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1. गृह मंत्री अमित शाह ने लेह के जीवत्सल में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
गृह मंत्री अमित शाह ने लेह के जीवत्सल में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और केंद्रीय गृह सचिव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गृह मंत्री 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लद्दाख आए हैं। संस्कृति मंत्रालय, लद्दाख प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से यह प्रदर्शनी 1 से 15 मई 2026 तक लद्दाख में आयोजित की जाएगी। ये अवशेष पूर्ण ज्ञानी बुद्ध यानी तथागत की शिक्षाओं और आध्यात्मिक उपस्थिति के प्रतीक हैं। तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की यह प्रदर्शनी भारत की शाश्वत सभ्यतागत भावना और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को संरक्षित करने तथा विश्व स्तर पर साझा करने की उसकी प्रतिबद्धता की एक गहन अभिव्यक्ति है। ये पवित्र अवशेष इस महीने की 10 तारीख तक लेह में आम जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे, जिसके बाद इन्हें ज़ांस्कर घाटी ले जाया जाएगा, जहाँ इन्हें दो दिनों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। अंत में, एक समापन शोभायात्रा के बाद, ये अवशेष इस महीने की 15 तारीख को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
2. विदेश मंत्री 10 मई तक कैरेबियाई देशों की यात्रा पर रहेंगे
विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर 2 से 10 मई तक जमैका, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यात्रा के दौरान वे तीनों देशों के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन देशों के विदेश मंत्रियों के साथ होने वाली चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल होंगे।
3. संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रख्यात गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को भारत के लोक सेवा प्रसारक, प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री जोशी का साहित्य, विज्ञापन, सिनेमा और जन संचार के क्षेत्र में व्यापक योगदान रहा है। अपने प्रभावशाली लेखन और गहरी सांस्कृतिक संवेदनशीलता के लिए जाने जाने वाले श्री जोशी की समकालीन भारतीय मीडिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। श्री प्रसून जोशी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
4. डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोराम अनिया बने नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ० आर बालासुब्रमण्यम और डॉक्टर जोराम अनिया को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल सचिवालय ने गजट अधिसूचना के माध्यम से यह जानकारी दी।
5. RBI में बड़ा बदलाव: रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर
भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए Reserve Bank of India के नए डिप्टी गवर्नर के रूप में Rohit Jain की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की स्वीकृति के बाद की गई है और उनका कार्यकाल 3 मई 2026 से प्रभावी होगा।रोहित जैन, पूर्व डिप्टी गवर्नर T Rabi Sankar का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। उनकी नियुक्ति को RBI नेतृत्व में अनुभव और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रोहित जैन के पदभार संभालने के बाद, आरबीआई की डिप्टी गवर्नर टीम इस प्रकार होगी.
स्वामीनाथन जे
पूनम गुप्ता
एस. सी. मुर्मू
रोहित जैन
6. अनुग्रह नारायण दास ने रक्षा लेखा महानियंत्रक का पद संभाला
आईडीएएस अधिकारी अनुग्रह नारायण दास ने 1 मई 2026 को रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दास को रक्षा वित्तीय प्रबंधन और लोक सेवा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान अनुग्रह नारायण दास ने खरीद नीति, ऑडिट प्रणाली और बजट एवं व्यय निगरानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। उनकी विशेषज्ञता रक्षा वित्तीय प्रबंधन को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
7. एम्स दिल्ली में बड़ी चिकित्सा उपलब्धि: देश का पहला पोर्टेबल MRI सिस्टम शुरू
देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम उठाते हुए भारत का पहला पोर्टेबल बेडसाइड MRI सिस्टम शुरू किया है। यह अत्याधुनिक तकनीक गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए तेज और सुरक्षित ब्रेन इमेजिंग को संभव बनाएगी। इस पोर्टेबल MRI मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सीधे मरीज के बेड तक ले जाया जा सकता है। पारंपरिक MRI स्कैन में मरीज को विशेष कक्ष तक ले जाना पड़ता है, जबकि नई प्रणाली ICU, इमरजेंसी और न्यूरोसर्जरी वार्ड में ही स्कैनिंग की सुविधा देती है। इससे गंभीर मरीजों को ट्रांसफर करने का जोखिम काफी कम हो जाएगा। एम्स के सेंटर फॉर न्यूरोलॉजिकल कंडीशंस में इस तकनीक का उपयोग शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों की टीम डॉ. शैलेश गायकवाड़ के नेतृत्व में मरीजों की जांच कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह तकनीक स्ट्रोक, सिर की चोट, ICU मॉनिटरिंग, बच्चों के मामलों और सर्जरी के बाद की देखभाल में बेहद कारगर है।
8. फिनलैंड में दुनिया का पहला न्यूक्लियर वेस्ट वॉल्ट प्रारंभ होगा
इस्तेमाल किए जा चुके परमाणु ईंधन को स्थायी रूप से निपटाने वाली दुनिया की पहली सुविधा फिनलैंड के ओल्किलुओटो द्वीप में शुरू होने वाली है। ओल्किलुओटो द्वीप के बहुत नीचे बनी यह सुविधा 6,500 टन इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर ईंधन (spent fuel) को रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ओल्किलुओटो द्वीप के नीचे स्थित, ओन्कालो सुविधा को इस्तेमाल हो चुके परमाणु ईंधन को 100,000 वर्षों तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ओंकालो सुविधा ज़मीन की सतह से लगभग 400 से 450 मीटर नीचे, लगभग 1.9 अरब साल पुरानी चट्टान (bedrock) में स्थित है। फिनलैंड का यह समाधान, रेडियोएक्टिव कचरे को लोगों और पर्यावरण से भूवैज्ञानिक समय-सीमाओं तक सुरक्षित रूप से अलग रखने के लिए एक काम करने वाला मॉडल पेश कर सकता है। 1950 के दशक से, दुनिया भर के न्यूक्लियर रिएक्टरों ने भारी मात्रा में इस्तेमाल हो चुका ईंधन पैदा किया है। दुनिया भर में, यह मात्रा लगभग 400,000 टन तक पहुँच गई है, जिसका ज़्यादातर हिस्सा अभी कूलिंग पूल और सूखे कंटेनरों जैसी अस्थायी सुविधाओं में स्टोर किया गया है।
9. भारत की पहली कमर्शियल सीप्लेन सेवा लक्षद्वीप में प्रारंभ होगी
SkyHop Aviation Private Limited को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) से अपना एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) मिला। इससे कंपनी भारत की पहली कमर्शियल सीप्लेन सेवा शुरू कर सकेगी, जिसकी शुरुआती उड़ानें केंद्र शासित प्रदेश (UT) लक्षद्वीप में चलाने की योजना है। इससे ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी‘ (अंतिम छोर तक संपर्क) को बढ़ावा मिलेगा, यात्रा का समय कम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दूरदराज के इलाकों तक पहुँच बेहतर होगी। 19 सीटों वाले De Havilland Canada (DHC)-6 Twin Otter विमान को स्वदेशी रूप से सीप्लेन में बदला गया है। इसमें ‘फ्लोट अटैचमेंट’ लगाए गए हैं, जिससे यह पानी और छोटी हवाई पट्टियों पर भी उड़ान भर सकता है। लक्षद्वीप में शुरुआती चरण के तहत पाँच द्वीपों को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ा जाएगा। इसके लिए अगाती, किलतान और कवरत्ती में सीप्लेन डॉक बनाए गए हैं। यह पहली बार है, जब भारत में ही सीप्लेन के तौर पर बदले/संशोधित किए गए किसी विमान ने उड़ान भरी है। पहले, सीप्लेन भारत में पहले से सीप्लेन के रूप में ही आते थे और फिर यहाँ उड़ान भरते थे; लेकिन उनके लगातार संचालन का रिकॉर्ड मिला-जुला ही रहा था। इससे पहले, उत्तराखंड के गंगा बैराज (ऋषिकेश) और टिहरी झील में पानी से उड़ान भरने और उतरने के सफल परीक्षणों के बाद इसे ज़रूरी सर्टिफिकेशन मिल चुका था। SpiceJet ने कुछ साल पहले गुजरात में कुछ समय के लिए सीप्लेन सेवा शुरू की थी, लेकिन वह इसे ज़्यादा समय तक जारी नहीं रख पाई थी।
10. अब नहीं खोएंगे PF के पैसे, EPFO का नया प्लेटफॉर्म करेगा मदद
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ‘E-PRAAPTI’ नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है। मनसुख मंडाविया ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस पहल का मकसद यूज़र्स को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के बिना भी, निष्क्रिय या बिना दावे वाले प्रॉविडेंट फंड खातों को ट्रैक करने और उन्हें फिर से चालू करने में मदद करना है। यह कदम डिजिटल शासन, पारदर्शिता और यूज़र्स के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है। E-PRAAPTI का पूरा नाम ‘EPF Aadhaar-Based Access Portal to Tracking the Inoperative Accounts’ है। यह एक नया डिजिटल सिस्टम है, जिसे लोगों को उनके पुराने या निष्क्रिय प्रोविडेंट फंड खातों को मैनेज करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म आधार-आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने नियोक्ताओं पर निर्भर हुए बिना, स्वतंत्र रूप से अपने खातों तक पहुँचने की सुविधा देगा। यह विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होगा जिन्होंने कई बार अपनी नौकरियाँ बदली हैं या जो अपने EPF विवरणों का ट्रैक खो चुके हैं।शुरुआत में, यह पोर्टल ‘सदस्य ID-आधारित प्रणाली’ का उपयोग करके कार्य करेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने खाते का विवरण आसानी से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।
11. पायलट फेज के बाद SEBI ने लॉन्च किया PaRRVA सिस्टम
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ‘पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी’ (PaRRVA) को चालू कर दिया है। दिसंबर 2025 में शुरू किए गए सफल पायलट चरण के बाद, यह प्रणाली 4 मई 2026 से पूरी तरह से काम करने लगेगी। PaRRVA को वित्तीय सेवा प्रदाताओं के सत्यापित प्रदर्शन डेटा उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और यह निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करेगा, साथ ही विश्वास और जवाबदेही को भी बढ़ाएगा। PaRRVA एक नियामक तंत्र है जिसे SEBI द्वारा वित्तीय संस्थाओं द्वारा किए गए पिछले प्रदर्शन के दावों को सत्यापित और मानकीकृत करने के लिए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय डेटा प्राप्त करें।
12. भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को मिला 2026 Whitley Award
भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को 2026 का प्रतिष्ठित Whitley Award प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें endangered पक्षी Indian Skimmer के संरक्षण में उनके अद्भुत योगदान के लिए दिया गया है। यह अवॉर्ड Whitley Fund for Nature द्वारा दिया जाता है और इस बार समारोह Royal Geographical Society में आयोजित हुआ, जहां Princess Anne ने उन्हें सम्मानित किया। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व में grassroots conservation (जमीनी स्तर पर संरक्षण) के महत्व को उजागर करती है। Indian Skimmer एक बेहद अनोखा और संकटग्रस्त पक्षी है, जिसकी पहचान इसकी चमकीली नारंगी चोंच और पानी की सतह पर स्किमिंग करते हुए मछली पकड़ने की खास तकनीक से होती है।
13. एईआरबी ने कुडनकुलम परियोजना की इकाई 5 और 6 में प्रमुख उपकरण स्थापना को मंजूरी
परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना (केकेएनपीपी) इकाई 5 और 6 में प्रमुख उपकरण लगाने के लिए अनुमति जारी कर दी है। इसमें परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड को रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जेनरेटर, कूलेंट पंप सहित संयंत्र के प्रमुख उपकरणों की लगाने की अनुमति दी गई है। एईआरबी द्वारा निर्दिष्ट सुरक्षा आवश्यकता के अनुसार इकाइयों के डिजाइन को संतोषजनक बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद अनुमति जारी की गई। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में स्थित कुडनकुलम परियोजना स्थल में वीवीईआर (वॉटर-वॉटर एनर्जेटिक रिएक्टर) डिजाइन के दबावयुक्त जल रिएक्टरों की छह इकाइयां शामिल हैं, जिन्हें रूस के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया जा रहा है।
14. सरकार ने नागरिकों को आपदा की तत्काल सूचना देने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम शुरू किया
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की आपातकालीन संचार प्रणालियों को सुदृढ़ करने और जन सुरक्षा ढांचे के विस्तार के लिए सेल प्रसारण प्रणाली-सीबीएस का शुभारंभ किया। स्वदेशी तकनीक पर आधारित सीबीएस को दूरसंचार विकास केंद्र – सी-डॉट ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है। परीक्षण के दौरान संदेश में लिखा था – सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र। यह संदेश परीक्षण के लिए है, इसलिए जनता को इस पर कोई प्रतिक्रिया देने की कोई आवश्यकता नहीं है। भविष्य में, इसी प्रणाली के माध्यम से, आपदा या आपात स्थिति में स्थानीय भाषा में और स्थान के अनुसार तत्काल अलर्ट भेजे जा सकेंगे। यह पहल नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत करने और आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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