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1. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की परीक्षा सुधारों के लिए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए प्रख्यात प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यबल के गठन की घोषणा की। वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विशेष कार्यबल परीक्षा सुधारों पर काम करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था भरोसेमंद, पारदर्शी और तकनीक आधारित होनी चाहिए। इस कार्यबल में पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा भी शामिल हैं।
2. मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर की पारंपरिक ‘वगू’ चटाई का किया जिक्र, गुलाम हुसैन और तंजीला की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात” 136वें एपिसोड में कश्मीर की पारंपरिक चटाई वगू पर चर्चा की। इसके साथ ही इस चटाई बनाने की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी की तारीफ की। कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ को लेकर आज जो प्रयास हो रहे हैं, उसमें इसी की झलक मिलती है। इसे सरकंडे और धान के पुआल, घास से से तैयार किया जाता है। इस चटाई को बनाने की परंपरा बरसों पुरानी है। इसके लिए कश्मीर के दलदली इलाकों की घास और सरकंडे की कटाई की जाती है। धूप में सुखाने के बाद छंटाई होती है और फिर शुरू होता है हाथों से बुनाई का काम। दो कारीगरों को एक चटाई बनाने में करीब 4 दिन लगते हैं। यह चटाई अनूठी भी है और इकोफ्रेंडली भी है। एक बड़ी खासियत यह है कि आपको गर्मियों में इससे ठंडक और सर्दियों में गर्माहट मिलेगी।
3. डी-डे लैंडिंग बीच, माउंट ओलंपस, असुका-फुजिवारा, और बोमा-बडिंगिलो विश्व धरोहर सूची में शामिल

यूनेस्को ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के डी-डे लैंडिंग बीच, ग्रीस के माउंट ओलंपस, जापान की प्राचीन राजधानियाँ असुका और फुजिवारा, और दक्षिण सूडान के विशाल प्रवासी प्राकृतिक क्षेत्र बोमा-बडिंगिलो को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। दक्षिण कोरिया के बुसान में यूनेस्को समिति की बैठक के दौरान वैश्विक नामांकनों की समीक्षा के पश्चात स्वीकृति दी गई। नव-सूचीबद्ध स्थल उत्कृष्ट सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को मान्यता प्रदान करते हैं।
4. आंध्र प्रदेश सरकार ने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले “उत्तरांध्र कलालकु रेक्कालु” नाम से अभियान शुरू किया

आंध्र प्रदेश सरकार ने भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले “उत्तरांध्र कलालकु रेक्कालु” नाम से अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 अगस्त को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। यह अभियान 25 जुलाई से 1 अगस्त तक उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के छह जिलों में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत हवाई अड्डे से क्षेत्र के विकास, पर्यटन और उद्योगों को मिलने वाले लाभों के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है।
5. अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर चैंपियनशिप-2026 का खिताब अपने नाम किया

भारत की युवा स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर चैंपियनशिप-2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे तीन गेम में 11-3, 11-7 और 11-9 से हराया। इस जीत के साथ अनाहत जूनियर विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने मिस्र के खिलाड़ियों के 16 साल के वर्चस्व को भी समाप्त कर दिया। अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और एक भी गेम गंवाए बिना खिताब अपने नाम किया। अब उनकी नजर लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक पर है, जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों में शामिल होगा। पुरुष वर्ग में एशियाई जूनियर चैंपियन आर्यवीर देवान भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे, उन्होंने अंतिम 16 में जगह बनाई।
6. भारत की भारोत्तोलन क्वीन मीराबाई चानू ने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता

भारत की भारोत्तोलन क्वीन मीराबाई चानू ने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में 190 किलोग्राम के रिकॉर्ड तोड़ भारोत्तोलन के साथ शानदार प्रदर्शन किया। 31 वर्षीय इस भारोत्तोलक ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड बनाए। इस जीत के साथ ही उन्होंने 2018 और 2022 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया है। भारत ने भारोत्तोलन में दो रजत पदक भी जीते। चानंबम ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में कुल 264 किलोग्राम भार उठाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया और रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम भार उठाया। राजा मुथुपंडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में कुल 286 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीता, जिसमें स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम शामिल थे। मलेशिया के मुहम्मद अजनील बिन बिदिन ने 299 किलोग्राम भार उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के पदकों की संख्या अब चार हो गई है। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश का खाता खोला था।
7. झारखंड की राजधानी रांची में शुरु हो रही है डूरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता

26 जुलाई से डूरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता झारखंड की राजधानी रांची में शुरु हो रही है। प्रतियोगिता का पहला मैच बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेला जाएगा। यह पहला मौक़ा है जब डूरंट कप प्रतियोगिता झारखंड में आयोजित हो रही है।
8. भारतीय सब-जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच यूथ हॉकी-फाइफ एशियन चैंपियनशिप का खिताब जीता

भारतीय सब-जूनियर पुरुष टीम ने मस्कट में खेले गए एफआईएच यूथ हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 3-1 से हराकर खिताब जीता। रोमित पाल (पांचवें), कप्तान केतन कुशवाहा (12वें) और शाहरुख अली (13वें मिनट) के गोल की मदद से भारत एशियाई चैंपियन बनने में सफल रहा। महिला वर्ग की प्रतियोगिता में भारतीय सब जूनियर टीम ने चीन के खिलाफ फाइनल में कड़े मुकाबले में 2-4 से हार झेलने के बाद रजत पदक जीता।
9. करगिल विजय दिवस

26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए करगिल की सभी महत्वपूर्ण चोटियों पर पुनः तिरंगा फहराया। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उन वीर सैनिकों को कृतज्ञ राष्ट्र की भावपूर्ण श्रद्धांजलि है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और राष्ट्रभक्ति, वीरता तथा कर्तव्यनिष्ठा का अमिट आदर्श स्थापित किया। करगिल युद्ध की पृष्ठभूमि ऐसे समय में तैयार हुई, जब भारत और पाकिस्तान के संबंधों में शांति और सहयोग की नई उम्मीद जगी थी। फरवरी 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐतिहासिक दिल्ली-लाहौर बस सेवा के माध्यम से पाकिस्तान की यात्रा की। इस पहल का उद्देश्य दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच विश्वास बहाली, संवाद को मजबूत करना और आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशना था। इसी दौरान दोनों देशों ने ‘लाहौर घोषणापत्र’ पर हस्ताक्षर कर शांति और अच्छे पड़ोसी संबंधों की प्रतिबद्धता दोहराई।हालांकि, यह विश्वास अधिक समय तक कायम नहीं रह सका। पाकिस्तान की सेना ने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज़ मुशर्रफ के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन बद्र’ के तहत करगिल क्षेत्र में गुप्त घुसपैठ की योजना बनाई। पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पार कर रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और अंततः करगिल युद्ध का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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