9–11 minutes
1. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल ग्रोथ को गति देने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। पीएम मोदी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कराईकल के एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और गंगा हॉस्टल, जेआईपीएमईआर में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण व पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए भवनों और छात्रावासों का लोकार्पण किया। उन्होंने 750 एकड़ में फैले करासूर-सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा, पुडुचेरी क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने व जल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार के उद्देश्य से अलग-अलग जल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 41 ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुडुचेरी में हेरिटेज टाउन (विरासत शहर) के विकास और मिष्टी (मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम) योजना के अंतर्गत मैंग्रोव संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया गया।
2. पीएम मोदी ने मदुरै में 4400 करोड़ रुपए से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई राष्ट्रीय परियोजनाओं का उद्घाटन किया और राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में कुंभकोणम, येरकौड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटर शामिल हैं। इन ट्रांसमीटरों से क्षेत्रीय कवरेज का विस्तार होगा, एफएम का निर्बाध प्रसारण सुनिश्चित होगा और राज्य के कई जिलों में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में बदलाव होगा, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजित होंगे और लाखों लोगों का जीवन बेहतर होगा।
3. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बोत्सवाना से आए 9 चीतों का स्वागत किया
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 28 फरवरी, 2026 को बोत्सवाना से प्राप्त नौ चीतों (6 मादा और 3 नर) को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बने संगरोध बाड़ों में छोड़ा। इन चीतों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने से पहले अनुकूलन और स्वास्थ्य निगरानी के चरण से गुजरना होगा। भारत में अब 48 चीतों की अच्छी-खासी आबादी है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं। दिसंबर 2024 में, भारत सरकार ने चीतों की खरीद के लिए बोत्सवाना गणराज्य की सरकार के साथ औपचारिक बातचीत शुरू की, ताकि भारत के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ को और मजबूत किया जा सके। 27 फरवरी, 2026 को चीतों को मोकोलोडी प्रकृति अभ्यारण्य से गैबोरोन हवाई अड्डे तक ले जाया गया। भारतीय वायु सेना के सहयोग से, चीतों को नियंत्रित और निगरानी वाले वातावरण में भारत के ग्वालियर ले जाया गया ताकि यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित हो सके। भारत पहुंचने पर, चीतों को हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित कर दिया गया।
4. भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 शुरू
ट्राइबल अफेयर्स मिनसिट्री ने 2 से 24 मार्च तक ट्राइबल हैरिटेज कल्चर की एक सीरीज मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 मनाया जाएगा। भारत ट्राइब्स फेस्टिवल में ट्राइबल अफेयर्स मंत्रालय जनजातीय कला उत्सव, जनजातीय संगीत उत्सव, भारत जनजाति उत्सव और जनजातीय व्यापार सम्मेलन का आयोजन करेगा। मिनिस्ट्री के मुताबिक, ट्राइबल कल्चर को मनाने का उद्देश्य आदिवासी भाइयों और बहनों को अपने कौशल, रचनात्मकता और पारंपरिक ट्राइब कल्चर की जानकारी साझा करने के लिए एक मंच देना है। जनजातीय मंत्रालय के मुताबिक, आदिवासियों को मंच देने का उद्देश्य उन्हें इकोनॉमिकली मजबूत बनाना है। इस ऐलान के दौरान, केंद्रीय मंत्री ओराम ने ट्राइबल आर्ट फेस्ट, लिविंग रूट्स: साउंडस्केप्स ऑफ ट्राइबल इंडिया और भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का ऑफिशियल लोगो भी लॉन्च किए।5.
5. स्पेन के बार्सिलोना में मोबइल वर्ल्ड कांग्रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस स्पेन के बार्सिलोना में शुरू हो रहा है। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। श्री सिंधिया भारत मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें देश के प्रमुख डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच को उजागर किया जाएगा। वे “भविष्य के लिए निर्मित” विषय पर एक व्याख्यान भी देंगे।
6. आईएनएसवी कौंडिन्या को मुंबई बंदरगाह में ध्वजारोहण के साथ उतारा जाएगा
भारतीय नौसेना के नौकायन पोत (आईएनएसवी) कौंडिन्या को 2 मार्च, 2026 को मुंबई बंदरगाह पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ द्वारा औपचारिक रूप से ध्वजारोहण किया जाएगा। यह ध्वजारोहण समारोह ओमान सल्तनत के लिए पोत की पहली विदेशी यात्रा के सफल समापन तथा अरब सागर को पार कर की गई उसकी ऐतिहासिक वापसी यात्रा का प्रतीक है, जो भारत की चिरस्थायी समुद्री विरासत और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-ओमान संबंधों की सुदृढ़ता की पुष्टि करता है। आईएनएसवी कौंडिन्या एक पारंपरिक विधि से निर्मित सिलाईदार पोत है, जिसे प्राचीन भारतीय जहाज निर्माण तकनीकों का पूर्णतः अनुसरण करते हुए बनाया गया है। इसमें लकड़ी के तख्तों को नारियल की रस्सी से हाथों द्वारा सिला गया है तथा प्राकृतिक रेज़िन से सील किया गया है। यह पोत भारत की सदियों पुरानी समुद्री शिल्प परंपरा के पुनरुद्धार का प्रतीक है और भारतीय ज्ञान प्रणालियों की पुनः खोज एवं संरक्षण के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अजंता गुफाओं में पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के एक चित्रण से प्रेरित होकर तथा भारतीय नौसेना की देखरेख में पारंपरिक कारीगरों के सहयोग से निर्मित यह पोत, पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक नौसेना अभियांत्रिकी के सामंजस्य का सशक्त उदाहरण है। आईएनएसवी कौंडिन्या 29 दिसंबर 2025 को पोरबंदर से मस्कट के लिए रवाना हुई और भारतीय नाविकों द्वारा प्राचीन काल से प्रयुक्त समुद्री मार्गों का अनुसरण किया। यह 14 जनवरी 2026 को पोर्ट सुल्तान काबूस पहुँची, जहाँ ओमान के गणमान्य व्यक्तियों तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों की उपस्थिति में इसका औपचारिक स्वागत किया गया।
7. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। अमेरिका-इजराइल ने शनिवार को खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला किया था। इस हमले में खामेनेई के बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए। हमले के समय खामेनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे। खामेनेई ईरान के रहबर-ए-इंकलाब यानी सुप्रीम लीडर थे, जो देश के प्रमुख कार्यक्रम जैसे विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम तय करते थे। ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने 1 मार्च को सभी की मौत की पुष्टि की। खामेनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। खामेनेई की मौत के अगले दिन अयातुल्ला अलीरेजा आराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 67 साल के आराफी अली खामेनेई के करीबी माने जाते हैं और लंबे समय से ईरान की धार्मिक-राजनीतिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। 1979 में खामेनेई एक मजबूत नेता के तौर पर उभरे। 1981 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर बम से हमला हुआ, जिसमें उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए पैरालाइज हो गया था। खामेनेई 1981-1989 तक राष्ट्रपति भी रहे। 1981 में उनके कार्यकाल के दौरन ही ईराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच 8 साल तक जंग चली थी।
8. वानखेड़े स्टेडियम में रवि शास्त्री के नाम पर स्टैंड होगा
28 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री के नाम पर स्टैंड बनाने का ऐलान हुआ। ये फैसला मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) किया है कि ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में अब एक स्टैंड का नाम रवि शास्त्री के नाम पर होगा। अब शास्त्री सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। रवि शास्त्री 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे। रवि शास्त्री 2017 से 2021 तक इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। रवि घरेलू क्रिकेट में मुंबई की टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। स्टेडियम में भारत के पूर्व क्रिकेटर दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडल्जी के नाम पर 3 दरवाजों के नाम भी रखे जाएंगे। एडल्जी ने 1978 और 1993 के विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की थी। शास्त्री के नाम पर स्टैंड रखने की एक खास वजह वानखेड़े का ऐतिहासिक मैच भी है, जिसमें उन्होंने बड़ौदा के खिलाफ एक ही ओवर में 6 छक्के जड़े थे। एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले रवि पहले बल्लेबाज थे।
9. भारतीय सेना की वज्र कोर ने अपना 76वां स्थापना दिवस मनाया
भारतीय सेना की वज्र कोर ने अपना 76वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर राष्ट्र के प्रति सात दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का स्मरण किया गया। वर्ष 1950 में स्थापित वज्र कोर स्वतंत्रता के बाद स्थापित होने वाली भारतीय सेना की पहली कोर थी। वज्र कोर ने वर्षों से पश्चिमी मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें 1965 और 1971 के युद्धों में, डोगराई, बरकी और खेम करण की ऐतिहासिक विजयों सहित विशिष्ट उपलब्धियाँ शामिल हैं। 25 युद्ध सम्मान, चार मानद उपाधियाँ और 38 रंगमंच सम्मानों से सम्मानित वज्र कोर को पंजाब के रक्षक के रूप जाना जाता है।
VISIT TO YUOR WHATSAAP CHANNEL : https://whatsapp.com/channel/0029VbC4ngW3GJOy6IXPnk1F
VIST TO YOUR YOUTUBE CHANNEL : https://youtube.com/shorts/ptd6gtCkRL4?si=DSNkUwJtN2EatQF
VISIT TO YOUR TELEGRAM : https://t.me/guruggkwala1
THANKS TO SUPPORT GURUGGKWALA
