6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

15–18 minutes


1. 2026 का नोबेल चिकित्सा पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को, ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए मिला सम्मान

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

2026 का नोबेल पुरस्कार शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र में कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गई है। तीनों वैज्ञानिकों को “प्रकाश-सक्रिय आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स से संबंधित खोजों” के लिए यह सम्मान दिया गया है। नोबेल असेंबली के अनुसार, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल ने चैनलरोडोप्सिन नामक एक विशेष प्रोटीन की खोज की। उन्होंने पाया कि इस प्रोटीन को किसी भी कोशिका में डालने पर वह कोशिका प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो जाती है। इसके बाद कार्ल डीसेरोथ ने चूहों की तंत्रिका कोशिकाओं में चैनलरोडोप्सिन का जीन पहुंचाया। नीली रोशनी डालकर उन्होंने इन तंत्रिका कोशिकाओं में तंत्रिका संकेत उत्पन्न करने में सफलता हासिल की। बाद में डीसेरोथ ने इसी प्रकाश-नियंत्रित व्यवस्था को जीवित चूहों के मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं पर भी सफलतापूर्वक लागू किया। इससे प्रकाश की मदद से तंत्रिका संकेतों को नियंत्रित करना संभव हुआ। तंत्रिका संकेतों को प्रकाश के जरिए नियंत्रित करने की इस तकनीक को ऑप्टोजेनेटिक्स कहा जाता है। नोबेल असेंबली के अनुसार, इस तकनीक का दुनिया भर में तेजी से व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे वैज्ञानिकों को मस्तिष्क में याददाश्त, भावनाओं और व्यवहार को समझने में मदद मिलती है। कार्ल डाइसेरोथ अमरीका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में बायोइंजीनियरिंग, मनोचिकित्सा और व्यवहार विज्ञान के प्रोफेसर हैं। पीटर हेगेमन जर्मनी के बायोफिजिसिस्ट और जॉर्ज नागेल न्यूरोसाइंटिस्ट हैं।

2. पीएम मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता, पांच समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पाह्मलां के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत हुई। इसके बाद दोनों देशों ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में प्रवासन, युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान, परिवहन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान (YPS) से जुड़े समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के युवाओं को दूसरे देश में अस्थायी रोजगार के अवसर देना है। इससे उन्हें अपने क्षेत्र में पेशेवर और भाषा संबंधी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। समझौते के तहत हर देश से सालाना 300 युवा पेशेवरों का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। यह संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीयता और निवास स्थिति के सत्यापन के लिए 30 से 90 दिनों की समयसीमा समेत कई अन्य प्रावधान किए गए हैं।
‘परिवहन प्रौद्योगिकियों के संवर्धन और सहयोग’ से जुड़े MoU का उद्देश्य टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग बढ़ाना है। इसके तहत परिवहन और आवाजाही से जुड़ी प्रणालियों में इलेक्ट्रिक वाहन, रोपवे, चक्रीय अर्थव्यवस्था, सुरंग और अन्य परिवहन क्षेत्रों की तकनीकों एवं बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन (SNSF) के बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र (LoI) का उद्देश्य दोनों देशों के शोध समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत शुरुआती स्तर के वैज्ञानिक सहयोग, भविष्य के संयुक्त शोध के लिए साझेदारी और साझा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए व्यापक ढांचा तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा, एक कार्यान्वयन व्यवस्था (IA) के जरिए नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत शुरुआती चरण के स्टार्टअप के लिए Indo-Swiss Academia-Industry Training (AIT India) कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इसमें दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाएं, क्षमता निर्माण और संपर्क बढ़ाने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
तीन दिन की भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति गी पाह्मलां का नई दिल्ली में औपचारिक स्वागत किया गया। स्विट्जरलैंड यूरोप में भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है। वर्तमान में इंजीनियरिंग, सेवा, रसायन और दवा जैसे क्षेत्रों में 330 से अधिक स्विस कंपनियां भारत में काम कर रही हैं, जबकि स्विट्जरलैंड में सूचना प्रौद्योगिकी, दवा और मशीनरी जैसे सेक्टरों में भारतीय कंपनियां मौजूद हैं।

3. अमेरिकी दबाव के बाद चीन का LOGINK वैश्विक विस्तार से पीछे हटा

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चार साल पहले अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि चीन LOGINK नामक डिजिटल मंच के जरिए वैश्विक व्यापार पर मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी कर रहा है। चीन समर्थित यह मंच बंदरगाहों, सीमा शुल्क अधिकारियों और परिवहन सेवाओं से माल ढुलाई से जुड़ा आंकड़ा जुटाकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा था। हालांकि, अब LOGINK का अंतरराष्ट्रीय विस्तार बुरी तरह ठप पड़ गया है। एक पड़ताल के मुताबिक, LOGINK की कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां रुक गई हैं, वह एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन से बाहर हो चुका है और चीन में उस पर बकाया भुगतान को लेकर कई कानूनी मामले चल रहे हैं। LOGINK का पूरा नाम नेशनल ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स पब्लिक इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत करीब दो दशक पहले चीन के झेजियांग प्रांत में स्थानीय सरकारी परियोजना के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य बंदरगाहों, ट्रकों और अन्य सेवा प्रदाताओं से माल ढुलाई का आंकड़ा एक जगह लाकर परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बाद में बीजिंग ने इसे समर्थन दिया और इसका नियंत्रण चीन के परिवहन मंत्रालय को सौंप दिया गया। इसके बाद इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार को प्राथमिकता दी गई।

4. उत्तराखंड में शुरू हुआ भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास माउंटेन गार्डियन 2026

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भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात का संयुक्त सैन्य अभ्यास माउंटेन गार्डियन 2026 उत्तराखंड में शुरू हुआ। यह अभ्यास पहाड़ी इलाकों में युद्ध की स्थिति में आपसी समन्‍वय, समझ और बेहतर सहयोग बनाने के उद्देश्‍य से किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अभ्यास में कुल 92 जवान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें दोनों देशों की सेनाओं का बराबर प्रतिनिधित्व है। 18 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभ्यास दोनों सेनाओं को पेशेवर अनुभव साझा करने, रणनीतिक दक्षता बढ़ाने और परिचालन प्रक्रियाओं के बेहतर तरीके साझा करने का अवसर देगा। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, मैत्री और विश्‍वास को बढ़ावा देगा।

5. भारत ने 19वें अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड 2026 में किया शानदार प्रदर्शन

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

भारत ने 19वें अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के सभी पांच सदस्यों ने पदक जीते हैं। भारत ने प्रतियोगिता में चार स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। वियतनाम के हनोई में 25 सितंबर से यह प्रतियोगिता शुरू हुई थी, जिसका समापन हुआ। प्रांजल दीक्षित, सुमंत गुप्ता, अक्षत श्रीवास्तव और अर्णव सहरावत ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं, हर्षिल अमितकुमार पटेल ने रजत पदक हासिल किया। भारत पदक तालिका में वियतनाम के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में 64 देशों के 307 छात्रों ने हिस्सा लिया।

6. भारत में जन्मे चीते ने कूनो नेशनल पार्क में 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया; भारत में चीतों की आबादी 60 तक पहुंची

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भारतीय मूल की मादा चीता KJP21 ने सोमवार को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में चीतों की कुल आबादी 60 हो गई है। इसमें 41 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटनाक्रम को साझा करते हुए कहा कि मुखी और केजीपी12 के बाद केजेपी21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है जिसने बच्चे को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि यह विकास भारत में चीते की आबादी की अगली पीढ़ी के उद्भव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इन पांच शावकों के आने से भारत में चीतों की संख्या 60 हो गई है, जिनमें भारत में जन्मे 41 चीते भी शामिल हैं। खास बात यह है कि ये शावक भारत में बोत्सवाना (Botswanan) की वंशावली की शुरुआत भी करते हैं, क्योंकि इनके पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं—जिससे भारत की बढ़ती चीता आबादी में एक नई जेनेटिक वंशावली जुड़ रही है।

7. भारत और जापान ने संयुक्त ऋण तंत्र के लिए परिचालन नियमावली जारी की

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

30 सितंबर, 2026 को, भारत में जापान के राजदूत, महामहिम श्री केइची ओनो और तत्कालीन सचिव (एमओईएफसीसी), श्री तन्मय कुमार ने नई दिल्ली में भारत-जापान संयुक्त ऋण तंत्र (जेसीएम) के लिए परिचालन नियमावली का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया । भारत और जापान के बीच संयुक्त ऋण व्यवस्था का उद्देश्य उन्नत निम्न-कार्बन प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देना, जलवायु वित्त जुटाना, प्रौद्योगिकी सहयोग को सुगम बनाना और भारत में उच्च-स्तरीय उत्सर्जन कटौती एवं निष्कासन का समर्थन करना है। यह तंत्र अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजारों में विश्वास और पारदर्शिता को मजबूत करते हुए भारत में सतत विकास में योगदान देगा। इस नियमावली का शुभारंभ पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के तहत भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को व्यावहारिक रूप देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे पहले 7 अगस्त 2025 को सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए थे और 8 जून 2026 को कार्यान्वयन के नियम (आरओआई) अपनाए गए थे।

8. रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह कल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कोरापुट में 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 6 अक्टूबर, 2026 को ओडिशा में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कोरापुट डिवीजन द्वारा 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम भारत की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं तथा सशस्त्र बलों की संचालन तत्परता में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कोरापुट के लगभग छह दशकों के योगदान को चिह्नित करेगा। इस आयोजन में 218 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन की घोषणा भी की जाएगी। अतिरिक्त क्षमता ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर सहित स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करेगी।

9. उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति ने निम्नलिखित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति की है:
श्रीमती न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, मुख्य न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय (पीएचसी: इलाहाबाद)
श्री न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय (पीएचसी: इलाहाबाद)
श्री न्यायमूर्ति अपारेश कुमार सिंह, मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना उच्च न्यायालय (पीएचसीः झारखंड)

10. डिब्रूगढ़ के बोगीबील से स्वतंत्रता के बाद पहली बार बांग्लादेश के लिए अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने आज डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल से 540 मीट्रिक टन मेथनॉल के साथ कुशल कोनवार टगबोट द्वारा धकेले जा रहे डीएलबी पटकाई जहाज को हरी झंडी दिखाकर बांग्लादेश के लिए रवाना किया। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा इस अवसर पर वर्चुअल रूप से शामिल हुए। भारत की स्वतंत्रता के बाद (1947 में), लगभग 70 वर्षों बाद (शहर के नदी घाट के बंद होने के बाद), यह ऊपरी असम से किसी विदेशी बंदरगाह पर भेजा गया पहला माल है। नामरूप स्थित सरकारी स्वामित्व वाली असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (एपीसीएल) द्वारा उत्पादित मेथनॉल बांग्लादेश के ढाका स्थित पांगाओन बंदरगाह के लिए रवाना हो रहा है। यह पोत भारत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने राष्ट्रीय जलमार्ग-2 से होते हुए लगभग 768 किलोमीटर की दूरी तय करके भारत-बांग्लादेश सीमा तक पहुंचेगा और फिर भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (आईबीपीआर) पर आगे बढ़ेगा। यह पोत डिब्रूगढ़ के बोगीबील से ढाका के नारायणगंज तक कुल 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

11. पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिए खास तोहफे, भारत की समृद्ध विरासत और ‘नई पहचान’ की मिली झलक

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को भारत की खालिस चीज़ भेंट की। भारत के तीन अलग-अलग इलाकों की मिठास और खटास इनकी पहचान थीं: एक चीज़ कश्मीर के गुलमर्ग का, दूसरा ओडिशा के कोणार्क और तीसरा महाराष्ट्र येऊर का था। ये तोहफा भारत की बढ़ती हुई चीज बनाने की परंपरा की एक झलक पेश करता है। गुलमर्ग की फ्रेंच-स्टाइल ब्री चीज दिल के आकार की, सॉफ्ट और क्रीमी ब्री चीज़ है जो पाश्चुरीकृत गाय के दूध से बनाई जाती है। इसका बाहरी हिस्सा बर्फ जैसा सफेद होता है। मिट्टी और मशरूम जैसा स्वाद मुंह में घुल जाता है। इसे 2026 में ब्राजील में हुए ‘मुन्जियाल दो केजियो दो ब्राजील’ (वर्ल्ड चीज अवार्ड्स ब्राजील) में सुपर गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है।
कोणार्क की फ्रेंच टॉमी-स्टाइल चीज़ का भी अंदाज हटके है। यह एक देसी अंदाज की चीज़ है जिसका बाहरी छिलका प्राकृतिक है। यह खाने में मुलायम होती है। स्वाद नमकीन और चटपटा होता है, खासियत ये कि जैसे ही मुंह में घुलती है तो आखिर में हल्का नींबू जैसा स्वाद आता है। इसने 2023 में नॉर्वे में हुए वर्ल्ड चीज़ अवॉर्ड्स में गोल्ड और 2025 में स्विट्जरलैंड में सिल्वर मेडल जीता था।
येऊर की माउंटेन-स्टाइल चीज़ भी कमतर नहीं है, जिसकी प्रेरणा स्विस ग्रुयेरे चीज़ है। बड़ी मेहनत से तैयार होती है। इसे लगभग 8 से 9 महीने तक पकाया जाता है, जिससे इसमें नटी, मीठा और हर्बल फ्लेवर आता है। इसके बाहरी हिस्से पर गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ की सजावट इसे एक अलग भारतीय-अल्पाइन लुक देती है। यह फोंड्यू और ग्रिल्ड डिशेज के लिए बेहद शानदार मानी जाती है।
चीज के अलावा पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को कश्मीरी अखरोट की लकड़ी से बना हाथ से नक्काशी किया हुआ वॉल पैनल भी भेंट किया। यह वॉल पैनल कश्मीर की सदियों पुरानी लकड़ी पर नक्काशी की विरासत को दर्शाता है। इसे प्रीमियम हिमालयी अखरोट की लकड़ी से बनाया गया है और इस पर गहरी नक्काशी की गई है। इस पैनल पर पारंपरिक परिदृश्य, फूल-पत्तियां, इंसानी आकृतियां, घोड़े, बग्घियां और गांव के जीवन को दर्शाया गया है।
यह पैनल कश्मीरी कारीगरों के कौशल और शिल्प कौशल का जश्न मनाता है, जो स्वदेशी और मध्य एशियाई प्रभावों से आकार लेने वाली क्षेत्र की विशिष्ट कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है। इसके अलावा पीएम की ओर से राष्ट्रपति की पत्नी कैरोलिन पार्मेलिन को कच्छी शॉल और सादेली बॉक्स भेंट की गई। ये दोनों ही गुजरात की बुनाई और सजावटी कारीगरी की समृद्ध परंपराओं को दर्शाते हैं। सूरत का सादेली बॉक्स अलग-अलग तरह की सामग्रियों को बारीकी से जोड़कर और उनकी परतें बनाकर बनाए गए बारीक ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाना जाता है, जबकि कच्छी शॉल कच्छ का एक रंग-बिरंगा हाथ से बुना हुआ कपड़ा है, जो ज्यामितीय डिजाइनों के लिए पहचाना जाता है।

12. सेरेब्रल पाल्सी

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

हर वर्ष 6 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस जागरूकता बढ़ाने, समान अधिकारों और अवसरों की वकालत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। सेरेब्रल पाल्सी विकासशील मस्तिष्क से जुड़ी स्थायी न्यूरोलॉजिकल स्थितियों का समूह है, जो मुख्यतः शरीर की गति, मुद्रा और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करता है। इससे दैनिक गतिविधियों में कठिनाई हो सकती है। कुछ लोगों में संचार, संवेदना, संज्ञान, व्यवहार, निगलने और मांसपेशियों-कंकाल संबंधी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं। इसे ‘गैर-प्रगतिशील’ कहा जाता है, क्योंकि मस्तिष्क की मूल क्षति समय के साथ बढ़ती नहीं है, हालांकि उम्र और परिस्थितियों के साथ लक्षणों का प्रभाव बदल सकता है। यह संक्रामक बीमारी नहीं है और इसका बौद्धिक क्षमता से सीधा संबंध नहीं है। शारीरिक कठिनाइयों को व्यक्ति की प्रतिभा या क्षमताओं का मापदंड नहीं माना जाना चाहिए।

13. विश्व आवास दिवस

6 October 2026 Current Affairs -GurugGkwala

हर वर्ष अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाने वाला विश्व आवास दिवस हमें याद दिलाता है कि सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवास केवल सुविधा नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और बेहतर जीवन की बुनियादी शर्त है। वर्ष 2026 में यह 5 अक्टूबर को मनाया गया है। यह दिवस उन करोड़ों लोगों की ओर दुनिया का ध्यान खींचता है, जिनके लिए आज भी सुरक्षित छत एक अधूरा सपना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1985 में विश्व आवास दिवस की स्थापना की और 1986 में पहली बार इसका आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य मानव बस्तियों की स्थिति पर वैश्विक विमर्श को आगे बढ़ाना तथा सभी के लिए पर्याप्त आवास के अधिकार को रेखांकित करना है। वर्ष 2026 में यह दिवस ‘Adequate Housing for All’ यानी ‘सभी के लिए पर्याप्त आवास’ की भावना के साथ मनाया जा रहा है।

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