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1. सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि की मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा। कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (डीआर) जारी करने की भी मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी मौजूदा 58 प्रतिशत की दर से 2 प्रतिशत ज्यादा है, जो महंगाई के असर को कम करने के लिए दी जा रही है। सरकार के अनुसार, डीए और डीआर बढ़ाने से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 6,791.24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस फैसले से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। यह बढ़ोतरी 7वां केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किए गए फॉर्मूले के अनुसार की गई है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर भी वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग तेज हो रही है। इसी बीच,नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने सरकार को दिए गए ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की है। अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता है, तोन्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर करीब 69,000 रुपए तक पहुंच सकती है। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जिसके जरिए महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की सैलरी तय की जाती है।
2. कैबिनेट ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए 12,980 करोड़ रुपए के ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ प्रस्ताव को दी मंजूरी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय जहाजों और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में 12,980 करोड़ रुपए की सरकारी गारंटी के साथ एक घरेलू बीमा पूल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस नए पूल को ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (बीएमआई पूल)’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय झंडे वाले या भारत से जुड़े जहाजों को लगातार और किफायती बीमा सुविधा देना है, चाहे वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मार्ग से माल ला रहे हों या भेज रहे हों। यह पूल समुद्री व्यापार से जुड़े सभी प्रमुख जोखिमों को कवर करेगा, जिसमें जहाज और मशीनरी, माल ढुलाई, तीसरे पक्ष की जिम्मेदारी यानी पीएंडआई (सुरक्षा और क्षतिपूर्ति) और युद्ध से जुड़े जोखिम भी शामिल होंगे। इस बीमा पूल के जरिए बीमा कंपनियां मिलकर पॉलिसी जारी करेंगी और इसकी कुल अंडरराइटिंग क्षमता लगभग 950 करोड़ रुपए होगी। इससे देश के भीतर ही बीमा और जोखिम प्रबंधन की क्षमता मजबूत होगी।
3. कैबिनेट ने पीएमजीएसवाई-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के तीसरे चरण को मार्च 2025 के बाद बढ़ाकर अब मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए संशोधित बजट 83,977 करोड़ रुपए तय किया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में मुख्य सड़कों और जरूरी संपर्क मार्गों को मजबूत किया जाएगा। खास तौर पर गांवों को ग्रामीण कृषि बाजार (ग्राम), उच्च माध्यमिक स्कूलों और अस्पतालों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। कैबिनेट ने योजना के तहत सड़कों और पुलों के निर्माण की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। मैदानी इलाकों में सड़कों और पुलों के लिए मार्च 2028 तक का समय दिया गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पुलों के निर्माण के लिए समय-सीमा मार्च 2029 तक बढ़ाई गई है। साथ ही, 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुए प्रोजेक्ट्स को भी अब टेंडर के जरिए आगे बढ़ाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (pradhan mantri gram sadak yojana) (पीएमजीएसवाई) 25 दिसंबर 2000 को शुरू की गई थी। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सभी मौसम वाली सड़कें बनाना है।
4. नदी बेसिन प्रबंधन योजना
नदी बेसिन प्रबंधन योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026–27 से 2030–31) तक बढ़ा दिया गया है, जो भारत के जल संसाधनों के एकीकृत और सतत प्रबंधन (विशेष रूप से बेसिन स्तर पर) पर बल को दर्शाता है। नदी बेसिन प्रबंधन (RBM) योजना एक केंद्रीय क्षेत्रक पहल है, जिसका संचालन जलशक्ति मंत्रालय (जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग) द्वारा किया जाता है। इसका मुख्य लक्ष्य नदी बेसिन स्तर पर सतही जल और भूजल के एकीकृत नियोजन, सतत उपयोग और संरक्षण को सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत जल संसाधनों को अलग-अलग देखने के बजाय, पूरे नदी बेसिन (जिसमें नदियाँ, उनकी सहायक नदियाँ, झीलें और भूजल शामिल हैं) को एकीकृत एवं परस्पर प्रणाली के रूप में संदर्भित किया गया है। यह योजना ब्रह्मपुत्र, बराक, तीस्ता और सिंधु जैसे प्रमुख नदी बेसिनों को प्राथमिकता देती है। योजना की सटीकता और भविष्य की परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, LiDAR और ड्रोन आधारित सर्वेक्षण जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
संस्थागत ढाँचा: नदी बेसिन प्रबंधन (RBM) योजना के दो प्रमुख घटक हैं—ब्रह्मपुत्र बोर्ड,जल संसाधन विकास अन्वेषण योजना (IWRDS), जो केंद्रीय जल आयोग (CWC) एवं राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) के माध्यम से क्रियान्वित है।
ब्रह्मपुत्र बोर्ड: यह उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में नदी बेसिन योजना, बाढ़ नियंत्रण, अपरदन प्रबंधन, जल निकासी के विकास और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर केंद्रित है।
केंद्रीय जल आयोग (CWC): यह दूरस्थ क्षेत्रों में जल संसाधन परियोजनाओं के लिये सर्वेक्षण एवं जाँच के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करता है।
राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA): यह राष्ट्रीय स्तर पर जल नियोजन का कार्य करता है, विशेष रूप से नदियों को परस्पर जोड़ने के कार्यक्रम (ILR) हेतु व्यवहार्यता प्रतिवेदनों की तैयारी करता है।
भौगोलिक प्राथमिकता: यह सामरिक रूप से जल-समृद्ध किंतु अल्पविकसित क्षेत्रों को लक्षित करती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, जल सुरक्षा, सीमापार प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण तथा पारिस्थितिक स्थिरता की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रमुख लक्षित क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र, बराक, तीस्ता और सिंधु बेसिन शामिल हैं, जिनमें उत्तर-पूर्वी राज्यों, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को अत्यधिक प्राथमिकता दी गई है।
5. मणिपुर: काकचिंग जिले में पक्षी अभयारण्य विकसित करेगी सरकार
मणिपुर सरकार ने काकचिंग जिले के खारुंगपत में एक पक्षी अभयारण्य विकसित करने का निर्णय लिया है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित अभयारण्य का क्षेत्रफल लगभग 227 हेक्टेयर होगा। यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2023 की पक्षी जनगणना में इस क्षेत्र में लगभग 69 प्रजातियां दर्ज की गईं, इनमें से लगभग 40 प्रतिशत प्रवासी पक्षी थे। हालांकि, 2025 की जनगणना में प्रवासी पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है।
6. विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस 2026
भारत ने 14-16 अप्रैल, 2026 को ऑस्ट्रिया के वियना में आयोजित विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस 2026 में अपनी भागीदारी के माध्यम से समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपने सशक्त नेतृत्व का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता भी दोहराई। अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला के नेतृत्व में तीन सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। ये प्रयास एक सुदृढ़, समन्वित और लचीली समुद्री शासन व्यवस्था के निर्माण के प्रति भारत की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आपको बता दें, वर्ष 2012 में स्थापित विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जो सीमा प्रबंधन से जुड़ी उभरती चुनौतियों, अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर व्यापक विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है।
7. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्योंग की पहली भारत यात्रा, रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्योंग भारत राजकीय यात्रा पर रहेंगे। उनके साथ प्रथम महिला किम हे क्यंग, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यवसायिक प्रमुख सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। राष्ट्रपति ली की यह भारत की पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, जन-संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए वार्ता करेंगे।
8. नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने गगन थापा के नेतृत्व वाले गुट को नेपाली कांग्रेस की मान्यता दी
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने गगन थापा के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक नेपाली कांग्रेस के रूप में मान्यता दे दी है और पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाले गुट की चुनौती को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सारंगा सुबेदी और न्यायमूर्ति नृपा ध्वज निरौला की खंडपीठ ने कल चुनाव आयोग के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें जनवरी में काठमांडू में आयोजित विशेष आम सम्मेलन के बाद गगन थापा के नेतृत्व में गठित पार्टी की केंद्रीय कार्य समिति को वैध ठहराया गया था। गगन थापा को 11 से 14 जनवरी तक काठमांडू में हुए विशेष आम सम्मेलन में नेपाली कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था। शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाले गुट ने उनके चुनाव को चुनौती दी थी।
9. ISSF जूनियर विश्व कप 2026: शिव नरवाल और सबीरा हारिस 71 सदस्यीय भारतीय दल की करेंगे अगुवाई
शूटिंग में, एशियाई खेलों के पदक विजेता शिव नरवाल और शॉटगन निशानेबाज सबीरा हारिस, काहिरा में शुरू हो रहे आई.एस.एसए.फ जूनियर विश्व कप 2026 में 71 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई करेंगे। काहिरा में 25 संघों के कुल 284 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिसमें भारत का दल सबसे बड़ा है। भारत 15 ओलंपिक स्पर्धाओं सहित 18 पदक स्पर्धाओं में भाग लेगा। अंडर-21 निशानेबाजों के लिए जूनियर विश्व कप में राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाएं शामिल हैं और यह इस महीने की 27 तारीख तक जारी रहेंगी। पिछले साल सुहल और नई दिल्ली में आयोजित जूनियर विश्व कप में भारतीय निशानेबाजों ने 17 स्वर्ण पदकों सहित 37 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
10. विश्व लीवर दिवस
मानव शरीर प्रकृति की एक अद्वितीय कृति है, जिसमें प्रत्येक अंग अपनी विशिष्ट भूमिका निभाते हुए जीवन की निरंतरता सुनिश्चित करता है। इस जटिल तंत्र में लीवर (यकृत) का स्थान अत्यंत केंद्रीय है। यह न केवल शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, बल्कि अपने बहुआयामी कार्यों के कारण जीवन-चक्र का मौन संचालक भी है। इसी महत्व को रेखांकित करने के लिए प्रतिवर्ष 19 अप्रैल को विश्व लीवर दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें अपने इस अनमोल अंग के प्रति जागरूक होने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
11. विश्व धरोहर दिवस
मानव सभ्यता का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का नीरस संकलन नहीं, बल्कि संवेदनाओं, विचारों और अनुभवों का एक सजीव महाग्रंथ है। युगों की अविरल धारा में संजोई गई यह सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर हमारे वर्तमान के अंधकार को हरने वाला ‘दिशा-सूचक दीप’ है। यह न केवल हमारे आज को आलोकित करती है, बल्कि भविष्य के दुर्गम मार्ग को भी प्रशस्त करती है। विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) मात्र एक तिथि नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना का उत्सव है। यह हमें ठहरकर आत्ममंथन करने का अवसर देता है। यह समझने का कि हमारी जड़ें किन मूल्यों में निहित हैं और हम किस दिशा में अग्रसर हैं। इस दिन का महत्व औपचारिकता से कहीं अधिक है; यह वह क्षण है जब अतीत, वर्तमान और भविष्य एक सूत्र में बंधकर हमें अपनी पहचान और उत्तरदायित्व का बोध कराते हैं।
12. बास्केटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी ऑस्कर श्मिट का निधन
बास्केटबॉल के इतिहास में सबसे अधिक स्कोर करने वालों में से एक ब्राजील के ऑस्कर श्मिट का देहांत हो गया है। वे 68 वर्ष के थे। श्मिट ने मस्तिष्क ट्यूमर से लंबी लड़ाई के बाद अंतिम सांस ली। ब्राजील और यूरोप में 30 साल के पेशेवर करियर के बाद श्मिट ने 2003 में संन्यास ले लिया था। 2013 में उन्हें हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था। श्मिट ने पांच ओलंपिक खेलों और चार विश्व कप में ब्राजील का प्रतिनिधित्व किया और दोनों प्रतियोगिताओं में सर्वकालिक स्कोरिंग रिकॉर्ड अपने नाम किया। तीन दशक के पेशेवर करियर के बाद उन्होंने 2003 में 45 वर्ष की आयु में खेल से संन्यास ले लिया। क्लब और देश के लिए श्मिट का 49 हजार 737 अंकों का अनौपचारिक विश्व रिकॉर्ड 2024 में लेब्रॉन जेम्स ने तोड़ा।
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