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1. दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन

13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 का आयोजन शुरू हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया। इसमें 500 से अधिक वैश्विक नेता और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। इस फोरम का पहली बार दिल्ली में आयोजन हो रहा है। यह आयोजन दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हुआ।इस साल आयोजन की थीम बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना है। 13 अक्टूबर को मोदी ने इस फोरम को संबोधित किया। तीन दिन तक चलने वाला यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को खत्म होगा। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां विभिन्न देशों के राजनीतिक नेतृत्व, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थानों और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में माइकल ब्लूमबर्ग ने की थी।
2. प्रधानमंत्री मोदी से मिलीं कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और शिक्षा समेत प्रमुख क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने निरंतर संवाद बनाए रखने और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के लिए चल रही वार्ताओं को जल्द पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया। इस बीच, बुधवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी 2026 के सत्र ‘Is This the Middle Power Moment?’ में बोलते हुए अनीता आनंद ने अंतरराष्ट्रीय कानून को लागू कराने से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थानों के लिए समर्थन मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद के साथ बैठक की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
3. केंद्र सरकार ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य पालन समझौते (एस.आई.ओ.एफ़.ए) में भारत के प्रवेश को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य पालन समझौते (एस.आई.ओ.एफ़.ए ) में भारत के प्रवेश को स्वीकृति दे दी है। यह वैश्विक मत्स्य पालन शासन में भारत की स्थिति को मजबूत करने वाले एक रणनीतिक उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सरकार द्वारा दिसंबर, 2025 में जारी खुले समुद्री मत्स्य पालन के दिशानिर्देशों के बाद, यह पहल भारत के मछली पकड़ने वाले बेड़े को अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में विस्तार करने के लिए एक क्षेत्रीय ढांचा प्रदान करेगी। परिणामस्वरूप, भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने, आर्थिक अवसरों को व्यापक बनाने और एस.आई.ओ.एफ़.ए ढांचे के अंतर्गत उच्च मूल्य वाले समुद्री संसाधनों के सतत निष्कर्षण के लिए वैध अधिकार स्थापित करने के लिए स्थित होगा। एस.आई.ओ.एफ़.ए में भारत के प्रवेश के साथ, भारतीय ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले पोत और उद्यम एस.आई.ओ.एफ़.ए के अधिकार क्षेत्र के भीतर स्क्विड, टूथफ़िश, अल्फोंसो और अन्य गैर-प्रवासी मछली भंडारों का अधिकृत मछली पकड़ने का काम कर सकेंगे। खुला समुद्र वैश्विक महासागर का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा है और वर्तमान में पांच देशों/क्षेत्रों द्वारा नियंत्रित हैंः चीन (21 प्रतिशत), ताइवान (13 प्रतिशत), जापान (11 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (11 प्रतिशत) और स्पेन (8 प्रतिशत)। हिंद महासागर में दो प्रमुख क्षेत्रीय मत्स्य पालन प्रबंधन संगठन (आर.एफ़.एम.ओ) हैं, अर्थात् हिंद महासागर टूना कमीशन (आई.ओ.टी.सी) और दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य पालन समझौता (एस.आई.ओ.एफ़.ए.)। भारत 1996 से आई.ओ.टी.सी. का एक अनुबंधी पक्ष रहा है, जो अत्यधिक प्रवासी टूना और टूना जैसी प्रजातियों को नियंत्रित करता है। भारत 2022 से एस.आई.ओ.एफ़.ए का सहयोगी गैर-अनुबंधित पक्ष (सी.एन.सी.पी) रहा है। इस सदस्यता के साथ, भारत वैध मछली पकड़ने के अधिकार, एस.आई.ओ.ए के क्षेत्र में उच्च समुद्रों में समुद्री संसाधनों तक पहुँच और मौजूदा वैश्विक बेड़ियों के साथ एक मान्यता प्राप्त उपस्थिति स्थापित करने का अवसर प्राप्त करता है।
4. TDB-DST ने AI-आधारित दवा खोज (ड्रग डिस्कवरी) को तेज़ करने के लिए पेप्ट्रिस (Peptris) के साथ ₹86 करोड़ का समझौता किया

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से अगली पीढ़ी की चिकित्सा पद्धतियों के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के तहत 86 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रोजेक्ट का नाम है वीआईजीओआर: एआई से खोजे गए मॉलिक्यूल्स को लैब से क्लिनिक तक, प्रोजेक्ट की कुल लागत 172 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य चार प्रायोगिक दवाओं को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल)-4 से टीआरएल-6 तक पहुंचाना है, जिसके लिए पूर्व-नैदानिक विकास, सत्यापन और नैदानिक परीक्षणों की तैयारी की आवश्यकता होगी। वित्तीय सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
5. टीडीबी ने येटी-भारी भार उठाने वाले ऑटोनॉमस एरियल लॉजिस्टिक्स व्हीकल के विकास के लिए 151 करोड़ रुपये के आरडीआईआई समर्थन हेतु आईडियाफोर्ज के साथ समझौता किया

भारत की स्वायत्त हवाई प्रणालियों और अगली पीढ़ी की लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को मजबूत करने के दृष्टिकोण से भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के तहत 151 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए मुंबई स्थित आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कुल 302 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य येटी नामक भारी भार उठाने वाले और लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले स्वायत्त हवाई रसद वाहन का विकास करना है, ताकि इसकी तकनीक को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल)-4 से टीआरएल-9 तक उन्नत किया जा सके। चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरणों के लिए डिज़ाइन किया गया येटी एक स्वायत्त वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग वाला, फिक्स्ड-विंग वाला हाइब्रिड मानवरहित हवाई वाहन है, जिसका उद्देश्य लंबी दूरी तक भारी पेलोड का परिवहन करना है। यह प्लेटफॉर्म 200 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसकी लक्षित सीमा 200 किलोमीटर तक और परिचालन ऊंचाई समुद्र तल से 6,500 मीटर तक है। इसका मौसम-प्रतिरोधी डिज़ाइन उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों, रेगिस्तानों और समुद्री परिस्थितियों सहित चुनौतीपूर्ण वातावरणों में संचालन में सहायता करने के लिए बनाया गया है।
6. स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान के लिए टाटा पावर और इंपीरियल कॉलेज ने साझेदारी की

टाटा पावर ने 13 अक्टूबर 2026 को इंपीरियल कॉलेज लंदन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। यह महत्वपूर्ण साझेदारी ग्रिड लचीलेपन, ऊर्जा भंडारण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और उन्नत ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित है। दोनों संगठनों का लक्ष्य वैश्विक पावर नेटवर्क में स्वच्छ और स्मार्ट ऊर्जा समाधानों को तेजी से लागू करना है। यह सहयोग स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और तकनीकी नवाचार के क्षेत्रों में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच गहरे होते संबंधों को और मजबूत करता है। इसके अलावा, यह समझौता सीधे तौर पर ‘भारत-यूके विजन 2035’ ढांचे के अनुरूप है, जो द्विपक्षीय विकास के मुख्य कारकों के रूप में ग्रिड परिवर्तन, ऊर्जा भंडारण, हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर और AI पर जोर देता है।
7. भारत-फ्रांस TRISHNA सैटेलाइट मिशन 2027: उद्देश्य, विशेषताएं, पेलोड और उपकरण

भारत और फ्रांस 2027 में ‘त्रिशना‘ (TRISHNA) उपग्रह लॉन्च करने जा रहे हैं। इससे दोनों देशों को जल संकट, फसलों की स्थिति और शहरी क्षेत्रों में गर्मी पर नज़र रखने में मदद मिलेगी। इसरो के अधिकारियों का कहना है कि यह उपग्रह विकास के अंतिम चरण में है और इसे 2027 या 2028 की शुरुआत में लॉन्च किए जाने की संभावना है। TRISHNA का पूरा नाम ‘थर्मल इंफ्रारेड इमेजिंग सैटेलाइट फॉर हाई-रिज़ॉल्यूशन नेचुरल रिसोर्स असेसमेंट‘ है। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी CNES का एक संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन मिशन है। इसे पृथ्वी की सतह का उच्च स्थानिक और कालिक रिज़ॉल्यूशन वाला डेटा उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था। इसे महाद्वीपीय जीवमंडल के ऊर्जा और जल बजट का अवलोकन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे ज़मीनी जल के दबाव और उसके उपयोग का अनुमान लगाया जा सकेगा। इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारत के PSLV रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन को लगभग 2032 तक, यानी पाँच साल के लिए डिज़ाइन किया गया है।इसमें लगे पेलोड भारत और फ्रांस के बीच साझा किए गए हैं।
8. DRDO का प्लेटफार्म, हथियारों के परीक्षण से जुड़ी अहम सूचनाओं को मिलेगी सुरक्षा

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सुरक्षित संचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संगठन ने क्वांटम की (कुंजी) डिस्ट्रिब्यूशन (क्यूकेडी) प्लेटफार्म को सफलतापूर्वक स्थापित कर उसका परीक्षण किया है। इस तकनीक से तोपों और बख्तरबंद हथियारों के परीक्षण के दौरान मिलने वाली महत्वपूर्ण जानकारियों और आंकड़ों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। दरअसल, क्वांटम कुंजी वितरण ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग संचार के दौरान सूचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से संदेशों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक गोपनीय कुंजियों का आदान-प्रदान किया जाता है। इसकी एक प्रमुख विशेषता यह है कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति संचार के दौरान इन कुंजियों की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता है, तो उसकी गतिविधि का पता लगाया जा सकता है। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट (पीएक्सई) परीक्षण क्षेत्र के लाइव संचार नेटवर्क में किया गया। इस परीक्षण ने रियल टाइम में महत्वपूर्ण सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिए क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन तकनीक की उपयोगिता प्रदर्शित की है।
9. दुधवा टाइगर रिजर्व में सुहेली नदी के 100 साल के बदलावों का अध्ययन होगा

उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) में सुहेली नदी के पिछले 100 वर्षों के प्रवाह मार्ग और जल प्रवाह के तौर-तरीकों में आए बदलावों का आकलन करने के लिए विस्तृत जल-पारिस्थितिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नदी में आए बदलावों का दस्तावेजीकरण करना और उसके संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के उपाय सुझाना है। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने रविवार को सुहेली नदी का दौरा किया। प्रदीप सचान के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने विस्तृत अध्ययन से पहले प्रारंभिक आकलन किया। नेपाल से निकलने वाली सुहेली नदी दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों के दक्षिणी किनारे से होकर बहती है और तिकुनिया क्षेत्र में घाघरा नदी में मिलती है। यह नदी और इससे जुड़ी जल प्रणालियां क्षेत्र के जंगलों, घास के मैदानों, आर्द्रभूमियों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में मानसून के दौरान जलकुंभी से भरी सुहेली नदी बंशीनगर के पास किनारों से बाहर बहने लगी थी। इससे दुधवा-गौरीफंटा सड़क को नुकसान पहुंचा था और कुछ दिनों तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी।
10. भारतीय नौसेना ने ‘संयुक्त टास्क फोर्स 154’ के सैन्यकर्मियों को दी प्रशिक्षण

भारतीय नौसेना 14 अक्टूबर को बहरीन की राजधानी मनामा में संयुक्त समुद्री बलों के ‘संयुक्त टास्क फोर्स 154’ की कमान सौंप रही है। इसके साथ ही इस बहुराष्ट्रीय टास्क फोर्स की कमान संभालने का भारतीय नौसेना का पहला कार्यकाल पूरा हो गया। इस दौरान 39 देशों के सैन्य कर्मियों ने विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा लिया। इनके माध्यम से 7,800 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया गया। गौरतलब है कि ‘संयुक्त टास्क फोर्स 154’ बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के लिए गठित किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल बढ़ाना, कर्मियों की पेशेवर दक्षता विकसित करना और संयुक्त अभियानों के लिए तैयारी मजबूत करना है। संयुक्त समुद्री बलों की इस साझेदारी में कुल 47 देश शामिल हैं। भारत वर्ष 2022 में संयुक्त समुद्री बलों का सहयोगी भागीदार बना था। वर्ष 2023 में उसे पूर्ण सदस्यता मिली। इसके बाद भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी 2026 को ‘संयुक्त टास्क फोर्स 154’ की कमान संभाली। यह पहली बार था, जब भारतीय नौसेना को संयुक्त समुद्री बलों के किसी कार्यबल का नेतृत्व सौंपा गया।
11. गन्ना किसानों और चीनी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए सरकार ने बनाई समिति

केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों की जांच और उनकी चिंताओं के समाधान के लिए उचित उपायों की सिफारिश करने के उद्देश्य से एक समिति का गठन किया है। नीति आयोग के पूर्व सदस्य और कृषि अर्थशास्त्री प्रो. रमेश चंद की अध्यक्षता में गठित यह समिति गन्ने के लाभकारी मूल्य, चीनी के एक्स-मिल न्यूनतम बिक्री मूल्य, शुगर रिकवरी की जांच और गन्ने के वजन समेत किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेगी। समिति में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि आयुक्त, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव (चीनी) और उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त सचिव (विधिक माप-विज्ञान) सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
12. भीम पेमेंट्स ऐप पर तत्काल एनपीएस सुविधा शुरू

पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और एनपीसीआई बीएचआईएम सर्विसेज लिमिटेड ने भीम पेमेंट्स ऐप पर तत्काल एनपीएस सुविधा शुरू की है। इस नई सुविधा से पात्र नागरिक मौजूदा बैंक-सत्यापित केवाईसी और यूपीआई का उपयोग करके मात्र तीन चरणों में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली खाता खोल सकते हैं। इस सुविधा से शाखा जाने या नए सिरे से कागजी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेवा वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। जल्द ही अन्य बैंकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। 18 से 85 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक न्यूनतम 250 रुपये के प्रारंभिक योगदान के साथ खाता खोल सकते हैं।
13. पैराग्वे में आनंद कुमार वेलकुमार ने विश्व स्केटिंग खेलों में 1000 मीटर स्प्रिंट में रजत पदक जीता

भारत के आनंद कुमार वेलकुमार ने पैराग्वे में आयोजित विश्व स्केटिंग खेलों में पुरुषों की 1000 मीटर स्प्रिंट स्पर्धा में रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक विजेता और आनंदकुमार के बीच समय का अंतर मात्र 4 मिली सेकंड था। आनंदकुमार 2026 विश्व स्केटिंग खेलों में अब तक दो पदक जीत चुके हैं और रविवार को मैराथन में प्रतिस्पर्धा करते हुए उनके पास एक और पदक जीतने का अवसर होगा। उन्होंने 500 मीटर स्प्रिंट में कांस्य पदक जीता था।
14. विश्व मानक दिवस

हर वर्ष 14 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व मानक दिवस मानकीकरण के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। मानक केवल तकनीकी नियम नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और विश्वसनीय सेवाओं की बुनियाद हैं। बिजली के उपकरणों, खाद्य पदार्थों, दवाइयों, वाहनों, भवन निर्माण सामग्री और डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में इनकी अहम भूमिका है। प्रभावी मानकीकरण उपभोक्ता संरक्षण, औद्योगिक विकास, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा देता है। वर्ष 2026 में विश्व मानक दिवस का संदेश सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता पर केंद्रित है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-7 से जुड़ा है। 14 अक्टूबर 1946 को लंदन में 25 देशों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण के लिए एक संगठन स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद 23 फरवरी 1947 को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन यानी आईएसओ (ISO) की औपचारिक स्थापना हुई। वर्ष 1970 में पहली बार 14 अक्टूबर को विश्व मानक दिवस मनाया गया।
15. मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ब्रेकिंग बैड के एक्टर आरजे मिट्टे का निधन

12 अक्टूबर को मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में व्हाइट जूनियर का किरदार निभाने वाले एक्टर आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर ने टेक्सास में आत्महत्या की। मिट्टे ने ‘ब्रेकिंग बैड’ के अलावा ‘द ओक रूम’, ‘ट्रायम्फ’, ‘द गार्डियंस ऑफ जस्टिस’ और ‘द अनसीन’ जैसी फिल्मों और सीरीज में काम किया। 2019 में आई फिल्म ‘स्टैंडिंग अप फॉर सनी’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने हॉलीवुड में दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का काम भी किया था। आरजे मिट्टे का पूरा नाम रॉय फ्रैंक मिट्टे तृतीय था। उनका जन्म 21 अगस्त 1992 को अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के जैक्सन शहर में हुआ था। मिट्टे को तीन साल की उम्र में सेरेब्रल पल्सी होने का पता चला।
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