/डैमेज से जुड़े मामले।
2. ऐसे मामले जिनमें पेनल्टी का अंतिम आदेश जारी हो चुका है लेकिन वसूली पूरी नहीं हुई है।
3. जिन मामलों में नोटिस जारी हो चुका है लेकिन अंतिम आदेश नहीं आया है।
4. जिन मामलों में अभी तक नोटिस भी जारी नहीं हुआ है।
14 जून 2024 से पहले की चूक के मामलों में पेनल्टी की नई दरें लागू होंगी
1. 2 महीने तक की देरी: 0.25% प्रति माह
2. 2 से 4 महीने तक: 0.50% प्रति माह
3. 4 महीने से अधिक: 1% प्रति माह
13. सरकार ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम-2022 और संशोधन अधिनियम-2025 लागू करने की अधिसूचना जारी की

सरकार ने देश में खेलों के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम, 2022 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन अधिनियम, 2025 को लागू करने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिनियम खेलों में डोपिंग को रोकने, खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत डोपिंग रोधी मानकों के अनुसार खेल प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक व्यापक वैधानिक आधार प्रदान करता है। यह अधिनियम संस्थागत स्वतंत्रता को मजबूत करता है, प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों को बढ़ाता है, विवाद समाधान तंत्र को सुव्यवस्थित करता है और भारत के डोपिंग रोधी कार्यक्रम की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को सुदृढ़ करता है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन अधिनियम, 2025 संस्थागत स्वायत्तता को मजबूत करके और डोपिंग रोधी ढांचे को विकसित हो रही अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लाकर शासन संरचना को और परिष्कृत करता है। ये संशोधन देश में डोपिंग रोधी प्रशासन की प्रभावशीलता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
14. 60 साल बाद गिर के जंगलों में ‘ग्रे हॉर्नबिल’ लौटा

गुजरात के गिर जंगलों में 60 साल से ज्यादा समय के बाद भारतीय ‘ग्रे हॉर्नबिल’ की वापसी हुई। इसे लोकल भाषा में ‘चिलोत्रो‘ के नाम से भी जाना जाता है। एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन में गिर वन क्षेत्र में इसकी उपस्थिति की पुष्टि हुई है। छह दशकों से ग्रे हॉर्नबिल प्रजाति इस क्षेत्र से गायब थी, जिसका मुख्य कारण घरों का खत्म होना था। वन विभाग अब इस दुर्लभ पक्षी की निगरानी और संरक्षण करेगा। ग्रे हॉर्नबिल बीजों के प्रसार और जंगल के घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है। 1950 और 1960 के दशक के बीच ग्रे हॉर्नबिल पूरी तरह से गायब हो चुकी थी। गिर में साल 2021-22 में 28 पक्षियों को छोड़ा गया था, जिससे उनके जीवित रहने और नए माहौल में ढलने की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा सके। 11 नर हॉर्नबिल पक्षियों में सैटेलाइट ट्रांसमीटर लगाए गए, जिससे शोधकर्ता लगातार उनकी गतिविधियों रहने की पसंद और प्रजनन व्यवहार पर नजर रख सकें।
15. टी श्रीनिवास कुमार पृथ्वी विज्ञान के सचिव अपॉइंट हुए

16 जुलाई को केंद्र सरकार ने सीनियर ओशनोग्राफर डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार तुम्मला को अर्थ साइंस मिनिस्ट्री (MoES) का नया सेक्रेटरी अपॉइंट किया। अर्थ साइंस भारत सरकार का एक प्रमुख मंत्रालय है, जो मौसम, जलवायु, महासागर, भूकंप विज्ञान और प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान और अनुसंधान के लिए काम करती है। वे इस पद पर 2 साल तक के लिए होंगे। उन्होंने 1998 में श्रीनाथ ISRO में वैज्ञानिक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी।
16. FIDE ने चेस टूर्नामेंट वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदला

14 जुलाई को FIDE ने दुनिया के सबसे बड़े चेस टूर्नामेंट वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदलने का ऐलान किया। नए नियम के मुताबिक अब शुरुआत से नॉकआउट मैच नहीं होंगे। पहले सभी खिलाड़ी स्विस लीग खेलेंगे। अब तक फिडे वर्ल्ड कप पूरी तरह नॉकआउट फॉर्मेट में खेला जाता था। 2027 से इसकी शुरुआत स्विस सिस्टम से होगी। पहले वर्ल्ड कप करीब चार हफ्ते तक चलता था। नए फॉर्मेट से प्रतियोगिता करीब एक हफ्ते छोटी हो जाएगी। सभी खिलाड़ियों को कम से कम 9 मुकाबले खेलने का मौका मिलेगा। अब हर खिलाड़ी को पूरे मुकाबले के लिए 45 मिनट मिलेंगे और हर चाल पर 30 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। स्विस चरण सिर्फ पांच दिन में पूरा होगा, जिसमें चार दिन डबल राउंड होंगे। इसके बाद राउंड ऑफ-16 से वही पुराना नॉकआउट फॉर्मेट रहेगा, जिसमें दो क्लासिकल गेम होंगे। ओपन ग्रुप में खिलाड़ियों की संख्या 206 से बढ़ाकर 224 और महिला वर्ग में 107 से बढ़ाकर 128 कर दी गई है। इसके साथ ही कुल इनामी राशि भी बढ़ाकर करीब 32 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो पहले 26 करोड़ रुपए थी। इसमें ओपन वर्ग के लिए लगभग 22 करोड़ और महिला वर्ग के लिए 10 करोड़ रुपए होंगे।
17. अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस

प्रत्येक वर्ष 17 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस वैश्विक समुदाय को न्याय, उत्तरदायित्व और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान करता है। यह दिवस वर्ष 1998 में रोम संविधि (Rome Statute) को अपनाए जाने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने अंतरराष्ट्रीय अपराधों के लिए उत्तरदायित्व तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। अनेक देशों द्वारा अनुमोदन के बाद 1 जुलाई 2002 से रोम संविधि प्रभावी हुई और उसी के आधार पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) अस्तित्व में आया। बाद में 2010 में युगांडा की राजधानी कंपाला में आयोजित समीक्षा सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 17 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
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