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1. न्यूजीलैंड ने भारत के लिए 57% एक्सपोर्ट टैरिफ फ्री किया

9 जुलाई को न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने 57% एक्सपोर्ट को टैरिफ फ्री करने का ऐलान किया। न्यूजीलैंड पीएम ने ये ऐलान पीएम नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के ठीक पहले किया है। मोदी शुक्रवार को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। इस ऐलान के बाद भारत से एक्सपोर्ट होने वाली कीवी फल, सेब, मीट प्रोडक्ट, वन और लकड़ी प्रोडक्ट 57% एक्सपोर्ट फ्री रहेंगे। इसके साथ ही सभी डेयरी प्रोडक्ट टैरिफ-फ्री नहीं होंगे। इसके साथ ही कुछ री-एक्सपोर्ट डेयरी और बल्क इन्फेंट फॉर्मूला प्रोडक्ट ड्यूटी फ्री होंगे। भारत के सभी एक्सपोर्ट को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच समय-समय पर मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बात होती रही है। इसके बाद अप्रैल 2026 में ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर आधिकारिक रूप से साइन किए गए थे। इस समझौते के तहत, भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड में 100% टैरिफ (ड्यूटी) फ्री पहुंच प्राप्त हुई है। वहीं, भारत ने न्यूजीलैंड से आने वाले 95% प्रोडक्ट पर टैरिफ कम या खत्म किया है, जिसमें 57% प्रोडक्ट लागू होने के पहले ही दिन से पूरी तरह टैरिफ-मुक्त हो जाएंगे। सबसे पहला मुक्त व्यापार समझौता भारत और श्रीलंका के बीच 1998 में साइन हुआ था, जिसे 2000 से लागू किया गया था।
2. भद्रकाली का त्रिशूल, नंदी और षण्मुख कार्तिकेय की प्राचीन प्रतिमाएं लौटाएगा ऑस्ट्रेलिया

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया तमिलनाडु की तीन महत्वपूर्ण प्राचीन धरोहरों — भद्रकाली का त्रिशूल, पवित्र नंदी की पाषाण प्रतिमा और भगवान कार्तिकेय (षण्मुख) की छह मुख वाली पत्थर की प्रतिमा — को भारत को स्वेच्छा से लौटाने जा रहा है। यह घोषणा मेलबर्न में चल रहे तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की बैठक के बाद की गई। संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि इन कलाकृतियों में देवी भद्रकाली का एक कांस्य त्रिशूल, नंदी की एक भव्य ग्रेनाइट प्रतिमा और छह सिर वाले कार्तिकेय की बेसाल्ट पत्थर की एक मूर्ति शामिल हैं। ये सभी वस्तुएँ 11वीं और 12वीं शताब्दी की हैं और मूल रूप से तमिलनाडु के ऐतिहासिक मंदिरों से प्राप्त की गई थीं और वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के संग्रह में सुरक्षित हैं। निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भारत वापस भेज दिया जाएगा।
3. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 18 अहम समझौते, यूरेनियम और रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए यूरेनियम सहयोग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित 18 प्रमुख समझौतों और पहलों पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन परिणामों की घोषणा की गई। भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। ऑस्ट्रेलिया भारत को सिविल न्यूक्लियर रिएक्टरों के लिए यूरेनियम उपलब्ध कराएगा। इससे ऑस्ट्रेलिया अब भारत के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम की आपूर्ति कर सकेगा। समझौता भारत के 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को समर्थन देगा। दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी दोनों देशों ने एक अहम कदम उठाया है। ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीप समूह में भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए एक अस्थायी स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र गगनयान कार्यक्रम के शुरुआती चार प्रमुख मिशनों की निगरानी और ट्रैकिंग में सहायता करेगा। इससे भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग मिलेगा।
4. उत्तराखंड देश का छठा पूर्णतः साक्षर राज्य बना

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और उल्लास- नए भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निर्धारित वयस्क साक्षरता मानकों को हासिल करने के बाद उत्तराखंड देश का छठा पूर्णतः साक्षर राज्य बन गया है। शिक्षा मंत्रालय के अधीन विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा निर्धारित साक्षरता मानकों की पूर्ति के बाद राज्यपाल ने 8 जुलाई 2026 को इस घोषणा को मंजूरी दी। उत्तराखंड ने वयस्क साक्षरता मानक से आगे बढ़ते हुए 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ, उत्तराखंड पूर्णतः साक्षर राज्यों की सूची में मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के साथ शामिल हो गया है।
5. दूरसंचार विभाग समृद्ध ग्राम कार्यक्रम के लिए एक्शन लाइन सी6 – सक्षम वातावरण के तहत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 से सम्मानित

दूरसंचार विभाग को अपने प्रमुख प्रोजेक्ट “समृद्ध ग्राम: भारतनेट द्वारा समर्थित एकीकृत भौतिक डिजिटल सेवा वितरण मॉडल” के लिए वैश्विक विजेता घोषित किया गया है। प्रतिष्ठित वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी पुरस्कार 2026 के एक्शन लाइन सी6 – एनेबलिंग एनवायरनमेंट श्रेणी के अंतर्गत यह पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार जिनेवा में आयोजित डब्ल्यूएसआईएस फोरम 2026 के दौरान प्रदान किया गया। इसमें समावेशी ग्रामीण विकास के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दूरसंचार कनेक्टिविटी का लाभ उठाने की दिशा में भारत के अभिनव दृष्टिकोण को मान्यता दी गई। अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के नेतृत्व में आयोजित सूचना समाज पर वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस) प्रक्रिया के तहत स्थापित, डब्ल्यूआईएसआईएस पुरस्कार सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का उपयोग करने वाली परियोजनाओं के लिए विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से हैं। समृद्ध ग्राम पहल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, ई-गवर्नेंस और ई-कॉमर्स सहित नागरिक-केंद्रित सेवाओं की एक व्यापक श्रृंखला को एक साथ लाती है। समृद्ध ग्राम केंद्र टेली-परामर्श, हेल्थ एटीएम के माध्यम से निदान सेवाएं और पीएम जन औषधि केंद्रों के माध्यम से दवाएं उपलब्ध कराता है; स्मार्ट कक्षाएं और एआर/वीआर आधारित कौशल विकास; आईओटी आधारित मृदा परीक्षण, ड्रोन-सक्षम उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव, और मोबाइल ऐप आधारित स्मार्ट सिंचाई समाधान; सीएससी/ई-गवर्नेंस और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सेवाएं; स्थानीय उत्पादों के लिए ई-कॉमर्स सहायता; एफटीटीएच और पीएम-वानी कनेक्टिविटी; सीसीटीवी आधारित ग्राम निगरानी; और सामुदायिक स्तर पर डिजिटल सुविधा प्रदान करता है। इससे आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होती है और समावेशी, प्रौद्योगिकी-सक्षम ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलता है।
6. DRDO ने पिनाका लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट की सफल टेस्टिंग की

8 जुलाई को DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर से पिनाका लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। रॉकेट ने उड़ान के दौरान तय सभी युद्धाभ्यास पूरे किए और टारगेट पर सटीक वार किया। इस नए गाइडेड वेरिएंट को भारतीय सेना में पहले से इस्तेमाल हो रहे ‘पिनाका लॉन्चर‘ से ही दागा गया है। LRGR को एक ही लॉन्चर के जरिए अलग-अलग रेंज वाले पिनाका वेरिएंट्स से लॉन्च किया जा सकता है। पिनाका LRGR को DRDO की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) लैब और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) ने मिलकर डिजाइन किया है।
7. दुनिया का पहला कमर्शियल परमाणु-संचालित उपग्रह लॉन्च

8 जुलाई को SpaceX ने दुनिया के पहले कमर्शियल परमाणु-संचालित उपग्रह BOHR (Betavoltaic Orbital High-Reliability) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। ये लॉन्चिंग ट्रांसपोर्टर-17 मिशन के तहत की गई है और ये उपग्रह अमेरिकी कंपनी सिटी लैब्स ने विकसित किया है। ये उपग्रह एक छोटा सा ‘क्यूबसैट‘ है, जिसका आकार लगभग एक सॉफ्टबॉल जितना है। इसे 80 अन्य पेलोड्स के साथ SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिये कक्षा में स्थापित किया गया। ये दुनिया का पहला कमर्शियल परमाणु-संचालित उपग्रह माना जा रहा है। वर्तमान BOHR उपग्रह के सामान्य संचालन के लिए अभी भी सौर पैनलों का उपयोग किया जाता है। अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ये भविष्य में चंद्रमा के स्थाई अंधकार वाले क्षेत्रों और गहरे अंतरिक्ष अभियानों में उपयोगी हो सकती है। ये लंबे समय के अंतरिक्ष मिशनों के लिए ज्यादा विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। BOHR में नैनो ट्रिटियम बेटावोल्टिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें ट्रिटियम के रेडियोधर्मी क्षय से निकलने वाले बीटा कणों को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है। ये तकनीक लंबे समय तक लगातार बिजली उपलब्ध करा सकती है, विशेषकर उन जगहों पर जहां सूर्य का प्रकाश बहुत कम या नहीं पहुंचता है। इस तरह की परमाणु बैटरियां भविष्य में उन जगहों पर काम आएंगी, जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती हैं। उदाहरण के लिए, चंद्रमा के स्थाई रूप से अंधेरे वाले हिस्से या गहरे अंतरिक्ष के मिशन में काम आएगा।
8. भारत बना रिटेल और एफएमसीजी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र

भारत ने रिटेल और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। 8 जुलाई 2026 तक देश में इस क्षेत्र के 180 जीसीसी संचालित हो रहे हैं, जिनमें 2.72 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। यह उपलब्धि भारत की मजबूत तकनीकी क्षमता, विशाल प्रतिभा पूल और वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत का रिटेल जीसीसी कार्यबल पोलैंड, फिलीपींस, मेक्सिको, जर्मनी और मिस्र के संयुक्त कार्यबल से भी 34 प्रतिशत अधिक है। हाल के वर्षों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत को अपने वैश्विक संचालन, अनुसंधान और डिजिटल नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, जिन्हें कॉर्पोरेट जगत में कैप्टिव सेंटर या ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर भी कहा जाता है, बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा स्थापित विशेष इकाइयाँ होती हैं। इनका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, डेटा एनालिटिक्स, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला, ग्राहक अनुभव और अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक कार्यों का संचालन करना होता है। भारत में लोव्स, टेस्को, एच एंड एम, वॉलमार्ट ग्लोबल टेक, टार्गेट, लॉरियल और एबी इनबेव जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों के जीसीसी संचालित हैं, जो देश को वैश्विक नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहे हैं।
9. भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होंगे

10 जुलाई को भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल करने का ऐलान किया। इसकी घोषणा 11 जुलाई को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में ICC की सालाना कॉन्फ्रेंस में होगी। गांगुली हॉल ऑफ फेम में जगह बनाने वाले भारत के 12वें क्रिकेटर होंगे। मैच फिक्सिंग विवाद के बाद 2000 में गांगुली ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। गांगुली की कप्तानी में भारत ने 2002 चैंपियंस ट्रॉफी जीती और 2003 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला। 2004 में पाकिस्तान में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती और ऑस्ट्रेलिया की लगातार 16 मैचों की टेस्ट जीत का रिकॉर्ड भी तोड़ा। गांगुली ने भारत के लिए 113 टेस्ट में 7212 रन बनाए, जिसमें 16 शतक शामिल हैं। 311 वनडे में उनके नाम 11363 रन और 22 शतक दर्ज हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 132 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी के बाद वे BCCI अध्यक्ष और वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष भी रहे हैं। हॉल ऑफ फेम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान होता है। इसमें उन महान खिलाड़ियों, अंपायर्स या प्रशासकों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में असाधारण प्रदर्शन किया हो। किसी भी खिलाड़ी को इस हॉल ऑफ फेम में शामिल करने से पहले उसके संन्यास लिए कम से कम 5 साल पूरे होना जरूरी होता है। अब तक भारत के 12 खिलाड़ियों को ये सम्मान दिया जा चुका है, इसमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, कपिल देव और एमएस धोनी शामिल हैं।
10. भारतीय पिकलबॉल संघ ने 2026 पिकलबॉल विश्व कप के लिए भारतीय दल की घोषणा की

भारतीय पिकलबॉल संघ ने 2026 पिकलबॉल विश्व कप के लिए भारतीय दल की घोषणा कर दी है। यह दल एक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद चुना गया है। 30 अगस्त से 6 सितंबर तक वियतनाम के दा नांग में आयोजित होने वाले पिकलबॉल विश्व कप में पेशेवर वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। अंतरराष्ट्रीय पिकलबॉल जगत में एक जाना-पहचाना नाम हर्ष मेहता दल की कप्तानी करेंगे। उनके साथ अर्जुन सिंह भी होंगे, जो विश्व कप में अंडर-18 वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व और कप्तानी कर रहे हैं। पुरुष वर्ग में अनीश फ्रोलियन और अमन पटेल का भी चयन हुआ है। महिला वर्ग में मिहिका यादव, आलिया इब्राहिम, पर्ल अमलसादीवाला और नाओमी अमलसादीवाली शामिल हैं।
11. 17 वर्षीय अश्वथ एस. बने भारत के 98वें शतरंज ग्रैंडमास्टर

कन्याकुमारी के 17 वर्षीय अश्वथ एस. पुणे इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर राउंड रॉबिन में अपना अंतिम ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल करते हुए भारत के 98वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं। अंतिम दौर में अश्वथ ने काले मोहरों से खेलते हुए अमरीका के कन्नन वैद्यनाथन को हराकर ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल किया। उन्होंने 9 राउंड में 7 अंक प्राप्त करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।
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