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1. प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उच्च स्तरीय कार्य सत्र में लिया हिस्सा

फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय कार्य सत्र में भाग लिया। “नयी साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण” विषय पर आयोजित इस बैठक में जी-7 देशों, साझेदार देशों तथा विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं का स्वागत किया।
2. गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में किशाऊ परियोजना को लेकर राज्यों में बनी सहमति

गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इसमें यमुना नदी के पुनरुद्धार के उद्देश्य से लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के बीच सहमति बनी। श्री शाह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने परियोजना के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद, किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। सहमति प्राप्त वित्तपोषण ढांचे के अंतर्गत, परियोजना के जल घटक के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत सहायता प्रदान करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत लागत छह राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विद्युत घटक की लागत साझा करने के बदले में हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।।
3. नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट दुनिया के ‘सबसे खूबसूरत’ एयरपोर्ट्स में शामिल

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 और गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 2, ‘प्रिक्स वर्साय‘ (Prix Versailles) की 2026 की दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स की लिस्ट में शामिल हुए हैं। इन दोनों एयरपोर्ट्स का संचालन भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी, अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) करती है। पेरिस स्थित ‘प्रिक्स वर्साय’ दुनिया के प्रमुख सालाना आर्किटेक्चर और डिज़ाइन अवॉर्ड्स में से एक है। ‘प्रिक्स वर्साय’ (Prix Versailles) नए बने एयरपोर्ट और टर्मिनल को उनके आधुनिक डिज़ाइन के लिए सम्मानित करता है।
4. वायु सेना स्वदेशी कामिकेज ड्रोन करेगी विकसित, 16,000 फीट की ऊंचाई पर भर सकेंगे उड़ान

भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी लंबी दूरी के स्वदेशी कामिकेज (वन-वे अटैक) ड्रोन विकसित करने के लिए एक परियोजना शुरू की है। यह ड्रोन भारतीय उद्योग के सहयोग से तैयार किए जाएंगे। वायु सेना ने वन-वे अटैक अनमैन्ड एरियल सिस्टम के लिए भारतीय कंपनियों के चयन हेतु सीमित टेंडर जारी किया है। यह कामिकेज ड्रोन परियोजना तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास सुलूर स्थित 5 बेस रिपेयर डिपो द्वारा संभाली जाएगी, जिसे इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। कामिकेज ड्रोन को ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ या ‘आत्मघाती ड्रोन’ भी कहा जाता है। ये एक तरफा (वन-वे) मानव रहित हवाई वाहन होते हैं, जो लक्ष्य क्षेत्र तक पहुंचकर दुश्मन की पहचान करते हैं और टकराकर विस्फोट कर देते हैं। रक्षा मंत्रालय के फैसले के अनुसार, इस ड्रोन प्लेटफॉर्म के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स भारतीय वायु सेना के पास रहेंगे। इसे पूरी तरह भारत में ही घरेलू कंपनियों और स्टार्टअप्स की मदद से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जाएगा। इस परियोजना से जरूरत के अनुसार तेज अपग्रेड, बदलाव और अनुकूलन संभव होगा। आईएएफ के अनुसार, यह लंबी दूरी के कामिकाजे ड्रोन 16,000 फीट तक की ऊंचाई पर काम कर सकेंगे और दिन-रात दोनों समय में संचालित होंगे।
5. WEF के 2026 टेक पायनियर्स ग्रुप में 9 भारतीय कंपनियाँ शामिल हुई

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने अपना नया 2026 टेक्नोलॉजी पायनियर्स ग्रुप जारी किया। इसमें 23 देशों की 100 शुरुआती दौर की कंपनियों को चुना गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एनर्जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, क्लाइमेट इनोवेशन, स्पेस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी इनोवेशन के ज़रिए इंडस्ट्री और समाज को बदलने का काम कर रही हैं। इस साल के टेक्नोलॉजी ग्रुप की लिस्ट में कुल 9 भारतीय स्टार्ट-अप शामिल थे (जबकि 2025 की लिस्ट में 10 स्टार्ट-अप थे)। इसके साथ ही, WEF के ग्रुप में शामिल भारतीय कंपनियों की कुल संख्या 28 हो गई है, जिनमें अग्निकुल कॉसमॉस, क्रॉपिन, दिगंतारा और अन्य शामिल हैं।
2026 टेक्नोलॉजी पायनियर्स ग्रुप: भारतीय स्टार्टअप्स
Bellatrix Aerospace – एडवांस्ड सैटेलाइट प्रोपल्शन सिस्टम बनाती है।
Dhruva Space – एंड-टू-एंड स्पेस इंजीनियरिंग समाधान देती है।
OrbitAID – ऑर्बिट में सैटेलाइट की सर्विसिंग और रीफ्यूलिंग के लिए टेक्नोलॉजी बनाती है। Sarla Aviation – शहरी आवाजाही के लिए इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी डिज़ाइन कर रही है। Varaha – टेक्नोलॉजी पर आधारित क्लाइमेट और कार्बन हटाने वाले समाधान विकसित करती है।
Autonomize AI – हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती है।
Airbound – बहुत हल्के और कुशल ड्रोन डिलीवरी टेक्नोलॉजी में इनोवेशन करती है। BorderPlus – सुरक्षित नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर ध्यान देती है।
2026 की लिस्ट में सबसे ज़्यादा टेक-स्टार्टअप अमेरिका (USA) के हैं (43 स्टार्ट-अप); इसके बाद चीन (10), भारत (9) और यूनाइटेड किंगडम (UK) (8) का नंबर आता है।
6. CPPI 2025 में JNPA बना भारत का सर्वश्रेष्ठ कंटेनर पोर्ट

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (CPPI) 2025 में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला कंटेनर पोर्ट बनकर उभरा है। इसे वर्ल्ड बैंक और S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस ने मिलकर जारी किया है। कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (CPPI) का यह एडिशन लगातार छठे साल पब्लिश हो रहा है। इस बार JNPA ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार करते हुए 22वाँ स्थान हासिल किया है और कंटेनर हैंडलिंग की क्षमता में अपनी लीडरशिप को फिर से साबित किया है। CPPI 2025 ने JNPA को लगातार एक और साल भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला कंटेनर पोर्ट माना है। वर्ल्ड बैंक कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2025: भारत के शीर्ष बंदरगाहों की रैंकिंग
जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी: 22वाँ स्थान
पिपावाव पोर्ट: 28वाँ स्थान
मुंद्रा पोर्ट: 30वाँ स्थान
कांडला: 82वाँ स्थान
कामराजार: 85वाँ स्थान
विशाखापत्तनम पोर्ट: 104वाँ स्थान
7. जगन्नाथ मंदिर ट्रेडमार्क हासिल करने वाला देश का पहला मंदिर बना

किसी भारतीय धार्मिक स्थल के लिए पहली बार, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने अहम शब्दों और प्रतीकों के लिए ट्रेडमार्क सुरक्षा हासिल की है। सुरक्षित किए गए शब्द (खास शब्दों की सुरक्षा) पतितपावन (गिरे हुओं का उद्धारक) और आनंद बाजार (मंदिर के अंदर पवित्र महाप्रसाद खाने की जगह) हैं। सुरक्षित किया गया लोगो (विज़ुअल प्रतीकों/डिज़ाइन की सुरक्षा) नीलाचक्र (मंदिर के शिखर पर लगी पवित्र आठ-तीलियों वाली धातु की डिस्क) है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा कि मंदिर प्रशासन ने देखा था कि कुछ लोग और संस्थाएँ इन पवित्र धार्मिक नामों और प्रतीकों का इस्तेमाल कमर्शियल मकसद के लिए कर रहे थे। इनके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए, मंदिर प्रबंधन समिति ने भगवान जगन्नाथ से गहराई से जुड़े शब्दों और प्रतीकों के लिए ट्रेडमार्क सुरक्षा हासिल करने का फ़ैसला किया और मुख्य प्रशासक को ज़रूरी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया। इसके तहत, प्रशासन ने जगन्नाथ परंपरा से जुड़े 29 नामों, शब्दों और प्रतीकों के ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। पाधी ने कहा कि पहले चरण में, नीलाचक्र लोगो और “आनंद बाज़ार” व “पतितपावन” वर्डमार्क के लिए लोगोमार्क रजिस्ट्रेशन मंज़ूर किया गया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा यह घोषणा किए जाने के एक दिन बाद हुआ है कि दीघा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से ‘धाम’ का निशान हटा दिया जाएगा; इस मंदिर का उद्घाटन पिछले साल अप्रैल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था।
8. रक्षा मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश और झारखंड के लिए दो नए राष्ट्रीय कैडेट कोर को मंजूरी दी

रक्षा मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश और झारखंड के लिए दो नए राष्ट्रीय कैडेट कोर राज्य निदेशालयों के गठन को मंजूरी दे दी है। इससे देश में कोर के राज्य निदेशालयों की संख्या बढ़कर 19 हो जाएगी। नए राज्य निदेशालयों के गठन से इन राज्यों के युवाओं को राष्ट्रीय कैडेट कोर में प्रशिक्षण लेने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
10. ‘त्रिपुरा सारिंदा’ को मिला जीआई टैग

त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘त्रिपुरा सारिंदा’ को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’-जीआई टैग मिलने से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहन मिला है। लकड़ी और तारों से बना यह वाद्ययंत्र राज्य के मूल समुदायों और आदिवासियों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, जो अपनी विशेष कारीगरी और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। उम्मीद है कि जीआई टैग मिलने से त्रिपुरा की लोक परंपराओं को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, साथ ही इस वाद्ययंत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलेगी।
11. 1 जुलाई से आंध्र प्रदेश में ‘वीबी-जीरामजी’ होगा शुरू

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)- वीबी-जीरामजी की 1 जुलाई को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत होगी। श्री चौहान ने नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ हुई बैठक के दौरान यह बातें कही।
12. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने डब्ल्यूटी-मारुत पोर्टल का शुभारंभ किया

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गोवा में वैश्विक पवन दिवस 2026 राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (डब्ल्यूटी-मारुत) पोर्टल का शुभारंभ किया। इससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा भारतीय पवन टरबाइन विनिर्माता संघ ने डब्ल्यूटी-मारुत पोर्टल को संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह देश का पहला डेडीकेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य पवन ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुसंगत बनाना है। आशा है कि इस पहल से पुर्ज़ों की उपलब्धता में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की पहुंच आसान होगी डेटा सुरक्षा बढाने और सरकार के आत्मनिर्भर भारत बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढाने में मदद मिलेगी। श्री जोशी ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में भारत के तीव्र विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष 46% की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड छह दशमलव एक गीगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता की वृद्धि हुई है। कुल संस्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के साथ 56.1 गीगावॉट की सीमा को पार करते हुए भारत ने विश्व के चौथे सबसे बडे़ पवन ऊर्जा बाजार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत बनाया है।
13. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी कफ सिरप

केंद्र सरकार ने आम जनता खासकर बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खांसी की सिरप (कफ सिरप) की बिक्री पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब डॉक्टर की पर्ची के बिना कफ सिरप खरीदना असंभव हो गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम (ड्रग्स रूल्स), 1945 में संशोधन कर दिया है। राजपत्र अधिसूचना जीएसआर 927 (ई) के माध्यम से यह बदलाव अधिसूचित किया गया है।
मुख्य बदलाव:
– औषधि नियम, 1945 की अनुसूची ‘क’ या ‘K’ की प्रविष्टि संख्या 13 से ‘सिरप’ शब्द हटा दिया गया है।
– 1000 से कम आबादी वाले छोटे गांवों में बिना लाइसेंस के कफ सिरप बेचने की छूट को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
– अब खांसी की सिरप केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से ही बिक्री होगी।
– डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन (पर्ची) अनिवार्य कर दिया गया है।
14. GIC में सरकार की 5% हिस्सेदारी की बिक्री (OFS)

16 जून को भारत सरकार जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) में अपनी 5% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। 17 जून को रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए OFS लॉन्च शुरू होगा, और नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स के लिए ये OFS कल यानी मंगलवार को शुरू किया गया है। पब्लिक इंवेस्टमेंट डिपार्टमेंट और एसेट मैनेजमेंट सेक्रेटरी अरुणिश अग्रवाल के मुताबिक पहले सरकार GIC के 2% शेयर बेचे जाएंगे। ये बिक्री ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए से की जाएगी। ये कदम सरकार के विनिवेश (Disinvestment) लक्ष्यों को पूरा करने का हिस्सा है। GIC भारत की एकमात्र पुनर्बीमा कंपनी है, इस बिक्री के बाद भी सरकार की GIC में हिस्सेदारी बनी रहेगी। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) पुनर्बीमा कंपनी है। GIC की स्थापना 22 नवंबर 1972 को सामान्य बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण के बाद की गई थी। इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया शुरुआत में भारत की सभी सरकारी सामान्य बीमा कंपनियों की होल्डिंग कंपनी थी। साल 2000 से इसे भारत के राष्ट्रीय पुनर्बीमाकर्ता के तौर पर पुनर्गठित किया गया। GIC Re सीधे आम लोगों को बीमा पॉलिसी नहीं बेचता, बल्कि बीमा कंपनियों (जैसे न्यू इंडिया एश्योरेंस, स्टार हेल्थ आदि) का बीमा करती है। किसी बीमा कंपनी पर बड़े कलेक का यदि वित्तीय बोझ आता है, तो GIC Re उस जोखिम के हिस्से का खर्च उठता है।
15. भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग ने अंतर्राष्ट्रीय हर्बल फार्माकोपिया पर 5वीं डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया

अंतर्राष्ट्रीय हर्बल फार्माकोपिया के विकास पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 5वीं विशेषज्ञ बैठक 16 से 18 जून, 2026 तक हांगकांग एसएआर, चीन में आयोजित की जा रही है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग (पीसीआईएम एंड एच) इस बैठक में भाग ले रहा है। इस बैठक में डब्ल्यूएचओ सदस्य देशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ वैश्विक स्तर पर औषधियों के मानकों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। पीसीआईएमएंडएच के निदेशक डॉ. रमन मोहन सिंह इस बैठक में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय हर्बल फार्माकोपिया को आकार देने में भारत की सक्रिय भागीदारी पारंपरिक और हर्बल चिकित्सा के क्षेत्र में देश की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करती है, साथ ही ये साक्ष्य-आधारित वैश्विक स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करती है।
16. भारत फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी करेगा

भारत पहली बार एशियाई सीनियर फेंसिंग यानी, तलवारबाजी चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी करेगा। ये चैंपियनशिप 19 से 24 जून तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस चैंपियनशिप में एशिया और ओशिनिया 30 से ज्यादा देशों के टॉप फेंसर हिस्सा लेंगे। ओशिनिया में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत 14 से ज्यादा स्वतंत्र देश और 10 हजार से ज्यादा छोटे-छोटे द्वीप शामिल हैं। ये चैंपियनशिप फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) और फेंसिंग कोनफेडरेशन ऑफ एशिया मिलकर करेंगे। इस चैंपियनशिप में 3 कैटेगरी फॉइल (Foil), एपी (EPee) और सेबर (Sabre) में मैच खेले जाएंगे। ये चैंपियनशिप पुरुष और महिला दोनों कैटेगरी में आयोजित की जाएगी। ये भारत में आयोजित होने वाली अब तक की सबसे बड़ी इंटरनेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप होगी।
17. निकी पुनाचा ATP चैलेंजर डबल्स खिताब जीता

16 जून को भारतीय टेनिस खिलाड़ी निकी पुनाचा ने फ्रांस के ल्यों में अपना पहला ATP चैलेंजर डबल्स खिताब जीता। निकी ने थाईलैंड के जोड़ीदार प्रुच्य इसारो के साथ मिलकर ये खिताब जीता है। फाइनल मुकाबले में दोनों की जोड़ी ने स्कैंडर मंसूरी और मैक्सिमिलियन न्यूक्रिस्ट की जोड़ी को 6-0, 6-1 से हराया। ये निकी के करियर का 10वां खिताब है। निकी ने 9 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था उनके पिता ही उनके पहले कोच थे। निकी ने अपने जूनियर करियर के दौरान चेन्नई में ITF जूनियर ग्रेड-4 सिंगल्स का खिताब जीते थे। 2018 में निकी ने इंडोनेशिया F3 फ्यूचर्स टूर्नामेंट जीतकर अपना पहला ITF सिंगल्स खिताब हासिल किया। 2019 में निकी को ATP सिंगल्स में करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वर्ल्ड नंबर 605 मिली। निकी ने 2023 में एस डी प्रज्वल देव के साथ प्रेसिडेंट्स कप में पहला ATP चैलेंजर डबल्स खिताब जीता। मई 2024 में निकी ने ATP डबल्स की वर्ल्ड रैंकिंग 98 हासिल की थी। 2025 में निकी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुष डबल्स में गोल्ड मेडल जीता। निकी ने 2026 में ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के मुख्य ड्रॉ के लिए क्वालीफाई किया था।
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