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1. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छह दिन की फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। अपने प्रस्थान वक्तव्य में, श्री मोदी ने कहा कि रणनीतिक दृष्टि से फ्रांस भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। श्री मोदी ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है। श्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ भारत इनोवेट्स सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम, भारतीय स्टार्टअप को दुनियाभर से जोड़ेगा। श्री मोदी कल नीस से दो दिन की आगे की यात्रा पर स्लोवाकिया रवाना होंगे। श्री मोदी ने कहा इस ऐतिहासिक यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको से मुलाकात करेंगे। स्लोवाकिया के बाद, श्री मोदी फ्रांस के एवियन जाएंगे, जहां वे इस महीने की 16 और 17 तारीख को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। दौरे के समापन में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को पेरिस जाएंगे। जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ विवाटेक 2026 सम्मेलन में भाग लेंगे।
2. देश के नए थल सेनाध्यक्ष होंगे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ

सरकार ने वर्तमान सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम को 30 जून, 2026 की दोपहर से अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया है। मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशकों के अपने विशिष्ट सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने परिचालन, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त किया है, जिससे भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और दीर्घकालिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने कृषि जैव विविधता विशेषज्ञ समिति का पुनर्गठन; पद्म श्री डॉ. पी.एल. गौतम अध्यक्ष नियुक्त किए गए

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने कृषि जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और पहुंच एवं लाभ-साझाकरण (एबीएस) तथा संबंधित मामलों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 13(1) के अंतर्गत कृषि जैव विविधता पर विशेषज्ञ समिति का एक वर्ष की अवधि के लिए पुनर्गठन किया है। समिति का पुनर्गठन के साथ प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक तथा राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण एवं पादप किस्मों के संरक्षण एवं किसान अधिकार प्राधिकरण (पीपीवीएफआरए) के पूर्व अध्यक्ष पद्म श्री डॉ. पी.एल. गौतम को इसका समिति का अध्यक्ष बनाया गया। कृषि विज्ञान में उनके विशिष्ट योगदान के लिए डॉ. गौतम को हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। पीपीवीएफआरए के अध्यक्ष समिति के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। कृषि जैव विविधता विशेषज्ञ समिति 2005 से एनबीए की एक महत्वपूर्ण सलाहकार संस्था रही है और कृषि आनुवंशिक संसाधनों से संबंधित उभरते मुद्दों को संबोधित करने के लिए समय-समय पर इसका पुनर्गठन किया जाता रहा है। वर्षों से, समिति का नेतृत्व प्रख्यात कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा किया गया है और इसमें देश भर के प्रमुख कृषि, अनुसंधान, शैक्षणिक और नीति संस्थानों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि शामिल रहे हैं।
4. भारत IMI-रेसिस्टेंट सरसों की हाइब्रिड किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू करेगा

भारत 2026-27 के रबी बुवाई सीज़न में इमिडाज़ोलिनोन-रेसिस्टेंट (IMI-रेसिस्टेंट) सरसों की हाइब्रिड किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू करने जा रहा है। IMI-रेसिस्टेंट सरसों हाइब्रिड – सरसों की वे किस्में जो इमिडाज़ोलिनोन (imidazolinone) हर्बिसाइड (खरपतवार नाशक) के प्रति रेसिस्टेंट (प्रतिरोधी) होती हैं। इसे ओरोबैंचे (Orobanche) नाम के परजीवी खरपतवार की समस्या से निपटने के लिए बनाया गया है, जो तिलहन उत्पादन में एक बड़ी बाधा है। सरसों एक प्रमुख तिलहन फसल है। भारत ने वर्ष 2024-25 में लगभग ₹1.6 लाख करोड़ मूल्य का करीब 16 मिलियन टन खाद्य तेल आयात किया। इसे म्यूटेशन ब्रीडिंग नाम की प्रक्रिया से विकसित किया गया है, जिसमें वैज्ञानिक कुछ खास प्राकृतिक म्यूटेशन को बनाए रखने के लिए फसलों की ब्रीडिंग करते हैं। यह प्रक्रिया एसिटोलैक्टेट सिंथेस (ALS) नाम के एंजाइम पर आधारित है, जो पौधों की वृद्धि के लिए ज़रूरी है। IMI हर्बिसाइड्स ALS एंजाइम को रोकते हैं, जिससे वृद्धि में बाधा आती है और पौधा मर जाता है। IMI-रेसिस्टेंट हाइब्रिड एक म्यूटेशन ALS एंजाइम को बदल देता है, जिससे हर्बिसाइड बाइंडिंग नहीं हो पाती। IMI-रेसिस्टेंट (इमिडाज़ोलिनोन-रेसिस्टेंट) सरसों की हाइब्रिड किस्में, दिल्ली यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर फॉर जेनेटिक मैनिपुलेशन ऑफ़ क्रॉप प्लांट्स’ (CGMCP) में डॉ. दीपक पेंटल और उनके वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित की थीं। इन हाइब्रिड किस्मों को ‘म्यूटेशन ब्रीडिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करके विकसित किया गया था, ताकि ‘एसिटोलैक्टेट सिंथेस’ (ALS) एंजाइम में जान-बूझकर जेनेटिक बदलाव किए जा सकें। इस बदलाव की वजह से सरसों के पौधे IMI हर्बिसाइड्स (खरपतवार नाशक) के इस्तेमाल के बावजूद जीवित रह पाते हैं।
5. 21 जून को मनाए जाने वाले ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के मौके पर, ‘खादी इंडिया’ ने ‘स्वधा’ वेलनेस वियर कलेक्शन लॉन्च किया

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन श्री मनोज गोयल ने शुक्रवार को ‘स्वधा‘ नाम से एक विशेष वेलनेस वियर कलेक्शन पेश किया है। खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) द्वारा निर्मित, यह संग्रह आधुनिक परिधान शैलियों के साथ योग, स्वास्थ्य और संतुलित जीवन की भारतीय अवधारणाओं को मिश्रित करने का एक अभिनव प्रयास है। यह लॉन्च समारोह केवीआईसी के सहयोग से नई दिल्ली के हौज खास में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) परिसर में खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित किया गया था। इस कलेक्शन में नौ अलग-अलग तरह के कपड़े शामिल हैं, जिन्हें आसानी से हिलने-डुलने और पूरे दिन आराम देने के लिए बनाया गया है। ज्यादातर कपड़े ‘फ्री-साइज’ और ‘जेंडर-न्यूट्रल’ (स्त्री-पुरुष दोनों के लिए उपयुक्त) हैं। ‘स्वधा’ कलेक्शन में तीन नामी संस्थाओं -गांधीग्राम खादी एंड वी.आई. पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (तमिलनाडु), पय्यानूर फिरका ग्रामोदय खादी संघ (केरल) और क्षेत्रीय पंजाब खादी मंडल (पंजाब)- की खादी का इस्तेमाल किया गया है।
6. केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने हिमाचल प्रदेश में डाक विभाग द्वारा ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू करने की घोषणा की

संचार एवं DoNER मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के नेतृत्व में, डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मंडी प्रधान डाकघर और रेहरधार शाखा डाकघर के बीच ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल वितरण सेवा 12 जून, 2026 से शुरू की है। यह पहल श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों और डाक सहायकों के साथ हुई बातचीत के दौरान प्राप्त प्रतिक्रिया पर आधारित है , जिसमें दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में तीव्र और अधिक कुशल संपर्क की आवश्यकता पर बल दिया गया था। डाक सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के केंद्रीय मंत्री के विज़न से प्रेरित होकर, डाक विभाग ने अगले दो से तीन महीनों में हिमाचल प्रदेश और असम में लगभग 150 चिन्हित मार्गों पर ड्रोन-आधारित डाक सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें मंडी-रेहरधार मार्ग इस पहल को शुरू करने वाला पहला मार्ग होगा। मंडी प्रधान डाकघर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित रेहरधार ब्रांच डाकघर तक पारंपरिक व्यवस्थाओं से पहुंचने में वर्तमान में दो घंटे से अधिक का समय लगता है। ड्रोन आधारित संचार के कारण, यह समय घटकर लगभग सात मिनट रह गया है।
7. अमरीकी उद्योगपति एलन मस्क बने दुनिया के पहले खरबपति

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन गए हैं। यह उपलब्धि उनकी कंपनी स्पेसएक्स के शेयर बाजार में शानदार शुरुआत के बाद हासिल हुई है, स्पेसएक्स के शेयरों का मूल्यांकन बढ़कर लगभग 2 लाख 10 हजार करोड़ डॉलर हो गया है। कारोबार के पहले दिन स्पेसएक्स के शेयरों में 19 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे कंपनी में एलन मस्क की हिस्सेदारी का मूल्य भी काफी बढ़ गया। फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपति सूची के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (Elon Musk Net Worth) के स्तर पर पहुंच गई। सिर्फ एक दिन में उनकी नेटवर्थ में 61 अरब डॉलर से अधिक का इजाफा हुआ। भारतीय रुपये में उनकी संपत्ति लगभग 100 लाख करोड़ रुपये के पार चली गई।
8. विश्व रक्तदान दिवस

सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वैच्छिक, निःशुल्क रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को रक्तदान के महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने का भी संदेश देता है। विश्व रक्तदान दिवस पहली बार वर्ष 2004 में मनाया गया था। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज, इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशंस ने इसे वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया। 14 जून का दिन ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिवस के रूप में चुना गया, जिन्होंने रक्त समूह प्रणाली की खोज की थी। उनकी इस खोज ने आधुनिक रक्ताधान विज्ञान की नींव रखी और सुरक्षित रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया को संभव बनाया।
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