16 May 2026 Current Affairs -GurugGkwala

21–26 minutes


1. भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कई बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शुक्रवार को ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और पहलों पर सहमति जताई। अबू धाबी में दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बयान के अनुसार, भारत और यूएई ने व्यापक ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू करने पर सहमति बनाई। दोनों नेताओं ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच हुए रणनीतिक सहयोग समझौते का स्वागत किया। इसके तहत भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में यूएई की भागीदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल की जाएगी। साथ ही, भारत में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित करने के लिए भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एडीएनओसी के बीच दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति समझौते का भी स्वागत किया गया। बैठक के दौरान यूएई की संस्थाओं द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की गई। इसमें एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा आरबीएल बैंक में 3 अरब डॉलर, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी द्वारा भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड में 1 अरब डॉलर और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान अन्य महत्वपूर्ण समझौतों में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राइडॉक्स वर्ल्ड दुबई के बीच गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर शामिल हैं। यह परियोजना भारत सरकार की मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड योजना के तहत विकसित की जाएगी। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ड्राइडॉक्स वर्ल्ड दुबई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरीटाइम एंड शिपबिल्डिंग के बीच त्रिपक्षीय एमओयू पर भी हस्ताक्षर हुए। इसका उद्देश्य जहाज मरम्मत क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना और भारत को जहाज निर्माण एवं मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। दोनों देशों ने भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) और यूएई की जी-42 कंपनी के बीच साझेदारी में 8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर स्थापित करने के लिए टर्म शीट पर भी सहमति जताई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी और यूएई राष्ट्रपति ने ‘मैत्री’ (मास्टर एप्लीकेशन फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड रेगुलेटरी इंटरफेस) के जरिए वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के संचालन की शुरुआत का स्वागत किया। यह डिजिटल ढांचा दोनों देशों के कस्टम और पोर्ट प्राधिकरणों को जोड़ेगा, जिससे माल परिवहन तेज होगा, लागत कम होगी और व्यापार अधिक सुगम बनेगा।

2. प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुँचे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुँचे। 15 से 17 मई तक चलने वाले इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नीदरलैंडस के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और महामहिम राजा और महारानी से मुलाकात करेंगे। व्यापार के दृष्टिकोण से, नीदरलैंडस भारत का प्रमुख आर्थिक साझेदार है और यूरोप में तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। दोनों देशों के बीच 2024-25 के लिए व्यापार 27.8 अरब डॉलर रहा। निवेश के मामले में नीदरलैंडस भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक है। यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों से परे भी महत्वपूर्ण है और हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते के बाद व्यापक भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को आकार देने की उम्मीद है। कल, प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ से भी मुलाकात करेंगे। सेमीकंडक्टर चिप्स और एआई के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

3. दिल्ली का सेंट्रल रिज रिज़र्व फॉरेस्ट घोषित

राजधानी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रिज क्षेत्र के लगभग 673 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-20 के अंतर्गत इस क्षेत्र को यह दर्जा दिया गया है। यह क्षेत्र सरदार पटेल मार्ग और राष्ट्रपति भवन एस्टेट के आसपास स्थित है। दिल्ली रिज प्राचीन अरावली पर्वतमाला का सबसे उत्तरी विस्तार है, जो दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वत प्रणालियों में से एक है। यह दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में लगभग 35 किलोमीटर तक फैला हुआ है। यहाँ का धरातल लहरदार है, जिसकी विशेषता अत्यधिक अपक्षयित, क्वार्ट्जाइटिक चट्टानें और महीन, पोषक तत्त्व-हीन ऊपरी मृदा है। रिज एक प्राकृतिक भौगोलिक अवरोध के रूप में कार्य करता है, जो दिल्ली को राजस्थान के रेगिस्तानों से आने वाली उष्ण, शुष्क पवनों (लू) से बचाता है। यह अत्यधिक प्रदूषित राजधानी के लिये प्राथमिक कार्बन सिंक और ऑक्सीजन प्रदाता के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय सूक्ष्म जलवायु को नियंत्रित करने और पार्टिकुलेट मैटर (PM) को अवशोषित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहाँ का प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र ‘उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती और काँटेदार झाड़ीदार वन’ है। इसमें शुष्क और पथरीली परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियाँ शामिल हैं, जैसे- धौक (Anogeissus pendula), सलई, पलाश और बबूल।

4. पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मिजोरम में 189 करोड़ रुपये के मिजोरम अदरक मिशन की शुरुआत की

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मिजोरम में 189 करोड़ रुपये के मिजोरम अदरक मिशन की शुरुआत की। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस पहल का उद्देश्य मिजोरम की औषधीय गुणवत्ता वाली अदरक उगाने वाले हजारों किसान परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मिशन के तहत एक एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र और तीन सहायक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। करीब बीस हजार किसान परिवारों को गुणवत्ता और मूल्य आधारित आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जाएगा। इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) द्वारा शुरू किया गया था। यह एक अभिसरण मॉडल पर आधारित है, जिसमें कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालयों के साथ-साथ नाबार्ड, ICAR, APEDA और निजी हितधारक मिलकर काम कर रहे हैं। मिज़ोरम अपनी भौगोलिक उपदर्शक प्रमाणन (GI) प्रामाणित अदरक किस्मों और उच्च गुणवत्ता वाले फार्मा-ग्रेड अदरक के लिये जाना जाता है, जिसमें 6–8% तक ओलियोरेज़िन की उच्च मात्रा पाई जाती है—यह एक सघन यौगिक है जो अदरक के स्वाद, सुगंध और औषधीय गुणों हेतु ज़िम्मेदार होता है। यह वैश्विक औसत लगभग 3% से काफी अधिक है।

5. PCOS का परिवर्तित नाम PMOS

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का आधिकारिक नाम बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) कर दिया गया है, जो मई 2026 से प्रभावी है। यह परिवर्तन एक 14-वर्षीय वैश्विक प्रयास के बाद किया गया है ताकि यह सटीक रूप से प्रतिबिंबित किया जा सके कि यह स्थिति एक जटिल चयापचय और हार्मोनल विकार है, न कि केवल एक अंडाशय रोग, जिसका उद्देश्य पूर्वाग्रह को कम करना एवं निदान में तेज़ी लाना है। “सिस्ट” शब्द को भ्रामक माना गया क्योंकि इस स्थिति में असामान्य ओवरियन सिस्ट शामिल नहीं होते हैं। इसके बजाय कई प्रभावित व्यक्तियों में अल्ट्रासाउंड पर सिस्ट जैसा दिखने वाला अरेस्टेड फॉलिक्युलर डेवलपमेंट होता है। नया नाम विकार के व्यापक अंतःस्रावी, चयापचय और ओवेरियन डिसफंक्शन को दर्शाता है, जिसमें इंसुलिन प्रतिरोध, हार्मोनल असंतुलन एवं प्रजनन संबंधी असामान्यताएँ शामिल हैं, न कि इसे केवल एक स्त्री रोग के रूप में चित्रित करता है। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर आठ में से एक महिला को प्रभावित करती है और प्रभावित व्यक्तियों में से 70% का निदान नहीं हो पाता है। पुनर्वर्गीकरण का उद्देश्य विलंबित निदान को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि रोगियों को हार्मोनल और चयापचय संबंधी असामान्यताओं के लिये समग्र उपचार मिले।

6. केंद्र सरकार ने जारी की LEADS 2025 रिपोर्ट

केंद्रीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 13 मई, 2026 को नई दिल्ली में LEAPS अवार्ड्स 2025 और LEADS रिपोर्ट 2025 जारी करने के मौके पर कोर लॉजिस्टिक्स, MSMEs, स्टार्टअप्स, इंस्टीट्यूशन्स और स्पेशल कैटेगरी में शामिल

13 कैटेगरी में LEAPS अवार्ड्स 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया।
LEAPS 2025 अवॉर्ड्स में नई चार-स्तरीय श्रेणियाँ
Exemplars (उत्कृष्ट): Exemplars उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिखाते हैं जिनका प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है; इन्होंने नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवा देने और रेगुलेटरी मामलों में लगातार बेहतरीन काम किया है।
तटीय राज्य: तमिलनाडु
Landlocked (चारों ओर से ज़मीन से घिरे) राज्य: उत्तर प्रदेश
पूर्वोत्तर राज्य: मिज़ोरम
केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली
High Performers (बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले): High Performers में वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं जिन्होंने ज़्यादातर परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स में मज़बूत और लगातार अच्छे नतीजे दिखाए हैं।
तटीय राज्य: गुजरात, केरलम, महाराष्ट्र
Landlocked राज्य: हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार
पूर्वोत्तर राज्य: त्रिपुरा, मेघालय
केंद्र शासित प्रदेश: जम्मू और कश्मीर, पुडुचेरी
Accelerators (तेज़ी से आगे बढ़ने वाले): Accelerators में वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं जिन्होंने हाल के सालों में सुधार की दिशा में काफ़ी तेज़ी दिखाई है और सुधार के प्रति उनका नज़रिया साफ़ है।
तटीय राज्य: आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, कर्नाटक
Landlocked राज्य: पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश
पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम
केंद्र शासित प्रदेश: दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, चंडीगढ़, लद्दाख, लक्षद्वीप
Growth-Seekers (विकास चाहने वाले): Growth Seekers उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिखाते हैं जो लॉजिस्टिक्स सिस्टम के विकास और संस्थागत मज़बूती के शुरुआती चरण में हैं।
तटीय राज्य: पश्चिम बंगाल
Landlocked राज्य: राजस्थान
पूर्वोत्तर राज्य: सिक्किम
केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

7. आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान निर्माण इकाई की आधारशिला रखी गई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्र बाबू नायडू ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी में कई रणनीतिक एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के लिए कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर तथा नौसेना प्रणाली विनिर्माण सुविधा की शुरुआत की गई। इसके साथ ही गोला-बारूद, प्रणोदक और फ्यूज निर्माण से जुड़ी निजी क्षेत्र की परियोजनाओं का भी शिलान्यास हुआ। राज्य में ड्रोन सिटी विकसित करने के लिए आठ कंपनियों ने सहयोग समझौता भी किया। पुट्टपर्थी में स्थापित होने वाला कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर पांचवीं पीढ़ी के मध्यम श्रेणी के उन्नत लड़ाकू विमान एएमसीए और अन्य स्वदेशी प्लेटफॉर्मों के विकास को गति देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की एएमसीए परियोजना में यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा। इसकी स्थापना करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से की जा रही है। अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की भी आधारशिला रखी गई। लगभग 480 करोड़ रुपए की यह परियोजना पनडुब्बी हथियारों, जलमग्न प्रतिवाद प्रणालियों और अगली पीढ़ी के टॉरपीडो के निर्माण पर केंद्रित होगी। श्री सत्य साई जिले के मदाकासिरा में डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी और गोला-बारूद एवं इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र का भूमि पूजन भी किया गया। भारत फोर्ज लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड लगभग 1,500 करोड़ रुपए के निवेश से रक्षा ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगी। वहीं, एचएफसीएल लिमिटेड करीब 1,200 करोड़ रुपए के निवेश से गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र स्थापित करेगी। आठ ड्रोन कंपनियों के समूह ने कुरनूल में ड्रोन सिटी स्थापित करने के लिए सहयोग समझौता किया।

8. राजस्थान को मिला पहला सेमीकंडक्टर प्लांट

राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा स्थित सलारपुर में ईएलसीआईएनए द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) और सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी प्लांट का उद्घाटन किया गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से इनका शुभारंभ किया। यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के लिए वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार ने मार्च 2026 में ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति’ जारी की है। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के नज़दीकी क्षेत्र को विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता बताया है।
ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी)
भिवाड़ी में इस क्लस्टर को 50.3 एकड़ ज़मीन पर ₹46.09 करोड़ की परियोजना लागत से विकसित किया गया है। भारत सरकार ने ईएमसी योजना के तहत ₹20.24 करोड़ की प्रत्यक्ष सहायता दी है। इस क्लस्टर को मैसर्स ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड (एसपीवी) ने बनाया है। यह ईएलसीआईएनए के बैनर तले एमएसएमई उद्योगपतियों की मिली-जुली पहल है। इसमें दुनिया-भर की बेहतरीन अवसंरचना सुविधाएँ हैं, जिनमें बिना रुकावट बिजली और पानी की सप्लाई, अंदरूनी सड़कें, एक ही जगह से संचालित प्रशासनिक सुविधाएँ, परीक्षण और प्रशिक्षण केंद्र और स्मार्ट क्लासरूम एवं लैब वाला विशेष कौशल विकास केंद्र शामिल हैं। यह क्लस्टर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पास विशेष स्थान पर बना है, जहाँ सड़क, रेल और हवाई जहाज़ से आने-जाने की बढ़िया सुविधाएँ हैं। इसके साथ ही आशा है कि यह क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स के पुर्ज़े बनाने का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। ईएमसी ने अब तक 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से ज़्यादा के निवेश की योजनाएँ आकर्षित की हैं।
सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी सुविधा
मैसर्स सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का यह प्लांट भारत का पहला लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) है जिसने सेमीकंडक्टर चिप्स का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ‘इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना’ (एसपीईसीएस) के तहत विकसित, यह प्लांट ₹150 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ स्थापित किया गया है। यह 57,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसमें क्लास 10K और 100K क्लीनरूम्स लगे हैं। इस प्लांट में Micro SD और फ्लैश स्टोरेज जैसे उत्पादों के लिए मेमोरी चिप्स, साथ ही LED ड्राइवर ICs, eSIMs और RFID उत्पादों की पैकेजिंग की जाएगी।

9. BRICS की 2 दिवसीय बैठक नई दिल्ली में पूरी हुई

14 मई को भारत की मेजबानी में BRICS विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक नई दिल्ली में पूरी हुई। इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने की। BRICS में सदस्य देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इस साल BRICS की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रिजिलेन्स, इनोवेशन कॉर्पोरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई है। BRICS बैठक के दौरान सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की और पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। BRICS की बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष, विशेषकर ईरान से संबंधित संकट पर बातचीत हुई। BRICS बैठक में होर्मुज स्‍ट्रेट और लाल सागर के माध्यम से सुरक्षित समुद्री नेविगेशन पर भी बात हुई। ये बैठक सितंबर 2026 में होने वाले 16वें BRICS समिट की तैयारियों के लिए आयोजित की गई थी।भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता करेगा। इससे पहले भारत साल 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता कर चुका है।13 जनवरी को भारत ने ऑफिशियली 18वें BRICS 2026 की अध्यक्षता संभाली थी। BRICS नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है। वहीं मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया बाद में इस फोरम के पूर्ण सदस्य बने। 2026 में BRICS की स्थापना के 20 साल पूरे हुए हैं।

10. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने धार जिले के भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर घोषित किया

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने धार जिले के भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर घोषित कर दिया। न्यायालय ने कहा कि यहां देवी सरस्वती का मंदिर हुआ करता था और यह स्थल संस्कृत शिक्षा का केंद्र था। मुस्लिम पक्ष में इसे कमल मौला मस्जिद के नाम से जाना जाता है। न्यायालय ने उस पूर्व आदेश को रद्द कर दिया जिसमें मुसलमानों को इस स्थल पर नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। न्यायालय ने कहा कि मुस्लिम पक्ष मस्जिद निर्माण के लिए वैकल्पिक भूमि हेतु सरकार से संपर्क कर सकता है। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस स्थल पर हिंदू पूजा की परंपरा कभी बंद नहीं हुई। न्यायालय ने परिसर का प्रशासन और प्रबंधन एएसआई और केंद्र सरकार को सौंप दिया है।

11. अरुणाचल प्रदेश में इनर-लाइन परमिट को मंजूरी मिली

14 मई को मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने इनर-लाइन परमिट (ILPs) सिस्टम को मंजूरी दे दी है। ILPs एक स्पेशल ट्रैवल डॉक्युमेंट है, जो कुछ पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर जैसे संरक्षित क्षेत्रों में बाहरी राज्यों के भारतीय नागरिकों को एंट्री देने के लिए जरूरी होता है। ILPs जाली परमिट को खत्म करने और राज्य में संदिग्ध लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए किया गया है। ILPs के बाद सभी चेक गेट्स पर क्यूआर-कोड से वेरिफिकेशन किया जाएगा और डिजिटल E-ILPs की शुरुआत की जाएगी। ILPs बार-बार क्राइम करने वालों को 2 साल तक राज्य में एंट्री बैन करेगा। ILPs के लिए एक जिला टास्क फोर्स बनाई जाएगी और बाजारों, वर्क प्लेस, होटलों और एंट्री पर पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश में इनर-लाइन परमिट में आधार वेरीफिकेशन और पुलिस वेरीफिकेशन जरूरी होगा।

12. एनएचएआई का प्रोजेक्ट सक्षम महिलाओं और युवाओं के लिए बना सशक्तिकरण का माध्यम

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण -एनएचएआई ने वर्टिस फाउंडेशन के सहयोग से प्रोजेक्ट सक्षम के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सतत आजीविका के अवसरों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाकर सशक्त बनाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण के मार्ग प्रशस्त करना है। प्रोजेक्ट सक्षम देश भर में 12 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है, जो वंचित समुदायों को उद्योग से संबंधित कौशल और औपचारिक कार्यबल में प्रवेश के अवसर प्रदान करता है। इस पहल के तहत छह हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से चार हजार से अधिक को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मिला है। मंत्रालय ने कहा है कि प्रोजेक्ट सक्षम इस विश्वास पर आधारित है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बसे समुदायों, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को, ढांचागत विस्तार से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए।

13. सीबीआई ने साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए एआई आधारित ‘अभय’ प्रणाली शुरू की

केंद्रीय अन्‍वेषण ब्यूरो-सीबीआई ने साइबर धोखाधड़ी और तथाकथित डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों से नागरिकों की सुरक्षा के उद्देश्य से एआई-आधारित नोटिस सत्यापन प्रणाली अभय का शुभारंभ किया है। सीबीआई नोटिस के प्रमाणीकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित हेल्पबॉट नामक यह प्रणाली उपयोगकर्ताओं को एजेंसी के नाम से जारी नोटिसों की प्रामाणिकता को वास्तविक समय में सत्यापित करने में सक्षम बनाती है। यह सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां उपयोगकर्ता ओटीपी-आधारित सत्यापन के बाद नोटिस की एक प्रति अपलोड कर सकते हैं। यह कदम साइबर धोखाधड़ी में वृद्धि के बीच उठाया गया है, जहां अपराधी फर्जी कानूनी नोटिस बनाने और पीड़ितों को डराने के लिए एआई और डीपफेक जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करते हैं।

14. ईंधन की खपत कम करने के लिए डीएमआरसी ने हाइड्रोजन-संचालित शटल बस सेवा शुरू की

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से राजधानी में ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन-संचालित शटल बस सेवा शुरू की। इस पहल के तहत, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने डीएमआरसी को 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाली दो अत्याधुनिक हाइड्रोजन-ईंधन वाली बसें उपलब्ध कराई हैं। ये बसें ​​सुरक्षा, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और सीसीटीवी सिस्टम से लैस हैं।

15. पंजाब का लुधियाना हलवारा हवाई अड्डा वाणिज्यिक विमानन नेटवर्क से जुड़ा

पंजाब के लुधियाना को हलवारा हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की पहली उड़ान के आगमन के साथ भारत के वाणिज्यिक विमानन नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हवाई अड्डे के संचालन को क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया। एयर इंडिया ने लुधियाना और दिल्ली के बीच दैनिक उड़ानें शुरू की हैं। इससे ब्रिटेन और रोम, मिलान और पेरिस सहित अन्य गंतव्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष 1 फरवरी को हलवारा हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया था।

16. पश्चिम बंगाल: निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए रथेंद्र बसु

पश्चिम बंगाल विधानसभा में रथेंद्र बसु निर्विरोधअध्यक्ष चुन लिए गए हैं। श्री बसु कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष तापस रॉय की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने औपचारिक रूप से श्री बसु के नाम का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनि मत से उनके नाम की पुष्टि की। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान उपस्थित नहीं थे, लेकिन बाद में सत्र में शामिल हुए। सर्वसम्मति से हुए समर्थन के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विपक्ष के नेता शोवन्देब चट्टोपाध्याय रथेंद्र बसु को अध्यक्ष की कुर्सी तक ले गए।

17. राहुल द्रविड़ बने ETPL डबलिन फ्रेंचाइजी के मालिक

भारत के दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ यूरोपियन T-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में डबलिन फ़्रैंचाइज़ी के मालिक बन गए हैं। ETPL इसी साल लॉन्च होगी और यह यूरोप की पहली ICC द्वारा मंज़ूर मल्टी-कंट्री फ़्रैंचाइज़ी T-20 प्रतियोगिता है। इस कार्यक्रम में ETPL के सह-संस्थापक अभिषेक बच्चन, सौरव बनर्जी, प्रियंका कौल और धीरज मल्होत्रा, साथ ही फ्रेंचाइजी के हितधारक शामिल हुए। इस प्रतियोगिता में कई इंटरनेशनल सितारों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें मिशेल मार्श, टिम डेविड, मिशेल सेंटनर, लियाम लिविंगस्टोन, ग्लेन मैक्सवेल, फ़ाफ़ डु प्लेसिस और हेनरिक क्लासेन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। यह यूरोप की पहली ICC-मान्यता प्राप्त, कई देशों में खेली जाने वाली फ्रेंचाइजी T-20 प्रतियोगिता के निर्माण की दिशा में एक और कदम है। यूरोपियन T-20 प्रीमियर लीग (ETPL) एक आने वाली ICC-मान्यता प्राप्त पेशेवर क्रिकेट लीग है, जो 2026 की गर्मियों के आखिर में (26 अगस्त–20 सितंबर) शुरू होगी। यूरोपियन T-20 प्रीमियर लीग (ETPL) एक नई फ़्रैंचाइज़ी-आधारित क्रिकेट प्रतियोगिता है, जिसे यूरोप में क्रिकेट के विकास को तेज़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यूरोपियन T-20 प्रीमियर लीग को क्रिकेट आयरलैंड, क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन के सहयोग से लॉन्च किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में डबलिन, बेलफ़ास्ट, एडिनबर्ग, ग्लासगो, रॉटरडैम और एम्स्टर्डम की शहरों पर आधारित टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे यह यूरोप की पहली क्रॉस-बॉर्डर फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट लीग में से एक बन जाएगी। यूरोपियन T-20 प्रीमियर लीग की फ्रैंचाइज़ी और उसके मालिक:

  • डबलिन – राहुल द्रविड़
  • बेलफ़ास्ट – ग्लेन मैक्सवेल और रोहन लुंड
  • एडिनबर्ग – काइल मिल्स, नाथन मैकुलम और राचेल वाइज़मैन
  • ग्लासगो – विपुल अग्रवाल और क्रिस गेल
  • एम्स्टर्डम – स्टीव वॉ, जेमी ड्वायर और टिम थॉमस
  • रॉटरडैम – जॉन्टी रोड्स, फ़ाफ़ डु प्लेसिस, ग्लाशिन और समीर शाह; मधुकर श्री मैनेजिंग पार्टनर के तौर पर।

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