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1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण के दूसरे समारोह में पद्म पुरस्कार प्रदान किए

23 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। कुल 65 विजेताओं को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। इसमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण शामिल हैं। पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म विभूषण और पूर्व न्यायधीश के.टी. थॉमस को समाज सेवा के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इंडियन क्रिकेटर और टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, टेनिस आइकन विजय अमृतराज, दिग्गज अभिनेता ममूटी और गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। अमेरिका के डॉक्टर दत्तात्रेयुडु नोरी को मेडिसिन के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। रूस की ल्यूडमिला खोखलोवा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री दिया गया। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया। अवॉर्ड लेने उनकी पत्नी रूपी सोरेन पहुंची। पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। पद्म विभूषण भारत रत्न के बाद यह देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान होता है। पद्म भूषण देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान और पद्म श्री चौथा सम्मान होता है। इन पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर की गई थी और ये इसका दूसरा फेज है। ये पुरस्कारों कला, समाज सेवा, विज्ञान, उद्योग, चिकित्सा और साहित्य जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य के लिए दिए जाते हैं। सरकार ने इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
2. राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए माय भारत देशभर में ‘वंदे मातरम शिविर’ का आयोजन करेगा

भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामलों का विभाग द्वारा ‘माई भारत’ अभियान के माध्यम से देश भर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में पहला शिविर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 24 से 30 जून 2026 तक बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और युवा नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख युवा सशक्तीकरण पहल है। सात-दिवसीय आवासीय शिविरों के रूप में परिकल्पित इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं की गहरी समझ विकसित करने के अवसर प्रदान करना है, साथ ही सांस्कृतिक आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। ये शिविर विकसित भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य सूचित, जिम्मेदार और राष्ट्र-उन्मुख युवा नेताओं की एक पीढ़ी का पोषण करना है। इस पहल के अंतर्गत चिन्हित जिलों में 20 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 15 से 29 वर्ष की आयु के 150 युवा प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रत्येक शिविर में छह राज्यों के प्रतिनिधि होंगे, पूर्वोत्तर से अनिवार्य प्रतिनिधित्व होगा। महिलाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी होगी।
3. एनएचएआई ने सेंटर फॉर इकॉनमिक्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन, मोबिलिटी एंड लॉजिस्टिक्स स्थापित करने हेतु एनसीएईआर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क परिवहन क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करने और उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एनसीएईआर में एनएचएआई सेंटर फॉर इकॉनमिक्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन, मोबिलिटी एंड लॉजिस्टिक्स की स्थापना की जाएगी, जो परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स के अर्थशास्त्र को समर्पित भारत का पहला स्थायी और स्वतंत्र अनुसंधान केंद्र होगा। इस केंद्र की स्थापना एनएचएआई के प्रारंभिक योगदान से की जा रही है, जबकि एनसीएईआर अन्य संबद्ध संस्थानों और भागीदारों से योगदान जुटाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सेंटर परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स पर व्यावहारिक आर्थिक अनुसंधान करने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क और परिवहन क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना, निवेश और नीति निर्माण में सहयोग हेतु उपयोगी निष्कर्ष निकालना है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग अर्थशास्त्र, माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स, परिवहन मॉडल एकीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग निवेश के क्षेत्रीय आर्थिक प्रभाव, टोल नीति, परिसंपत्ति मुद्रीकरण, सड़क सुरक्षा उपाय, राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन और रखरखाव में प्रौद्योगिकी अपनाने सहित विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में नीति-संबंधी अनुसंधान करेगा।
4. केंद्र सरकार ने FCRA में धर्मांतरण को धार्मिक माने जाने की लिस्ट से बाहर किया

23 जून को केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत धर्मांतरण (Religious Conversion) को अब ‘आस्था-आधारित कैटेगरी ‘ से बाहर कर दिया गया है। अब धार्मिक संस्थाएं या NGO विदेशी धन का उपयोग धर्मांतरण के लिए नहीं कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकना और धार्मिक परिवर्तन के लिए विदेशी फंडिंग पर कड़ी निगरानी रखना है। धर्मांतरण को धार्मिक गतिविधि नहीं माना जाएगा, विशेषकर यदि वह विदेशी धन के माध्यम से किया जा रहा हो। इस नियम के बाद जबरन, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव के माध्यम से धर्मांतरण कराने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी फंड के दुरुपयोग को रोकना है। 1976 पहली बार FCRA लागू किया गया था, इसका उद्देश्य विदेशी प्रभाव को नियंत्रित करना था। 2010 में पुराने कानून को निरस्त कर, नया FCRA, 2010 लागू किया गया। इसमें रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण और निगरानी करने का नियम जोड़ा गया। 2020 में एक बार फिर इस नियम में संशोधन किया गया, विदेशी फंडिंग पर निगरानी और नियंत्रण को और कड़ा किया गया। इसमें प्रशासनिक व्यय की अधिकतम सीमा 50% से घटाकर 20% की गई।
5. प्रोफेसर जैनेंद्र जैन भौतिक विज्ञान में वोल्फ पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय बने

भारत के प्रोफेसर जैनेंद्र के. जैन, जो दुनिया के टॉप थियोरेटिकल फिजिसिस्ट्स में से एक हैं, ने कंपोज़िट फर्मियॉन्स की खोज के लिए प्रेस्टीजियस वोल्फ पुरस्कार भौतिक विज्ञान 2025 (2026 में अवॉर्ड किया गया) जीता है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता है, जिसने साइंटिस्ट्स के क्वांटम वर्ल्ड को समझने के तरीके को बदल दिया। यह अवॉर्ड इसराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने 18 जून 2026 को जेरुसलम में हुई एक राजकीय समारोह में दिया। प्रोफेसर जैन 1978 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से यह सम्मान जीतने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने ‘कम्पोजिट फर्मियॉन्स’ की खोज की, जो यह समझने का एक नया तरीका है कि तेज़ मैग्नेटिक फ़ील्ड में इलेक्ट्रॉन कैसे व्यवहार करते हैं। इससे फ़िज़िक्स की एक बड़ी गुत्थी, जिसे ‘फ़्रैक्शनल क्वांटम हॉल इफ़ेक्ट’ कहा जाता है, सुलझ गई। उनका काम क्वांटम फ़िज़िक्स में एक अहम योगदान है। प्रोफेसर जैनेंद्र के. जैन इंडियन-अमेरिकन थियोरेटिकल फिजिसिस्ट हैं।
6. चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को नवरत्न स्टेटस मिला, बना भारत की 28वीं नवरत्न CPSE

सरकार ने 19 जून, 2026 को चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को आधिकारिक तौर पर 28वां नवरत्न दर्जा दिया। यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की एक सब्सिडियरी है। अब CPCL को कोई भी बड़ा वित्तीय कदम उठाने के लिए हर बार सरकार की मंज़ूरी का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। डिपार्टमेंट ऑफ़ पब्लिक एंटरप्राइज़ेज़ ने यह दर्जा दिया और इसके साथ ही, CPCL भारत की उन चुनिंदा 28 शीर्ष सरकारी कंपनियों के समूह में शामिल हो गई, जिन्हें यह सुविधा मिलती है।
7. 100 साल बाद केंद्र सरकार ने कादियान-ब्यास रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया

18 जून 2026 को रेलवे एवं फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़ के राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के लंबे समय से लंबित 39.68 km कादियान-ब्यास न्यू रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने का ऐलान किया। यह प्रोजेक्ट नॉर्दर्न रेलवे एग्जीक्यूट कार्यान्वित की जा रही है, जिसे ब्रिटिश काल में 1928-29 में पहली बार मंजूरी दी गई थी, और लगभग 100 साल बाद अब आखिरकार आगे बढ़ रही है। यह रेलवे लाइन पंजाब में कादियान (गुरदासपुर डिस्ट्रिक्ट) को ब्यास (अमृतसर डिस्ट्रिक्ट) से जोड़ती है। यह माझा क्षेत्र से गुजरती है, जो पंजाब का एक अहम सांस्कृतिक और धार्मिक क्षेत्र है। यह आपातकालीन स्थिति में अमृतसर–पठानकोट खंड के लिए एक वैकल्पिक रेल मार्ग का भी कार्य करेगी। यह धार्मिक और यह आध्यात्मिक स्थलों तक पहुँच को बेहतर बनाएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
8. विदेश मंत्री एस. जयशंकर का मंगोलिया दौरा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो दिवसीय (22–23 जून 2026) मंगोलिया यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों समेत वैश्विक मुद्दों पर अपनी समकक्ष बी बत्त्सेत्सेग और राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना संग गहन विचार विमर्श किया। यह यात्रा बत्त्सेत्सेग के निमंत्रण पर हुई। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने मंगोलिया के विदेश मंत्री और कैबिनेट सचिवालय के प्रमुख बी. एन्खबयार के साथ विस्तृत वार्ता की। उन्होंने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना से शिष्टाचार भेंट की, साथ ही संसद के अध्यक्ष एस. ब्याम्बात्सोग्त और शिक्षा मंत्री एल. एन्ख-अम्गालन से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने मंगोलिया के अल्तानशिरी (डोर्नोगोवी प्रांत) में भारत के सहयोग से बन रहे तेल रिफाइनरी परियोजना स्थल का भी दौरा किया, जहां उन्हें परियोजना की प्रगति की जानकारी दी गई। यह दौरा मंगोलियाई विदेश मंत्री और उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्री गोंगोर डामडिनन्याम के साथ हुआ।
9. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और NAFED के अध्यक्ष श्री जेठाभाई अहीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि NAFED ने आज चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है, जिसमें NAFEX.in, दृष्टि, ईआरपी और NAFED कल्याण शामिल हैं।
10. इथियोपिया चुनाव में प्रॉस्पेरिटी पार्टी की बड़ी जीत

पीएम मोदी ने मंगलवार को इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और उनकी प्रॉस्पेरिटी पार्टी को देश के संसदीय चुनावों में बड़ी जीत के लिए बधाई दी। जून को हुए आम चुनाव में हाउस ऑफ पीपल्स रिप्रेजेंटेटिव्स की 486 सीटों में से 438 सीटों पर जीत हासिल की। इथियोपिया के संविधान के अनुसार, जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलता है, वही सरकार बनाता है और प्रधानमंत्री को नामित करता है।
11. कुणाल शाह मेटा के नए ग्लोबल हेड बने

22 जून को Meta ने कुणाल शाह को Whatsapp का नया ग्लोबल हेड अपॉइंट किया। Meta, Facebook और Instagram की एक पैरेंट कंपनी है। कुणाल क्रेड (CRED) एप के फाउंडर हैं और विल कैथकार्ट की जगह लेंगे। वहीं कैथकार्ट अब Meta में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। कुणाल ने 2009 में शुरुआती स्टार्टअप PaisaBack की शुरुआत की, जिसने उपभोक्ता लॉयल्टी और कैशबैक मॉडल पर काम किया। 2015 में कुणाल ने फ्री चार्ज (FreeCharge) और स्नेपडील को लगभग 2,800 करोड़ रुपए (400 मिलियन डॉलर) में अधिग्रहित किया। कुणाल ने 2016- 2017 में देश में 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स में इंवेस्ट किया, जिनमें Razorpay, Unacademy और BharatPe शामिल हैं। जून 2026 में Meta Platforms ने CRED में 900 मिलियन डॉलर का इंवेस्ट किया था। मेटा ने हाल ही में Instagram, Facebook और Whatsapp के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान भी पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए गए हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे।
12. लियोनेल मेसी सबसे ज्यादा गोल करने वाले प्लेयर बने

22 जून को अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी ने अपना 17वां गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजा (16 गोल) का रिकॉर्ड तोड़ा। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैच के आखिरी में एक और गोल कर मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 18 गोल किए। मेसी ने डलास स्टेडियम में 39वें मिनट में फील्ड गोल लगाकर इतिहास रचा। इसके बाद इंजरी टाइम (95वें मिनट) में उन्होंने दूसरा गोल दागकर अर्जेंटीना की 2-0 की जीत पक्की की। 38 साल के मेसी ने पिछले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। टूर्नामेंट में उनके सबसे ज्यादा 5 गोल हो गए हैं। मेसी के बाद 3 गोल के साथ जर्मनी के डेनिज उंडाव हैं। मेसी अब तक 11 इंटरनेशनल हैट्रिक लगा चुके हैं। मेसी 8 बार फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं। मेसी को 2026 में स्पेन का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस अवार्ड’ मिला। वो ये पुरस्कार पाने वाले पहले फुटबॉलर हैं। मेसी 8 बार FIFA प्लेयर ऑफ द ईयर रह चुके हैं।
13. पुनीत बालन AKFI के चेयरमेन अपॉइंट हुए

23 जून को पुनीत बालन को एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) के चेयरमेन अपॉइंट हुए। AKFI भारत में कबड्डी के लिए सर्वोच्च नियामक संस्था है। AKFI देश भर में कबड्डी की प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें ट्रेनिंग देने का काम करती है। पुनीत की महाराष्ट्र में खेलों, विशेषकर कबड्डी, कुश्ती और फुटबॉल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
14. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस

प्रतिवर्ष 23 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस केवल एक स्मृति-दिवस नहीं, बल्कि उस विचारधारा का उत्सव है जो मनुष्य को जाति, धर्म, भाषा, रंग और राष्ट्रीय सीमाओं से ऊपर उठाकर एक साझा वैश्विक परिवार का सदस्य मानती है। प्राचीन यूनानी दर्शन में इसे “एरेटे” (Arete) कहा गया है, जिसका अर्थ है शरीर, मन और आत्मा की श्रेष्ठतम संभावनाओं का विकास। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार ईसा पूर्व 776 में यूनान के ओलंपिया नगर में अल्फियस नदी के पवित्र तट पर देवताओं के राजा ज़ीउस के सम्मान में प्रथम आधिकारिक ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ। यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का उत्सव था। उस समय यूनान अनेक नगर-राज्यों में विभाजित था, जिनके बीच निरंतर संघर्ष और युद्ध होते रहते थे। पर जैसे ही ओलंपिक खेलों की घोषणा होती, पूरे यूनान में “पवित्र युद्धविराम” अर्थात Sacred Truce लागू हो जाता था। युद्ध रोक दिए जाते, हथियार शांत हो जाते और सभी सीमाएं खिलाड़ियों तथा दर्शकों के लिए खोल दी जाती थीं। वर्ष 393 ईस्वी में रोमन सम्राट थियोडोसियस प्रथम ने इन्हें मूर्तिपूजक परंपरा मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया। इसके बाद भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं ने ओलंपिया की भव्य संरचनाओं को मिट्टी के नीचे दफन कर दिया और ओलंपिक सदियों तक इतिहास की स्मृतियों में सीमित होकर रह गया। फ्रांस के शिक्षाविद और विचारक बैरन पियरे डी कुबेरतिन ने इस सुप्त परंपरा को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया। कुबेरतिन के अथक प्रयासों का परिणाम 23 जून 1894 को सामने आया, जब पेरिस स्थित सोरबोन विश्वविद्यालय में आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की स्थापना की गई। इसके दो वर्ष बाद 1896 में एथेंस में प्रथम आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ।यही वह दिन था जिसने आधुनिक ओलंपिक आंदोलन की नींव रखी। बाद में इसी तिथि की स्मृति में 1948 से प्रतिवर्ष 23 जून को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई।
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