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1. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले नेता बने
10 जून को पीएम नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बने। पीएम मोदी ने देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा। पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है और जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके साथ ही इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया था और उनका ये कार्यकाल 4,077 दिनों का था।पीएम मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने से पहले तक इस पद पर रहे।
2. पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिवसीय यात्रा पर होंगे रवाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। श्री मोदी रविवार को नीस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का शुभारंभ भी करेंगे। इसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड एक साथ आएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के दौरान आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम दोनों देशों के बीच वर्तमान साझेदारी को और मजबूत करता है। दूसरे चरण में श्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा पिछले वर्ष अप्रैल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्लोवाकिया यात्रा और इस वर्ष फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। श्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16 और 17 जून को फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
3. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (विनिमय) का उद्घाटन किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (विनिमय) का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य तकनीकी सहायता से सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुगम, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। यह प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे स्थलीय बंदरगाहों के संचालन को एक एकीकृत प्रणाली में समाहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह रसद और विनियामक जानकारी के सुरक्षित, वास्तविक समय आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा, जिससे स्थलीय बंदरगाह हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों पर पहले से मौजूद डिजिटल प्रणालियों के समकक्ष हो जाएंगे। भूमि पत्तन प्रबंधन प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका निर्माण भूमि पत्तनों के बीच एकीकृत प्रणाली कायम करने के लिए किया गया है। इससे लॉजिस्टिक के सुरक्षित और वास्तविक समय आदान-प्रदान में मदद मिलेगी और भूमि पत्तनों को हवाई अड्डों तथा समुद्री बंदरगाहों के समान डिजिटल प्रणालियां प्रदान करने में मदद मिलेगी।
4. रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा भूमि पर बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दी
ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीन पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) सहित 250 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह अपनी तरह की पहली परियोजना है। इसमें रक्षा भूमि पर एकीकृत बीईएसएस सहायता के साथ बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन सुविधा का विकास भी शामिल है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय के मुताबिक, खाली पड़ी सेना की जमीन (रक्षा भूमि) के बेहतर इस्तेमाल की अपनी पहल के तहत NTPC के जरिए इस प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा।
5. इंद्रौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू हुई
9 जून को मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि वैश्विक कृषि क्षेत्र के सामने मौजूद कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए। ये समिट 13 जून तक चलेगी। इस बैठक में BRICS देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के कृषि मंत्री शामिल हुए। इस समिट में खाद्य सिक्योरिटी , एग्रीकल्चर इनोवेशन , क्लाइमेट चेंज, एग्रीकल्चर ट्रेड और छोटे किसानों पर बात होगी। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, दुनिया की लगभग 42% कृषि भूमि, 68% कृषि जोतें और 42% खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों के पास हैं। इस समिट में कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को कैसे सुरक्षित बनाया जाए, इस पर सेशन आयोजित होंगे। इस समिट में छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। जॉइंट डिक्लेरेशन में फूड सिक्योरिटी और न्यूट्रिशन, डिजिटल एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर में स्मार्ट टेक्नोलॉजी का यूज बढ़ाने, एग्रीकल्चर इनोवेशन, AI, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स और एग्रीकल्चर इंवेस्टमेंट पर जॉइंट डिक्लेरेशन भी पेश किया जा सकता है।
6. H-1B वीजा में 1 लाख डॉलर के शुल्क पर अमेरिकी कोर्ट ने रोक लगाई
8 जून को अमेरिका में फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया है। बोस्टन कोर्ट ने कहा कि ये फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी होती है। ट्रम्प ने सितंबर 2025 में कहा था कि H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को उनके हर वीजा के लिए 1 लाख डॉलर की एक्स्ट्रा फीस देनी होगी। इसके बाद 20 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने इसे चुनौती दी थी। अब कोर्ट के फैसले के खिलाफ ट्रम्प सरकार अपील कर सकती है। H-1B एक गैर-प्रवासी वीजा है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां कुछ समय के लिए विदेशों से हाई स्किल प्रोफेशनल्स को नौकरी पर रख सकती हैं। पहले H-1B वीजा आवेदन करने पर कंपनियों को करीब 2000 से 5000 डॉलर तक फीस देनी पड़ती थी। इस वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने H-1B वीजा का मुद्दा उठाया था। रुबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। H-1B वीजा एक नॉन एग्रीमेंट वीजा है। H-1B वीजा स्पेशल टेक्निकल स्किल वाले पदों पर विदेशी प्रोफेशनल्स को अपॉइंट किया जाता है। H-1B वीजा की टाइम लिमिट 3 साल के लिए होती है। जरूरत पढ़ने पर H-1B वीजा 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
7. उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘गंगा परियोजना’ का शुभारंभ किया
उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘गंगा (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फार ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) परियोजना’ का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और साथ ही डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है। लखनऊ में परियोजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य ने डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 8 हजार डिजिटल उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यह परियोजना युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ेगी और स्वरोजगार और उद्यमशीलता के नए अवसर पैदा करेगी। इस पहल के लिए हिंदुजा समूह को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम युवा योजना के तहत राज्य सरकार युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। गंगा परियोजना के तहत चयनित युवा भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे और डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में अपने उद्यम स्थापित कर सकेंगे। चयनित युवाओं में आधी महिलाएं होंगी। हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड इन युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। एक सेवा प्रदाता को 5.53 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इसमें से पांच लाख रुपये सीएम युवा योजना से मिल जाएंगे। युवाओं को 50 हजार रुपये की मार्जिन मनी लगानी होगी। यह अपने यहां इंटरनेट कनेक्शन देंगे। पहले चरण में 21 जिलों से शुरू हो रही इस पहल के माध्यम से 20 लाख परिवारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
8. पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना होगी लागू
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना राज्य के चाय बागान श्रमिकों के लिए लागू की जाएगी। इस कल्याणकारी पहल में तीन उप-योजनाएं शामिल हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित कुमार ने कोलकाता में मीडिया को बताया कि श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं और श्रमिकों के लिए उचित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चाय श्रमिक शिक्षा योजना, चाय श्रमिक स्वास्थ्य योजना और चाय श्रमिक आश्रय योजना शुरू की जा रही हैं। पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
9. रणनीतिक सड़क परियोजना ज़ोजी-ला सुरंग का अंतिम चरण पूरा
सड़क परियोजना जोजिला सुरंग का अंतिम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इससे, कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच हर मौसम में सम्पर्क स्थापित होने की संभावना बढ़ गई हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट बटन दबाकर लद्दाख के मिनिमर्ग में जोजिला सुरंग के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास विस्फोट किया और इसे कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करने का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित थे। यह सुरंग श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क प्रदान करेगी और आवागमन, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। समुद्र तल से 11 हजार 578 फीट की ऊंचाई पर निर्मित ज़ोजिला सुरंग पूर्ण होने पर एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंग बन जाएगी। जोजिला सुरंग देश की सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है। इस सुरंग के खुलने से कश्मीर के बाल्टल और लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास में मीनामर्ग के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर बन रही 13 किलोमीटर से अधिक लंबी मुख्य सुरंग के दोनों छोर जुड़ गए हैं। परियोजना के फरवरी 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। एक बार शुरू होने के बाद, सुरंग से जोजिला दर्रे को पार करने का समय तीन घंटे से घटकर लगभग 15 मिनट हो जाएगा और राजमार्ग के बर्फ से ढके और दुर्घटना-संभावित हिस्सों से बचा जा सकेगा।
10. सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय वर्ष 2017 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा मिलता है। एक अप्रैल 2022 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को मिशन शक्ति के अंतर्गत शामिल किया गया है। इसके बाद मातृत्व एवं शिशु लाभ की किस्तों को तीन से घटाकर दो कर दिया गया। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाते हुए दूसरे बच्चे के लिए भी लाभ का प्रावधान किया गया, बशर्ते नवजात शिशु बालिका हो। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले बच्चे के लिए दो किस्तों में 5,000 रुपए तथा दूसरे बच्चे के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता गर्भावस्था के प्रारंभिक पंजीकरण, प्रसवपूर्व देखभाल और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पड़ावों से जुड़ी हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रव्यापी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने 75 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का और 5 रुपये का एक डाक टिकट भी जारी किया।
11. अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस
अभिलेखागार किसी भी राष्ट्र, समाज और संस्था की स्मृतियों का भंडार होते हैं। इनमें सुरक्षित दस्तावेज न केवल अतीत की घटनाओं को प्रमाणिक रूप से दर्ज करते हैं, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर वर्ष 9 जून को विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस (International Archives Day) मनाया जाता है। यह दिवस अभिलेखों और अभिलेखागारों के महत्व को रेखांकित करने, ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में उनकी भूमिका को समझाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी। इसके पीछे प्रमुख कारण 9 जून 1948 को अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार परिषद (International Council on Archives-ICA) की स्थापना थी। यूनेस्को के सहयोग से स्थापित इस परिषद का उद्देश्य दुनिया भर में अभिलेखों के संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग को बढ़ावा देना था। बाद में आईसीए ने 9 जून को अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि लोगों को अभिलेखों के महत्व से परिचित कराया जा सके।
12. विश्व भूगर्भ जल दिवस
धरती के गर्भ में सदियों से संचित वह अमूल्य जल, जिसने मानव सभ्यता को जीवन दिया, आज हमारे अनियंत्रित दोहन और लापरवाह विकास की कीमत चुका रहा है। यही कारण है कि हर वर्ष 10 जून को विश्व भूगर्भ जल दिवस मनाकर लोगों को इस अदृश्य संसाधन के महत्व, आवश्यकता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है।
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