7 April 2026 Current Affairs -GurugGkwala

10–12 minutes


1. पवन ऊर्जा में भारत का रिकॉर्ड, क्षमता 56 गीगावाट के पार पहुंची

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार,भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में पवन ऊर्जा क्षमता वृद्धि में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान 6.05 गीगावाट की वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2016-17 के 5.5 गीगावाट के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह उपलब्धि वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में लगभग 46% अधिक है। यह वृद्धि देश में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार और तैनाती को दर्शाती है। इस वृद्धि के साथ भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट के पार पहुंच गई है। यह उपलब्धि बेहतर नीतिगत स्पष्टता, मजबूत पारेषण व्यवस्था, प्रतिस्पर्धी टैरिफ और परियोजनाओं की उपलब्धता के कारण संभव हो सकी है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पवन ऊर्जा में यह रिकॉर्ड वृद्धि इस लक्ष्य को समय पर हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

2. भारत का मछली उत्पादन दोगुना, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बना देश

केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार,भारत का मछली उत्पादन 10 सालों में दोगुना से भी ज़्यादा बढ़कर 2013-14 के 95.79 लाख टन से 2024-25 में 197.75 लाख टन हो गया है, जिससे यह दुनिया में समुद्री उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुल मिलाकर, 2014-15 से लागू की गई मछली पालन से जुड़ी योजनाओं ने अनुमानित 74.66 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा किए हैं, जो समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। इसके साथ ही, समुद्री भोजन का निर्यात भी काफी बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 62,408 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। फ्रोजन झींगा (Frozen shrimp) निर्यात की मुख्य वस्तु बनी हुई है, जिसमें अमेरिका और चीन प्रमुख बाज़ार हैं; यह इस क्षेत्र के बढ़ते दायरे और बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। भारत अब वैश्विक मछली उत्पादन का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा रखता है, और केंद्रीय बजट 2026-27 में इस क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे अधिक कुल वार्षिक सहायता राशि 2,761.80 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के साथ, देश का मछली उत्पादन और भी तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है।

3. खान मंत्रालय ने खनिज रियायत नियमों में संशोधन अधिसूचित किया

खान मंत्रालय ने खनिज रियायत नियमों में संशोधन अधिसूचित किया है, इससे खनन पट्टे के आसपास के क्षेत्र और उससे जुड़े खनिजों को शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संशोधित नियमों में क्षेत्र विस्तार के आवेदन के निस्तारण के लिए सरल और और समयबद्ध प्रावधान किए गए हैं। राज्य सरकार के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर अनुमति प्रदान करें। मंत्रालय ने यह भी बताया कि नियमों में किसी अन्य खनिज, जिनमें गौण खनिज भी शामिल हैं, को खनन पट्टे में शामिल करने की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। मंत्रालय ने अनुसार संशोधन में उन गौण खनिज पट्टों में प्रमुख खनिजों को शामिल करने की प्रक्रिया भी तय की गई है, जो खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2025 से पहले निष्पादित किेए गए थे। नए प्रावधानों से खनन कार्यों को और अधिक सुव्यवस्थित तथा तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

4. कलपक्कम में स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की क्रिटिकैलिटी

तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। इसके साथ ही भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित 500 मेगावाट विद्युत क्षमता वाला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा संचालित है। यह भारत की दीर्घकालिक परमाणु रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूर्णतः चालू होने पर, भारत रूस के बाद व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर वाला दूसरा देश बन जाएगा। क्रिटिकैलिटी वह अवस्था है जब कोई परमाणु रिएक्टर स्व-संचालित श्रृंखला अभिक्रिया प्राप्त कर लेता है। यह पूर्ण विद्युत उत्पादन से पहले का महत्वपूर्ण चरण होता है, जो दर्शाता है कि रिएक्टर का कोर, निर्धारित डिजाइन के अनुसार कार्य कर रहा है। मार्च 2024 में पीएम मोदी ने इसी रिएक्टर के ‘कोर लोडिंग’ प्रक्रिया की शुरुआत का निरीक्षण किया था, जो इसके संचालन की दिशा में पहला बड़ा कदम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की है। श्री मोदी ने कहा कि भारत अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा यात्रा में एक निर्णायक कदम उठा रहा है, जो देश के तीन चरणों वाले परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाता है। रिएक्टर के तकनीकी महत्व को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उन्नत रिएक्टर, जो खपत से अधिक ईंधन उत्पादन करने में सक्षम है, देश की वैज्ञानिक क्षमता और इंजीनियरिंग कौशल की मजबूती को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने इसे कार्यक्रम के तीसरे चरण में भारत के विशाल थोरियम भंडार के उपयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम भी बताया।

5. रूस 2028 में स्वतंत्र कक्षीय स्टेशन ‘आरओएस’ का निर्माण शुरू करेगा

रूस अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के 2030 में समाप्‍त होने से पहले 2028 में अपने स्वतंत्र रूस कक्षीय स्टेशन – आर ओ एस का निर्माण शुरू कर देगारोस्कोस्मोस के अनुसार आर ओ एस का पहला मॉड्यूल 2028 में लॉन्च किया जाएगा और यह स्टेशन पूरी तरह से रूस के स्वामित्व में होगा। आईएसएस के रूसी खंड के मॉड्यूल का उपयोग जारी रखेगा।उन्होंने कहा कि आर ओ एस कक्षा में एक पूर्णतः कार्यरत, स्वतंत्र स्टेशन बन जाएगा, जो वैज्ञानिक प्रयोगों के संचालन के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

6. नेविस के विदेश मंत्री डेंजिल डगलस नई दिल्ली पहुंचे

5 अप्रैल को नेविस के विदेश मंत्री डेंजिल डगलस नई दिल्ली पहुंचे। वे भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। नेविस कैरेबियन सागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप है। डेंजिल की इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। डेंजिल इस यात्रा के दौरान भारत में सेंट किट्स और नेविस के हाई कमीशन का उद्घाटन भी करेंगे। अपनी इस भारत यात्रा के दौरान डगलस, विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख इस मुलाकात में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, साझेदारी और कैरेबियाई क्षेत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत करेंगे। डेंजिल 1995 से 2015 तक सीनियर कैरेबियाई नेता और नेविस के पूर्व पीएम भी रहे। डेंजिल 2022 से विदेश मंत्री के पद पर कार्यरत हैं।

7. दिव्या सिंह एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल से पहुंची

5 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की दिव्या सिंह काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल से पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। दिव्या सिंह ने 14 दिनों में काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल चलाई। बर्फीली हवाओं, कम होते ऑक्सीजन के स्तर और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों के बीच उन्होंने रास्ता तय किया। काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक की दूरी 17,560 फीट (5,364 मीटर) थी, जिसे उन्होंने तय किया। दिव्या ने -12°C टेम्परेचर में रोज लगभग 10-12 घंटे तक साइकिल चलाई। ऐसे रास्ते जहां ट्रैक बहुत ज्यादा मुश्किल था, वहां दिव्या ने अपनी साइकिल कंधों पर ले ली थी।

8. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड

5 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरू में राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड का अनावरण हुआ। कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद और उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर इस अनावरण में शामिल रहे। KSCA ने 14 फरवरी को राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड के नाम रखने की घोषणा की थी। द्रविड़ ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 24,177 रन बनाए हैं और कुंबले ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 956 विकेट लिए हैं। अब BEML एंड का नाम ‘राहुल द्रविड़ एंड’ होगा और पवेलियन एंड का नाम अनिल कुंबले एंड होगा। भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी के नाम पर भी चिन्नास्वामी में स्टैंड होगा।

9. भुवनेश्वर कुमार IPL में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज़ गेंदबाज़ बने

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने इतिहास रच दिया, क्योंकि वह इंडियन प्रीमियर लीग में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज़ गेंदबाज़ बन गए। उन्होंने CSK के आयुष म्हात्रे को आउट करके यह उपलब्धि हासिल की। ​​यह लीग में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, खासकर तब जब IPL के इतिहास में स्पिनरों को सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों के तौर पर जाना जाता है। आमतौर पर स्पिनरों को ही सबसे ज़्यादा विकेट लेने के लिए जाना जाता है, ऐसे में इस भारतीय तेज़ गेंदबाज़ के लिए यह उपलब्धि सचमुच ऐतिहासिक है।वह इस समय IPL में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल से ठीक पीछे हैं।

10. विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस

हर वर्ष 6 अप्रैल को “विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस (International Day of Sport for Development and Peace) मनाया जाता है। यह दिन केवल खेलों का उत्सव नहीं, बल्कि उस व्यापक प्रभाव का प्रतीक है जो खेल समाज, संस्कृति और वैश्विक शांति पर डालते हैं। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि सामाजिक समावेशन, समानता, संवाद और शांति की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2013 में की थी। 6 अप्रैल की तारीख का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि इसी दिन 1896 में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। ओलंपिक का मूल उद्देश्य भी देशों के बीच भाईचारा, सहयोग और शांति को बढ़ावा देना रहा है।

11. ब्रह्मोस मिसाइल के साइंटिस्ट अलेक्जेंडर लियोनोव का निधन

5 अप्रैल को ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का निधन हो गया। लियोनोव 74 साल के थे। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे। NPO माशिनोस्ट्रोएनिया रूस की एक प्रमुख एयरोस्पेस और मिसाइल डिजाइन कंपनी है। NPO माशिनोस्ट्रोएनिया भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस की प्रमुख साझेदार कंपनी है। लियोनोव ने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। लियोनोव ने इसके अलावा ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के डेवलपमेंट में भी भूमिका निभाई। लियोनोव को रूस की जिरकोन मिसाइल को डिजाइन करने का श्रेय दिया जाता है। ये एक जहाज-आधारित हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो 3K22 मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है।

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