12–15 minutes
1. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में

भारत की 2026 की अध्यक्षता के तहत, 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत द्वारा की जाएगी। वर्ष 2026 में यह ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का भारत का चौथा अवसर होगा। भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शक विषय है— “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण”। आज ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं— ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। सामूहिक रूप से, ये सदस्य देश विश्व की 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक जीडीपी के 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार के 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये आँकड़े उनकी उल्लेखनीय जनसांख्यिकीय और आर्थिक क्षमता को रेखांकित करते हैं। ब्रिक्स के विस्तारित सदस्य-समूह ने एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक इसकी भौगोलिक पहुँच को भी व्यापक बनाया है। ‘ब्रिक’ (BRIC) संक्षिप्त नाम वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स द्वारा प्रकाशित ग्लोबल इकोनॉमिक्स पेपर ‘The World Needs Better Economic BRICs’ में गढ़ा गया था। इकोनॉमेट्रिक एनालिसिस के आधार पर इस शोध-पत्र में अनुमान लगाया गया था कि ब्राजील, रूस, भारत और चीन अगले पाँच दशकों के दौरान विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे। ब्रिक (BRIC) की औपचारिक स्थापना वर्ष 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के बीच राजनीतिक सहयोग के एक मंच के रूप में हुई थी। इसके संस्थापक सदस्य अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था की साझा आकांक्षा रखते थे। दक्षिण अफ्रीका वर्ष 2011 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुआ, जिसके साथ ब्रिक (BRIC) का विस्तार होकर बिक्स (BRICS) हो गया। लगातार आयोजित शिखर सम्मेलनों के माध्यम से ब्रिक्स का सहयोग धीरे-धीरे बढ़कर रणनीतिक वैश्विक मुद्दों और व्यावहारिक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है। इसके एजेंडे में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार तथा कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इसके साथ ही, यह श्रम एवं रोजगार, दूरसंचार, अंतरराष्ट्रीय वित्त और वैश्विक आर्थिक स्थिति जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित करता है। ब्रिक्स, विश्व व्यापार संगठन और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और समानता का प्रबल समर्थन करता है। विस्तार का एक महत्वपूर्ण चरण जनवरी 2024 में शुरू हुआ। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया 11वें पूर्ण सदस्य के रूप में ब्रिक्स में शामिल हुआ। इस विस्तार के साथ ‘पार्टनर कंट्री’ (साझेदार देश) की एक नई श्रेणी भी बनाई गई। वर्ष 2025 के दौरान दस देश इस ढाँचे में शामिल हुए— बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम। ब्रिक्स की अध्यक्षता इसके संक्षिप्त नाम में शामिल अक्षरों के क्रम के अनुसार हर वर्ष बदलती रहती है। प्रत्येक अध्यक्षता अवधि संबंधित वर्ष की 1 जनवरी से शुरू होकर 31 दिसंबर को समाप्त होती है। इस वर्ष से पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 9 सितंबर 2021 को 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की वर्चुअल माध्यम से मेजबानी की। यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का विषय था — “ब्रिक्स@15: निरंतरता, मजबूती और सहमति के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग।”
2. ‘इएसटीआईसी- 2026’ 27-29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा

‘उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार कॉन्क्लेव- 2026’ (इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव- ‘इएसटीआईसी’) का आयोजन 27-29 अक्टूबर 2026 तक भारत मंडपम में किया जाएगा, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे और इसमें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता वक्ताओं के अलावा तीन नोबेल पुरस्कार विजेता- प्रो. जोआचिम फ्रैंक, सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स और प्रो. कोस्त्या नोवोसेलोव भी शामिल होंगे। इस सम्मेलन में भारत के उभरते स्टार्टअप और डीप-टेक इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने वाली एक प्रौद्योगिकी-उन्मुख प्रदर्शनी भी शामिल होगी, जो दूसरे दिन से आम लोगों के लिए खुली रहेगी।
3. कृषि और वानिकी पर 9वीं आसियान-भारत मंत्रिस्तरीय बैठक (AIMMAF)

9 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में कृषि और वानिकी पर 9वीं आसियान-भारत मंत्रिस्तरीय बैठक (AIMMAF) आयोजित की गई। इस बैठक में भारत और आसियान देशों के कृषि क्षेत्र के नेता शामिल हुए, ताकि कृषि क्षेत्र में सहयोग को मजबूत किया जा सके और आने वाले वर्षों के लिए साझा प्राथमिकताएं तय की जा सकें। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने क्षेत्र में टिकाऊ विकास के लिए गाइड के तौर पर दो अहम फ्रेमवर्क – ‘आसियान 2045: हमारा साझा भविष्य‘ और ‘आसियान खाद्य, कृषि और वानिकी सेक्टर प्लान 2026-2030‘ – का स्वागत किया। मंत्रियों ने ‘आसियान-भारत मध्यम-अवधि कार्य योजना (कृषि और वानिकी में सहयोग के लिए) 2026-2030’ को लागू करने की दिशा में भी आगे बढ़ने पर चर्चा की; इस योजना में पॉलिसी पर बातचीत, डिजिटल इनोवेशन, संयुक्त रिसर्च, क्षमता निर्माण और किसानों के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम शामिल हैं।
4. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के लिए नए अनुच्छेद 371(K) का प्रस्ताव रखा

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने लद्दाख के लिए विशेष रूप से अनुकूलित ( सुई जेनेरिस ) शासन मॉडल प्रदान करने के लिए अनुच्छेद 371 (संविधान के भाग XXI में स्थित) के तहत एक नया ‘अध्याय K‘ शुरू करने का प्रस्ताव दिया है , जो केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को एक निर्वाचित विधायी निकाय प्रदान करेगा। इस प्रावधान का उद्देश्य प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा निर्वाचित एक केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय निकाय का गठन करना है। इसे भूमि, संस्कृति, भाषा, वन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ अनुच्छेद 240 के तहत केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आरक्षित अन्य मामलों पर विधायी शक्तियां प्राप्त होंगी । 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद , लद्दाख को बिना विधानसभा के एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बनाया गया था। नौकरशाहों द्वारा शासन और अधिवास नियमों में बदलाव ने भूमि, रोजगार, जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक पहचान को लेकर गहरी चिंताएं पैदा कर दीं, जिससे राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करके जनजातीय संरक्षण की मांग को बल मिला। अनुच्छेद 371 और इसके संबंधित प्रावधान (अनुच्छेद 371ए से 371जे) “अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधानों” से संबंधित हैं। यह 12 राज्यों (नागालैंड, मिजोरम, असम, महाराष्ट्र और गुजरात सहित) को स्थानीय रीति-रिवाजों, भूमि अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए विशिष्ट असममित संघीय सुरक्षा प्रदान करता है । किसी केंद्र शासित प्रदेश पर अनुच्छेद 371 के प्रावधान को लागू करना संविधान में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा।
5. बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा

बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, जिसे 13 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी, बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 1891 की जगह लेगा। यह समकालीन बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बैंकिंग रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक आधुनिक व्यवस्था प्रदान करता है। 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना (गजट अधिसूचना का लिंक नीचे दिया गया है) के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से इस कानून के प्रावधान लागू होंगे। यह कानून तकनीक-निरपेक्ष दृष्टिकोण अपनाता है और भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल, क्लाउड-आधारित और अन्य आधुनिक रूपों में रखे गए बैंकिंग रिकॉर्ड को मान्यता देता है। यह बैंकिंग रिकॉर्ड के सरल और मानक प्रमाणन की व्यवस्था भी करता है, जिसमें हाथ से किये हुए, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर शामिल हैं।
6. नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के हिस्से के तौर पर 11-12 सितंबर, 2026 को ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपोज़िशन का आयोजन

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर, नई दिल्ली के भारत मंडपम में 11-12 सितंबर 2026 को ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोज़िशन‘ का आयोजन कर रहा है। इसका मकसद भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले और उसके साथ-साथ भारत के डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित करना है। भारत इनोवेट्स केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसे भारतीय उच्च शिक्षा इकोसिस्टम से निकलने वाले नवाचारों के लिए एक वैश्विक गतिवर्धक के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। इसका मकसद भारत की नवाचार व्यवस्था (स्टार्टअप, उच्च शिक्षा संस्थान, लैब और रिसर्च पार्क) और वैश्विक हितधारकों (कॉरपोरेट, निवेशक, इनक्यूबेटर/एक्सेलेरेटर, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सरकारें और विदेशी पूर्व छात्र) के बीच दीर्घकालीन सहयोग कायम करना है। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (बीबीआई) प्रदर्शनी, 2026 में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स की दूसरी बड़ी प्रदर्शनी है। इससे पहले भारत इनोवेट्स का पहला संस्करण 14-16 जून 2026 को नीस, फ्रांस में आयोजित किया गया था। बीबीआई, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण” के तहत भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअप/वेंचर को दिखा रहा है (ये उन 120 स्टार्टअप/वेंचर के ग्रुप का हिस्सा हैं, जिन्होंने बीआई2026, नीस में भाग लिया था)।
7. मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट- 2026 का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-जी.एफ.एफ 2026 का शुभारंभ किया। दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली सालाना फिनटेक सम्मेलनों में से एक, जी.एफ.एफ का इस बार का विषय है- ‘पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम – ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस’।
8. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में वन टैग सुविधा का शुभारंभ किया

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में फास्टैग पोर्टेबिलिटी के लिए वन टैग सुविधा का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत वाहन मालिक अपने मौजूदा फास्टैग को राजमार्ग यात्रा ऐप द्वारा नए बैंक खाते से जोड़ सकते हैं। इस सुविधा से वाहन चालकों को बैंक खाता बदलते समय अपने मौजूदा फास्टैग स्टिकर को हटाने या बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने पुराने फास्टैग को नए खाते से लिंक करके उसका उपयोग कर सकेंगे।
9. ब्रिक्स व्यापार फोरम का नेतृत्व सत्र नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी

ब्रिक्स व्यापार फोरम का नेतृत्व सत्र नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी है। इस सत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भाग ले रहे हैं। अपने संबोधन में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार हासिल करने और ब्लॉक में सेवाओं के व्यापार के विस्तार की संभावनाओं का पता लगाने संबंधी एक स्पष्ट उद्देश्य से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों से निर्यात 2003 में लगभग 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है, जो इसके बाजार के आकार और क्षमता को दर्शाता है।
10. छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने 9 सितंबर, 2026 को ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन‘ को मंज़ूरी दी, जिसके लिए पाँच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना का मकसद राज्य के युवाओं को इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी कौशल से लैस करना और उन्हें सीधे नौकरी, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों से जोड़ना है। इस मिशन का एक मुख्य हिस्सा ‘निपुण जॉब इंजन’ (NIPUN Job Engine) है, जिसे इस तरह से बनाया गया है कि यह इंडस्ट्री की असल ज़रूरतों और युवाओं के पास मौजूद स्किल्स (कौशल) का मिलान कर सके। यह एक आसान प्रक्रिया पर काम करता है: इंडस्ट्री की ज़रूरत से ज़रूरी स्किल की पहचान होती है, फिर युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती है, इसके बाद स्किल मैचिंग होती है और आखिर में उन्हें औपचारिक रोज़गार मिलता है।
11. कर्नाटक कैबिनेट ने एयरोस्पेस पॉलिसी 2026-31 को मंज़ूरी दी

कर्नाटक कैबिनेट ने 9 सितंबर, 2026 को एयरोस्पेस पॉलिसी 2026-31 को मंज़ूरी दे दी, जो एयरोस्पेस, रक्षा, विमानन और अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास पर केंद्रित है और अगले पांच वर्षों में लगभग 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने और पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करने के लिए, सरकार ने फोकस क्षेत्रों और गैर-फोकस क्षेत्रों को जोन में वर्गीकृत किया है। जोन 1 में पूंजीगत सब्सिडी 30% और जोन 3 में 25% निर्धारित की गई है। पिछली नीति में गैर-फोकस क्षेत्रों में पूंजीगत सब्सिडी 1.75% से 2.25% के बीच थी, जिसे अब बढ़ाकर 25% कर दिया गया है।
12. राष्ट्रीय वन शहीद दिवस

भारत में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस (National Forest Martyrs Day) मनाया जाता है। देश के जंगलों, वन्यजीवों और जैव विविधता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वन रक्षकों, अधिकारियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साहस और बलिदान को सम्मानित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
13. तमिल वक्ता और प्रख्यात वाद-विवाद संचालक सोलोमन पापैया का मदुरै में निधन

प्रख्यात तमिल वक्ता और जाने-माने वाद-विवाद संचालक सोलोमन पापैया का मदुरै में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। श्री पापैया अपनी हास्यपूर्ण शैली और विशिष्ट मदुरै तमिल के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने देश और विदेशों में करीब 12,000 तमिल वाद-विवाद कार्यक्रमों का संचालन किया। मदुरै में जन्मे पापैया ने साधारण पृष्ठभूमि से शुरुआत की और तमिल के प्रोफेसर बने। बाद में उन्होंने मदुरै के अमेरिकन कॉलेज में तमिल विभाग का नेतृत्व किया। साहित्य और शिक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
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