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1. पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि यह चिन्मय विचार है, जिसकी स्थापना एक चिन्मय ऋषि ने की थी। तीन दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम, ‘चिन्मय मिशन‘ के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर चले समारोहों का समापन है। चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी, जो एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी चिन्मयानंद से फरवरी 1993 में बड़ौदा में हुई अपनी मुलाकात का भावुक जिक्र किया। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि वे स्वामी चिन्मयानंद को अमेरिका के शिकागो में ‘विश्व धर्म संसद’ के शताब्दी समारोह में आमंत्रित करने गए थे। उसी समय स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 100 वर्ष पूरे हो रहे थे। गुरुदेव ने निमंत्रण स्वीकार किया और अमेरिका जाकर विभिन्न कार्यक्रमों में लोगों को जागरूक भी किया। लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। विश्व धर्म संसद से कुछ सप्ताह पहले 3 अगस्त को अमेरिका में ही गुरुदेव ने देह त्याग दी।
2. विश्व खाद्य पुरस्कार फाउंडेशन संगोष्ठी में भारत की कृषि उत्कृष्टता का प्रदर्शन, भारतीय छात्र ने जीता ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट पुरस्कार

नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एनएएएस), नई दिल्ली ने अमेरिका के आयोवा स्थित डेस मोइनेस में 20 से 22 अक्टूबर तक आयोजित ‘नॉर्मन ई. बोरलॉग इंटरनेशनल डायलॉग-2026’ में भारत के कृषि अनुसंधान और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया। वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन के इस प्रतिष्ठित आयोजन की थीम ‘बिफोर हंगर विन्स’ थी। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के प्रकाशनों की प्रदर्शनी, युवा भारतीय छात्रों की भागीदारी, कृषि उच्च शिक्षा पर गोलमेज चर्चा और एनएएएस तथा काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीएएसटी), अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर प्रमुख आकर्षण रहे। भारत के विभिन्न हिस्सों से एनएएएस-डब्ल्यूएफपीएफ चयन प्रक्रिया के जरिए चुने गए सात हाई स्कूल छात्रों ने ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट (जीवाईआई) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। छात्रों ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अन्य युवा प्रतिभागियों के साथ विचार साझा किए। एनएएएस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही कि अमीना नसरीन ए.एस. ने 500 अमेरिकी डॉलर के नकद पुरस्कार वाला जीवाईआई अवार्ड जीता।
3. भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र 2026’ संपन्न

भारतीय नौसेना और रूसी नौसेना के बीच आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र 2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अभ्यास के समापन के बाद भारतीय नौसेना का जहाज ‘सह्याद्रि’ 20 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय, आपसी तालमेल और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना था। ‘इंद्र 2026’ में बंदरगाह और समुद्री चरण शामिल थे।
4. भारतीय नौसेना 3 से 5 नवंबर को नई दिल्ली में ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद 2026’ की मेजबानी करेगी

भारतीय नौसेना 3 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद 2026’ (आईपीआरडी-2026) का आयोजन करेगी। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 18 देशों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान, शैक्षणिक नेटवर्क, समुद्री विज्ञान, महासागर शासन, जलवायु लचीलापन और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले दिन स्मृति व्याख्यान देंगे। मंत्रालय के अनुसार, यह नौसेना का वार्षिक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक संवाद है, जिसका आयोजन नौसेना के नॉलेज पार्टनर और प्रमुख आयोजक नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के सहयोग से किया जाएगा। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग’ है।
5. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर फिल्म का निर्देशन मधुर भंडारकर करेंगे

निर्माता मधुर भंडारकर फिल्म ‘श्यामा-द मिसिंग चैप्टर’ का निर्देशन करेंगे, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आदित्य कुमार हलवासिया और भंडारकर फिल्म का निर्माण ‘भंडारकर एंटरटेनमेंट’ और ‘एकेएच वेंचर्स’ के तहत कर रहे हैं। मुखर्जी एक भारतीय शिक्षाविद और राजनेता थे। उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूर्ववर्ती वैचारिक संगठन था। कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति के रूप में अपने शुरुआती दिनों से लेकर, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में अपने कार्यकाल तक, उनकी यात्रा दृढ़ विश्वास, साहस और कठिन राजनीतिक निर्णयों से भरी रही। यह फिल्म सरकार के साथ उनके वैचारिक मतभेदों, मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के उनके फैसले और 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना करने के उनके कदम को दिखाएगी। इसमें जम्मू-कश्मीर में परमिट प्रणाली के खिलाफ उनके 1953 के अभियान और हिरासत में उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर भी फिर से गौर किया जाएगा।
6. ओम प्रकाश माथुर ने केरलम के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली

ओम प्रकाश माथुर ने लोक भवन में आयोजित समारोह में केरलम के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सौमेन सेन ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में श्री माथुर को पद की शपथ दिलाई। समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए।
7. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी ट्रेड समिट को लीड किया

22 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट के 100 स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधिमंडल को लीड किया। गोयल बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में हिस्सा लेने जर्मनी पहुंचे हैं। उन्होंने इंटरनेशनल पॉलिसीमेकर्स और बिजनेस लीडर्स से भी बातचीत की। जर्मनी में गोयल फेडरल इकोनॉमिक अफेयर्स और एनर्जी मिनिस्टर समेत अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इस बैठक में एडवांस्ड इंजीनियरिंग, ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन टेक्नोलॉजी में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर बात होगी। इसका उद्देशय भारतीय स्टार्ट-अप्स को यूरोपीय बाजारों से जोड़ना, निवेश के अवसर बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार के विस्तार को प्रोत्साहित करना है। इस तरह के डायलॉग से भारतीय उद्यमियों को विदेशी निवेशकों, कंपनियों और संभावित व्यावसायिक साझेदारों के साथ कनेक्शन बनाने का मौका मिलेगा। इसके बाद गोयल 24 से 27 अक्टूबर तक नीदरलैंड के हेग में द्विपक्षीय बैठकों और व्यापारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इन कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बेहतर मैन्युफैक्चरिं, ग्रीन मोबिलिटी, ग्रीन एनर्जी, और फार्मास्यूटिकल्स और लॉजिस्टिक्स पर चर्चा होगी।
8. बैंकिंग अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी क्वांटम प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने की दिशा में सी-डेक और बैंक ऑफ इंडिया ने हाथ मिलाया

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डेक) और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने 22 अक्टूबर 2026 को क्वांटम वित्तीय नवाचार और बैंकिंग में उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए सहयोग की दिशा में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन के तहत सी-डेक और बीओआई के लिए बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त शोध, विकास, प्रायोगिक कार्यान्वयन, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और क्षमता निर्माण पहलों का पता लगाने के लिए एक ढांचा स्थापित किया गया है। यह सहयोग सी-डेक की हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम टेक्नोलॉजीज, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में क्षमताओं को बैंक ऑफ इंडिया की बैंकिंग डोमेन विशेषज्ञता, राष्ट्रव्यापी उपस्थिति और उच्च-मात्रा प्रौद्योगिकी वातावरण के साथ जोड़ता है।
9. भारत यूरोप को रक्षा सामान निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बना: रक्षा सचिव

भारत यूरोप को हथियारों का निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। यूरोप की ‘रीआर्म यूरोप’ पहल के तहत रक्षा सामग्री की बढ़ती मांग और देश में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार से भारत के निर्यात को बढ़ावा मिला है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारत का रक्षा निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 38,424 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 3.6 अरब यूरो के बराबर है। उन्होंने ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक साल के दौरान भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इसके पीछे मुख्य रूप से ‘रीआर्म यूरोप’ पहल के कारण बढ़ी मांग है। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री का निर्यात कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि हर साल लगभग 20 से 25 अरब डॉलर के रक्षा पूंजीगत व्यय का 75 प्रतिशत हिस्सा देश के भीतर खर्च किया जाए। उन्होंने बताया कि रूस के बाद फ्रांस की भारत के रक्षा आयात में लगभग 15 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि इजरायल की हिस्सेदारी भी लगभग इतनी ही है।
10. दिनेश कुमार पिरामल फाइनेंस लिमिटेड के डायरेक्टर बने

22 अक्टूबर को दिनेश कुमार खारा के पिरामल फाइनेंस लिमिटेड के डायरेक्टर अपॉइंट होने की जानकारी मिली। दिनेश अभी अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के ऑपरेटिंग एडवाइजर और कई कंपनियों के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। दिनेश 4 दशक से बैंकिंग से जुड़े हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट और इंटरनेशनल बैंकिंग, ट्रेजरी, रिस्क, टेक्नोलॉजी और कंप्लायंस में सीनियर भूमिकाएं निभाई हैं। दिनेश 2020 से अगस्त 2024 तक SBI के चेयरमैन रहे। उन्होंने SBI के पांच एसोसिएट बैंकों और भारतीय महिला बैंक के SBI में मर्जर में अहम भूमिका निभाई। दिनेश ने डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, YONO प्लेटफॉर्म और सहयोगी बैंकों के SBI में विलय से जुड़े कामों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिरामल फाइनेंस लिमिटेड (Piramal Finance Limited) भारत की एक प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है।
11. उपग्रह टैग लगाए गए दो अमूर बाज़, अपापांग और अलांग, एशिया और अफ़्रीका के तेईस देशों की यात्रा पूरी कर मणिपुर लौटे

उपग्रह टैग लगाए गए दो अमूर बाज़, अपापांग और अलांग, एशिया और अफ़्रीका के तेईस देशों की यात्रा पूरी कर मणिपुर लौट आए हैं। इसके साथ ही उनकी लगभग एक साल लंबी निगरानी यात्रा पूरी हो गई है। पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि इन दोनों बाज़ों को भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने नवंबर 2025 में टैग किया था।
12. कित्तूर रानी चेन्नम्मा की जयंती पर संसद परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया गया

कित्तूर रानी चेन्नम्मा की जयंती और उनकी विजय के दो सौ दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली में संसद परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया गया। 1824 में, 1857 के महासंग्राम से लगभग तीन दशक पहले, रानी चेन्नम्मा ने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी की विस्तारवादी नीतियों को चुनौती देकर अपने राज्य की संप्रभुता की रक्षा का बीड़ा उठाया। रानी चेन्नम्मा का जन्म 23 अक्टूबर 1778 को वर्तमान कर्नाटक के बेलगावी जिले के काकती गांव में हुआ था। चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के शासक मल्लसर्जा देसाई से हुआ। मल्लसर्जा के निधन के बाद कित्तूर की स्थिति अधिक जटिल हो गई। उन्होंने परिस्थितियों के सामने असहाय होने के बजाय राज्य की बागडोर संभालने का संकल्प लिया। रानी चेन्नम्मा के संघर्ष का तत्कालीन कारण कित्तूर के उत्तराधिकार से जुड़ा विवाद था। उनके पुत्र की मृत्यु के बाद राज्य के भविष्य को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हुई। ऐसी परिस्थिति में शिवलिंगप्पा को उत्तराधिकारी के रूप में अपनाया गया। रानी का पक्ष था कि राज्य की परंपराओं और अधिकारों के अनुसार उत्तराधिकारी निर्धारित करने का निर्णय कित्तूर का अपना मामला है। लेकिन अंग्रेजी कंपनी के अधिकारियों ने इस उत्तराधिकार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कित्तूर के शासन और उत्तराधिकारी के प्रश्न पर अपना हस्तक्षेप बढ़ाया। इस असहमति ने रानी और कंपनी के बीच राजनीतिक तनाव को गहरा कर दिया। अक्टूबर 1824 में कित्तूर और अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच राजनीतिक विवाद युद्ध में बदल गया। कंपनी के अधिकारी कित्तूर पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहते थे, जबकि रानी चेन्नम्मा राज्य की स्वतंत्रता को किसी भी कीमत पर बचाने के लिए तैयार थीं। युद्ध की परिस्थितियों में रानी ने सैनिकों का नेतृत्व किया और अंग्रेजी सेना का सामना करने का निर्णय लिया। यह कदम उस समय के राजनीतिक वातावरण में असाधारण था। पहले युद्ध में मिली पराजय के बाद अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने कित्तूर पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने की तैयारी की। दिसंबर 1824 में अंग्रेजों ने कित्तूर पर कब्जा कर लिया। रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर लिया गया और राज्य की स्वतंत्र शासन व्यवस्था समाप्त हो गई। कित्तूर पर अंग्रेजों का कब्जा होने के बाद रानी चेन्नम्मा को बेलहोंगल किले में कैद रखा गया। 21 फरवरी 1829 को बेलहोंगल में उनका निधन हो गया।
13. Asian Para Games: निषाद कुमार और मोना अग्रवाल होंगे क्लोजिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक

जापान के आइची-नागोया में पांचवें एशियन पैरा गेम्स का समापन होगा। एशियन पैरा गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और एथलीट निषाद कुमार भारत के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो-दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 इवेंट में भी उनका प्रदर्शन जोरदार रहा और उन्होंने इस स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। मोना ने 357.5 के वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, निषाद कुमार ने ऊंची कूद और लंबी कूद में देश को दो गोल्ड मेडल दिलाए। उन्होंने फाइनल में 2.04 मीटर की ऊंचाई को पार करते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया। ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ओर बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा भारत के ध्वजवाहक रहे थे। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 114 मेडल जीते, जिसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। पिछले एशियन पैरा गेम्स में भारत ने कुल 111 मेडल जीते थे,जिसमें 29 गोल्ड शामिल थे।
14. हिम तेंदुआ दिवस

प्रतिवर्ष 23 अक्टूबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस केवल इस आकर्षक जीव के संरक्षण का अवसर नहीं, बल्कि एशिया के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों, हिमनदों, जीवनदायिनी नदियों और नाजुक पारिस्थितिक के भविष्य पर विचार करने का भी अवसर है। हिम तेंदुए का प्राकृतिक आवास मध्य और दक्षिण एशिया के 12 देशों में फैला है। भारत में यह मुख्यतः लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के उपयुक्त उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है। 22 और 23 अक्टूबर 2013 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हिम तेंदुए के प्राकृतिक आवास वाले देशों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। 23 अक्टूबर 2013 को स्वीकार की गई बिश्केक घोषणा ने हिम तेंदुए और उसके पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा के लिए साझा प्रयासों का मार्ग प्रशस्त किया। इसके साथ ही ग्लोबल स्नो लेपर्ड एंड इकोसिस्टम प्रोटेक्शन प्रोग्राम (GSLEP) को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। वर्ष 2014 से 23 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। वर्ष 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी इस दिवस को औपचारिक मान्यता दी, जिससे इसके संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता को और मजबूती मिली।
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