26 March 2026 Current Affairs -GurugGkwala

15–19 minutes


1. कैबिनेट ने 1800 करोड़ रुपए के बजट के साथ आईवीएफआरटी स्कीम जारी रखने की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 1800 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च, 2026 के बाद भी पांच साल की अवधि के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। आईवीएफआरटी प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को परस्पर जोड़ना और उन्हें सुव्यवस्थित करना है। कैबिनेट की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि इसका लक्ष्य वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। इस परियोजना को 13 मई, 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 1011 करोड़ रुपए के बजट के साथ सितंबर 2014 तक की अवधि के लिए अनुमोदित किया गया था। बाद में परियोजना के लिए बजट आवंटन 2015 में संशोधित करके 638.90 करोड़ रुपए कर दिया गया था और कार्यान्वयन की समयसीमा को 31 मार्च, 2017 तक और फिर इसे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। फिर इस परियोजना को 01 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक पांच साल की अवधि के लिए मंत्रिमंडल ने 19 जनवरी,2022 को 1365 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी।

2. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित उड़ान योजना को 10 वर्षों के लिए 28,840 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना – संशोधित उड़ान योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2035-36 तक दस वर्षों की अवधि के लिए मंजूरी दे दी है। इस पर 28 हजार आठ सौ 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। नई दिल्ली में आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा अप्रयुक्‍त हवाई पट्टियों को सौ हवाई अड्डों में विकसित किया जाएगा। इससे कम सेवा वाले और अनुपलब्ध क्षेत्रों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और आम नागरिकों के लिए किफायती हवाई यात्रा को सुगम बनाया जा सकेगा। इससे दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार होगा और क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन ऑपरेटरों के लिए अधिक व्यवहार्यता और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

3. हाईवे और रेलवे परियोजनाओं में आरओबी के लिए अनुमोदन प्रक्रियाओं को डिजिटाइज और तेज करने हेतु PRISM-SG पोर्टल लॉन्च

बुनियादी ढांचा विकास में दक्षता, पारदर्शिता और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने की दिशा में एक प्रमुख कदम के रूप में, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में PRISM-SG (पोर्टल फॉर रेल-रोड इंस्पेक्शन एंड स्टेजेस मैनेजमेंट – स्टील गर्डर्स) पोर्टल लॉन्च किया। PRISM-SG पोर्टल का विकास सड़क ऊपरी पुलों (आरओबी) के निर्माण से संबंधित प्रमुख अनुमोदन और निरीक्षण प्रक्रियाओं को डिजिटाइज करने के लिए किया गया है, जिसमें क्वालिटी एश्योरेंस प्लान (क्यूएपी), वेल्डिंग प्रक्रिया विनिर्देश पत्रक (डब्ल्यूपीएसएस) और स्टील गर्डर्स के निर्माण चरण निरीक्षण को शामिल किया गया है। यह पोर्टल दस्तावेजों की अंत-से-अंत ऑनलाइन जमा, जांच, प्रश्न उठाना और उनका समाधान, अनुमोदन, निरीक्षण शेड्यूलिंग तथा निरीक्षण रिपोर्ट, फोटोग्राफ, परीक्षण परिणामों की अपलोडिंग को सक्षम बनाता है, जो पूर्ण ऑडिट ट्रेल और वास्तविक समय निगरानी क्षमताओं द्वारा समर्थित है।

4. रामकुमार मुखोपाध्याय के बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्वती कथा’ को सरस्वती सम्मान 2025 के लिए चुना गया

रामकुमार मुखोपाध्याय द्वारा लिखित बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्वती कथा’ को सरस्वती सम्मान, 2025 के लिए चुना गया है। सरस्वती सम्मान एक वार्षिक पुरस्कार है जिसकी स्थापना के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने 1991 में की थी। यह सम्मान भारतीय भाषा में भारतीय नागरिक द्वारा लिखित और पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है। पुरस्कार विजेता को 15 लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा।

5. संसद में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण संशोधन विधेयक 2026 पारित

संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति-अधिकारों का संरक्षण, संशोधन विधेयक, 2026, पारित कर दिया है। राज्यसभा ने विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा इसे पहले ही ध्वनि मत से पारित कर चुकी है। विधेयक में ट्रांसजेंडर की श्रेणी को फिर से परिभाषित करने, स्व-अनुभूत लैंगिक पहचान के प्रावधान को हटाने और कई सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानों के साथ ट्रांसमैस्कुलिन व्यक्तियों को इसके दायरे से बाहर करने का प्रयास किया गया है। यह विधेयक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन करना चाहता है। यह अधिनियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए प्रावधान करता है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (संशोधन) विधेयक, 2026 स्व-पहचान के अधिकार को एक चिकित्सा प्रमाणन प्रक्रिया से बदलने का प्रस्ताव करता है, जो NALSA निर्णय (2014) के विपरीत है। ट्रांसजेंडर कार्यकर्त्ताओं को भय है कि इन संशोधनों का उद्देश्य भारत में ट्रांसजेंडर अधिकारों के कानूनी ढाँचे को पुनर्गठित कर सकता है, जो सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ, 2014 के फैसले को अधिभावी कर सकता है।
स्व-पहचान का उन्मूलन: वर्ष 2026 का विधेयक अधिनियम 2019 की धारा 4(2) को हटा देता है, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति के रूप में स्व-पहचान करने का अधिकार निहित था। सरकार का तर्क है कि मूल परिभाषा “अस्पष्ट” थी और इससे “वास्तविक रूप से उत्पीड़ित” लाभार्थियों की पहचान करना मुश्किल हो गया था।

6. सिक्किम की स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट में हिस्सा लेंगी

25 मार्च को सिक्किम की युवा नेता स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट की रिप्रेजेंटर अपॉइंट हुईं। वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट यंग लीडर्स का एक इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म है। साउथ कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, चाड, थाईलैंड, यमन और कई अन्य देशों के युवा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। स्तुति एक लॉ स्टूडेंट हैं। वो स्टेट लेवल विकसित भारत युवा संसद 2025 की विजेता रहीं। स्तुति ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय युवा संसद में सिक्किम का प्रतिनिधित्व किया। वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म है, जो युवा नेताओं को जल संरक्षण और पॉलिसी मेकिंग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और समाधान के लिए एकजुट करता है।

7. कर्नाटक सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए डिजिटल पॉलिसी बनाई

24 मार्च कोकर्नाटक सरकार ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के डिजिटल यूज को लेकर ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की। पॉलिसी में सिफारिश की गई है कि पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम रोजाना 1 घंटे तय किया जाए। शाम 7 बजे के बाद इंटरनेट बंद करने की भी सिफारिश की गई है। ड्राफ्ट के मुताबिक, छात्रों को सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूर रखा जाए। मोबाइल के लिए ‘चाइल्ड प्लान’ का सुझाव दिया गया है, जिसमें ऑडियो-ओनली विकल्प और तय समय के बाद इंटरनेट बंद करने की व्यवस्था हो। पॉलिसी में उम्र के हिसाब से डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलप करने की भी बात कही गई है। सरकार के मुताबिक, करीब 25% टीनएज ग्रुप में इंटरनेट की लत है, जिससे नींद की कमी, चिंता और ध्यान भटकने जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसी को देखते हुए ये पॉलिसी लाई गई है। पॉलिसी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कर्नाटक स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी, निमहांस और शिक्षा विभाग ने मिलकर तैयार की है। पॉलिसी का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 6 मार्च को बजट में जारी किया था। इसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती की बात कही गई थी। कर्नाटक ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है।

8. डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग और PFRDA ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ‘भाषिनी फॉर सेवा-संचालन’ नामक पहल के तहत एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भाषिनी सहयोगी कार्यक्रम का हिस्सा है। इस सहयोग का उद्देश्य पेंशन क्षेत्र में भारत की राष्ट्रीय भाषा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना-भाषिनी प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण के माध्यम से बहुभाषी डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करना है। यह समझौता पीएफआरडीए प्रणालियों के भीतर अनुवाद उपकरणों, बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल और ध्वनि-आधारित तकनीकों के उपयोग को सक्षम बनाएगा। इससे पेंशन सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म और उपयोगकर्ता इंटरफेस पर भाषा की सुलभता और संचार में सुधार होने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी 22 भाषाओं में पहुंच का विस्तार करना भी है, जिससे पेंशन सेवाएं ग्राहकों और हितधारकों के लिए अधिक समावेशी बन सकें।

9. संस्‍कृति मंत्रालय ने यूट्यूब के साथ समझौता ज्ञापन का आदान प्रदान किया

संस्‍कृति मंत्रालय नेयू-ट्यूब के साथ समझौता ज्ञापन का आदान प्रदान किया। इसका उद्देश्‍य डिजिटल प्‍लेटफार्म का उपयोग करके दुनियाभर में भारत की समृद्ध और विविध संगीत परम्‍परा का प्रसार करना है। इस अवसर पर संस्‍कृति मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश की सांस्‍कृतिक विरासत का संरक्षण करने और वैश्विक स्‍तर पर पारम्‍परिक लोक और जनजातीय संगीत को बढावा देने की दिशा में यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है। श्री शेखावत ने कहा कि यह पहल वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्‍लोबल के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

10. दिल्‍ली मेट्रो ने सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एनएसडी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

दिल्‍ली मेट्रो ने रंगमंच कला और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। समझौते के अंतर्गत दिल्‍ली मेट्रो एनएसडी को विभिन्न मेट्रो परिसरों में जागरूकता-उन्मुख अभियान, रंगमंच-आधारित संवाद सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा प्रदान करेगा। इसमें नुक्कड़ नाटक, कहानी सुनाने के सत्र और अन्य प्रारूप शामिल होंगे। इसके साथ ही एनएसडी अपने कार्यक्रमों में दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों की भागीदारी को सुगम बनाएगा और अपनी टिकटिंग प्रणाली को दिल्‍ली मेट्रो के ई-टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करेगा।

11. एबीजी-नेतृत्व के वाले एक सहायता संघ ने 16,706 करोड़ रुपये में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की 100% हिस्सेदारी खरीदी

आदित्य बिरला समूह- (एबीजी) के नेतृत्व वाले एक सहायता संघ ने आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में 100% इक्विटी हिस्सेदारी उसके वर्तमान मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से 16 हजार 706 करोड़ रुपये में हासिल कर ली है। इस संघ में आदित्य बिरला समूह, टाइम्स ऑफ इंडिया समूह, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की स्थायी निजी इक्विटी रणनीति, बीएक्सपीई (ब्लैकस्टोन) शामिल हैं। इसके साथ ही RCB इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सबसे महंगी बिकने वाली पहली टीम बनी। इस एग्रीमेंट में RCB की मेंस और विमेंस दोनों टीमें शामिल हैं। विमेंस टीम के नाम 2 विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) टाइटल हैं, वहीं मेंस टीम 2025 में ही पहली बार चैंपियन बनी थी। राजस्थान रॉयल्स 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,289 करोड़ रुपए की बोली के साथ दूसरी सबसे महंगी टीम बन गई है।

12. पश्चिम एशिया तनावों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का आर्थिक विकास 7.1% पर रहने का अनुमान है: स्‍टैंडर्ड एण्‍ड पुअर्स ग्‍लोबल

स्‍टैंडर्ड एण्‍ड पुअर्स ग्‍लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया तनावों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का आर्थिक विकास 7.1% पर रहने का अनुमान है। एजेंसी की ताजा आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू मांग, सतत निर्यात और निजी निवेश में आ रहे धीरे-धीरे सुधार से भारत सबसे तेजी से बढने वाली प्रमुख अर्थव्‍यस्‍थाओं में बना रहेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र की वृद्धि स्थिर बनी हुई है। भारत अन्‍य बडी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के साथ एक मुख्‍य संचालक के रूप में उभर रहा है। चीन को छोडकर क्षेत्र में 2026 में विकास के साढे चार प्रतिशत बढने की आशा की जा रही है। इसे प्रौद्योगिकी से जुडे क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन और लचीली घरेलू गतिविधि का समर्थन प्राप्‍त होगा।

13. QS वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाई सब्‍जेक्‍ट्स जारी

25 मार्च को QS World University Rankings by Subject का 16वां एनुअल एडिशन जारी हुआ। रैंकिंग कुल 5 स्‍ट्रीम के अलग-अलग सब्‍जेक्‍ट्स में जारी की गई है। सभी सब्‍जेक्‍ट्स के टॉप 50 में कुल 27 इंडियन यूनिवर्सिटीज हैं। इनमें 4 IITs, JNU और BITS पिलानी शामिल हैं। इस साल पहली बार मार्केटिंग स्‍ट्रीम में इंडियन इंस्टिट्यूट IIM अहमदाबाद ने जगह बनाई है। IIT दिल्‍ली ने सबसे ज्‍यादा 6 सब्‍जेक्‍ट्स के टॉप-50 में जगह बनाई है। इस बार कंप्यूटर साइंस से जुड़े भारत के 6 संस्थान इस लिस्ट में शामिल हैं, जबकि पिछले साल सिर्फ 2 संस्थानों को इसमें जगह मिली थी। भारत QS रैंकिंग में इंस्टीट्यूट को मिली एंट्री में दुनिया में चौथे नंबर पर है। इस साल भारत ने 120 नई रिकॉर्ड एंट्री रैंकिंग में शामिल की हैं। वहीं अमेरिका 287 एंट्री के साथ पहले नंबर पर है। चीन के 181 इंस्टीट्यूटस को QS रैंकिंग में जगह मिली है और यूनाइटेड किंगडम 159 एंट्री के साथ पांचवे नंबर पर है। इस साल रैंकिंग में भारत में 44% का सुधार है। बड़ा सुधार किया है। 2024 में 27 यूनिवर्सिटी शामिल थीं। ये यूनिवर्सिटी रैंकिंग लंदन स्थित QS क्वाक्वेरेली साइमंड्स जारी करता है। ये इसका 16वां एडिशन था। QS रैंकिंग 100 से ज्यादा देशों की 1,900 यूनिवर्सिटीज में 55 विषयों और फैकल्टी सेक्टर्स में शामिल 21,000 से ज्यादा यूनिवर्सिटी प्रोग्राम को बेंचमार्क करती है।

14. बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रहेंगी

24 मार्च को कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन नेबेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखने का फैसला लिया है। स्टेडियम के एंट्री गेट पर मेमोरियल प्लाक लगेगा और हर मैच से पहले एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने पिछले साल एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए ये फैसला लिया है। 4 जून 2025 को RCB की पहली IPL ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने में 11 लोगों की मौत हो गई थी। भगदड़ हादसे के बाद जस्टिस जॉन माइकल डी कुन्हा कमेटी ने इस स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित बताया था, जिसके चलते यहां मैच कराने पर रोक लगा दी गई थी। इसे अब दोबारा मंजूरी मिल गई है। ये मेमोरियल प्लाक इंग्लैंड के मशहूर हिल्सबरो मेमोरियल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। 15 अप्रैल 1989 को FA कप सेमीफाइनल फुटबॉल मैच के दौरान हिल्सबरो स्टेडियम में हुए भीषण हादसे में 97 फैंस की जान चली गई थी। इंग्लैंड के हिल्सबरो मेमोरियल को लिवरपूल एफसी के 97 फैंस की याद में बनाया गया है।

15. बांग्‍लादेश 1971 के सैन्‍य हमलों के पीड़ितों की याद में नरसंहार दिवस मना रहा है

बांग्‍लादेश, कोडनेम- ऑपरेशन सर्चलाइट के अंतर्गत 25 मार्च 1971 की रात पाकिस्‍तानी बलों द्वारा क्रूर सैन्‍य हमलों के पीड़ितों की याद में नरसंहार दिवस मना रहा है। यह दिन देश के इतिहास के काले अध्‍यायों में से एक माना जाता है। इस दिन मुक्ति संग्राम के दौरान तत्‍कालीन पूर्वी पाकिस्‍तान विशेष रूप से ढाका में विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों सहित निहत्‍थे बंगालियों का क्रूरता के साथ नरसंहार किया गया था। राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद शहाबुद्दीन और प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पीडितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का संदेश जारी किया। इसके जरिए उन्‍होंने स्‍वतंत्रता संघर्ष की भावना को संरक्षित करने की राष्‍ट्र की वचनबद्धता को दोहराया।

16. देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का निधन

24 मार्च को देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। 31 साल के हरीश पिछले 13 साल से कोमा में थे। 14 मार्च को हरीश को दिल्ली AIIMS में शिफ्ट किया गया था। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी थी। हरीश पूरी तरह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर थे। पैसिव यूथेनेशिया का मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए उसे जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मृत्यु हो सके। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने हरीश राणा की याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के बाद दिल्ली AIIMS को निर्देश दिया गया कि राणा को पैलियेटिव केयर (palliative care) में भर्ती किया जाए। SC ने ये फैसला संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के मौलिक अधिकार के तहत दिया है, जिसमें ‘सम्मान के साथ मरने का अधिकार’ भी शामिल है। ये भारत का पहला मामला है, जहां सुप्रीम कोर्ट ने किसी रोगी के लिए सीधे निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी थी।

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