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1. राष्ट्रपति ने अलचिकि लिपि के शताब्दी महोत्सव का उद्घाटन किया
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 16 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित अलचिकि लिपि के शताब्दी महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि संताल समुदाय की अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति है। हालांकि, अपनी लिपि के अभाव में संताली भाषा को प्रारंभ में रोमन, देवनागरी, उड़िया और बंगाली लिपियों में लिखा जाता था। नेपाल, भूटान और मॉरीशस में रहने वाले संताल समुदाय के लोग भी वहाँ प्रचलित लिपियों का उपयोग करते थे। ये लिपियां संताली भाषा के मूल शब्दों का सही उच्चारण सही तरीके से नहीं कर पा रही थीं. साल 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मु ने अलचिकि लिपि का आविष्कार किया। तब से यह संताली भाषा के लिए उपयोग में लाई जा रही है। जिसे बाद में 2003 में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया। लिपि में 30 अक्षर हैं, जो संथाली की ध्वनिविज्ञान को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अलचिकि लिपि के 100 वर्ष पूरे होने पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया।
2. नई दिल्ली में पांच दिवसीय इंडिया-एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026 का शुभारंभ
इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026 नई दिल्ली में शुरू हो गया है। पांच दिन का यह सम्मेलन किसी विकासशील देश में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है। यह सम्मे.लन वैश्विक एआई कार्ययोजना में भारत की भूमिका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है। 20 देशों के वैश्विक नेताओं का सम्मेलन में भाग लेने का कार्यक्रम है। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनैसियो लूला द सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सैंचेज़ पैरेज़ कास्टज़ोन, स्विटजरलैण्ड के राष्ट्रपति गे. पार्मेलन, नीदरलैण्ड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ, संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहियान, मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन चन्द्र रामगुलम, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुराकुमारा दिसानायके, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले और भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे शामिल हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026 तीन मूलभूत स्तंभों या सूत्रों द्वारा निर्देशित है, जो एआई पर वैश्विक सहयोग के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं। ये सूत्र हैं – लोग, ग्रह और प्रगति। सम्मेलन में चक्र अथवा कार्य समूहों में चर्चा आयोजित की जाएगी, जो सात परस्पर जुड़े विषयगत क्षेत्रों पर आधारित हैं। इन सात चक्रों में मानव पूंजी, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, विज्ञान, लचीलापन, नवाचार और दक्षता, एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास तथा सामाजिक कल्याण के लिए एआई शामिल हैं।
3. प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन किया। वे एक्सपो में कई स्टॉल पर भी गए। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे। 20 फरवरी तक चलने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में किया जा रहा है।
4. रक्षा मंत्री ने आकाश तृतीय और चतुर्थ रेजिमेंट लड़ाकू प्रणाली का शुभारंभ किया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड – बीईएल में मिसाइल एकीकरण सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री सिंह ने आकाश तृतीय और चतुर्थ रेजिमेंट लड़ाकू प्रणाली का शुभारंभ किया और माउंटेन फायर कंट्रोल रडार का अनावरण किया। रक्षा मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, एवियोनिक्स, नौसैनिक प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और टैंक इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में बीईएल की सराहना की। रक्षा मंत्री ने पुणे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई उत्कृष्टता केंद्र का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया और बीईएल की एआई नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा विकसित एआई-आधारित समाधान सहित उन्नत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी गई।
5. जयपुर से शुरू होगी एआई किसान क्रांति: केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान लांच करेंगे “भारत‑VISTAAR”
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान17 फरवरी को राजस्थान प्रवास पर रहेंगे, इस दौरान वे जयपुर में,देशभर के किसानों के लिए नया डिजिटल साथी “भारत‑VISTAAR” लांच करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय कृषि और किसान भाइयों-बहनों को स्मार्ट बनाने के लिए यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को फोन कॉल, चैटबॉट और आगे चलकर ऐप के ज़रिए मौसम, मंडीभाव, कीट‑रोग, मिट्टी, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर देगा। फेज‑1 में यह सुविधा हिंदी व अंग्रेज़ी में शुरू होगी और महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात सहित कई राज्यों के लाखों किसानों तक पहुंचेगी। लांच कार्यक्रम में राज्यों के कृषि मंत्री व ICAR, KVKs, कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य कृषि संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से देशभर के लाखों किसान वर्चुअली जुड़ेंगे। फेज‑1 लांच के लिए भारत‑VISTAAR में IMD से मौसम की जानकारी, AgMarkNetसे मंडीभाव, NPSS के ज़रिए कीट और बीमारी प्रबंधन, एग्री‑स्टैक डेटा और 10 केंद्र सरकार योजनाओं की जानकारी को जोड़ा गया है।इसके साथ ही योजना की डिटेल, आवेदन की स्थिति, लाभ की ट्रैकिंग और शिकायत दर्ज कर समाधान की स्थिति देखने की सुविधा भी इंटीग्रेट की गई है, ताकि किसान को बार‑बार दफ्तर या अलग‑अलग पोर्टल न घूमने पड़ें।
6. तीसरा अंतरराष्ट्रीय आयुष कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन 2026 शुरू
15 फरवरी को तीसरा अंतरराष्ट्रीय आयुष कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन 2026 दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में शुरू हुआ। 2026 आयुष कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन 15 से 17 फरवरी 2026 तक चलेगा। आयुष कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन का उद्देश्य प्राचीन चिकित्सा परंपरा और उसका आज के दौर में इस्तेमाल के रास्ते तलाशना है। इस कॉन्फ्रेंस की थीम “Evidence-Based AYUSH Interventions in Mind-Body Health है। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने किया। पहला अंतरराष्ट्रीय आयुष सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन 4 से 7 दिसंबर 2017 तक दुबई में ही किया गया था। दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन 13 से 15 जनवरी 2024 तक किया गया था।
7. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जर्मनी दौरे पर पहुंचीं
16 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने जर्मनी पहुंचीं। म्यूनिख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वित्तमंत्री सीतारमण का स्वागत म्यूनिख में भारत के काउंसिल जनरल शत्रुघ्न सिन्हा ने किया। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन दोनों पक्षों ने हाल ही में संपन्न हुए भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के फायदों पर चर्चा की। वित्तमंत्री सीतारमण फाइनेंस से संबंधित जरूरी मुद्दों पर फोकस्ड पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगी। सम्मेलन में वित्तमंत्री कई देशों के मंत्रियों और उनके समकक्षों के साथ-साथ प्रमुख बहुपक्षीय संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठकें करेंगी। भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 जनवरी 2026 को साइन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने म्यूनिख में एपीएम टर्मिनल्स (बंदरगाह संचालन कंपनी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीथ स्वेन्डसेन से भेंट की है।
8. अमरीका और ब्रिटेन के साथ त्रिपक्षीय ऑकस रक्षा समझौते के तहत 3.9 अरब डॉलर खर्च करेगा ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वह अमरीका और ब्रिटेन के साथ त्रिपक्षीय ऑकस रक्षा समझौते के तहत परमाणु पनडुब्बियों के निर्माण में मदद करने वाले शिपयार्ड के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए 3.9 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च करेगा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रीएंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि यह राशि ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में नए शिपयार्ड को तैयार करने के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, आने वाले दशकों में निर्माण की कुल लागत 30 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर होगी। वर्ष 2021 में घोषित ऑकस, ऑस्ट्रेलिया का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा निवेश है। इसके अंतर्गत वर्ष 2027 से अमरीका के नेतृत्व वाली वर्जीनिया श्रेणी की पनडुब्बियां ऑस्ट्रेलिया में तैनात होंगी, लगभग 2030 से कई वर्जीनिया पनडुब्बियां ऑस्ट्रेलिया को बेची जाएंगी, और ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ऑकस परमाणु पनडुब्बियों की एक नई श्रेणी का निर्माण करेंगे।
9. भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में आयोजित अभ्यास मिलन 2026 के अंतर्गत मिलन विलेज का उद्घाटन किया
भारतीय नौसेना ने अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 के अंतर्गत 15 फरवरी 2026 को पूर्वी नौसेना कमान में मिलन विलेज का अनावरण किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान ने की। उन्होंने भाग लेने वाली मित्र नौसेनाओं के लिए औपचारिक रूप से मिलन विलेज का शुभारंभ किया और वैश्विक समुद्री सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विकसित की गई सुविधाओं का निरीक्षण किया। काफी विचार-विमर्श व सोच-समझ के बाद विकसित किया गया मिलन विलेज एक विशिष्ट अनुभव क्षेत्र है, जिसे 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और नौसेना कर्मियों को सौहार्द एवं मित्रता के वातावरण में एक साथ लाने के उद्देश्य से परिकल्पित व निर्मित किया गया है। मिलन विलेज के उद्घाटन के साथ ही भारतीय नौसेना द्वारा विशाखापत्तनम में आयोजित किए जाने वाले व्यापक कार्यक्रमों और गतिविधियों की श्रृंखला का शुभारंभ हो गया है। 15 से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापत्तनम में आयोजित अभ्यास मिलन 2026, अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) 2026 और आयन्स कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स के साथ मिलकर भारत के ऐतिहासिक समुद्री अभिसरण का एक प्रमुख स्तंभ बनेगा।
10. मथुरा में बनेगा नेशनल काउ कल्चर म्यूजियम
16 फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार ने जानकारी दी कि मथुरा में देश का पहला ‘काउ कल्चर म्यूजियम’ बनेगा। ये म्यूजियम पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कैंपस में बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद इस प्रोजेक्ट का जिम्मा संभाल रहा है। आगरा के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने कहा कि इसके लिए यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर ही जमीन तय कर ली गई है। म्यूजियम में लगभग 100 डिजिटल और फिजिकल मॉडल होंगे, जो भारत की प्रमुख और खतरे में पड़ी गायों की नस्लों को दिखाएंगे। म्यूजियम में गाय के दूध, दही, घी, पनीर के न्यूट्रिशनल वैल्यू, वैज्ञानिक फायदे और आयुर्वेदिक गुणों को मॉडर्न तकनीक से आसानी से समझाया जाएगा। एक डेयरी पार्लर भी म्यूजियम में होगा, जहां लोग शुद्ध दूध और डेयरी उत्पाद खरीद सकेंगे और चख सकेंगे। म्यूजियम का मुख्य उद्देश्य गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को लोगों तक पहुंचाना है और काउ-बेस्ड इकॉनमी को बढ़ावा देना है।
11. Henley Passport Index: भारत की पासपोर्ट रैंकिंग 10 पायदान उछली
Henley & Partners द्वारा जारी हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 ने भारतीय यात्रियों के लिए एक चौंकाने वाला अपडेट प्रस्तुत किया है। भले ही भारत के पासपोर्ट की कुल वीज़ा-फ्री पहुंच में हल्की गिरावट दर्ज की गई हो, फिर भी वैश्विक रैंकिंग में यह 10 स्थान ऊपर पहुंच गया। Henley & Partners द्वारा प्रकाशित हेनली पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्टों को 227 वैश्विक गंतव्यों तक उनकी पहुंच के आधार पर रैंक करता है। यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के आधिकारिक डाटा पर आधारित होती है। भारत की पासपोर्ट रैंकिंग 10 पायदान ऊपर चढ़कर 75वें स्थान पर पहुंच गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस सुधार के बावजूद भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब दो देशों में वीजा-फ्री एंट्री नहीं मिलेगी। रैंक के हिसाब से लिस्ट (वीज़ा-फ़्री स्कोर के हिसाब से)
- सिंगापुर – 192
- जापान, साउथ कोरिया – 187
- स्वीडन, यूनाइटेड अरब अमीरात – 186
- बेल्जियम, डेनमार्क, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड – 185
- ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा, पुर्तगाल – 184
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