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1. दिनेश शर्मा ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद की शपथ ली

दिनेश शर्मा ने मंगलवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 14वें उप–राज्यपाल के रूप में शपथ ली। श्री विजय पुरम (पूर्व पोर्ट ब्लेयर) स्थित लोक निवास में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने ‘नियुक्ति वारंट’ पढ़कर सुनाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लखनऊ के पूर्व महापौर शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रह चुके हैं। जब वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे तब उनके पास उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई विभाग थे।
2. विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच की बैठक गांधीनगर में शुरू

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (डब्ल्यू.सी.ई.एफ.) 2026 का 10वां संस्करण गुजरात में गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शुरू हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसका संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ये सम्मेलन भारत में पहली बार आयोजित हो रहा है। 65 से अधिक देशों के दो हजार से अधिक हितधारक इसमें भाग ले रहे हैं। इसका विषय है- चक्रीय अर्थव्यवस्था-जन और समृद्धि के लिए परिवर्तन। इस विश्व स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा और गुजरात सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस दौरान दो दिन में, 4 पूर्ण सत्र और 16 विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में, ए. आई., हरित ऊर्जा, सतत वित्त, शासन और स्टार्टअप ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद, 17 और 18 सितंबर को भी सत्र आयोजित किए जाएंगे। सर्कुलर इकोनॉमी संसाधनों को इस्तेमाल करने के बाद फेंकने की बजाय उन्हें कम करना, फिर से इस्तेमाल करना, रिपेयर करना या रिसाइकिल और फिर से प्रोडक्शन साइकिल में शामिल करना है।
3. छह राज्यों ने यमुना के अविरल प्रवाह के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए

देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने यमुना नदी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। ये राज्य हैं – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली। इस समझौते पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। केंद्र सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित की है। श्री शाह ने कहा, केंद्र सरकार इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय बोझ उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत भार संबंधित राज्य उठाएंगे। सबसे अहम प्रविधानों में हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पानी का दिल्ली और राजस्थान को उपयोग शामिल है। इसके बदले दिल्ली और राजस्थान हिमाचल के बिजली घटक की लागत में योगदान करेंगे।वहीं उत्तराखंड और हिमाचल को जल घटक की लागत में वित्तीय योगदान नहीं करना होगा, जबकि जल घटक की लागत का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की सहायता से पूरा किया जाएगा। समझौते में पानी का हिस्सा और बिजली की लागत, दोनों को आपस में जोड़कर राज्यों के हितों का संतुलन बनाया गया है। परियोजना के तहत हरियाणा को 836 क्यूसेक पानी मिलने का प्रस्ताव है। वहीं, उत्तर प्रदेश को 543.2 क्यूसेक, राजस्थान को 163.52 क्यूसेक और दिल्ली को 105.28 क्यूसेक पानी मिलेगा। किशाऊ परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर टोंस नदी पर निर्मित की जाने वाली एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है।टोंस नदी यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
4. युद्ध अभ्यास 2026: पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’

भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण उत्तराखंड के औली में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन व्यवस्था को मजबूत करना, उभरती चुनौतियों का समाधान करना और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना है। इस अभ्यास का लक्ष्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों (आईटीबी) के उपयोग के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है, जिसमें पैदल सेना के प्रधान अभियानों पर विशेष जोर दिया गया है। बता दें कि बीते महीने ही भारतीय और अमेरिकी नौसेना ने भी एक विशेष अभ्यास को अंजाम दिया था। इसके तहत समुद्र के भीतर छिपे विस्फोटक खतरों को खोजने और उन्हें निष्क्रिय करने का अभ्यास किया गया। भारत व अमेरिका की नौसेनाओं का यह ‘एक्सपलोसिव ऑर्डेनेंस डिस्पोजल’ (ईओडी) अभ्यास 10 से 14 अगस्त तक कोच्चि स्थित नौसेना की दक्षिणी कमान में आयोजित किया गया था।
5. जल शक्ति मंत्रालय ने जारी किया ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान

जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान जारी किया है। इस गान को प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन ने गाया है। यह गीत जन भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को संगीतमय आवाज देता है। यह वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण और पुनरुद्धार को प्रोत्साहित करता है, साथ ही जन भागीदारी को भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के देश के प्रयासों के केंद्र में रखता है। यह नागरिकों को याद दिलाता है कि आज संरक्षित की गई वर्षा की हर बूंद मजबूत भूजल भंडार, अधिक लचीले समुदायों और जल-सुरक्षित भविष्य में योगदान देती है।
6. उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई की किताब का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में ‘एक शताब्दी सेवा – सेवा के 100 कार्यों में आरएसएस’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौदराराजन ने लिखी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी भर की सेवा, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करती है।
7. सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी में जन सूचना सेवा पहल शुरू की।

सर्वोच्च न्यायापलय ने हिंदी दिवस के अवसर पर ‘जन सूचना सेवा’ शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाना और लोगों के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों को समझना आसान बनाना है। इस सेवा के अंतर्गत महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी में सार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही करीब 15 से 30 मिनट की अवधि के हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे। न्यायालय ने कहा कि यह पहल लोगों और विशेष रूप से दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए शुरू की गई है। इससे वे महत्वपूर्ण फैसलों, उनके प्रभाव और आगे की कार्यवाही को अपनी परिचित भाषा में आसानी से समझ सकेंगे।
8. अब रिसर्च पेपर को वीडियो में बदलकर आम लोगों तक पहुंचाएगा ‘SARAL AI’

ज्ञानिक शोध को छात्रों और आम लोगों के लिए आसानी से समझने, खोजने और साझा करने योग्य बनाने की दिशा में CSIR-National Institute of Science Communication and Policy Research (CSIR-NIScPR) ने ‘SARAL AI’ को अपनाने की पहल की है। ‘SARAL AI’ Anusandhan National Research Foundation (ANRF), New Delhi की पहल है। इसके जरिए जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर्स को रोचक और आसानी से समझ आने वाले वीडियो में बदला जाता है। सरकार की ओर से विज्ञान और शोध के प्रभावी संचार के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
9. आर्चरी प्रीमियम लीग का आयोजन हैदराबाद में किया जाएगा

आर्चरी प्रीमियम लीग (APL) 2026 का दूसरा सीजन 8 से 18 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय दल का नेतृत्व टोक्यो 2020 ओलंपिक चैंपियन (तुर्की), पेरिस 2024 कांस्य पदक विजेता (संयुक्त राज्य अमेरिका), ब्राजील के विश्व नंबर 1 मार्कस डी’अल्मेडा और ग्रेट ब्रिटेन की विश्व नंबर 2 एला गिब्सन कर रहे हैं। इसमें भारत के 36 शीर्ष तीरंदाज और 10 देशों के 12 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भाग लेंगे। इसमें प्रमुख भारतीय खिलाड़ी दीपिका कुमारी, अतनु दास, धीरज बोम्मदेवरा, ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस प्रवीण देवताले हैं। इस सीजन में लीग की सबसे खास विशेषताओं में से एक 15 सेकंड का शॉट क्लॉक, बरकरार रहेगा। यह टूर्नामेंट 11 दिनों तक जारी रहेगा। इसका आयोजन हैदराबाद के नेकलेस रोड स्थित पीपुल्स प्लाजा में किया जा रहा है।
10. Para Shooting World Championship 2026: भक्ति शर्मा ने जीता ब्रॉन्ज और सिल्वर

साउथ कोरिया के चांगवोन में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत की बेटी भक्ति शर्मा ने देश का नाम रोशन किया है। 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 के व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ-साथ भक्ति ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भक्ति ठीक से न बोल पाती हैं और ना ही सुन पाती हैं। इसके साथ ही उन्हें चलने में भी दिक्कत होती है, लेकिन इन शारीरिक चुनौतियों को उन्होंने अपने इस सफर में अब तक राह का रोड़ा नहीं बनने दिया है।
11. संवत्सरी 2026

संवत्सरी जैन धर्म का बेहद खास पर्व है, जिसे पर्युषण पर्व के आखिरी दिन मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से श्वेतांबर जैन संप्रदाय द्वारा मनाया जाता है। जैन धर्म से जुड़े लोगों के लिए यह दिन आध्यात्मिक चिंतन, क्षमा-प्रार्थना और आत्मशुद्धि का होता है।संवत्सरी का मतलब है ‘वार्षिक’, यानी साल में एक बार हर जीव से माफी मांगने और माफी देने का सुनहरा दिन है। इस साल संवत्सरी मंगलवार, 15 सितंबर को मनाई जाएगी। पर्युषण के आठ या दस दिनों में जैन धर्मावलंबी तप, व्रत और आत्मविश्लेषण करते हैं। इसका आखिरी दिन संवत्सरी आत्मशुद्धि और क्षमायाचना का दिन होता है। इस दिन जैन धर्म को मानने वाले लोग जीवन में किए गए कर्मों के लिए माफी मांगते हैं। लोग एक दूसरे से कहते हैं कि,’मिच्छामी दुक्कड़म्’ अर्थात्- मेरी गलतियों के लिए माफी प्रदान करो।
12. नुआखाई

नुआखाई का अर्थ है-नया खाना। नुआखाई मुख्य रूप से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण लोक त्योहार है; यह नई फसल का स्वागत करने और अच्छी पैदावार के लिए ईश्वर और धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। यह त्योहार आपसी सद्भाव और भाईचारे का भी प्रतीक है, क्योंकि लोग पुरानी कड़वाहट भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियाँ बांटते हैं; इस दिन युवा अपने बड़ों से आशीर्वाद लेते हैं और एक-दूसरे को शुभकामना देने के लिए ‘नुआखाई जुहार’ कहते हैं। फिंगेश्वर राज अमात गोंड़ समाज का नुआखाई पर्व बुधवार, 16 सितंबर को पंचमी तिथि पर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
13. दूरदर्शन मना रहा है अपना 67वां स्थापना दिवस

सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के टेलीविजन प्रभाग, दूरदर्शन ने मंगलवार को संगीत, नृत्य और मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया। मंडी हाउस स्थित दूरदर्शन भवन में आयोजित इस समारोह की थीम ‘दूरदर्शन – कल भी अपना, आज भी अपना’ थी। यह कार्यक्रम प्रसारक की छह दशकों से ज्यादा लंबी यात्रा और दर्शकों की कई पीढ़ियों के साथ उसके जुड़ाव का प्रतीक था। दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को दिल्ली में प्रायोगिक टेलीविजन प्रसारण शुरू किया था। दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितंबर 1959 को तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने शुरू किया था। शुरुआत में यह ऑल इंडिया रेडियो के तहत एक प्रयोग के रूप में संचालित हुआ। वर्ष 1965 में दूरदर्शन ने नियमित सेवा शुरू की और नई दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों के घरों तक प्रसारण पहुंचाया। 1972 तक इसकी सेवाएं मुंबई और अमृतसर तक विस्तारित हो गईं, जबकि 1975 तक सात अन्य शहर भी नेटवर्क से जुड़ गए।1 अप्रैल 1976 को दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से अलग होकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक स्वतंत्र विभाग बना। बाद में यह प्रसार भारती का हिस्सा बना। दूरदर्शन की पहचान को मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन ने इसका नया सिग्नेचर इमेज तैयार किया, जबकि पंडित रवि शंकर ने इसका सिग्नेचर ट्यून तैयार किया। 15 अगस्त 1982 को राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ दूरदर्शन ने पहली बार रंगीन प्रसारण शुरू किया। यह भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा और इससे दूरदर्शन की पहुंच तथा दर्शक संख्या को नई दिशा मिली।
14. अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस

लोकतांत्रिक भावना को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस पहली बार वर्ष 2008 में मनाया गया। इसका उद्देश्य दुनिया भर में लोकतंत्र की स्थिति की समीक्षा करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं, मानवाधिकारों तथा नागरिक भागीदारी को मजबूत करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। दुनिया की संसदों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने वाली संस्था अंतर-संसदीय संघ यानी IPU लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्ष 1889 में स्थापित IPU दुनिया की संसदों के बीच संवाद का एक प्रमुख मंच रहा है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस भी इसी व्यापक संसदीय और लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा है।
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